Uniswap Price In India
uni-₹24.02 ( 3.94%)
तक की स्थिति 04:42 AM
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As on 16 Sep 2026 04:42 AM
| मार्केट कैप | ₹37,523.06 Cr |
| फुली डाइल्यूटेड वैल्यूएशन | ₹53,613.82 Cr |
| सप्लाई सर्कुलेटिंग | 623,212,423 uni |
| सप्लाई टोटल | 890,460,420 uni |
| सप्लाई मैक्स | 1,000,000,000 uni |
Uniswap की जानकारी
Uniswap एक्सचेंज ट्रेडिंग - स्पॉट
| एक्सचेंज | टाइप | पेयर | प्राइस | 24h वॉल्यूम | स्प्रेड |
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Uniswap: पाँच साल बाद बदला UNI Holders की कमाई का सबसे बड़ा सवाल
ऊपर uniswap price की लाइव INR कीमत दी गई है। मई 2021 में UNI ने करीब $44.92 का शिखर बनाया था और आज की कीमत उस स्तर से लगभग 91% नीचे है। लेकिन Uniswap की कहानी सिर्फ कीमत में आई गिरावट की नहीं है। असली सवाल यह है कि Uniswap की कमाई का फायदा UNI holders को कब और कैसे मिलेगा।कई सालों तक Uniswap पर हर महीने अरबों डॉलर का कारोबार होता रहा और platform ने बड़ी fees कमाईं, लेकिन UNI holders को उस कमाई का सीधा हिस्सा नहीं मिलता था। UNI मुख्य रूप से governance यानी voting के लिए इस्तेमाल होता था। दिसंबर 2025 में governance vote के जरिए इस व्यवस्था में बदलाव किया गया। अब Uniswap के लिए पुराने “fee switch” विवाद का नया अध्याय शुरू हुआ। इस लेख में 2020 के UNI airdrop, fee switch पर चली लंबी बहस, दिसंबर 2025 के फैसले और उसके काम करने के तरीके के साथ भारत में UNI से जुड़े जरूरी tax और practical points समझेंगे।
Uniswap Labs के CEO कौन हैं?
Hayden Adams Uniswap Labs के Founder और CEO हैं। उन्होंने 2018 में Uniswap Protocol बनाया और बाद में Uniswap Labs की स्थापना की। आज Uniswap Labs, Uniswap Protocol के विकास में योगदान देने के साथ Web App, Wallet, Trading API और Unichain जैसे उत्पाद भी विकसित करता है। सरल शब्दों में, Hayden Adams Uniswap Labs के प्रमुख व्यक्ति हैं, जबकि Uniswap Protocol स्वयं एक विकेन्द्रीकृत protocol है और उसका governance UNI token holders के माध्यम से होता है।
सितंबर 2020: UNI Airdrop ने कैसे बदली DeFi की दुनिया
UNI token की शुरुआत एक प्रतिस्पर्धी स्थिति में हुई। एक दूसरे platform ने Uniswap के open-source code की नकल करके अपना token लॉन्च किया और users को आकर्षित करना शुरू किया। इसके जवाब में Uniswap ने अपना UNI token जारी किया और पहले से Uniswap इस्तेमाल कर चुके eligible users को 400 UNI मुफ्त दिए। उस समय यह अच्छी-खासी रकम थी और बाद में UNI की कीमत बढ़ने पर इसका मूल्य कई गुना हो गया।इस airdrop ने crypto में एक नई परंपरा को जन्म दिया—पहले platform इस्तेमाल करो, बाद में token मिलने की संभावना हो सकती है। इसके बाद कई projects ने airdrop का इस्तेमाल users को आकर्षित करने के लिए किया। लेकिन UNI airdrop का असली उद्देश्य सिर्फ मुफ्त token देना नहीं था। Uniswap चाहता था कि token ज्यादा लोगों के पास पहुँचे, ताकि governance मजबूत हो और users प्रतिस्पर्धी platform की ओर न जाएँ। यहीं से एक बड़ा सवाल भी शुरू हुआ—अगर UNI holders मालिक जैसे हैं, तो उन्हें Uniswap की कमाई में से क्या मिलता है?
