GUSD Price In India
GUSD / INR #228( 0.03%) 24h
तक की स्थिति 08:35 PM
| मार्केट कैप | ₹134,409.75 Cr |
| फुली डाइल्यूटेड वैल्यूएशन | ₹287,142.82 Cr |
| 24H वॉल्यूम | ₹378.45 Cr |
| सप्लाई सर्कुलेटिंग | 149,790,000 GUSD |
| सप्लाई टोटल | 320,000,000 GUSD |
| सप्लाई मैक्स | ∞ |
( 0.03%) 24h
As on 23 Oct 2026 08:35 PM
| Market Cap | $149,399,840 |
| Fully Diluted Valuation | $319,166,509 |
| 24H Volume | $420,660 |
| Circulating Supply | 149,790,000 GUSD |
| Total Supply | 320,000,000 GUSD |
| Max Supply | ∞ |
GUSD to INR Chart
GUSD (GUSD) की कीमत आज ₹94.65 है, जो पिछले 24 घंटों में 0.03% की गिरावट है और पिछले 7 दिनों में 0.03% नीचे है। GUSD का मार्केट कैप ₹1,416.31 Cr है और मार्केट कैप के हिसाब से यह #228 पर है।
GUSD की जानकारी
GUSD (GUSD) Price Today INR में — लाइव भाव, इतिहास और भारतीय निवेशकों के लिए पूरी जानकारी
इस पेज पर GUSD (GUSD) का लाइव INR price, market cap, trading volume और chart दिया गया है। नीचे GUSD से जुड़ी जरूरी बातें आसान भाषा में समझाई गई हैं।
GUSD (Gemini Dollar) क्या है? कीमत, स्टेबलकॉइन, रेगुलेशन और रिस्क की पूरी जानकारी
GUSD (Gemini Dollar), Gemini का अमेरिकी डॉलर से जुड़ा एक स्टेबलकॉइन है। इसे Gemini Trust Company ने 2018 में लॉन्च किया था। इसका मुख्य उद्देश्य डिजिटल एसेट के रूप में अमेरिकी डॉलर के करीब स्थिर कीमत बनाए रखना है।
दिए गए आंकड़ों के अनुसार GUSD की मौजूदा कीमत $0.998 है, जबकि इसका अब तक का उच्चतम स्तर $1.022 रहा है। यानी यह अपने उच्चतम स्तर से करीब 2.29% नीचे है। इसकी सर्कुलेटिंग सप्लाई लगभग 149.79 मिलियन GUSD है, जिससे इसका अनुमानित मार्केट कैप करीब $150 मिलियन बनता है।
GUSD क्या है?
GUSD, Gemini Trust Company द्वारा जारी किया गया अमेरिकी डॉलर आधारित स्टेबलकॉइन है। इसका उद्देश्य ऐसा डिजिटल एसेट उपलब्ध कराना है जिसकी कीमत अमेरिकी डॉलर के आसपास बनी रहे।
GUSD की खासियत केवल इसकी कीमत स्थिर रखने की कोशिश नहीं है, बल्कि इसके पीछे मौजूद रिज़र्व, रेगुलेटरी निगरानी और रिपोर्टिंग व्यवस्था भी महत्वपूर्ण हैं।
GUSD को कौन जारी करता है?
GUSD को Gemini Trust Company ने जारी किया है। Gemini की स्थापना Cameron Winklevoss और Tyler Winklevoss ने की थी।
Gemini ने अपने कारोबार में रेगुलेटरी अनुपालन और सुरक्षा पर काफी जोर दिया है। GUSD भी इसी अनुपालन-केंद्रित मॉडल का हिस्सा है।
GUSD की कीमत कितनी स्थिर रही है?
दिए गए आंकड़ों के अनुसार GUSD की मौजूदा कीमत $0.998 है और इसका उच्चतम स्तर $1.022 रहा है।
इस हिसाब से GUSD अपने उच्चतम स्तर से करीब 2.29% नीचे है और इसकी मौजूदा कीमत $1 के काफी करीब है।
हालांकि, केवल $1 के आसपास कीमत बने रहने से किसी स्टेबलकॉइन को पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता। उसकी रिज़र्व, डॉलर पेग, लिक्विडिटी और जारीकर्ता से जुड़े जोखिम भी देखना जरूरी है।
GUSD की सबसे बड़ी खासियत क्या है?
