AUSD Price In India
AUSD / INR #179( 0.01%) 24h
तक की स्थिति 03:14 AM
| मार्केट कैप | ₹153,585.48 Cr |
| फुली डाइल्यूटेड वैल्यूएशन | ₹153,585.48 Cr |
| 24H वॉल्यूम | ₹7,835.73 Cr |
| सप्लाई सर्कुलेटिंग | 170,519,684 AUSD |
| सप्लाई टोटल | 170,519,684 AUSD |
| सप्लाई मैक्स | ∞ |
( 0.01%) 24h
As on 25 Oct 2026 03:14 AM
| Market Cap | $170,363,536 |
| Fully Diluted Valuation | $170,363,532 |
| 24H Volume | $8,691,725 |
| Circulating Supply | 170,519,684 AUSD |
| Total Supply | 170,519,684 AUSD |
| Max Supply | ∞ |
AUSD to INR Chart
AUSD (AUSD) की कीमत आज ₹94.95 है, जो पिछले 24 घंटों में 0.01% की गिरावट है और पिछले 7 दिनों में 0.00% नीचे है। AUSD का मार्केट कैप ₹1,616.07 Cr है और मार्केट कैप के हिसाब से यह #179 पर है।
AUSD की जानकारी
AUSD (AUSD) Price Today INR में — लाइव भाव, इतिहास और भारतीय निवेशकों के लिए पूरी जानकारी
इस पेज पर AUSD (AUSD) का लाइव INR price, market cap, trading volume और chart दिया गया है। नीचे AUSD से जुड़ी जरूरी बातें आसान भाषा में समझाई गई हैं।
AUSD (Agora Dollar) क्या है? Stablecoin को आसान भाषा में समझें
AUSD (Agora Dollar) एक stablecoin है, जिसे लगभग 1 अमेरिकी डॉलर के आसपास कीमत बनाए रखने के लिए बनाया गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार AUSD की कीमत करीब $0.999 है, जबकि अक्टूबर 2024 में इसका अब तक का उच्चतम भाव (ATH) करीब $1.022 रहा था। यानी वर्तमान कीमत उस स्तर से लगभग 2.17% नीचे है।
इसके विपरीत, इसी श्रृंखला में चर्चा किए गए USDa की कीमत में बहुत बड़ी गिरावट देखी गई है। इसलिए AUSD और USDa को साथ देखने से यह समझने में मदद मिलती है कि सभी stablecoins का जोखिम एक जैसा नहीं होता।
AUSD की कुल आपूर्ति कितनी है?
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार लगभग 210.73 million AUSD circulation में हैं और यही इसकी reported total आपूर्ति भी है। इसका अर्थ है कि अभी तक जारी किए गए सभी AUSD लगभग इसी circulating आपूर्ति में शामिल हैं।
हालांकि, cryptocurrency की आपूर्ति और बाजार data समय के साथ बदल सकते हैं। इसलिए किसी भी निवेश या विश्लेषण से पहले ताजा आंकड़े देखना जरूरी है।
AUSD को किसने बनाया है?
AUSD, Agora Finance का stablecoin है। इसका उद्देश्य ऐसा digital dollar उपलब्ध कराना है जिसे institutional और अन्य उपयोगकर्ताओं के लिए इस्तेमाल किया जा सके।
AUSD की खासियत इसकी regulated और reserve-backed positioning है। इसके reserve structure में अमेरिकी Treasury-related assets का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, reserve की वास्तविक संरचना, custody, audit और redemption व्यवस्था को हमेशा Agora Finance के आधिकारिक दस्तावेजों से independently verify करना चाहिए।
AUSD $1 के आसपास कैसे रहता है?
