को मान्य करना और उन्हें डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर में कनेक्ट करना। इस प्रक्रिया में, प्रूफ ऑफ वर्क (PoW) मेथड का प्रयोग करके माइनर्स नई ट्रांजेक्शन को वैलिडेट करते हैं और नेटवर्क को सुरक्षित रखते है। इसका लाभ माइनर्स को ट्रांजेक्शन फीस रिवॉर्ड के रूप में प्राप्त होता है।
अधिकांश लोग Crypto Mining को केवल नए कॉइन क्रिएट करने का एक तरीका समझते है। हालांकि Crypto Mining का कार्य ब्लॉकचेन नेटवर्क पर Crypto ट्रांजेक्शन को मान्य करना और उन्हें एक डिस्ट्रीब्यूटेड लेज़र में कनेक्ट करना है। Crypto Mining डिस्ट्रीब्यूटेड नेटवर्क पर होने वाली डिजिटल करंसी की डबल स्पेंडिंग को रोकती है। इसे सरल शब्दों में कहा जाये तो Crypto Mining एक ऐसा प्रोसीजर है जो प्रूफ ऑफ़ वर्क (PoW) मेथड का प्रयोग करने वाली Cryptocurrency के लिए ब्लॉकचेन प्रक्रिया में नई ट्रांजेक्शन को वैरिफाई कर उसे कनेक्ट करता है। Crypto Mining प्रोसीजर में जब एक ब्लॉक वैलिडेट किया जाता है तब यूजर्स को कुछ ट्रांजेक्शन फीस रिवॉर्ड मे भेट की जाती है ।
डिजिटल करंसी और सामान्य बैंकिंग का सबसे बड़ा अंतर यह है की डिजिटल करंसी की ट्रांजेक्शन में इललीगल हेरफेर करना बैंकिंग ट्रांजेक्शन के मुकाबले आसान माना जाता है। इस वजह से Bitcoin का डिस्ट्रीब्यूटेड लेज़र अपने यूजर्स के लिए एक सुविधा प्रदान करता है जिसमे ट्रांजेक्शन को अपडेट करने की अनुमति केवल वैरिफाइड माइनर्स को ही दी जाती है और यह माइनर्स को नेटवर्क के डबल स्पेंडिंग बचाव के लिए अतिरिक ज़िम्मेदारी भी देता है। सिक्योरिटी पर इतना ध्यान इसलिए दिया जाता है क्योंकि डिस्ट्रीब्यूटेड लेज़र में सेंट्रलाइज्ड अथॉरिटी की कमी है , इसलिए ट्रांजेक्शन को वैलिडेट करने की Mining प्रोसीजर का होना अनिवार्य है। यही कारण है, कि माइनर्स को ट्रांजेक्शन वैरिफिकेशन प्रोसेस को पूरा कर नेटवर्क को सिक्योर करने के लिए कहा जाता है और इसके वजह से नए कॉइन जीतने की संभावना भी बढ़ जाती है।
प्रूफ ऑफ़ वर्क एक ब्लॉकचेन प्रोटोकॉल है, जिसके लिए मैथमेटिकल रिडल को सोल्व करना होता है और इस प्रक्रिया को हल करने के लिए सर्वर को माइनर्स की ज़रूरत लगती है। Bitcoin, Ethereum और इन जैसी कई प्रसिद्ध Cryptocurrency प्रूफ ऑफ़ वर्क (PoW) मेथड का उपयोग करती है। हालांकि Crypto मार्केट की दुनिया में प्रूफ ऑफ़ वर्क (PoW) मेथड एक विवाद का विषय है, क्योंकि इस मेथड का उपयोग करने के लिए युजर्स को भारी मात्रा में इलेक्ट्रिसिटी का उपयोग करना पड़ता है। Crypto मार्केट के कुछ स्पेशलिस्ट का मनना है, प्रूफ ऑफ़ वर्क (PoW) मेथड को नहीं अपना कर इलेक्ट्रिसिटी के इस भारी उपयोग को रोका जा सकता है।
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