मुख्य सामग्री पर जाएँ
Crypto News
शेयर करें:

KuCoin, MEXC जैसे 17 Crypto Exchange Apps पर Google का Ban

Hindi News Writer
प्रकाशित
KuCoin, MEXC जैसे 17 Crypto Exchange Apps Google पर Ban
KuCoin, MEXC जैसे 17 Crypto Exchange Apps Google पर Ban

हाल ही में, साउथ कोरिया ने अनरजिस्टर्ड क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। देश के Financial Services Commission (FSC) ने Google से 17 विदेशी क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक करने के लिए कहा था, जिसमें KuCoin और MEXC जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इसके बाद, Google  ने इन प्लेटफॉर्म्स के ऐप्स को Google Play Store से हटा लिया है। इस कदम से देश में क्रिप्टो मार्केट के अनियंत्रित विस्तार को रोकने की कोशिश की जा रही है। अगर आप जानना चाहते हैं कि क्रिप्टोकरेंसी क्या है तो लिंक पर क्लिक करें।

Google के साथ मिलकर साउथ कोरिया की सख्त कार्रवाई

FSC के अनुसार, इन एक्सचेंजों ने साउथ कोरिया के कानून का उल्लंघन किया था क्योंकि इन्हें Virtual Asset Service Providers (VASPs) के रूप में रजिस्ट्रर्ड नहीं कराया गया था। साउथ कोरिया के Specific Financial Transactions Act के तहत, सभी क्रिप्टो एक्सचेंजों को Financial Intelligence Unit (FIU) के साथ रजिस्टर करना अनिवार्य है। जो एक्सचेंज इस नियम का पालन नहीं करते, उनके खिलाफ भारी जुर्माना और कारावास की सजा का प्रावधान है।

बता दे कि 2022 में भी, FIU ने 16 अनरजिस्टर्ड एक्सचेंजों की पहचान की थी और उनके ऑपरेशन्स पर रोक लगा दी थी। 2023 में छह और प्लेटफॉर्म्स को निशाना बनाया गया था। अब, गूगल और अन्य प्रमुख कंपनियों के सहयोग से यह कार्रवाई और सख्त की जा रही है। इन एक्सचेंजों की मुख्य समस्या यह थी कि उन्होंने कोरियाई भाषा में वेबसाइट चलाने, स्थानीय ट्रेडर्स को सेवाएं देने और कोरियाई वोन में ट्रांजैक्शन का समर्थन किया था, जिससे यह संदेह हुआ कि वे इलीगल एक्टिविटी को बढ़ावा दे रहे थे।

भारत भी उठा चुका है सख्त कदम 

इससे पहले भी कई देश विदेशी क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई कर चुके हैं। जहाँ FIU India के साथ रजिस्टर न होने के चलते KuCoin, Coinbase और Binance जैसे क्रिप्टो एक्सचेंज को भारत में अपने ऑपरेशन बंद करने पड़े थे। हालाँकि अब इन एक्सचेंजों ने भारत में FIU के साथ रजिस्ट्रेशन करा लिया है और जल्द ही भारत में अपने ऑपरेशन्स को शुरू कर सकते हैं। जानकारी के अनुसार 2025 के आखिर तक Coinbase की भारत में वापसी हो सकती है। इसके बाद अन्य एक्सचेंज भी भारत में अपने ऑपरेशन्स को स्टार्ट कर सकते हैं। फिलहाल इन सभी एक्सचेंजों की ओर से ऑफिशियल डेट की घोषणा की जाना बाकी है। 

कन्क्लूजन 

यह कदम साउथ कोरिया के क्रिप्टो मार्केट को व्यवस्थित करने और मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी जैसी इलीगल एक्टिविटी को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस कार्रवाई का असर मुख्य रूप से विदेशी एक्सचेंजों पर पड़ा है, जिससे देश के प्रमुख Crypto Exchange Upbit को और अधिक लाभ हो सकता है। सरकार का यह कदम स्पष्ट रूप से साउथ कोरिया की Crypto Industry को और अधिक सुरक्षित और नियंत्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

यह भी पढ़ें

शब्दावली

  • FIU-IND – Financial Intelligence Unit India – जहां क्रिप्टो एक्सचेंज को रजिस्टर होना जरूरी है।
  • Cryptocurrency – ब्लॉकचेन पर चलने वाली डिजिटल करेंसी, जिसे कोई केंद्रीय बैंक जारी नहीं करता।
  • Exchange – प्लेटफॉर्म जहां क्रिप्टो खरीदी, बेची और ट्रेड की जाती है।

अस्वीकरण: यह लेख उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित सूचना के उद्देश्य से है और इसे निवेश सलाह न माना जाए। क्रिप्टो बाज़ार जोखिम भरा है; कोई भी निर्णय लेने से पहले स्वयं रिसर्च करें।

लेखक परिचय
Rohit Tripathi Hindi News Writer

रोहित त्रिपाठी एक सीनियर क्रिप्टो कंटेंट राइटर और ब्लॉकचेन रिसर्चर हैं, जिनके पास टेक्नोलॉजी और डिजिटल मीडिया में 13+ वर्षों का अनुभव है। बीते कुछ वर्षों से वह विशेष रूप से क्रिप्टोकरेंसी, ऑन-चेन एनालिटिक्स, DeFi इकोसिस्टम और टोकनॉमिक्स जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित हैं। रोहित की विशेषज्ञता SEO-अनुकूल, डेटा-ड्रिवन कंटेंट और इंडस्ट्री-केंद्रित रिसर्च लेख तैयार करने में है। वह वर्तमान में Crypto Hindi News में टीम लीड और हेड ऑफ कंटेंट के रूप में कार्यरत हैं। उनकी लेखनी में एक्यूरेसी, ट्रांसपेरेंसी और रीडर्स को वैल्यू देना सर्वोपरि है। वे ऑन-चेन टूल्स और विश्वसनीय मार्केट डेटा का प्रयोग करते हुए प्रत्येक लेख को फैक्ट-आधारित बनाते हैं। हिंदी भाषी रीडर्स के लिए उनका मिशन है: “हाई-क्वालिटी, फैक्चुअल और यूज़र-फर्स्ट क्रिप्टो कंटेंट उपलब्ध कराना।”

Leave a comment
FAQ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब यहाँ पाएँ और समझें कि सब कुछ कैसे काम करता है।

हाल ही में, साउथ कोरिया ने अनरजिस्टर्ड क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। देश के Financial Services Commission (FSC) ने Google से 17 विदेशी क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक करने के लिए कहा था, जिसमें KuCoin और MEXC जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

FSC के अनुसार, इन एक्सचेंजों ने साउथ कोरिया के कानून का उल्लंघन किया था क्योंकि इन्हें Virtual Asset Service Providers (VASPs) के रूप में रजिस्ट्रर्ड नहीं कराया गया था।

इससे पहले भी कई देश विदेशी क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई कर चुके हैं। जहाँ FIU India के साथ रजिस्टर न होने के चलते KuCoin, Coinbase और Binance जैसे क्रिप्टो एक्सचेंज को भारत में अपने ऑपरेशन बंद करने पड़े थे।