Stablecoin का मुख्य उद्देश्य अपनी कीमत को किसी reference asset के करीब रखना होता है। AUSD के मामले में यह reference लगभग $1 है।
अगर AUSD की कीमत $0.999 है, तो इसका मतलब है कि वह $1 से केवल मामूली अंतर पर कारोबार कर रहा है। इसे near-peg कहा जाता है।
लेकिन near-peg का अर्थ यह नहीं है कि कीमत हमेशा $1 पर ही रहेगी। बाजार लिक्विडिटी, redemption mechanism, reserve quality और बाजार conditions के कारण stablecoin में कुछ समय के लिए ऊपर-नीचे movement हो सकता है।
AUSD का $1.022 ATH क्या बताता है?
अक्टूबर 2024 में AUSD का reported ATH लगभग $1.022 था। यानी उस समय इसकी कीमत $1 से करीब 2.2% ऊपर चली गई थी।
Stablecoin के लिए ऐसा छोटा premium असामान्य नहीं है। किसी समय मांग और आपूर्ति में अंतर होने पर stablecoin कुछ समय के लिए $1 से ऊपर या नीचे कारोबार कर सकता है।
इसलिए केवल ATH से दूरी देखकर किसी stablecoin को “पूरी तरह सुरक्षित” मानना सही नहीं है। Stablecoin का मूल्यांकन करने के लिए reserve, redemption, लिक्विडिटी और issuer की स्थिति भी देखनी चाहिए।
AUSD और FDUSD में क्या अंतर है?
AUSD और FDUSD (First Digital USD) दोनों dollar-linked stablecoin category में आते हैं और reserve-backed model का उपयोग करते हैं।
लेकिन दोनों के issuer, distribution और ecosystem अलग हैं। FDUSD का उपयोग कुछ समय से बड़े exchange ecosystems में काफी दिखाई देता रहा है, जबकि AUSD Agora Finance के ecosystem से जुड़ा है।
इसलिए दोनों को केवल “$1 stablecoin” कहकर समान मानना पर्याप्त नहीं है। उनके reserve arरेंज ments, issuer structure, redemption process और actual adoption को अलग-अलग देखना चाहिए।
AUSD और USDa में इतना बड़ा अंतर क्यों महत्वपूर्ण है?
USDa और AUSD दोनों stablecoin category में आते हैं, लेकिन इनके बाजार outcomes बहुत अलग रहे हैं।
अगर कोई stablecoin अपने $1 target से बहुत नीचे चला जाता है, तो यह गंभीर warning signal होता है। इसके पीछे कई संभावित कारण हो सकते हैं, जैसे:
- reserve या collateral से जुड़ी समस्या,
- redemption mechanism में परेशानी,
- लिक्विडिटी की कमी,
- protocol या smart-contract समस्या,
- बाजार confidence का कमजोर होना।
USDa के मामले में exact कारण बताने से पहले official documents और on-chain evidence की जांच जरूरी है। केवल price गिरने से किसी एक कारण को निश्चित रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
Stablecoin में “regulated” और “backed” का क्या मतलब है?
Regulated का मतलब broadly यह है कि issuer किसी लागू regulatory framework और compliance requirements के तहत काम करता है।
Backed का मतलब है कि token के पीछे कुछ assets या reserves रखे जाते हैं।
लेकिन इन शब्दों को “risk-free” का पर्याय नहीं समझना चाहिए। किसी stablecoin को समझते समय यह भी देखना चाहिए कि:
- reserve में कौन-से assets हैं,
- assets किसके पास custody में हैं,
- reserve की audit या attestation कितनी नियमित है,
- redemption कैसे होता है,
- संकट के समय लिक्विडिटी कैसी रह सकती है।
AUSD में Treasury backing क्यों महत्वपूर्ण है?
US Treasury securities को आमतौर पर high-quality traditional financial assets माना जाता है। इसलिए Treasury-backed stablecoin का risk profile उन models से अलग हो सकता है जिनमें algorithmic mechanisms, volatile collateral या complex DeFi strategies पर अधिक निर्भरता होती है।
फिर भी Treasury backing अपने आप में यह guarantee नहीं देता कि token हमेशा $1 पर रहेगा। Issuer, custody, redemption और operational risks भी महत्वपूर्ण हैं।
AUSD का institutional use-case क्या हो सकता है?
