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Ethereum क्या है: किसने बनाया, यह करता क्या है, और Bitcoin से फर्क

Hindi News Writer
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Ethereum की फीस, staking और supply में हुए बदलावों का चार्ट
Ethereum की फीस, staking और supply में हुए बदलावों का चार्ट

Ethereum क्या है: किसने बनाया, यह करता क्या है, और Bitcoin से फर्क

Ethereum kya hai — सबसे छोटा जवाब यह है: यह एक ऐसा ब्लॉकचेन है जिस पर प्रोग्राम चल सकते हैं।

Bitcoin मुख्यतः मूल्य भेजने के लिए बना था। Ethereum इससे एक कदम आगे गया — इस पर शर्तें लिखी जा सकती हैं जो अपने आप लाग??? होती हैं।

किसने बनाया

Ethereum का विचार Vitalik Buterin ने 2013 के अंत में एक दस्तावेज़ के रूप में सामने रखा। वे उस समय बहुत युवा थे और Bitcoin से जुड़े लेखन में सक्रिय थे।

उनका तर्क सरल था — Bitcoin एक खास काम बहुत अच्छे से करता है, पर उस पर कुछ और बनाना कठिन है। इसलिए एक ऐसा नेटवर्क चाहिए जो किसी भी तरह का प्रोग्राम चला सके।

इसमें कई अन्य सह-संस्थापक भी जुड़े, और नेटवर्क 30 जुलाई 2015 को शुरू हुआ।

यहाँ एक भेद ध्यान देने लायक है — Bitcoin के विपरीत, Ethereum के संस्थापक सार्वजनिक हैं और आज भी सक्रिय हैं। इसके अपने फायदे और नुकसान हैं, जिन पर इस लेख में चर्चा है।

Smart contract असल में क्या है

यह शब्द जटिल लगता है, पर विचार सरल है।

Smart contract एक प्रोग्राम है जो ब्लॉकचेन पर रहता है और तय शर्तें पूरी होने पर अपने आप चलता है।

एक उदाहरण से समझिए — एक ऐसा प्रोग्राम लिखा जा सकता है जो कहे: "अगर A इस पते पर 1 ETH भेजे, तो B को यह टोकन अपने आप मिल जाए।"

इसमें खास बात यह है कि:

  • कोई बिचौलिया नहीं — कोई कंपनी बीच में नहीं
  • कोई इसे रोक नहीं सकता — एक बार लिखा तो वैसे ही चलेगा
  • कोई इसे बदल नहीं सकता — जब तक बदलाव की सुविधा जानबूझकर न रखी गई हो

तीसरा बिंदु दोधारी है। यह सुरक्षा भी है और जोखिम भी — अगर प्रोग्राम में गलती हो, तो वह गलती भी वैसे ही चलती रहेगी।

Bitcoin और Ethereum में मूल फर्क

BitcoinEthereum
मुख्य उद्देश्यमूल्य भेजना और रखनाप्रोग्राम चलाना
शुरुआत20092015
संस्थापकगुमनाम, परियोजना छोड़ चुकेसार्वजनिक और सक्रिय
आपूर्ति2.1 करोड़ पर तयकोई कठोर सीमा नहीं
बदलावबहुत धीमे और रूढ़िवादीतुलनात्मक रूप से तेज़

चौथी पंक्ति अक्सर गलत समझी जाती है, और उस पर आगे बात है।

ETH किस काम आता है

यह सबसे उपयोगी हिस्सा है, क्योंकि यहाँ ETH का असली उपयोग दिखता है — जो अधिकांश tokens में नहीं होता।

  1. Gas शुल्क — नेटवर्क पर कोई भी काम करने के लिए ETH में शुल्क देना पड़ता है
  2. Staking — नेटवर्क की सुरक्षा में भाग लेकर प्रतिफल
  3. संपार्श्विक — कई अनुप्रयोगों में उधार के बदले रखा जाता है

पहला बिंदु सबसे अहम है। जितना नेटवर्क इस्तेमाल होगा, उतनी ETH की ज़रूरत पड़ेगी — यह एक असली माँग का स्रोत है।

दो बड़े बदलाव

1. Proof of Stake

सितंबर 2022 में Ethereum ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था बदली — गणना शक्ति के बजाय टोकन गिरवी रखने पर।

इसका सबसे बड़ा असर यह हुआ कि नेटवर्क की ऊर्जा खपत बहुत घट गई। साथ ही नए ETH बनने की दर भी घटी।

2. शुल्क का burn

2021 में एक बदलाव आया जिसके तहत हर लेन-देन के शुल्क का एक हिस्सा burn हो जाता है।

इसका मतलब है कि जब नेटवर्क ज़्यादा इस्तेमाल हो, तो ETH ज़्यादा burn होती है।

इसलिए "Ethereum की आपूर्ति असीमित है" कहना पूरी तरह सही नहीं है — आपूर्ति की कोई कठोर सीमा नहीं है, पर वह उपयोग से जुड़ी है और कुछ अवधियों में घटी भी है।

Gas शुल्क की समस्या

यह Ethereum की सबसे जानी-मानी अड़चन है, और इसे स्वीकार करना चाहिए।

जब नेटवर्क पर भीड़ हो, तो शुल्क बहुत बढ़ जाता है — कभी-कभी छोटे लेन-देन के लिए अव्यावहारिक हद तक।

इसी समस्या के हल के रूप में Layer 2 नेटवर्क बने, जो लेन-देन को एक अलग परत पर करते हैं और फिर मुख्य चेन पर दर्ज करते हैं। पूरी अवधारणा इस लेख में है।

क्यों यह मायने रखता है

Ethereum की सबसे बड़ी बात यह नहीं है कि यह क्या करता है — बल्कि यह है कि इसके ऊपर क्या बना।

