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LEO Token

LEO Token Price In India

leo
₹855.49

₹2.39 ( 0.28%)

तक की स्थिति 10:09 AM

24H Range
₹850.70 ₹859.33
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52 Week Range
₹648.22 ₹993.17
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24H Volume
₹17.01 Cr
LEO Token LEO Token Price In India $leo
$ 8.93

$0.02 ( 0.28%)

As on 21 Sep 2026 10:09 AM

24H Range
8.88 8.97
L
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52 Week Range
6.77 10.37
L
H
24H Volume
1,775,988
मार्केट कैप ₹78,662.48 Cr
फुली डाइल्यूटेड वैल्यूएशन ₹84,253.65 Cr
सप्लाई सर्कुलेटिंग 919,857,851 leo
सप्लाई टोटल 985,239,504 leo
सप्लाई मैक्स

LEO Token की जानकारी

एक्सप्लोरर्स
वेबसाइट bitfinex.com/
leo Historical Price
24h Range ₹2.39
7d Range ₹-855.49
All-Time High ₹1,016.44
All-Time Low ₹76.63
leo ↔ INR कैलकुलेटर
INR
leo
leo ↔ USD कैलकुलेटर
USD
leo
LEO Token न्यूज़ (leo न्यूज़)

 

LEO Token क्या है? संकट से पैदा हुआ एक अनोखा Exchange Token

ऊपर LEO का लाइव INR भाव है। UNUS SED LEO इस सीरीज़ के exchange-token परिवार का सबसे विलक्षण सदस्य है — जन्म एक संकट-समाधान के रूप में हुआ (~$850 मिलियन के फँसे फंड की भरपाई), design में समाप्ति ही लक्ष्य है (यह token जलकर खत्म होने के लिए बना है), chart पूरी श्रेणी में सबसे शान्त है (ATH से मात्र ~9% नीचे), और जारीकर्ता-वृत्त (Bitfinex/Tether) crypto-इतिहास का सबसे शक्तिशाली-विवादित कारोबारी परिवार है। यह पेज उस पूरी विलक्षणता को खोलता है: 2019 की जन्म-कथा जो अपने-आप में crypto-वित्त का पाठ है, burn-यन्त्र का वास्तविक गणित और उसकी सत्यापन-विधि, iFinex-वृत्त से बँधे होने का दोहरा अर्थ, low-float श्रेणी की वे सारी सावधानियाँ जो WBT-पृष्ठ ने सिखाईं — यहाँ और गाढ़े रूप में, और भारतीय पाठक के लिए स्पष्ट व्यावहारिक रेखाएँ।

LEO की शुरुआत: $850 मिलियन के संकट से Token का जन्म

LEO को समझने के लिए 2019 की इसकी शुरुआत समझना जरूरी है। उस समय Bitfinex के payment partner Crypto Capital के लगभग $850 million funds अलग-अलग देशों की जांच एजेंसियों ने रोक दिए थे। इससे liquidity की समस्या पैदा हुई। इसे संभालने के लिए Bitfinex की parent company iFinex ने मई 2019 में 1 अरब LEO tokens लगभग $1 की कीमत पर जारी किए और private sale से करीब $1 अरब जुटाए। LEO के साथ यह योजना भी बताई गई कि iFinex अपनी gross revenue का कम से कम 27% हर महीने LEO खरीदने और burn करने में लगाएगी। Crypto Capital से अगर पैसा वापस मिलता है, तो उसका बड़ा हिस्सा भी LEO burn में इस्तेमाल किया जाना था। लंबे समय में लक्ष्य पूरी LEO supply को धीरे-धीरे खत्म करना था।

यही इसकी सबसे खास बात है। BNB जैसे tokens आम तौर पर exchange ecosystem को बढ़ाने के लिए बनाए गए, जबकि LEO मूल रूप से financial संकट और liquidity gap को संभालने के लिए बनाया गया था। इसलिए इसकी कम supply, अपेक्षाकृत शांत price movement और buyback/burn आधारित demand उसी शुरुआत से जुड़ी हैं। इसके अलावा 2016 Bitfinex hack से जुड़े bitcoins की recovery भी LEO के लिए महत्वपूर्ण रही है। जब उन funds की recovery से जुड़ी खबरें आती हैं, तो market में “पैसा वापस आया तो LEO burn बढ़ सकता है” जैसी उम्मीद बनती है, जिससे LEO की कीमत प्रभावित हो सकती है।

LEO Buyback और Burn कैसे काम करता है?