GUSD की प्रमुख विशेषता इसका रेगुलेटेड स्टेबलकॉइन मॉडल है। इसमें रेगुलेटरी नियमों, रिज़र्व और रिपोर्टिंग को महत्वपूर्ण स्थान दिया जाता है।
इसी वजह से GUSD उन उपयोगकर्ताओं के लिए उपयोगी हो सकता है जो स्टेबलकॉइन चुनते समय केवल कीमत नहीं, बल्कि रेगुलेटरी अनुपालन और रिज़र्व की जानकारी को भी महत्व देते हैं।
GUSD की रिज़र्व व्यवस्था कैसे काम करती है?
GUSD के पीछे अमेरिकी डॉलर या उससे जुड़े रिज़र्व रखने का मॉडल अपनाया जाता है। इसका उद्देश्य जारी किए गए GUSD और उसके समर्थन में मौजूद रिज़र्व के बीच पर्याप्त संतुलन बनाए रखना है।
लेकिन किसी भी स्टेबलकॉइन की वास्तविक स्थिति समझने के लिए केवल जारीकर्ता का दावा पर्याप्त नहीं होता। रिज़र्व रिपोर्ट और स्वतंत्र सत्यापन की मौजूदा जानकारी भी देखनी चाहिए।
Monthly Attestation क्या होती है?
GUSD की रिज़र्व से जुड़ी जानकारी में Monthly Attestation का महत्व है। आसान भाषा में, यह एक स्वतंत्र सत्यापन रिपोर्ट होती है, जिसका उद्देश्य यह जांचना होता है कि संबंधित समय पर उपलब्ध रिज़र्व और जारी किए गए GUSD के बीच पर्याप्त समर्थन मौजूद है या नहीं।
ऐसी रिपोर्टिंग उपयोगकर्ताओं को यह समझने में मदद करती है कि स्टेबलकॉइन की बैकिंग कैसी है।
NYDFS का GUSD से क्या संबंध है?
GUSD का संबंध New York Department of Financial Services (NYDFS) की रेगुलेटरी निगरानी से है।
NYDFS New York की वित्तीय गतिविधियों की निगरानी करने वाली प्रमुख संस्था है। इसके तहत क्रिप्टो कंपनियों के लिए अनुपालन, ग्राहक सुरक्षा और वित्तीय नियंत्रण जैसे पहलुओं पर ध्यान दिया जाता है।
इसी वजह से GUSD को रेगुलेटेड स्टेबलकॉइन के रूप में देखा जाता है।
Cameron और Tyler Winklevoss कौन हैं?
Cameron Winklevoss और Tyler Winklevoss क्रिप्टो उद्योग के जाने-पहचाने उद्यमी हैं और Gemini के सह-संस्थापक हैं।
दोनों पहले Facebook से जुड़े विवाद के कारण भी चर्चा में रहे थे। बाद में उन्होंने क्रिप्टो क्षेत्र में निवेश और कारोबार पर ध्यान दिया तथा Gemini की स्थापना की।
उनकी क्रिप्टो क्षेत्र में भूमिका और Gemini का रेगुलेटेड मॉडल GUSD की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
GUSD और दूसरे स्टेबलकॉइन में क्या अंतर है?
अलग-अलग स्टेबलकॉइन अलग मॉडल पर काम करते हैं।
USDT और USDC जैसे स्टेबलकॉइन मुख्य रूप से डॉलर से जुड़े रिज़र्व मॉडल पर आधारित हैं। DAI जैसे मॉडल क्रिप्टो-कॉलैटरल का इस्तेमाल करते हैं।
GUSD की खास पहचान इसके रेगुलेटेड जारीकर्ता, रिज़र्व व्यवस्था और रिपोर्टिंग मॉडल से बनती है।
हालांकि, केवल रेगुलेशन के आधार पर किसी स्टेबलकॉइन को सबसे सुरक्षित मानना सही नहीं है। रिज़र्व, लिक्विडिटी, जारीकर्ता का जोखिम और बाजार में वास्तविक उपयोग भी महत्वपूर्ण हैं।
GUSD का मार्केट कैप कितना है?
दिए गए आंकड़ों के अनुसार GUSD की सर्कुलेटिंग सप्लाई करीब 149.79 मिलियन GUSD है।
यदि इसकी कीमत करीब $1 मानी जाए, तो इसका अनुमानित मार्केट कैप लगभग $150 मिलियन बनता है।
यह USDT और USDC जैसे बड़े स्टेबलकॉइन की तुलना में काफी छोटा है। इसलिए कुछ बाजारों में GUSD की लिक्विडिटी और ट्रेडिंग जोड़ियों की उपलब्धता सीमित हो सकती है।
GUSD की लिक्विडिटी क्यों महत्वपूर्ण है?
