ग्लोबल पेमेंट सॉल्यूशन में एक मेजर प्लेयर Ripple ने हाल ही में अपने Dollar-Pegged Stablecoin, RLUSD को अपने Ripple Payments Network में इंटीग्रेट किया है। यह कदम क्रिप्टोकरेंसी के बिज़नेस ट्रांजेक्शन में एक सिग्नीफिकेंट ट्रांसफॉर्मेशन का संकेत देता है, जिसका उद्देश्य ट्रेडिशनल क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट सिस्टम्स के लिए एक फ़ास्ट, कॉस्ट-इफेक्टिव और सिक्योर अल्टरनेटिव प्रोवाइड करना है।
RLUSD एक Dollar-Pegged Stablecoin है जो मुख्य रूप से इंस्टिट्यूशनल क्लाइंट्स के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसका उद्देश्य क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट कॉस्ट को कम करना और ट्रांजेक्शन स्पीड को बढ़ाना है। RLUSD के माध्यम से, कंपनियां ट्रेडिशनल बैंकों की बजाय एक ज्यादा स्किलफ़ुल और ट्रांसपेरेंट पेमेंट सिस्टम का बेनिफिट ले सकती हैं।
RLUSD के मेजर बेनिफिट में से एक है इसकी फ़ास्ट ट्रांजैक्शन केपेबिलिटीज़। अर्ली यूज़र्स जैसे BKK Forex और iSend ने रिपोर्ट किया है कि RLUSD के साथ ट्रांजैक्शन सेकंड्स में पूरे हो जाते हैं और इसकी कॉस्ट ट्रेडिशनल कॉरेस्पॉन्डेंट बैंकिंग सिस्टम की तुलना में काफी कम है। यह विशेष रूप से ट्रेजरी मैनेजमेंट और इंटरनेशनल पेमेंट के लिए फायदेमंद है।
कुछ ही समय पहले Ripple ने, XRP Ledger के लिए डाटा प्लेटफॉर्म DIA Lumina इंटीग्रेट किया था, जो Oracle Services प्रोवाइड करेगा। इस तरह Ripple लगातार विस्तार कर रहा है।
दिसंबर 2024 में लॉन्च होने के बाद से, RLUSD ने रैपिडली ग्रोथ देखी है। वर्तमान में इसकी मार्केट वैल्यू लगभग $250 मिलियन है और ट्रेडिंग वॉल्यूम $10 बिलियन तक पहुंच चुका है। इसके अलावा, यह लीडिंग ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म जैसे Kraken, Bitstamp और इंस्टिट्यूशनल फोकस्ड एक्सचेंज LMAX Digital पर भी अवेलेबल है, जिससे इसकी पहुंच ग्लोबल लेवल पर बढ़ी है।
RLUSD की एक महत्वपूर्ण विशेषता है कि इसे एक New York-Regulated Trust द्वारा बैक किया गया है। यह रेगुलेटरी सपोर्ट उन कंपनियों के लिए कॉन्फिडेंट होने का साइन है जो क्रिप्टोकरेंसी के साथ ट्रांजैक्शन में सिक्योरिटी और लीगल कंप्लायंस को लेकर अलर्ट रहती हैं। Ripple का यह कदम Stablecoins को ग्लोबल फाइनेंशियल सिस्टम में एक लीगल प्लेस दिलाने की दिशा में एक इम्पोर्टेन्ट एफर्ट है। अगर आप जानना चाहते हैं कि Stablecoins क्या होते हैं तो, लिंक पर क्लिक कीजिए।
Ripple के Stablecoin Head, Jack McDonald के अनुसार, RLUSD अब केवल ट्रांजेक्शन तक सीमित नहीं है। इसे क्रिप्टो और ट्रेडिशनल फाइनेंशियल मार्केट्स में कोलैटरल के रूप में भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा, Ripple, NGOs के साथ कोलैबोरेशन कर रहा है ताकि चैरिटी डिस्बर्समेंट्स को फ़ास्ट और ट्रांसपेरेंट बनाया जा सके।
Ripple का RLUSD Stablecoin ग्लोबल बिज़नेस ट्रांजैक्शन्स को बदलने के लिए एक सिग्नीफिकेंट स्टेप है। इसकी फ़ास्ट सेटलमेंट, लो कॉस्ट और रेगुलेटरी कंप्लायंस इसे ट्रेडिशनल बैंकिंग सिस्टम के लिए एक स्ट्रॉन्ग ऑप्शन बनाते हैं। जैसे-जैसे ज्यादा कंपनियां इस टेक्नोलॉजी को अपनाती हैं, ग्लोबल लेवल पर बिजनेस पेमेंट्स के तरीके में बदलाव देखना निश्चित है। Ripple ने साबित कर दिया है कि क्रिप्टोकरेंसी सिर्फ निवेश का साधन नहीं, बल्कि एक पॉवरफुल फाइनेंशियल टूल भी है।
यह भी पढ़िए: MemeFi Daily Codes For November 15, अर्न करें वर्चुअल कॉइनCopyright © 2025 Crypto Hindi News. All Rights Reserved.