Agora Finance AUSD को केवल सामान्य crypto ट्रेडिंग के लिए नहीं, बल्कि institutional और financial applications के लिए भी position कर सकता है।
संभावित उपयोगों में शामिल हो सकते हैं:
- digital-dollar settlement,
- institutional transactions,
- DeFi applications,
- cross-border payments,
- blockchain-based financial infrastructure।
इनमें से किसी भी use-case की वास्तविक adoption को अलग से verify करना चाहिए। संभावित उपयोग और वास्तविक उपयोग एक ही बात नहीं हैं।
AUSD कई blockchains पर उपलब्ध है या नहीं?
Stablecoin के लिए multi-chain availability उपयोगी हो सकती है, क्योंकि इससे अलग-अलग blockchain ecosystems में उसका उपयोग बढ़ सकता है।
Ethereum, Solana, Arbitrum, Base जैसी chains पर उपलब्धता होने से लिक्विडिटी और applications की संख्या बढ़ सकती है। लेकिन AUSD वास्तव में किन chains पर officially supported है, इसे Agora Finance के आधिकारिक documentation से जांचना चाहिए।
Multi-chain होने के साथ एक दूसरी समस्या भी आती है—लिक्विडिटी fragmentation। अलग-अलग chains पर लिक्विडिटी बंट जाने से किसी particular chain पर ट्रेडिंग और redemption conditions अलग हो सकती हैं।
AUSD से सीधे yield मिलता है क्या?
AUSD को केवल hold करने से जरूरी नहीं कि होल्डर को Treasury assets से मिलने वाली पूरी yield मिल जाए।
उदाहरण के लिए, reserve में रखे assets से issuer को income मिल सकती है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि वही income सीधे AUSD होल्डर को मिलती है।
अगर भविष्य में issuer कोई अलग yield-bearing product या distribution mechanism उपलब्ध कराता है, तो उसका structure अलग से समझना जरूरी होगा। केवल “Treasury-backed” देखकर यह मानना सही नहीं है कि AUSD रखने पर निश्चित interest मिलेगा।
AUSD में DeFi के क्या उपयोग हो सकते हैं?
AUSD को DeFi protocols में lending, लिक्विडिटी पूलs या अन्य applications में इस्तेमाल किया जा सकता है, यदि संबंधित protocol उसे officially support करता हो।
उदाहरण के लिए, AUSD-USDC जैसे stablecoin pair में लिक्विडिटी उपलब्ध हो सकती है। लेकिन stablecoin pair में लिक्विडिटी providing को “safe income” नहीं माना जाना चाहिए।
इसके जोखिमों में शामिल हो सकते हैं:
- smart-contract risk,
- लिक्विडिटी risk,
- depeg risk,
- protocol risk,
- fees और actual yield में बदलाव।
इसलिए stablecoin को stable मानने का अर्थ यह नहीं है कि उससे जुड़ा DeFi strategy भी low-risk होगी।
AUSD और India में इसका क्या महत्व है?
भारत में dollar-linked crypto assets को केवल “digital dollar” समझकर tax या regulatory rules से बाहर नहीं माना जा सकता।
यदि AUSD भारतीय उपयोगकर्ता के लिए Virtual Digital Asset (VDA) के रूप में लागू होता है, तो transaction के tax consequences हो सकते हैं। Stablecoin की कीमत $1 के आसपास रहने के कारण price gain छोटा हो सकता है, लेकिन transaction की nature, acquisition price, disposal price और applicable rules को ध्यान में रखना जरूरी है।
भारत में AUSD पर tax कैसे समझें?