किसी स्टेबलकॉइन की उपयोगिता केवल उसकी कीमत से तय नहीं होती। उसे खरीदना और बेचना कितना आसान है, यह भी महत्वपूर्ण है।
अगर किसी बाजार में लिक्विडिटी कम है, तो बड़ी राशि के लेन-देन में स्लिपेज बढ़ सकता है। इसलिए GUSD का इस्तेमाल करने से पहले संबंधित प्लेटफ़ॉर्म पर ट्रेडिंग वॉल्यूम, लिक्विडिटी और उपलब्ध ट्रेडिंग जोड़ियों की जांच करना बेहतर है।
GUSD का DeFi में क्या उपयोग है?
GUSD का इस्तेमाल Gemini के इकोसिस्टम के अलावा कुछ DeFi प्रोटोकॉल में भी किया जा सकता है। जहां इसे स्वीकार किया जाता है, वहां इसका उपयोग लेंडिंग या दूसरी DeFi गतिविधियों में हो सकता है।
हालांकि, इसका DeFi उपयोग USDT और USDC जितना व्यापक नहीं है। इसलिए किसी खास प्रोटोकॉल पर GUSD उपलब्ध है या नहीं, इसे पहले वेरिफ़ाई करना जरूरी है।
Gemini Earn से क्या सीख मिलती है?
Gemini ने पहले Gemini Earn नाम का एक यील्ड प्रोडक्ट पेश किया था। बाद में इससे जुड़े लेंडिंग पार्टनर Genesis की वित्तीय समस्या और दिवालियापन के कारण उपयोगकर्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
यह घटना सीधे GUSD की रिज़र्व व्यवस्था से जुड़ी नहीं थी, लेकिन इससे एक महत्वपूर्ण सीख मिलती है—किसी बड़े और प्रसिद्ध क्रिप्टो ब्रांड से जुड़ा हर वित्तीय प्रोडक्ट समान रिस्क वाला नहीं होता।
इसलिए स्टेबलकॉइन और उससे जुड़े दूसरे प्रोडक्ट के जोखिम को अलग-अलग समझना चाहिए।
संस्थागत उपयोगकर्ताओं के लिए GUSD क्यों महत्वपूर्ण हो सकता है?
बड़े संस्थागत उपयोगकर्ता आमतौर पर स्टेबलकॉइन चुनते समय रेगुलेटरी अनुपालन, रिज़र्व और रिपोर्टिंग को महत्वपूर्ण मानते हैं।
GUSD का रेगुलेटेड मॉडल ऐसे उपयोगकर्ताओं के लिए उपयोगी हो सकता है जो अधिक स्पष्ट अनुपालन व्यवस्था वाले स्टेबलकॉइन को प्राथमिकता देते हैं।
हालांकि, किसी संस्थागत उपयोगकर्ता के लिए GUSD की उपयुक्तता उसकी अपनी कानूनी, वित्तीय और रेगुलेटरी जरूरतों पर निर्भर करेगी।
GUSD का सीमा-पार भुगतान में क्या उपयोग हो सकता है?
स्टेबलकॉइन का एक संभावित उपयोग सीमा-पार भुगतान में भी है। GUSD जैसे डॉलर आधारित डिजिटल एसेट के जरिए अलग-अलग देशों के बीच डिजिटल डॉलर ट्रांसफर की संभावना बन सकती है।
लेकिन इसके लिए स्थानीय नियम, बैंकिंग व्यवस्था, भुगतान ढांचा और संबंधित प्लेटफ़ॉर्म का समर्थन जरूरी है। इसलिए इसे अभी हर देश में पारंपरिक भुगतान का सीधा विकल्प नहीं माना जा सकता।
Ethereum पर GUSD इस्तेमाल करने में क्या खर्च आता है?
GUSD का उपयोग Ethereum नेटवर्क पर होने वाले लेन-देन से जुड़ सकता है। ऐसे लेन-देन में गैस फ़ीस देनी पड़ सकती है।
जब Ethereum नेटवर्क पर भीड़ अधिक होती है, तो गैस फ़ीस बढ़ सकती है। छोटी राशि के लेन-देन में यह लागत उपयोगकर्ता के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।
इसलिए GUSD का इस्तेमाल करते समय टोकन की कीमत के साथ नेटवर्क शुल्क को भी ध्यान में रखना चाहिए।
GUSD खरीदने या रखने से पहले क्या जांचें?