Fee Switch: पाँच साल तक इसे क्यों नहीं बदला गया?
Uniswap पर हर trade पर एक छोटा fee लगता है। लंबे समय तक यह पूरी fee liquidity providers (LPs) को मिलती रही। Uniswap के code में पहले से एक “fee switch” मौजूद था, जिससे fee का कुछ हिस्सा protocol की ओर भेजा जा सकता था। लेकिन कई वर्षों तक इसे चालू नहीं किया गया।इसके पीछे मुख्य रूप से तीन कारण थे। पहला, अगर LPs की कमाई कम होती, तो वे दूसरे DEX पर जा सकते थे और Uniswap की liquidity घट सकती थी। दूसरा, regulatory और legal risk था। उस समय यह चिंता थी कि token को protocol की कमाई से जोड़ने पर regulatory problems बढ़ सकती हैं। तीसरा, fee से मिलने वाले पैसे को किस तरह और किन लोगों के लिए इस्तेमाल किया जाए, यह तय करना भी आसान नहीं था।इससे एक महत्वपूर्ण बात समझ आती है: किसी token को project की कमाई से न जोड़ना हमेशा उसकी कमी नहीं होता। कई बार इसके पीछे regulatory या business reasons होते हैं। इसलिए किसी governance token को समझते समय यह पूछना चाहिए कि “इसे अभी revenue से क्यों नहीं जोड़ा गया है?” और “किन परिस्थितियों में इसे revenue से जोड़ा जा सकता है?”
दिसंबर 2025: UNI के लिए बड़ा बदलाव और Fee Switch का नया मॉडल
नवंबर 2025 में Uniswap की दो प्रमुख संस्थाओं ने एक बड़ा प्रस्ताव रखा। दिसंबर के अंत में इस पर governance vote हुआ और प्रस्ताव को लगभग एकतरफा समर्थन मिला—12.5 करोड़ से ज्यादा UNI के पक्ष में वोट पड़े, जबकि विरोध में 1,000 से भी कम UNI थे। इससे पता चलता है कि fee से UNI को जोड़ने का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में था।इस बदलाव को चार हिस्सों में समझ सकते हैं। पहला, Uniswap की trading fees का कुछ हिस्सा अब liquidity providers के बजाय protocol को मिलेगा। दूसरा, इस कमाई से UNI खरीदा जाएगा और उसे हमेशा के लिए burn किया जाएगा। यानी Uniswap का इस्तेमाल जितना ज्यादा होगा, उतने ज्यादा UNI burn होने की संभावना होगी।तीसरा, Treasury से 10 करोड़ UNI एक बार में burn किए गए। चौथा, Uniswap से जुड़ी दो प्रमुख संस्थाओं की जिम्मेदारियों को एक साथ लाया गया। कुछ user fees हटाई गईं और development के लिए सालाना budget तय किया गया। Uniswap की अपनी Layer-2 से होने वाली net income को भी UNI burn करने की व्यवस्था में शामिल किया गया।यह बदलाव महत्वपूर्ण है क्योंकि अब UNI token का Uniswap की वास्तविक गतिविधि से सीधा संबंध बन गया है। लेकिन इसे कोई जादुई समाधान नहीं मानना चाहिए। UNI burn की मात्रा trading volume और protocol की कमाई पर निर्भर करेगी। बाजार कमजोर होने पर burn भी कम हो सकता है। सबसे जरूरी बात यह है कि supply कम होना सिर्फ आधी कहानी है—UNI की कीमत के लिए demand भी मजबूत रहनी चाहिए।
Uniswap price history ?
