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Gate

Gate Price In India

gt
₹875.38

-₹16.38 ( 1.91%)

तक की स्थिति 10:14 PM

24H Range
₹873.47 ₹903.19
L
H
52 Week Range
₹589.85 ₹1,667.06
L
H
24H Volume
₹107.82 Cr
Gate Gate Price In India $gt
$ 9.13

$-0.17 ( 1.91%)

As on 15 Sep 2026 10:14 PM

24H Range
9.11 9.42
L
H
52 Week Range
6.15 17.39
L
H
24H Volume
11,244,959
मार्केट कैप ₹9,335.04 Cr
फुली डाइल्यूटेड वैल्यूएशन ₹10,407.60 Cr
सप्लाई सर्कुलेटिंग 106,628,982 gt
सप्लाई टोटल 118,880,256 gt
सप्लाई मैक्स 142,622,844 gt

Gate की जानकारी

एक्सप्लोरर्स
वेबसाइट gatechain.io/
gt Historical Price
24h Range ₹-16.38
7d Range ₹350.15
All-Time High ₹2,433.43
All-Time Low ₹24.69
gt ↔ INR कैलकुलेटर
INR
gt
gt ↔ USD कैलकुलेटर
USD
gt

Gate एक्सचेंज ट्रेडिंग - स्पॉट

एक्सचेंज टाइप पेयर प्राइस 24h वॉल्यूम स्प्रेड
WazirX Spot BTC/INR ₹ 7,964,444.00 ₹ 1 0.13 %
BitBNS Spot BTC/INR ₹ 4,898,961.19 ₹ 4 3.45 %
ZebPay Spot BTC/INR ₹ 8,052,022.05 ₹ 1 0.00 %
BuyUcoin Spot BTC/INR ₹ 3,450,000.00 ₹ 8 8.73 %
KoinBX Spot BTC/INR ₹ 7,972,783.81 ₹ 65 0.01 %
CoinDCX Spot BTC/INR ₹ 8,938,924.69 ₹ 0 0.72 %
Giottus Spot BTC/INR ₹ 7,900,009.10 ₹ 0 5.39 %
Koinpark Spot BTC/INR ₹ 8,279,833.43 ₹ 21 0.01 %
Gate न्यूज़ (gt न्यूज़)

 

Gate (GT) प्राइस आज INR में — लाइव भाव और exchange token के burn mechanism को आसान भाषा में समझें

ऊपर GT token का लाइव INR price दिया गया है। GT को exchange token कहा जाता है। यह ऐसा crypto token होता है जिसे किसी crypto trading platform द्वारा जारी किया जाता है। GT को Gate ने जारी किया है, जिसे पहले Gate.io के नाम से जाना जाता था।Exchange token की value काफी हद तक उस platform के कारोबार से जुड़ी होती है। इसलिए GT को समझने के लिए केवल इसका price देखना काफी नहीं है। यह समझना भी जरूरी है कि Gate पर trading कितनी हो रही है, token का इस्तेमाल कहाँ होता है और कितने GT tokens को समय-समय पर burn किया जा रहा है।GT की कहानी में token burning एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। जब tokens को स्थायी रूप से नष्ट किया जाता है तो market में उपलब्ध supply कम हो सकती है। इसके आधार पर यह तर्क दिया जाता है कि supply कम होने से token की कीमत बढ़ सकती है।लेकिन यह बात पूरी तरह सही नहीं है। Supply कम होना तभी price के लिए मददगार होगा जब token की demand भी मजबूत बनी रहे। इस लेख में हम GT के burn mechanism, GateChain, इसके पुराने high से गिरावट और भारतीय users के लिए जरूरी सावधानियों को आसान भाषा में समझेंगे।

Exchange token क्या होता है?