GUSD का इस्तेमाल करने से पहले इन बातों की जांच करना उपयोगी है:
- मौजूदा कीमत और डॉलर पेग।
- सर्कुलेटिंग सप्लाई और मार्केट कैप।
- रिज़र्व से जुड़ी नवीनतम जानकारी।
- स्वतंत्र सत्यापन या एटेस्टेशन रिपोर्ट।
- लिक्विडिटी और ट्रेडिंग वॉल्यूम।
- संबंधित प्लेटफ़ॉर्म की सुरक्षा।
- सही नेटवर्क और वॉलेट एड्रेस।
- मौजूदा रेगुलेटरी नियम।
क्या GUSD पूरी तरह रिस्क-फ्री है?
नहीं। रेगुलेटेड स्टेबलकॉइन होने के बावजूद GUSD को पूरी तरह रिस्क-फ्री नहीं माना जा सकता।
इसमें जारीकर्ता से जुड़ा जोखिम, रिज़र्व से जुड़ा जोखिम, प्लेटफ़ॉर्म जोखिम, लिक्विडिटी जोखिम, नेटवर्क शुल्क और रेगुलेटरी बदलाव जैसे जोखिम हो सकते हैं।
इसलिए रेगुलेटेड होना और रिस्क-फ्री होना एक ही बात नहीं है।
GUSD में विविधीकरण क्यों जरूरी हो सकता है?
अगर कोई व्यक्ति बड़ी राशि स्टेबलकॉइन में रखता है, तो केवल एक ही स्टेबलकॉइन पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग स्टेबलकॉइन के जोखिम को समझना उपयोगी हो सकता है।
लेकिन केवल अलग-अलग स्टेबलकॉइन में राशि बांट देने से सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलती। प्रत्येक स्टेबलकॉइन की रिज़र्व व्यवस्था, जारीकर्ता, लिक्विडिटी और रेगुलेटरी स्थिति अलग हो सकती है।
भारत में GUSD पर टैक्स कैसे समझें?
भारत में GUSD जैसे क्रिप्टो एसेट पर लागू VDA टैक्स नियमों को ध्यान में रखना जरूरी है।
लागू नियमों के तहत VDA से होने वाली संबंधित आय पर 30% टैक्स और संबंधित उपकर/अधिभार का प्रभाव हो सकता है। वहीं 1% TDS एक अलग नियम है, जिसकी अपनी लागू शर्तें और सीमा होती है।
इसलिए हर GUSD लेन-देन पर सीधे 30% टैक्स के साथ 1% TDS लगने की बात सामान्य रूप से कहना सही नहीं होगा।
GUSD को दूसरे VDA में बदलना, बेचकर रुपये लेना या अन्य DeFi गतिविधियां अलग टैक्स प्रभाव पैदा कर सकती हैं। जटिल मामलों में टैक्स विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
भारतीय उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षा सावधानी
भारत में GUSD का इस्तेमाल करने से पहले संबंधित प्लेटफ़ॉर्म की उपलब्धता और स्थिति खुद वेरिफ़ाई करें।
वॉलेट एड्रेस और नेटवर्क को ध्यान से जांचें। पहली बार ट्रांज़ैक्शन करते समय छोटी टेस्ट राशि से शुरुआत करना बेहतर है।
किसी भी व्यक्ति, वेबसाइट या सहायता के नाम पर सीड फ़्रेज़, प्राइवेट की या OTP साझा न करें।
अगर कोई व्यक्ति GUSD या किसी स्टेबलकॉइन के जरिए गारंटीड रिटर्न, निश्चित मासिक कमाई या बिना रिस्क के लाभ का दावा करता है, तो इसे चेतावनी का संकेत मानें।
GUSD के भविष्य में किन बातों पर नजर रखें?