Uniswap का असली कारोबार: सबसे मजबूत पक्ष
UNI token की चर्चा से अलग हटकर देखें तो Uniswap का मुख्य कारोबार काफी मजबूत है। यह दुनिया के बड़े decentralized exchanges (DEX) में से एक है, कई blockchain networks पर काम करता है और इससे बड़ी मात्रा में वास्तविक trading fees आती हैं। यानी इसकी कमाई केवल incentives या किसी प्रचार पर निर्भर नहीं है, बल्कि वास्तविक users और trading activity से आती है।Uniswap का मुख्य protocol smart contracts पर चलता है और इसमें किसी पारंपरिक बिचौलिए की जरूरत नहीं होती। समय के साथ इसके नए versions और features आए हैं। 2024 में Uniswap ने अपनी Layer-2 chain भी शुरू की, जिससे उसके लिए एक नई संभावित income stream बनी।फिर भी कुछ बड़े जोखिम हैं। पहला, इसकी technology open-source है, इसलिए competitors इसके model की नकल आसानी से कर सकते हैं। लंबे समय में Uniswap की बढ़त सिर्फ technology से नहीं, बल्कि उसकी liquidity और users की आदत से तय होगी।
दूसरा, trading volume बाजार की स्थिति के साथ ऊपर-नीचे होता है। इसलिए Uniswap की fee income भी बदलती रहती है। अब जब UNI token की value protocol की income से जुड़ गई है, तो यह उतार-चढ़ाव UNI पर भी असर डाल सकता है।
तीसरा, fee-sharing को संभव बनाने वाली regulatory परिस्थितियाँ भविष्य में फिर बदल सकती हैं। इसलिए आज का revenue model हमेशा इसी तरह चलता रहेगा, यह मान लेना सही नहीं होगा।
UNI की 91% गिरावट क्यों हुई? Supply, कमाई और Burn का असर
मई 2021 के शिखर से UNI की करीब 91% गिरावट को तीन मुख्य कारणों से समझा जा सकता है। पहला, 2021 में बहुत ज्यादा उम्मीदें थीं। उस समय DeFi projects को इस उम्मीद पर बहुत ऊँची कीमत मिल रही थी कि उनका भविष्य बहुत बड़ा होगा, लेकिन वास्तविक विकास उन उम्मीदों जितना तेज़ नहीं हुआ।दूसरा, UNI holders को लंबे समय तक Uniswap की कमाई का सीधा फायदा नहीं मिला। Uniswap का कारोबार बढ़ता रहा, लेकिन token उस कमाई से जुड़ा नहीं था। ऐसे में UNI की कीमत को सहारा देने के लिए मुख्य रूप से future growth की उम्मीद और market narrative पर निर्भर रहना पड़ा। समय के साथ यह narrative कमजोर हुआ।तीसरा, UNI की supply लगातार बढ़ती रही। लगभग 62 करोड़ UNI circulation में थे, जबकि कुल supply करीब 89 करोड़ से ज्यादा थी और maximum supply 1 अरब तय थी। यानी समय के साथ नए tokens बाजार में आते रहे, जिससे supply पर दबाव बना।अब तस्वीर कुछ बदली है। कमाई से token को जोड़ने वाला मुद्दा काफी हद तक हल हो चुका है और supply कम करने के लिए burn mechanism भी शुरू हुआ है। लेकिन 2021 की बहुत ऊँची valuation वाली उम्मीदें एक अलग और बाहरी मुद्दा हैं।इसलिए आगे UNI को समझने का सबसे जरूरी सवाल यह है: क्या हर साल burn होने वाले UNI की मात्रा नई supply को पर्याप्त रूप से पछाड़ पाएगी और क्या Uniswap का trading volume मजबूत बना रहेगा? इसका जवाब अनुमान से नहीं, बल्कि हर तिमाही के वास्तविक आँकड़ों से देखा जा सकता है।
क्या Uniswap $100 तक पहुँच सकता है?