LEO रखने की सबसे बड़ी वजह इसका buyback और burn mechanism है। iFinex अपनी कमाई के आधार पर हर महीने बाजार से LEO खरीदकर उसे burn करती है। शुरुआत में 1 अरब LEO थे और अब circulating supply घटकर लगभग 92–93 करोड़ की range में आ गई है। Burn की रफ्तार अभी धीमी और steady है—लगभग सालाना कुछ करोड़ tokens की—इसलिए अगर कोई बड़ी recovery event न हो, तो पूरी supply खत्म होने में कई दशक लग सकते हैं।

इस mechanism को समझने के लिए तीन बातें जरूरी हैं। पहली, burn iFinex की income से जुड़ा है, इसलिए exchange और उससे जुड़े businesses की कमाई बढ़ेगी तो burn भी बढ़ सकता है; इस तरह burn rate iFinex की financial health का एक संकेत भी है। दूसरी, LEO के burn addresses और transparency data public हैं, इसलिए investor खुद blockchain explorer से जांच सकता है कि promised burn वास्तव में हो रहा है या नहीं। तीसरी और सबसे जरूरी, burn सिर्फ supply कम करता है, अपने आप token की demand नहीं बढ़ाता। इसलिए LEO की असली ताकत iFinex business की performance और उससे आने वाली demand पर निर्भर है—सिर्फ burn numbers पर नहीं।

iFinex, Bitfinex और Tether से LEO का सीधा संबंध

LEO को समझने के लिए iFinex और उसके पूरे business group को समझना जरूरी है। इस group की सबसे बड़ी ताकत Tether (USDT) और Bitfinex हैं। Tether ने हाल के वर्षों में treasury investments से बहुत बड़ी कमाई की है, जबकि Bitfinex लंबे समय से बड़े crypto traders का प्रमुख exchange रहा है। Group के पास Bitcoin reserves और दूसरी investments भी हैं। इसलिए LEO holders को इस पूरे business group की कमाई से अप्रत्यक्ष फायदा मिल सकता है। यही LEO की “शांत लेकिन मजबूत” कहानी है। लेकिन इसके साथ बड़े risks भी हैं। पहला, iFinex private company है, इसलिए उसकी पूरी income की audited और public जानकारी सीमित है। LEO burn के लिए 27% income का वादा दिखता है, लेकिन उस income का exact आधार पूरी तरह transparent नहीं है। दूसरा, iFinex group का पहले regulators के साथ विवाद रहा है, इसलिए regulatory risk पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। तीसरा, अगर USDT या पूरे group पर बड़ा संकट आता है, तो LEO पर भी सीधा असर पड़ सकता है—इसलिए LEO, USDT risk से बचाव नहीं बल्कि उसी risk से जुड़ा asset है। चौथा, LEO की मुख्य liquidity Bitfinex पर ही है, यानी token खरीदने और बेचने का बड़ा रास्ता उसी ecosystem पर निर्भर है। इसलिए LEO का price कम हिलता हुआ दिख सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि risk कम है; यह “कम volatility” और “कम risk” के बीच का फर्क समझने का अच्छा उदाहरण है।

LEO की Supply और Liquidity: शांत Chart के पीछे की असली वजह

LEO को समझने के लिए low-float और liquidity को ध्यान से देखना जरूरी है। करीब 93 करोड़ LEO circulating हैं, लेकिन इनमें से बाजार में actively trade होने वाले tokens का हिस्सा काफी छोटा माना जाता है, क्योंकि supply का बड़ा हिस्सा institutional या iFinex से जुड़े holders के पास हो सकता है। इसका daily trading volume भी इसके अरबों डॉलर के market cap के मुकाबले बहुत कम रहता है—अक्सर 0.1% से नीचे। इसकी सबसे ज्यादा trading depth Bitfinex पर है। इसलिए अगर कोई investor बड़ी मात्रा में LEO खरीदना या बेचना चाहे, तो liquidity एक महत्वपूर्ण समस्या बन सकती है।