भारत के मौजूदा VDA tax framework में सामान्यतः 30% tax framework लागू होता है, साथ में लागू उपकर और अधिभार हो सकते हैं।
इसके अलावा, Section 194S के तहत 1% TDS, लागू conditions और thresholds के अधीन, relevant VDA transactions पर लागू हो सकता है।
VDA losses के set-off और carry-forward पर सामान्य investments जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं होतीं। वास्तविक tax treatment transaction की प्रकृति और लागू कानून पर निर्भर कर सकता है।
बड़े या जटिल transactions, DeFi activity या unusual stablecoin arरेंज ments के मामले में qualified tax professional से लिखित सलाह लेना बेहतर है।
AUSD खरीदते समय भारतीय उपयोगकर्ता किन बातों का ध्यान रखें?
AUSD खरीदने से पहले केवल उसका $0.999 price देखकर निर्णय न लें। इन बातों की जांच करें:
- platform और service की regulatory स्थिति,
- withdrawal वास्तव में उपलब्ध है या नहीं,
- AUSD का सही contract address,
- सही blockchain/network,
- deposit और withdrawal fees,
- लिक्विडिटी,
- redemption व्यवस्था,
- reserve और audit information।
किसी नए वॉलेट या platform पर बड़ी राशि भेजने से पहले छोटा test transaction करना उपयोगी हो सकता है।
Stablecoin scam से कैसे बचें?
Stablecoin के नाम पर “guaranteed return”, “monthly income”, “fixed APY” या “zero-risk profit” जैसी बातें warning sign हो सकती हैं।
अपनी seed phrase, private key, OTP या login credentials किसी के साथ साझा न करें। Unknown APK, Telegram link या SMS के जरिए मिले installation links से भी सावधान रहें।
अगर crypto fraud हो जाए, तो भारत में 1930 पर सूचना देने और cybercrime.gov.in के माध्यम से शिकायत दर्ज करने पर विचार किया जा सकता है।
AUSD को track करने के लिए कौन-से आंकड़े देखें?
AUSD को समझने के लिए केवल price chart पर्याप्त नहीं है। नियमित रूप से ये तीन चीजें देखी जा सकती हैं:
1. Reserve और audit information
देखें कि reserve में कौन-से assets हैं और issuer reserve के बारे में कितनी पारदर्शिता देता है।
2. Circulating आपूर्ति
आपूर्ति बढ़ रही है या घट रही है, इससे adoption और मांग के बारे में कुछ संकेत मिल सकते हैं। हालांकि आपूर्ति growth को अकेले success का प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए।
3. लिक्विडिटी और blockchain adoption
किस blockchain पर कितना लिक्विडिटी है और AUSD का वास्तविक उपयोग कितना है, यह भी महत्वपूर्ण है।
AUSD का बाजार size कितना बड़ा है?
दिए गए आंकड़ों के अनुसार AUSD की आपूर्ति लगभग 210.73 million है। यह USDC जैसे बड़े stablecoins की तुलना में बहुत छोटी है।
इसका अर्थ यह है कि AUSD का मुख्य challenge केवल price stability नहीं, बल्कि adoption, लिक्विडिटी और ecosystem growth भी है।
छोटी आपूर्ति वाले stablecoin में किसी बड़े transaction का बाजार पर अपेक्षाकृत अधिक प्रभाव पड़ सकता है।
AUSD और USDC में क्या अंतर है?