Exchange token को समझने के लिए पहले यह समझें कि crypto exchange पैसा कैसे कमाता है। जब लोग किसी platform पर crypto खरीदते या बेचते हैं, तो exchange को trading fees से कमाई होती है।Exchange token आमतौर पर इस business से तीन तरीकों से जुड़ा होता है।

पहला — trading fee discount। Token रखने या उसका इस्तेमाल करके fee चुकाने पर कुछ users को trading fees में discount मिल सकता है।

दूसरा — नए projects तक पहुंच। कुछ exchanges अपने launchpad या दूसरे token distribution programs में exchange token रखने वालों को भाग लेने का मौका देते हैं।

तीसरा — token burning। Exchange अपनी policy के अनुसार कुछ tokens को खरीदकर या अपनी income से जुड़े किसी formula के आधार पर permanently destroy कर सकता है।

इन तीनों चीजों के पीछे एक महत्वपूर्ण factor है—exchange पर होने वाली trading activity।अगर trading volume बढ़ता है तो fee discount की demand, launchpad में interest और exchange की token-burning क्षमता भी बढ़ सकती है। अगर trading activity कम होती है तो इनका असर भी कमजोर हो सकता है।इसलिए GT को समझने का आसान तरीका है: यह सिर्फ एक crypto token नहीं है, बल्कि Gate के business और market share से भी जुड़ा हुआ token है।

GT को burn करने से क्या फायदा होता है?

GT के बारे में एक आम argument है कि token burning supply कम करता है और इससे price बढ़ सकता है।इस argument का एक हिस्सा सही है।जब tokens burn किए जाते हैं तो वे permanently circulation से बाहर हो जाते हैं। GT की कुल supply लगभग 11.88 करोड़ बताई गई है, जबकि इसकी maximum supply लगभग 14.26 करोड़ थी। इसका एक बड़ा कारण लंबे समय से चल रहा burning mechanism है। Circulating supply लगभग 10.66 करोड़ के आसपास है।इसका मतलब है कि burning केवल घोषणा नहीं है। Blockchain पर burn हुए tokens को verify किया जा सकता है।लेकिन यहाँ एक महत्वपूर्ण बात है। Supply कम होना अकेले price बढ़ने की guarantee नहीं है।मान लीजिए किसी साल exchange का trading volume 40% गिर जाता है और उसी दौरान केवल 3% GT burn होता है। ऐसी स्थिति में supply घटने के बावजूद token की demand ज्यादा तेजी से कम हो सकती है।इसलिए केवल यह देखना कि “कितने GT burn हुए” पर्याप्त नहीं है। यह भी देखना चाहिए कि उसी समय Gate का trading volume और user demand किस दिशा में जा रही है।

GT की शुरुआत और GateChain की भूमिका

GT को 2019 में जारी किया गया था। इसकी एक खास बात यह है कि यह केवल Gate exchange का token नहीं है। यह GateChain नाम की public blockchain का native token भी है।GateChain पर network fees GT में दी जाती हैं। इस blockchain को asset security और recovery mechanisms पर विशेष ध्यान देने के लिए बनाया गया है।इससे GT को exchange के अलावा एक अलग blockchain use case भी मिलता है।हालांकि इसकी जांच करते समय यह देखना जरूरी है कि GateChain का वास्तविक और स्वतंत्र उपयोग कितना है। Public blockchains की संख्या बहुत ज्यादा है और व्यवहार में GT की value अब भी काफी हद तक Gate exchange की activity से जुड़ी दिखाई देती है।2025 की शुरुआत में Gate ने Gate.io से Gate के रूप में branding update किया। इसी समय जनवरी 2025 में GT लगभग $25.38 के high तक पहुंचा।इसके बाद token लगभग 73% नीचे आ चुका है।यह उदाहरण दिखाता है कि token burn होते रहने के बावजूद price गिर सकता है। इसका कारण यह है कि demand में गिरावट supply reduction से ज्यादा बड़ी हो सकती है।