LEO की demand को सरल शब्दों में “iFinex की कमाई और उसके buyback/burn के वादे पर भरोसा” कहा जा सकता है। इसलिए इसका बड़ा market cap यह जरूरी नहीं बताता कि LEO बहुत popular या heavily traded token है; इसका price low available supply और limited trading के कारण भी ऊँचा रह सकता है। इसका फायदा यह है कि LEO अपेक्षाकृत कम शोर और कम volatility वाला asset बन सकता है, अगर investor इसकी supply structure, liquidity और burn mechanism को समझकर सही position size रखे। लेकिन इसकी शांत price movement को low risk समझना गलती होगी—structure को समझकर निवेश करें, सिर्फ शांत chart देखकर नहीं।

भारतीय निवेशक के लिए LEO: खरीद, Tax और Scam से सावधानी

LEO भारत में retail investors के लिए उतना आसान token नहीं है। यह आम तौर पर FIU-registered Indian exchanges पर उपलब्ध नहीं होता, इसलिए INR में सीधे खरीदने का रास्ता सीमित है और विदेशी platforms, खासकर Bitfinex ecosystem, पर निर्भरता बढ़ जाती है। ऐसे में foreign-asset reporting और tax compliance जैसे सवालों पर CA से लिखित सलाह लेना बेहतर है। VDA tax rules के तहत profit पर 30% + cess, हर sale पर 1% TDS और losses को दूसरे gains से set-off न करने जैसे नियम ध्यान में रखने पड़ते हैं। विदेशी platform पर इन compliance की जिम्मेदारी व्यवहार में investor पर ज्यादा हो सकती है। इसके साथ thin liquidity और foreign venue का अलग risk भी है।

इसलिए भारतीय retail investor के लिए LEO का practical use-case काफी सीमित है। इसे सिर्फ इसलिए नहीं खरीदना चाहिए कि यह top-15 में है और इसका chart शांत दिखता है। LEO मुख्य रूप से उन investors के लिए ज्यादा relevant है जो iFinex business और उसके buyback/burn mechanism पर सोच-समझकर दांव लगाना चाहते हैं। साथ ही “burn की secret खबर आने वाली है”, “Bitfinex का special OTC allocation” या “बहुत बड़ा burn जल्द होगा” जैसी offers और अफवाहों से सावधान रहें। Burn का सामान्य mechanism पहले से सार्वजनिक है, इसलिए गुप्त खबर के नाम पर पैसे मांगना बड़ा red flag है। हमेशा official transparency data खुद जांचें और ठगी होने पर 1930, cybercrime.gov.in और अपने bank को तुरंत सूचित करें। “Recovery service” के नाम पर दोबारा पैसे मांगने वालों से भी सावधान रहें।

LEO में निवेश के फायदे, जोखिम और किन आँकड़ों पर नजर रखें

LEO के पक्ष में सबसे बड़ी बात यह है कि यह एक बहुत लाभदायक private business group की कमाई से जुड़ा हुआ है। इसका buyback और burn mechanism साफ है और blockchain पर इसे verify किया जा सकता है। Supply लगातार कम होने की योजना भी है, इसलिए समय के साथ scarcity बढ़ सकती है। LEO का price history भी कई दूसरे crypto tokens की तुलना में कम गिरावट वाला रहा है और अगर iFinex से जुड़े पुराने funds की recovery होती है, तो बड़े burn की संभावना इसके लिए अतिरिक्त फायदा हो सकती है।लेकिन जोखिम भी महत्वपूर्ण हैं। iFinex private company है, इसलिए उसकी पूरी financial information public नहीं है और उसका regulatory history भी risk पैदा करता है। LEO का USDT और पूरे iFinex ecosystem से मजबूत संबंध है, इसलिए USDT या group पर कोई बड़ा संकट आया तो LEO भी प्रभावित होगा—यह hedge नहीं, बल्कि उसी risk से जुड़ा token है। इसकी supply और trading काफी concentrated है, जिससे इसका chart शांत दिख सकता है, लेकिन liquidity कम होने का जोखिम रहता है। भारतीय investors के लिए इसे खरीदने की practical और compliance-related मुश्किलें भी हैं। सबसे जरूरी बात: LEO holder के पास business पर ownership जैसा अधिकार नहीं है; वह मुख्य रूप से iFinex के buyback/burn वादे पर निर्भर है।

इसलिए हर तिमाही चार चीजों पर नजर रखें: (1) monthly burn की मात्रा और लगातार होने की गति, (2) iFinex/Tether से जुड़ी regulatory खबरें, (3) पुराने funds की recovery से जुड़ी developments, और (4) LEO की circulating supply और trading venues में बदलाव। अगर नई listings से liquidity बढ़ती है, तो यह सकारात्मक संकेत हो सकता है। कुल मिलाकर, LEO को सिर्फ एक सामान्य crypto coin की तरह नहीं देखना चाहिए; यह एक private business group के वादे पर आधारित token है। इसलिए LEO में निवेश करने से पहले token से ज्यादा उस business group और उसके वादों को समझना जरूरी है।

 

LEO से सीख: Buyback और Burn वाले Token को कैसे परखें?