हाँ, Uniswap (UNI) का $100 तक पहुँचना सैद्धान्तिक रूप से सम्भव है, लेकिन इसे तय लक्ष्य या निश्चित भविष्यवाणी नहीं माना जा सकता। $100 पर UNI का मूल्यांकन उसकी कुल आपूर्ति और उस समय के वास्तविक उपयोग पर निर्भर करेगा। इसके लिए Uniswap पर trading volume, protocol fees, token तक पहुँचने वाली value, governance और पूरे crypto market की स्थिति में बहुत बड़ा सुधार चाहिए होगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि केवल Uniswap का लोकप्रिय होना पर्याप्त नहीं है—UNI token holders को वास्तव में कितना आर्थिक लाभ मिलता है, यह देखना ज़रूरी है। इसलिए $100 को “हो ही जाएगा” वाली उम्मीद के बजाय एक बहुत ऊँचा valuation scenario मानकर supply, revenue और token value-capture के आधार पर जाँचना बेहतर है।
Uniswap price prediction ?
अगर आप इसके price prediction के बारे में जानना चाहते है तो हमारे price prediction section जाकर देख सकते है Uniswap price prediction !
क्या uniswap भारत में legal है? टैक्स और सुरक्षा की जानकारी
2020 Airdrop वालों के लिए: अगर आपको 2020 में UNI का airdrop मिला था, तो उस समय की तारीख, transaction details और token की कीमत से जुड़े रिकॉर्ड सुरक्षित रखें। बाद में UNI बेचते समय इनकी जरूरत पड़ सकती है। वहीं, अगर आपने 2021 के शिखर के आसपास UNI खरीदा था, तो सिर्फ पुरानी खरीद कीमत के आधार पर फैसला न लें। आज के कारोबार, fees और नए burn mechanism को देखकर सोचें कि क्या आप आज भी इतनी ही रकम UNI में लगाना चाहेंगे।
पहुँच और सुरक्षा: UNI भारत में बड़े crypto platforms पर आम तौर पर उपलब्ध रहा है। फिर भी जहाँ से खरीद-बिक्री करें, उस platform की registration और compliance स्थिति जरूर जाँचें। UNI कई networks पर मौजूद हो सकता है, इसलिए भेजने से पहले sender और receiver दोनों तरफ network जरूर मिलाएँ। बड़ी रकम भेजने से पहले छोटी रकम से transaction की जाँच करना बेहतर है।
टैक्स: भारत में crypto/VDA पर सामान्यतः 30% tax, लागू cess और transfer पर 1% TDS जैसे नियम लागू होते हैं। नुकसान को दूसरी आय से adjust या आगे carry forward करने पर भी सीमाएँ हैं। Airdrop से मिले UNI और बाद में उसकी बिक्री का tax calculation अलग हो सकता है। इसी तरह DEX पर एक token को दूसरे token में बदलना भी tax के लिए transfer माना जा सकता है, भले रुपये सीधे आपके बैंक खाते में न आए हों। ऐसे मामलों में योग्य tax professional से सलाह लेना बेहतर है।
ठगी से बचें: “नया Uniswap airdrop” या “claim करने की आखिरी तारीख” जैसे संदेशों से सावधान रहें। नकली websites wallet की unlimited permission या private/seed phrase माँग सकती हैं। मिलते-जुलते नाम वाले नकली UNI tokens से बचने के लिए official contract address से खुद मिलान करें। “निश्चित मुनाफे” या guaranteed returns वाले liquidity offers पर भी भरोसा न करें।
अगर ठगी हो जाए तो तुरंत 1930 पर शिकायत करें और cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज करें। Transaction details, wallet addresses, screenshots और messages सुरक्षित रखें। जो लोग फीस लेकर आपकी खोई हुई crypto वापस दिलाने का दावा करते हैं, उनसे भी सावधान रहें—यह दूसरी ठगी हो सकती है।
2030 में Uniswap (UNI) की कीमत कितनी हो सकती है?