GUSD की आगे की स्थिति समझने के लिए इन बिंदुओं पर नजर रखना उपयोगी होगा:
- इसकी डॉलर पेग कितनी स्थिर रहती है।
- सर्कुलेटिंग सप्लाई में कितना बदलाव होता है।
- रिज़र्व से जुड़ी रिपोर्टिंग कितनी नियमित रहती है।
- GUSD की लिक्विडिटी और ट्रेडिंग वॉल्यूम कैसे बदलते हैं।
- DeFi में इसका इस्तेमाल बढ़ता है या नहीं।
- Gemini की रेगुलेटरी स्थिति में क्या बदलाव आते हैं।
- अमेरिका और दूसरे देशों में स्टेबलकॉइन से जुड़े नियम कैसे बदलते हैं।
- संस्थागत उपयोगकर्ताओं के बीच इसकी मांग बढ़ती है या नहीं।
GUSD की सबसे बड़ी ताकत क्या है?
GUSD की प्रमुख ताकत इसकी रेगुलेटेड पहचान, डॉलर से जुड़ा मॉडल और रिज़र्व रिपोर्टिंग पर जोर है।
यह उन उपयोगकर्ताओं के लिए उपयोगी हो सकता है जो स्टेबलकॉइन में कीमत की स्थिरता के साथ-साथ रेगुलेटरी अनुपालन और रिज़र्व से जुड़ी जानकारी को भी महत्व देते हैं।
हालांकि, इसकी अपेक्षाकृत छोटी मार्केट कैप और सीमित बाजार हिस्सेदारी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
GUSD की सबसे बड़ी सीमा क्या है?
GUSD का बाजार आकार USDT और USDC की तुलना में काफी छोटा है। इससे कुछ प्लेटफ़ॉर्म पर इसकी लिक्विडिटी, ट्रेडिंग जोड़ियों और उपयोग की उपलब्धता सीमित हो सकती है।
इसलिए GUSD की प्रमुख ताकत बाजार में सबसे बड़ी हिस्सेदारी नहीं, बल्कि इसका रेगुलेटरी और अनुपालन-केंद्रित मॉडल है।
GUSD से क्या सीख मिलती है?
GUSD यह समझने का अच्छा उदाहरण है कि किसी स्टेबलकॉइन का मूल्यांकन केवल इस आधार पर नहीं किया जाना चाहिए कि उसकी कीमत $1 के करीब है या नहीं।
किसी स्टेबलकॉइन को समझने के लिए उसकी रिज़र्व, जारीकर्ता, रेगुलेटरी स्थिति, लिक्विडिटी, उपयोगिता और जोखिम को एक साथ देखना चाहिए।
रेगुलेटरी अनुपालन भरोसा बढ़ा सकता है, लेकिन इससे सभी वित्तीय और तकनीकी जोखिम खत्म नहीं होते।
Final Remark
GUSD (Gemini Dollar) एक डॉलर आधारित स्टेबलकॉइन है, जिसे Gemini Trust Company ने विकसित किया है। दिए गए आंकड़ों के अनुसार इसकी मौजूदा कीमत $0.998 है और यह $1.022 के उच्चतम स्तर से करीब 2.29% नीचे है। इसकी सर्कुलेटिंग सप्लाई लगभग 149.79 मिलियन GUSD है।
GUSD की पहचान इसकी रेगुलेटेड व्यवस्था, रिज़र्व से जुड़ी रिपोर्टिंग और Gemini के अनुपालन-केंद्रित मॉडल से होती है। हालांकि, इसका छोटा बाजार आकार, संभावित सीमित लिक्विडिटी और प्लेटफ़ॉर्म से जुड़े जोखिम भी ध्यान में रखना जरूरी है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रेगुलेटेड स्टेबलकॉइन का मतलब रिस्क-फ्री स्टेबलकॉइन नहीं होता। GUSD को समझते समय इसकी कीमत के साथ रिज़र्व, लिक्विडिटी, रेगुलेटरी स्थिति और वास्तविक उपयोग को भी देखना चाहिए।
अनिवार्य सूचना
यह लेख केवल सूचना और शिक्षा के उद्देश्य से है, निवेश सलाह नहीं। GUSD और अन्य क्रिप्टो एसेट में पूंजी नुकसान का जोखिम हो सकता है। कीमत, सप्लाई, लिक्विडिटी, रेगुलेटरी नियम और प्लेटफ़ॉर्म की उपलब्धता समय के साथ बदल सकती है। किसी भी लेन-देन से पहले मौजूदा डेटा और आधिकारिक जानकारी खुद वेरिफ़ाई करें। भारत में लागू VDA टैक्स नियमों को समझें और जटिल मामलों में योग्य टैक्स विशेषज्ञ से सलाह लें। किसी भी व्यक्ति के साथ सीड फ़्रेज़, प्राइवेट की या OTP साझा न करें।
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