Jiocoin के बाद Birla Group की क्रिप्टोकरेंसी BIMCOIN Launch

Jiocoin के बाद Birla Group की क्रिप्टोकरेंसी BIMCOIN Launch

भारत में क्रिप्टोकरेंसी और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के बढ़ते प्रभाव के बीच, एक और बड़ी संस्था ने अपने स्वयं के क्रिप्टो कॉइन को लॉन्च किया है। Reliance Jio द्वारा Jiocoin लॉन्च करने के बाद, Birla Institute of Management Technology (BIMTECH) ने अपनी इन-हाउस क्रिप्टोकरेंसी BIMCOIN को लॉन्च किया है। Birla Group का यह कदम एजुकेशन और टेक्निकल डेवलपमेंट के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है।

BIMCOIN का उद्देश्य और कार्यप्रणाली

BIMCOIN को विशेष रूप से BIMTECH के कैंपस में उपयोग के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसका उद्देश्य स्टूडेंट्स, वेंडर्स और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच लेन-देन को आसान बनाना है। यह क्रिप्टोकरेंसी एक एजुकेशनल टूल्स के रूप में काम करेगी, जो छात्रों को ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी और डिजिटल फाइनेंस के रियल एक्सपीरियंस से अवगत कराएगी। BIMTECH और Kalp Decentra Foundation के सहयोग से इसे एक Permissioned Blockchain पर विकसित किया गया है, जिससे इसके यूजर्स को अधिक सिक्योरिटी, एफिशिएंसी और कंट्रोल मिलेगा।

Permissioned Blockchain एक प्राइवेट या सेमी प्राइवेट नेटवर्कहोता है, जहाँ केवल स्वीकृत प्रतिभागियों को लेन-देन करने की अनुमति होती है। यह पब्लिक ब्लॉकचेन से अलग है, जिसमें कोई भी व्यक्ति शामिल होकर ट्रांजेक्शन वेरिफाइड कर सकता है। इस तरह का ब्लॉकचेन इंस्टीट्यूशन और बिजनेसेस के लिए आदर्श होता है, क्योंकि यह कंट्रोल्ड एनवायरमेंट में काम करता है।

BIMCOIN की शिक्षा में भूमिका

BIMCOIN केवल एक पेमेंट सॉल्यूशन नहीं है, बल्कि यह एक एजुकेशनल टूल भी है, जिसका उद्देश्य छात्रों को डिजिटल करेंसी और ब्लॉकचेन की जटिलताओं से परिचित कराना है। BIMTECH के निदेशक, प्रभिना राजीब के अनुसार, BIMCOIN को पाठ्यक्रम में भी एकीकृत किया जाएगा, ताकि छात्रों को फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी स्पेस में करियर बनाने के लिए जरूरी स्किल्स मिल सकें। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करना है, जहाँ डिजिटल फाइनेंशियल सिस्टम और क्रिप्टोकरेंसी की भूमिका बढ़ती जा रही है।

BIMCOIN का एक पायलट प्रोजेक्ट पहले ही चल चुका है, जिसमें 1,100 से अधिक लेन-देन हुए हैं। अब, इसे और अधिक परिष्कृत करने के लिए अतिरिक्त परीक्षण किए जा रहे हैं, ताकि अगले चरण में इसका पूर्ण रूप से कैम्पस में उपयोग किया जा सके।

कन्क्लूजन 

भारत में Jiocoin और BIMCOIN जैसी क्रिप्टोकरेंसी लॉन्च करना यह संकेत है कि भारत में क्रिप्टो और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी की स्वीकार्यता बढ़ रही है। हालांकि, भारत में क्रिप्टोकरेंसी पर नियामकीय स्थिति अभी भी अस्पष्ट है, लेकिन इन पहलों से यह साबित होता है कि देश में डिजिटल फाइनेंस और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी की दिशा में बदलाव हो रहा है। भविष्य में, यह टेक्नोलॉजी न केवल फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन के तरीके को बदल सकती है, बल्कि यह एजुकेशनल स्पेस में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

रोहित त्रिपाठी एक सीनियर क्रिप्टो कंटेंट राइटर और ब्लॉकचेन रिसर्चर हैं, जिनके पास टेक्नोलॉजी और डिजिटल मीडिया में 13+ वर्षों का अनुभव है। बीते कुछ वर्षों से वह विशेष रूप से क्रिप्टोकरेंसी, ऑन-चेन एनालिटिक्स, DeFi इकोसिस्टम और टोकनॉमिक्स जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित हैं। रोहित की विशेषज्ञता SEO-अनुकूल, डेटा-ड्रिवन कंटेंट और इंडस्ट्री-केंद्रित रिसर्च लेख तैयार करने में है। वह वर्तमान में Crypto Hindi News में टीम लीड और हेड ऑफ कंटेंट के रूप में कार्यरत हैं। उनकी लेखनी में एक्यूरेसी, ट्रांसपेरेंसी और रीडर्स को वैल्यू देना सर्वोपरि है। वे ऑन-चेन टूल्स और विश्वसनीय मार्केट डेटा का प्रयोग करते हुए प्रत्येक लेख को फैक्ट-आधारित बनाते हैं। हिंदी भाषी रीडर्स के लिए उनका मिशन है: “हाई-क्वालिटी, फैक्चुअल और यूज़र-फर्स्ट क्रिप्टो कंटेंट उपलब्ध कराना।”

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