2030 में UNI की कीमत का सटीक अनुमान लगाना सम्भव नहीं है, लेकिन $100 एक सम्भावित bullish scenario हो सकता है। हाल में Standard Chartered ने भी 2030 के लिए $100 का लक्ष्य दिया है, जिसका आधार DeFi और tokenized assets के बड़े विस्तार की उम्मीद है। इस अनुमान को सही साबित करने के लिए Uniswap को अगले कुछ वर्षों में trading volume, protocol fees और वास्तविक उपयोग में बहुत बड़ी वृद्धि दिखानी होगी। खास बात यह है कि दिसंबर 2025 से protocol fees का एक हिस्सा UNI को खरीदकर burn करने की व्यवस्था से जुड़ा है, जिससे बढ़ती गतिविधि UNI की supply और value पर सकारात्मक असर डाल सकती है। दूसरी ओर, DEX competition, कम trading activity, regulatory बदलाव और अपेक्षा से कम fee generation जैसे जोखिम $100 के लक्ष्य को दूर कर सकते हैं। इसलिए 2030 के लिए $100 को निश्चित भविष्यवाणी नहीं, बल्कि एक high-growth scenario समझना अधिक उचित है।
Uniswap की यात्रा: 2018 से 2026 तक के 7 बड़े पड़ाव
2018 — Uniswap की शुरुआत बिना किसी token के हुई। इसका उद्देश्य एक ऐसा decentralized exchange बनाना था जहाँ लोग सीधे crypto का लेन-देन कर सकें।
सितंबर 2020 — प्रतिस्पर्धा के बीच UNI token लॉन्च हुआ और पुराने users को ऐतिहासिक 400 UNI का airdrop मिला।
मई 2021 — DeFi boom के दौरान UNI ने करीब $44.92 का शिखर बनाया।
2021–2024 — Uniswap का कारोबार और technology आगे बढ़ती रही, लेकिन UNI holders को platform की fees से सीधा फायदा नहीं मिला। Fee switch को लेकर बहस बार-बार होती रही, लेकिन फैसला टलता रहा।
2024 — अमेरिकी regulatory दबाव का दौर जारी रहा। इसी साल Uniswap ने अपनी Layer-2 chain की दिशा में भी कदम बढ़ाया।
नवंबर–दिसंबर 2025 — एक बड़ा governance proposal आया और लगभग एकमत से मंजूर हुआ। इसमें fee switch शुरू करना, 10 करोड़ UNI burn करना और संगठनात्मक बदलाव शामिल थे।
2026 — UNI का नया economic model लागू हो चुका है। अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि वास्तविक fees, trading volume और token burn UNI की कीमत को कितना सहारा देते हैं।
UNI के फायदे और जोखिम: दोनों पक्षों को समझें
फायदे: Uniswap का मुख्य कारोबार मजबूत है और इसकी कमाई वास्तविक trading activity से आती है, न कि केवल incentives पर निर्भर रहती है। अब UNI token को पहली बार protocol की कमाई से सीधे जोड़ा गया है। Governance vote में इस बदलाव को लगभग सर्वसम्मति से मंजूरी मिली। इसके अलावा, Uniswap की brand और बड़ी liquidity कई वर्षों में बनी है, जिसे नए competitors के लिए आसानी से copy करना मुश्किल है।
जोखिम: UNI burn की मात्रा trading volume और fees पर निर्भर है। अगर बाजार में trading कम हुई, तो burn भी कम हो सकता है। Liquidity providers की कमाई घटने का लंबे समय में क्या असर होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। इसके अलावा, Uniswap को दूसरे DEX से कड़ी competition मिलती है और उसकी open-source technology की नकल करना आसान है। Regulatory rules भी भविष्य में बदल सकते हैं।इसलिए UNI को अब सिर्फ एक governance token की तरह देखना पर्याप्त नहीं है। इसे एक ऐसे token के रूप में देखना ज्यादा सही है जो Uniswap की कमाई से जुड़ चुका है। इसका मूल्यांकन करते समय तीन चीजें देखें—कितनी fees आ रही हैं, वह कमाई कितनी स्थिर है और उसमें से वास्तव में कितना फायदा UNI तक पहुँच रहा है।