GT में exchange का risk भी शामिल है

GT खरीदते समय केवल token का risk नहीं होता। जिस exchange ने token जारी किया है, उसका risk भी महत्वपूर्ण है।इसे crypto lending platform से तुलना करके आसानी से समझ सकते हैं।Lending platform में मुख्य risk यह होता है कि platform ने users की assets किसी और को loan पर दी हों और borrower पैसा वापस न करे।Exchange में risk अलग तरह का होता है। यहाँ users की crypto assets platform की custody में हो सकती हैं। अगर exchange में financial, operational या regulatory समस्या आती है, तो users की assets निकालने में परेशानी हो सकती है।Crypto industry में 2022 का बड़ा exchange collapse इस बात का उदाहरण है कि केवल “हमारी assets सुरक्षित हैं” कहना हमेशा पर्याप्त नहीं होता।इसलिए GT holder को दो अलग risks समझने चाहिए:

  • Token risk: GT का price गिर सकता है।
  • Exchange risk: Gate से जुड़ी कोई बड़ी समस्या होने पर token और exchange पर रखी दूसरी assets दोनों प्रभावित हो सकती हैं।
  • अगर कोई व्यक्ति Gate पर trading भी करता है और साथ ही बड़ी मात्रा में GT भी रखता है, तो उसका exposure एक ही company से और बढ़ जाता है।

GT के 73% गिरने को कैसे समझें?

GT अपने जनवरी 2025 के लगभग $25.38 के high से करीब 73% नीचे है।लेकिन किसी token की गिरावट देखकर केवल यह कहना कि “अब यह सस्ता है” सही analysis नहीं है।Exchange tokens अक्सर crypto market cycle के साथ तेजी से ऊपर-नीचे होते हैं।Bull market में trading volume बढ़ता है, नए token launches में interest बढ़ता है और exchange tokens की demand भी बढ़ सकती है।Bear market में trading volume कम हो सकता है। इससे exchange की income, launchpad activity और token demand पर दबाव आ सकता है।इसलिए GT को समझते समय दो चीजों की तुलना उपयोगी है।

पहली: GT का market valuation और Gate का trading volume।

दूसरी: GT की valuation को दूसरे बड़े exchange tokens के साथ compare करना।

इससे पता चल सकता है कि GT अपने category के मुकाबले महंगा है या सस्ता।लेकिन trading volume के आंकड़ों को भी सावधानी से देखना चाहिए। Crypto industry में trading volume की quality को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। कुछ platforms पर artificial या wash trading जैसी गतिविधियों के आरोप भी लगते रहे हैं।इसलिए किसी एक quarter के बहुत बड़े volume को हमेशा के लिए normal मान लेना सही नहीं है। अगर volume किसी बड़े promotion या fee discount की वजह से बढ़ा है, तो promotion खत्म होने के बाद वह volume फिर घट सकता है।

भारत में GT खरीदने से पहले क्या देखें?

भारतीय users के लिए GT की जांच price से नहीं, platform की current legal और regulatory स्थिति से शुरू होनी चाहिए।भारत में foreign crypto platforms की स्थिति समय के साथ बदलती रही है। कुछ platforms FIU registration के बाद भारत में services देने लगे हैं, जबकि कुछ platforms पर restrictions या access problems भी सामने आई हैं।इसलिए GT खरीदने से पहले यह जांचना जरूरी है कि जिस platform पर आप इसे खरीदना चाहते हैं, उसकी भारत में वर्तमान regulatory स्थिति क्या है।पुराने articles या social media posts पर निर्भर न रहें, क्योंकि regulatory स्थिति बदल सकती है।

भारत में GT पर tax कैसे लागू होता है?