LEO से सबसे बड़ी सीख सिर्फ LEO के बारे में नहीं है, बल्कि उन सभी crypto tokens के बारे में है जो किसी company या issuer के वादे पर आधारित होते हैं। पहला नियम है कि वादे की पूरी शर्तें ध्यान से पढ़ें। जैसे “income का 27% buyback में जाएगा” सुनने में अच्छा लगता है, लेकिन यह जानना जरूरी है कि income से मतलब gross है या net, कौन-सी income इसमें शामिल है और calculation किस अवधि की है। इसलिए सिर्फ marketing summary नहीं, बल्कि original documents की शर्तें पढ़ना जरूरी है।

दूसरा, वादा कितना भरोसेमंद है, यह उसके पुराने record से पता चलता है। LEO का कई वर्षों का burn history इसकी credibility का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अगर किसी token का promised buyback या burn रुकने लगे, तो यह warning sign हो सकता है। तीसरा, यह देखना चाहिए कि issuer के पास भविष्य में अपना वादा बदलने या कमजोर करने के क्या विकल्प हैं और ऐसा करने पर उसे कितना नुकसान होगा। चौथा, सिर्फ वादा या intention काफी नहीं है—issuer के पास उस वादे को पूरा करने की आर्थिक क्षमता भी होनी चाहिए। LEO के मामले में यह क्षमता iFinex business की कमाई पर निर्भर है।

इन चार नियमों से आप किसी भी buyback, burn या revenue-share वाले token को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं। LEO इस तरह के model का एक लंबा चलने वाला उदाहरण है। इसलिए इसकी सबसे बड़ी सीख यह है कि जब भी कोई crypto token कोई बड़ा financial promise करे, तो वादे की शर्तें, उसका पुराना record, issuer की मजबूरी और उसकी कमाई की क्षमता—इन चारों को जरूर जाँचें।

2019 से 2026 तक LEO का सफर: संकट से ATH तक

मई 2019 — जन्म: संकट-समाधान बिक्री, ~$1 आरम्भिक भाव, burn-वचन का घोषणा-पत्र। 

2020 — पहला पूर्ण burn-वर्ष; token ने 'वचन निभता है' की आरम्भिक साख कमाई। 

2021 — bull-लहर + अगस्त में iFinex-वृत्त के NYAG-निपटारे का समापन-अध्याय; LEO $3-4 क्षेत्र की पहली बड़ी छलाँग।

 2022 — वह वर्ष जब श्रेणी जली (FTT-शून्य, बाज़ार -70%) और LEO अपेक्षाकृत खड़ा रहा — 'संरचनात्मक शान्ति' की पहली सार्वजनिक परीक्षा; साथ ही 2016-hack bitcoins की अमेरिकी वसूली-सुर्खियों से recovery-burn अटकलों का पहला ज्वार।

2023-24 — धीमे-स्थिर आरोहण के वर्ष: burn-घड़ी नियमित, वृत्त-आय (Tether-युग) के record, LEO $5-8 पट्टी।

 2025 — मई में $10.6 का ATH — जन्म-भाव से दस-गुना, श्रेणी में विरल यात्रा। 

2026 — ATH-पड़ोस में स्थिरता; वर्तमान ~9% की दूरी। 

रेखा का पाठ दो-पंक्ति: LEO का chart घटना-चालित छलाँगों और लम्बे शान्त पठारों की सीढ़ी है — उसकी लय बाज़ार-चक्र से कम, वृत्त-घटनाओं (निपटारे, वसूली, आय-record) से अधिक बँधी रही; इसीलिए इस token का 'technical analysis' अखबार पढ़ना है, chart पढ़ना नहीं।

LEO को परखने की 6-Point Checklist

इस पूरे analysis को एक आसान 6-point checklist में बदला जा सकता है, जिसे LEO या किसी भी promise-based token पर लागू किया जा सकता है:

(1) वचन की मूल-पंक्ति अपने शब्दों में — 'कौन, किस आय का कितना, कब, किस विधि से';