USDC का ecosystem काफी बड़ा और व्यापक है, जबकि AUSD की बाजार presence छोटी है।
AUSD का संभावित differentiation institutional positioning, reserve transparency और compliance-oriented approach हो सकता है।
लेकिन किसी छोटे stablecoin को केवल “institutional-grade” कहे जाने के आधार पर USDC का competitor या बेहतर विकल्प मानना उचित नहीं है। वास्तविक adoption, लिक्विडिटी, reserve quality और redemption history ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।
AUSD और stablecoin बाजार का बड़ा सबक
Stablecoin बाजार यह दिखाता है कि सभी $1-linked tokens एक जैसे नहीं होते।
किसी stablecoin को समझने के लिए केवल उसका target price देखना पर्याप्त नहीं है। उसका mechanism, collateral, reserves, issuer, redemption process, लिक्विडिटी और regulation भी महत्वपूर्ण हैं।
यही वजह है कि AUSD जैसे reserve-backed model और किसी complex या high-yield mechanism वाले stablecoin का risk profile काफी अलग हो सकता है।
AUSD से जुड़े संभावित future use-cases
भविष्य में AUSD का उपयोग institutional settlement, payments, DeFi और cross-border transactions जैसे क्षेत्रों में बढ़ सकता है।
लेकिन “भविष्य में हो सकता है” और “आज हो रहा है” में अंतर रखना जरूरी है। किसी भी growth prediction को actual partnerships, transaction वॉल्यूम, लिक्विडिटी और official roadmap के आधार पर ही देखना चाहिए।
इसी तरह $1 billion बाजार cap या किसी बड़े institution द्वारा adoption जैसी बातें संभावना हो सकती हैं, लेकिन उन्हें निश्चित भविष्यवाणी नहीं माना जाना चाहिए।
Cross-border payments में AUSD की संभावित भूमिका
Stablecoins का एक संभावित उपयोग cross-border payments है। उदाहरण के लिए, कोई business blockchain के माध्यम से dollar-linked digital asset transfer कर सकता है।
लेकिन traditional payment systems की तुलना में “minutes और cents” जैसी fixed cost/time comparison हर transaction पर लागू नहीं होती। Network fee, conversion cost, लिक्विडिटी, compliance और off-ramp charges भी शामिल हो सकते हैं।
इसलिए AUSD का payment use-case वास्तविक लागत और regulatory requirements के साथ evaluate किया जाना चाहिए।
भारत में AUSD के संभावित उपयोग
भारत में AUSD जैसे dollar-linked assets के संभावित उपयोगों में:
- digital-dollar exposure,
- DeFi participation,
- international transactions,
- कुछ business settlement applications
शामिल हो सकते हैं।
लेकिन भारत में crypto और stablecoin rules को ध्यान में रखना जरूरी है। किसी stablecoin को “regulated” कहे जाने का अर्थ यह नहीं है कि वह भारत में अपने-आप approved या regulated financial product बन जाता है।
Stablecoin की कीमत $1 से नीचे जाए तो क्या देखें?
अगर AUSD कभी $1 से काफी नीचे चला जाए, तो केवल “सस्ता खरीदने” के नजरिए से न देखें।
पहले यह जांचें:
- depeg कितना बड़ा है?
- लिक्विडिटी उपलब्ध है या नहीं?
- redemption काम कर रहा है या नहीं?
- reserve में कोई समस्या तो नहीं?
- issuer ने कोई official announcement किया है या नहीं?
- blockchain activity सामान्य है या नहीं?
अगर redemption वास्तव में $1 पर उपलब्ध हो और सभी conditions स्पष्ट हों, तो theoretical arbitrage opportunity बन सकती है। लेकिन यह तभी संभव है जब redemption, eligibility, fees और लिक्विडिटी वास्तविक रूप से उपलब्ध हों। केवल price difference देखकर arbitrage मान लेना जोखिमपूर्ण है।
AUSD को “safe” क्यों नहीं कहना चाहिए?
AUSD का near-peg और reserve-backed structure सकारात्मक संकेत हो सकते हैं, लेकिन किसी crypto asset को पूरी तरह safe कहना सही नहीं है।
इसके संभावित जोखिमों में शामिल हैं:
- issuer risk,
- reserve/custody risk,
- regulatory risk,
- smart-contract risk,
- लिक्विडिटी risk,
- blockchain risk,
- depeg risk,
- operational risk।
इसलिए “stablecoin” का अर्थ केवल price stability का लक्ष्य है, risk-free asset नहीं।
AUSD की तुलना दूसरे stablecoins से कैसे करें?