GT को भारतीय tax framework में सामान्य रूप से Virtual Digital Asset (VDA) के रूप में देखा जा सकता है।VDA gains पर सामान्य रूप से 30% tax, साथ में लागू cess और surcharge का प्रभाव हो सकता है।Sale transactions पर 1% TDS का नियम भी लागू हो सकता है।VDA losses को आम तौर पर दूसरे income या दूसरे VDA gains के साथ set-off नहीं किया जा सकता और उन्हें अगले वर्षों में carry forward करने की सुविधा भी नहीं है।इसलिए GT की हर खरीद और बिक्री का सही record रखना महत्वपूर्ण है।

Foreign exchange पर GT रखने का अतिरिक्त risk

अगर GT किसी foreign exchange पर रखा हुआ है, तो एक अतिरिक्त practical risk हो सकता है।Token आपकी property हो सकता है, लेकिन वह ऐसे platform की custody में हो सकता है जो भारतीय regulatory protection framework के बाहर operate करता हो।अगर exchange पर withdrawal रोक दिया जाए, account access में समस्या हो या platform पर regulatory action हो, तो आपकी practical options सीमित हो सकती हैं।इसलिए केवल token की कीमत और potential return देखने के बजाय custody और withdrawal risk को भी समझना जरूरी है।

Crypto fraud से कैसे बचें?

GT या किसी भी exchange token से जुड़े fake websites, fake customer support accounts और Telegram groups से सावधान रहें।अगर कोई व्यक्ति या website आपसे wallet की private key या seed phrase मांगती है, तो उसे कभी share न करें।Crypto transaction के लिए किसी भी link या wallet address को verify किए बिना पैसे न भेजें।अगर crypto से जुड़ी ठगी हो जाए तो भारत में cybercrime.gov.in या 1930 पर शिकायत की जा सकती है।ठगी के बाद “हम आपका पैसा वापस दिला देंगे” कहकर कोई व्यक्ति आपसे और पैसे मांगे तो सावधान रहें। Recovery service के नाम पर दूसरी ठगी हो सकती है।

GT को monitor करने के लिए 5 जरूरी आंकड़े

GT की स्थिति समझने के लिए हर quarter कुछ महत्वपूर्ण आंकड़ों को track किया जा सकता है।

1. Burn बनाम trading volume: कितने GT burn हुए और उसी समय Gate का trading volume कितना बढ़ा या घटा?

2. Reserve और liabilities: Exchange के reserves कितने हैं और उसकी liabilities के बारे में कितनी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध है?

3. Regulatory स्थिति: किन देशों में Gate को access या regulatory approval मिल रहा है और किन देशों में restrictions हैं?

4. Launchpad activity: नए token launches और उनमें users की भागीदारी कैसी है?

5. GateChain का वास्तविक उपयोग: GateChain पर transactions और network activity बढ़ रही है या नहीं?

इन पांचों आंकड़ों को हर quarter एक जगह लिखना GT की स्थिति को समझने का अच्छा तरीका हो सकता है।

Exchange tokens का इतिहास क्या बताता है?

GT को अकेले समझना पर्याप्त नहीं है। Exchange tokens का पूरा category कई सालों से crypto market का हिस्सा रहा है।इसका basic idea आसान था—अगर exchange पैसा कमाता है तो उसका token भी valuable होना चाहिए।लेकिन समय के साथ इस model की कुछ कमजोरियां सामने आई हैं।

1. Regulatory risk

जब कोई company अपने business और income से जुड़े token को जारी करती है, तो अलग-अलग देशों में regulators यह सवाल उठा सकते हैं कि उस token की कानूनी nature क्या है।इसलिए exchange tokens के लिए regulatory uncertainty हमेशा एक factor बनी रह सकती है।

2. Interest conflict

Exchange खुद token जारी करता है और उसी token का बड़ा market भी हो सकता है।इससे token listing, liquidity और promotion पर company का काफी control रहता है।इसलिए exchange token की price discovery किसी completely independent market जैसी नहीं हो सकती।

3. Exchange failure risk

अगर exchange में कोई बड़ी समस्या आती है तो उसके अपने token पर भी भारी असर पड़ सकता है।इसलिए exchange token में निवेश करने वाला व्यक्ति केवल crypto market का risk नहीं ले रहा होता। वह उस specific exchange की business health और operational stability का risk भी ले रहा होता है।

GT को दूसरे exchange tokens से कैसे compare करें?