(2) पालन-प्रमाण का पता — कौन-सा सार्वजनिक पृष्ठ/explorer, पिछली तीन प्रविष्टियाँ आपने स्वयं देखीं या नहीं;

(3) ईंधन-स्रोत की सेहत — जारीकर्ता-वृत्त की आय-दिशा के दो स्वतन्त्र संकेत;

(4) वचन-परिवर्तन की लागत — जारीकर्ता के लिए वचन तोड़ना कितना महँगा (साख/कानून) है;

(5) सह-सम्बन्ध-मानचित्र — यह सम्पत्ति किन अन्य holdings के साथ एक ही तूफ़ान में भीगेगी (LEO-उत्तर: USDT-वृत्त);

(6) निकास-गणित — आपकी राशि book कितने में सोखेगी, और वह उत्तर आपके आकार-नियम से मेल खाता है या नहीं।

छह पंक्तियाँ, एक पृष्ठ, साल में दो बार — यह प्रपत्र भरने वाला निवेशक वचन-सम्पत्तियों में उस 99% भीड़ से आगे है जो 'burn है, अच्छा ही होगा' पर चलती है; और न भर पाने वाली कोई पंक्ति स्वयं उत्तर है — जो वचन आप जाँच नहीं सकते, उस पर दांव आस्था है, विश्लेषण नहीं। LEO का उपहार यही प्रपत्र है; token उसका पहला अभ्यास भर।

LEO को समझने के 6 सबसे जरूरी सबक

(1) LEO 2019 के ~$850M संकट का वित्तीय-समाधान है जो token-देह में जीवित है — जन्म ही इसकी परिभाषा है।

 (2) माँग-इंजन burn-वचन (आय का ≥27% मासिक + recovery-धाराएँ) है — पालन सार्वजनिक रूप से जाँचने-योग्य, और अब तक निभा। 

(3) शान्त chart (ATH से ~9%) संरचना की देन है — पतला float, venue-सांद्रता, वचन-बँधी माँग; शान्ति ≠ सुरक्षा। 

(4) यह USDT-वृत्त का गुणक है, hedge नहीं — तनाव-परिदृश्य में साथ भीगेगा।

(5) भारतीय retail के लिए व्यावहारिक-case पतला है — INR-मार्ग नहीं, विदेशी-venue की compliance-परतें पहले।

(6) इसका असली उपहार वचन-पत्र सम्पत्तियों का मूल्यांकन-प्रपत्र है — जो हर 'वादे वाले token' पर जीवन भर चलेगा।

 छह वाक्य याद रहें तो LEO-पृष्ठ आपकी स्थायी लाइब्रेरी में है — और इस सीरीज़ की exchange-token त्रयी (BNB-WBT-LEO) मिलकर उस पूरी श्रेणी का पाठ्यक्रम, जिसमें crypto का सबसे अधिक पैसा और सबसे कम पढ़ाई घूमती है।

LEO से सबसे बड़ी सीख: शांत Chart का मतलब कम Risk नहीं

विडम्बना देखिए — इस सीरीज़ के सबसे उथल-पुथल-मुक्त chart वाले token से निकला पाठ सबसे दूरगामी है: crypto में हर सम्पत्ति अन्ततः किसी न किसी के वचन पर खड़ी है — code का वचन, कम्पनी का वचन, समुदाय का वचन — और निवेश-परिपक्वता की पूरी यात्रा 'भाव देखना' से 'वचन देखना' तक की यात्रा है। LEO वह दुर्लभ प्रयोग है जहाँ वचन लिखित, मापने-योग्य और वर्षों से निभा हुआ है — इसीलिए वह इस यात्रा की सबसे साफ कक्षा है; पर कक्षा का प्रमाण-पत्र तभी मिलता है जब आप प्रपत्र स्वयं भरें, transparency-पृष्ठ स्वयं खोलें, और शान्ति को कभी सुरक्षा न पढ़ें। इतना करने वाला पाठक इस token के साथ जो भी निर्णय ले — रखने का, न रखने का, दूर से देखने का — वह निर्णय विश्लेषण होगा; और इस बाज़ार में विश्लेषण-आधारित 'नहीं' भी उतनी ही बड़ी जीत है जितनी विश्लेषण-आधारित 'हाँ'।