अधिकांश DeFi अनुप्रयोग, अधिकांश NFT, और बहुत सारे टोकन Ethereum या उससे मिलती-जुलती तकनीक पर ही बने हैं।

यानी इसका मूल्य एक नेटवर्क प्रभाव पर टिका है — जितने ज़्यादा लोग और अनुप्रयोग इस पर हैं, उतना ही किसी नए के लिए उसे बदलना कठिन।

जोखिम भी देखिए

  • प्रतिस्पर्धा — कई नए नेटवर्क तेज़ और सस्ते होने का दावा करते हैं
  • जटिलता — smart contract में गलती से बड़े नुकसान हुए हैं
  • Gas की लागत — भीड़ के समय अब भी एक अड़चन
  • कीमत की अस्थिरता — यह किसी भी crypto की तरह है

भारत में ETH पर कर

ETH पर VDA की कर व्यवस्था लागू होती है — मुनाफे पर 30% कर और लेन-देन पर 1% TDS। खरीदारी FIU पंजीकृत प्लेटफॉर्म से करनी चाहिए।

Glossary

  • Smart Contract: ब्लॉकचेन पर चलने वाला प्रोग्राम जो शर्तें पूरी होने पर अपने आप काम करता है।
  • Gas: नेटवर्क पर कोई काम करने का शुल्क, ETH में।
  • Staking: टोकन गिरवी रखकर नेटवर्क की सुरक्षा में भाग लेना।
  • Layer 2: मुख्य चेन के ऊपर बनी एक परत जो लेन-देन सस्ता करती है।

Disclaimer

यह लेख सिर्फ जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से है, किसी भी तरह की निवेश सलाह नहीं। Cryptocurrency की कीमतों में तेज़ उतार-चढ़ाव होता है और पूंजी डूबने का जोखिम रहता है। भारत में Virtual Digital Assets से हुए मुनाफे पर 30% कर और लेन-देन पर 1% TDS लागू है। किसी भी project में पैसा लगाने से पहले अपनी रिसर्च (DYOR) करें और ज़रूरत हो तो योग्य सलाहकार से बात करें।

लेखक परिचय
Pooja Suryawanshi Hindi News Writer

पूजा सूर्यवंशी एक स्किल्ड क्रिप्टो राइटर हैं, जिनके पास 6 वर्षों का अनुभव है और वे क्रिप्टो रेगुलेशन, ब्लॉकचेन और Web3 के कॉम्पलेक्स टॉपिक्स को आसान भाषा में समझने योग्य बनाने के लिए जानी जाती हैं। वे डीप रिसर्च और एनालिटिकल एप्रोच के साथ आर्टिकल्स, ब्लॉग और न्यूज़ लिखती हैं, जिनमें SEO पर विशेष ध्यान दिया जाता है ताकि रीडर्स का जुड़ाव बढ़ सके। पूजा की राइटिंग क्रिएटिव एक्सप्रेशन और टेक्निकल अप्रोच का एक बेहतरीन मिश्रण है, जो रीडर्स को जटिल विषयों को स्पष्टता के साथ समझने में मदद करता है। क्रिप्टो स्पेस के प्रति उनकी गहरी रुचि उन्हें इस उद्योग में एक अच्छे राइटर के रूप में स्थापित कर रही है। अपने कंटेंट के माध्यम से, उनका उद्देश्य अपने रीडर्स को क्रिप्टो की तेजी से बदलती दुनिया में गाइड करना है।

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FAQ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब यहाँ पाएँ और समझें कि सब कुछ कैसे काम करता है।

यह एक ऐसा ब्लॉकचेन है जिस पर प्रोग्राम चल सकते हैं। Bitcoin मुख्यतः मूल्य भेजने के लिए बना था, जबकि Ethereum पर ऐसी शर्तें लिखी जा सकती हैं जो अपने आप लागू होती हैं।

इसका विचार Vitalik Buterin ने 2013 के अंत में एक दस्तावेज़ के रूप में रखा, कई अन्य सह-संस्थापक जुड़े, और नेटवर्क 30 जुलाई 2015 को शुरू हुआ।

यह ब्लॉकचेन पर रहने वाला एक प्रोग्राम है जो तय शर्तें पूरी होने पर अपने आप चलता है — इसमें कोई बिचौलिया नहीं होता और इसे रोका नहीं जा सकता।

कि अगर प्रोग्राम में गलती हो, तो वह गलती भी वैसे ही चलती रहेगी — क्योंकि उसे बदला नहीं जा सकता।

Bitcoin मूल्य भेजने और रखने के लिए है जबकि Ethereum प्रोग्राम चलाने के लिए। Bitcoin के संस्थापक गुमनाम हैं, Ethereum के सार्वजनिक और सक्रिय।

Gas शुल्क देने के लिए, staking में भाग लेने के लिए, और कई अनुप्रयोगों में संपार्श्विक के रूप में।

सितंबर 2022 में Ethereum ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था गणना शक्ति के बजाय टोकन गिरवी रखने पर बदली, जिससे ऊर्जा खपत बहुत घट गई।

पूरी तरह ऐसा कहना सही नहीं है। कोई कठोर सीमा नहीं है, पर हर लेन-देन के शुल्क का एक हिस्सा burn होता है, इसलिए आपूर्ति उपयोग से जुड़ी है।

जब नेटवर्क पर भीड़ हो तो शुल्क बहुत बढ़ जाता है। इसी के हल के रूप में Layer 2 नेटवर्क बने।

इसलिए नहीं कि यह क्या करता है, बल्कि इसलिए कि इसके ऊपर क्या बना — अधिकांश DeFi अनुप्रयोग और NFT इसी या इससे मिलती तकनीक पर हैं।