GT की तुलना दूसरे exchange tokens से करते समय तीन चीजों पर ध्यान देना उपयोगी है।

पहला — blockchain ecosystem: क्या token के पीछे exchange के अलावा एक बड़ा और independent blockchain ecosystem भी है?GT के मामले में GateChain मौजूद है, लेकिन यह देखना जरूरी है कि उसका independent उपयोग कितना बड़ा है।

दूसरा — burning formula: Exchange tokens को burn करने का तरीका क्या है? कितने tokens burn किए जाते हैं और यह प्रक्रिया किस formula या policy पर आधारित है?अगर company भविष्य में burn policy बदलती है, तो token valuation पर भी असर पड़ सकता है।

तीसरा — exchange का market share: Exchange का trading market share बढ़ रहा है या घट रहा है?अगर पूरा crypto market बढ़ रहा हो लेकिन Gate का market share लगातार कम हो रहा हो, तो यह GT के लिए warning sign हो सकता है।इसलिए केवल यह देखना कि Gate का कारोबार बड़ा है या नहीं, पर्याप्त नहीं है। यह देखना ज्यादा उपयोगी है कि उसका market share किस दिशा में जा रहा है।

GT को समझने का आसान फॉर्मूला

GT को समझने के लिए पूरी कहानी को छह आसान points में रखा जा सकता है।

पहला: GT एक exchange token है, इसलिए इसकी value काफी हद तक Gate के business और market share से जुड़ी है।

दूसरा: GT की demand trading fee discounts, launchpad access और दूसरे exchange benefits से आ सकती है।

तीसरा: Token burning supply कम करता है, लेकिन इससे price बढ़ना तय नहीं होता।

चौथा: अगर exchange का trading volume तेजी से गिरता है, तो demand में कमी burning के फायदे से ज्यादा बड़ी हो सकती है।

पाँचवाँ: GT holder को token price risk के साथ Gate exchange का counterparty और regulatory risk भी लेना पड़ता है।

छठा: भारतीय user के लिए पहले platform की current FIU और regulatory स्थिति जांचना, फिर tax और custody risk समझना ज्यादा जरूरी है।

GT में निवेश से पहले किन बातों पर ध्यान दें?

GT को केवल इस वजह से खरीदना सही नहीं है कि इसका price पुराने high से बहुत नीचे है।पहले देखें कि Gate का trading volume कैसा है।फिर देखें कि exchange का market share बढ़ रहा है या घट रहा है।इसके बाद GT burning की वास्तविक मात्रा और उसकी supply पर पड़ने वाले असर को देखें।GateChain का independent उपयोग भी जांचें।साथ ही exchange की reserves, liabilities और regulatory स्थिति पर नजर रखें।इन सभी factors के मजबूत होने के बाद ही GT के price को बाकी तस्वीर के साथ देखना ज्यादा उपयोगी है।

आसान शब्दों में GT की शब्दावली

Exchange Token: किसी crypto exchange द्वारा जारी किया गया token, जिसका उपयोग exchange की services में हो सकता है।

Trading Volume: किसी exchange पर एक निश्चित समय में हुई कुल trading की मात्रा।

Token Burn: Tokens को permanently destroy करके supply से बाहर करना।

Launchpad: Exchange का ऐसा program जहाँ नए crypto projects के tokens users को दिए या बेचे जाते हैं।

Market Share: पूरे crypto market में किसी exchange का कारोबार कितना हिस्सा रखता है।

Counterparty Risk: किसी platform या company के fail होने पर उससे जुड़ी assets को होने वाला risk।