LEO से जुड़े 3 आम सवालों के सीधे जवाब

क्या पूरी सप्लाई सच में जल जाएगी? — घोषित design यही है, पर वर्तमान गति पर वह दशकों की परियोजना है; व्यावहारिक holder के लिए प्रासंगिक प्रश्न 'अन्तिम दिन' नहीं, 'इस तिमाही की दर' है। LEO पर कोई staking/yield है? — protocol-स्तर पर नहीं; कहीं 'LEO-yield' दिखे तो वह किसी platform की उधार-योजना है — स्रोत-जोखिम उसी का। ATH के पास है तो क्या देर हो गई? — यह प्रश्न ही गलत चौखट से है; वचन-सम्पत्ति में entry-निर्णय वचन-गणित (burn-दर बनाम आपकी अपेक्षा) और वृत्त-दृष्टि से बनता है, chart-दूरी से नहीं — और वही गणित 'नहीं' भी उतनी सहजता से कह सकता है जितनी 'हाँ'।

LEO से जुड़े जरूरी शब्द और उनका आसान मतलब

UNUS SED LEO: लैटिन सूक्ति-अंश ('एक, पर सिंह') — token का पूरा नाम। iFinex: Bitfinex-Tether की मूल कम्पनी — LEO की जारीकर्ता। Crypto Capital प्रकरण: 2019 का ~$850M फँसे-फंड संकट — LEO की जन्म-वजह। आय-सम्बद्ध burn: सकल-आय के अनुपात में मासिक token-दहन का वचन। Recovery-विकल्प मूल्य: जब्त-सम्पत्ति वसूली से विशेष-burn की सम्भावना। सह-सम्बन्ध जोखिम: USDT-तनाव में LEO के साथ गिरने की संरचना। वचन-पत्र सम्पत्ति: जिसकी माँग जारीकर्ता के लिखित वादे पर टिकी हो।

वृत्त के पृष्ठ

जरूरी सूचना और जोखिम चेतावनी

यह पृष्ठ स्वतन्त्र शैक्षिक विश्लेषण है — iFinex/Bitfinex/Tether से सम्बद्ध नहीं; निवेश, कर या विधिक सलाह नहीं। LEO की संरचनात्मक शान्ति जोखिम-अनुपस्थिति नहीं है — निजी-वृत्त पारदर्शिता, venue-सांद्रता और सह-सम्बन्ध जोखिम इसकी स्थायी मदें हैं; उल्लिखित संरचनाएँ/आँकड़े लेखन-काल के हैं और बदल सकते हैं — ताज़ा स्थिति (burn-transparency समेत) स्वयं जाँचें, आवश्यकता हो तो योग्य सलाहकार/CA से परामर्श लें। भारत में सम्पूर्ण VDA-कर ढांचा लागू है। धोखाधड़ी की दशा में तत्काल 1930 व cybercrime.gov.in — 'डूबी रकम की recovery' बेचने वाले सम्पर्क प्रायः स्वयं ठगी होते हैं।

 

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faq अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब यहाँ पाएँ और समझें कि सब कुछ कैसे काम करता है।

LEO, Bitfinex एक्सचेंज की parent company iFinex का utility token है, जो trading fee discount जैसे फायदे देता है।
मौजूदा रेट ऊपर लाइव चार्ट में दिखाया गया है।
global demand-supply, बर्न गतिविधि और USD exchange rate के आधार पर।
मुख्यतः Bitfinex पर, कुछ अन्य एक्सचेंज पर भी सीमित उपलब्धता है।
हाँ, KYC पूरा करके उपलब्ध platform पर LEO खरीदना कानूनी है।
2016 के Bitfinex हैक और उसके बाद के वित्तीय शॉर्टफॉल को पाटने के लिए 2019 में।
iFinex अपने मासिक net profit का कम से कम 27% हिस्सा LEO buyback और burn में इस्तेमाल करता है।
Bitfinex पर trading, lending fee discount और withdrawal benefits में।
Ethereum (ERC-20) और Vaulta (पूर्व EOS) नेटवर्क पर।
ऊपर stats table में ताज़ा आंकड़ा दिखाया गया है, यह burn के कारण लगातार घटती है।
MetaMask, Ledger जैसे ERC-20 समर्थित wallet में।
iFinex, Bitfinex एक्सचेंज और Tether (USDT) दोनों की parent company है।
Latin में 'Unus Sed Leo' यानी 'एक, लेकिन शेर', गुणवत्ता पर ज़ोर देने वाला एक motto।
एक्सचेंज trading fee और लागू टैक्स नियम लागू होते हैं।