Stablecoin की तुलना करते समय एक simple framework उपयोग किया जा सकता है:
Reserve → Redemption → Regulation → लिक्विडिटी → Transparency → Adoption
इन छह बिंदुओं पर AUSD, FDUSD, USDC, DAI या किसी अन्य stablecoin को अलग-अलग जांचने से तुलना ज्यादा उपयोगी बनती है।
AUSD से मिलने वाली सबसे बड़ी सीख
AUSD और USDa का contrast एक महत्वपूर्ण बात समझाता है:
सिर्फ $1 का target होना stablecoin को सुरक्षित नहीं बनाता।
Stablecoin की वास्तविक मजबूती उसके reserve model, redemption व्यवस्था, लिक्विडिटी, transparency, issuer और risk management पर निर्भर करती है।
इसलिए किसी stablecoin में केवल high APY या attractive price देखकर निवेश करना उचित नहीं है।
AUSD के बारे में आसान शब्दावली
AUSD (Agora Dollar): Agora Finance से जुड़ा dollar-linked stablecoin।
Agora Finance: AUSD से जुड़ी company/protocol entity।
Stablecoin: ऐसा crypto asset जिसका उद्देश्य किसी stable reference asset, जैसे अमेरिकी डॉलर, के आसपास कीमत बनाए रखना होता है।
Near-peg: जब stablecoin की कीमत अपने target के बहुत करीब हो, जैसे $0.999।
US Treasuries: अमेरिकी सरकार द्वारा जारी Treasury securities।
Reserve-backed: ऐसा model जिसमें token को support करने के लिए reserve assets रखे जाते हैं।
Institutional-grade: ऐसा product जिसे institutional उपयोग और compliance requirements को ध्यान में रखकर बनाया गया हो।
Depeg: जब stablecoin अपने target price, जैसे $1, से महत्वपूर्ण रूप से दूर चला जाए।
Redemption: token को issuer या संबंधित mechanism के माध्यम से underlying/reference value में बदलने की प्रक्रिया।
TDS: लागू परिस्थितियों में VDA transaction पर काटा जाने वाला tax deduction।
AUSD के बारे में अंतिम निष्कर्ष
AUSD (Agora Dollar) एक dollar-linked stablecoin है जिसकी उपलब्ध कीमत लगभग $0.999 है। अक्टूबर 2024 का reported ATH करीब $1.022 था, इसलिए वर्तमान कीमत उस स्तर से लगभग 2.17% नीचे है।
लगभग 210.73 million AUSD की reported circulating और total आपूर्ति इसे अभी relatively छोटा stablecoin बनाती है।
AUSD की मुख्य कहानी केवल इसका $1 के करीब रहना नहीं है। इसका reserve model, issuer structure, redemption व्यवस्था, लिक्विडिटी, transparency और वास्तविक adoption ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।
USDa जैसे बड़े depeg वाले stablecoin के साथ इसकी तुलना यह समझने में मदद करती है कि सभी stablecoins समान जोखिम वाले नहीं होते। लेकिन AUSD को केवल near-peg या regulated positioning के आधार पर “safe” या “best” मानना भी सही नहीं होगा।
किसी भी stablecoin को खरीदने से पहले उसके reserve, redemption, लिक्विडिटी, regulatory status और वास्तविक उपयोग की स्वतंत्र जांच करना सबसे महत्वपूर्ण कदम है।
अनिवार्य सूचना
यह लेख केवल सूचना और शिक्षा के उद्देश्य से है। Cryptocurrency और stablecoin में price, लिक्विडिटी, issuer और regulatory risk हो सकते हैं। दिए गए बाजार आंकड़े समय के साथ बदल सकते हैं।
भारत में VDA से जुड़े transactions पर लागू 30% tax framework, उपकर/अधिभार और परिस्थितियों के अनुसार Section 194S के तहत 1% TDS जैसे नियम लागू हो सकते हैं। वास्तविक tax treatment के लिए अपनी transaction details के अनुसार qualified tax professional से सलाह लें।
किसी crypto platform की regulatory या FIU-IND स्थिति को independently verify करें। वॉलेट या network से जुड़ा transaction करने से पहले सही address और network की जांच करें और बड़े transfer से पहले छोटा test transaction करें।
Crypto fraud होने पर 1930 या cybercrime.gov.in के माध्यम से शिकायत की जा सकती है।
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