Fully Diluted Valuation: Token के वर्तमान price को उसकी पूरी संभावित supply से multiply करके निकाली गई valuation।

निष्कर्ष: GT के लिए burn से ज्यादा जरूरी demand है

GT को समझने का सबसे आसान तरीका यह है कि इसे केवल “burn होने वाला token” न समझें।Token burning supply को कम कर सकता है और यह GT के लिए सकारात्मक factor हो सकता है। लेकिन अगर उसी समय Gate का trading volume, market share और user demand कम हो रही हो, तो burning का फायदा price को बचाने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकता।GT की value को समझने के लिए तीन मुख्य सवाल पूछें:क्या Gate का business बढ़ रहा है?क्या GT का वास्तविक उपयोग बढ़ रहा है?क्या token की supply demand की तुलना में तेजी से बढ़ रही है या घट रही है?इसके साथ GateChain की activity, exchange reserves और regulatory स्थिति को भी देखना चाहिए।भारतीय investor के लिए एक और जरूरी बात है—GT का token risk और Gate exchange का risk अलग नहीं हैं। दोनों एक ही ecosystem से जुड़े हैं। इसलिए एक ही platform पर trading और बड़ी मात्रा में उसका token रखना diversification नहीं माना जा सकता।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पुराने high से 73% गिर जाना अपने आप GT को सस्ता नहीं बनाता। Price के साथ supply, demand, exchange activity और regulatory risk को भी समझना जरूरी है।

जरूरी सूचना

यह लेख केवल शिक्षा और सामान्य जानकारी के लिए है। यह निवेश, tax या कानूनी सलाह नहीं है और किसी exchange, company या token को खरीदने की recommendation नहीं देता।Crypto assets में बहुत अधिक जोखिम होता है और निवेश का पूरा पैसा भी डूब सकता है। GT का अपने पुराने high से लगभग 73% नीचे होना दिखाता है कि exchange token भी बड़ी गिरावट झेल सकता है।भारत में VDA से जुड़े tax rules लागू होते हैं। सामान्य रूप से taxable gains पर 30% tax, लागू cess/surcharge और sale transactions पर 1% TDS का प्रावधान हो सकता है। VDA losses के set-off और carry-forward पर भी restrictions हैं।GT खरीदने से पहले exchange की भारत में वर्तमान regulatory/FIU स्थिति स्वयं verify करें। Foreign platform पर assets रखने में custody और withdrawal risk को भी ध्यान में रखें।Crypto fraud होने पर cybercrime.gov.in या 1930 पर शिकायत करें। किसी भी recovery service को बिना जांचे पैसे न दें।किसी crypto token का मूल्यांकन केवल उसके पुराने high, token burn या social media के बड़े claims से न करें। उसके business, demand, supply, उपयोग और regulatory risk को भी समझें।

 

Also read: GATENet Price INR, India

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब यहाँ पाएँ और समझें कि सब कुछ कैसे काम करता है।

GT, Gate.io एक्सचेंज का native token है, जो 2018 में launch हुआ।
मौजूदा रेट ऊपर लाइव चार्ट में दिखाया गया है।
global demand-supply और USD exchange rate के आधार पर।
मुख्यतः Gate.io पर, कुछ अन्य एक्सचेंज पर भी।
हाँ, KYC पूरा करके उपलब्ध platform पर GT खरीदना कानूनी है।
300 million तय है।
Trading fee discount, VIP benefits, launchpad और Gate Chain gas fee में।
2013 में।
Gate.io की अपनी blockchain, जिसका gas token GT है।
ऊपर stats table में ताज़ा आंकड़ा दिखाया गया है।
Gate.io wallet या MetaMask जैसे wallets में।
हाँ, Gate.io नियमित रूप से quarterly buyback-burn करता है।
early-stage altcoin listings के लिए।
एक्सचेंज trading fee और लागू टैक्स नियम लागू होते हैं।