UNI को समझने की 7 आसान बातें
1. UNI token की शुरुआत 2020 में प्रतिस्पर्धा के बीच हुई। इसके airdrop ने crypto में एक नई परंपरा को जन्म दिया।
2. करीब पाँच साल तक UNI holders को मुख्य रूप से voting यानी governance का अधिकार मिला। उन्हें Uniswap की कमाई का सीधा हिस्सा नहीं मिलता था।
3. इसका मुख्य कारण design की कमी नहीं, बल्कि regulatory risk और सावधानी थी।
4. दिसंबर 2025 के लगभग सर्वसम्मत governance vote के बाद fee switch शुरू हुआ। अब protocol की कमाई का इस्तेमाल UNI खरीदने और burn करने में किया जाता है।
5. इसके साथ Treasury से 10 करोड़ UNI एक साथ burn किए गए।
6. UNI burn की मात्रा Uniswap के trading volume और fees पर निर्भर है। इसलिए बाजार में गतिविधि कम होने पर burn भी कम हो सकता है।
7. UNI की करीब 91% गिरावट को तीन कारणों से समझा जा सकता है, जिनमें सबसे खास था—लंबे समय तक UNI token का Uniswap की वास्तविक कमाई से जुड़ा न होना।
UNI की 7 आसान बातें, संक्षेप में
1. UNI token की शुरुआत 2020 में प्रतिस्पर्धा के बीच हुई और इसके airdrop ने crypto industry में एक नई परंपरा शुरू की।
2. करीब पाँच साल तक UNI मुख्य रूप से governance यानी voting token था। Uniswap की कमाई से holders को सीधा फायदा नहीं मिलता था।
3. Fee switch को लंबे समय तक न चलाने के पीछे मुख्य कारण liquidity providers के दूसरे platforms पर जाने का डर, regulatory risk और mechanism की जटिलता थे।
4. दिसंबर 2025 के governance फैसले के बाद Uniswap की protocol fees सक्रिय हुईं और एक mechanism बनाया गया जिसमें जमा fees का इस्तेमाल UNI burn के लिए होता है।
5. इसके साथ Treasury से 10 करोड़ UNI की एकमुश्त कटौती (burn) भी की गई।
6. UNI burn की मात्रा Uniswap के trading activity और fees पर निर्भर है। इसलिए बाजार में trading कम होने पर burn भी कम हो सकता है।
7. UNI की करीब 91% गिरावट के पीछे कई कारण रहे, लेकिन सबसे खास कारण यह था कि लंबे समय तक token को Uniswap की वास्तविक कमाई से सीधा आर्थिक लाभ नहीं मिलता था। अब वह स्थिति बदल चुकी है, इसलिए आगे के मूल्यांकन में fees, trading volume और वास्तविक UNI burn पर नजर रखना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
UNI Token से वास्तव में क्या मिलता है? Governance से कमाई तक का बदलाव
इस पूरी कहानी का सबसे जरूरी सवाल है: “आपके पास जो token है, उससे आपको वास्तव में क्या मिलता है?” कई सालों तक UNI holders को Uniswap के सफल कारोबार से सीधा आर्थिक फायदा नहीं मिलता था। वे governance में vote कर सकते थे, लेकिन platform की कमाई पर उनका सीधा अधिकार नहीं था। यह कोई छिपी हुई बात नहीं थी—नियम पहले से सार्वजनिक थे।इसलिए किसी भी governance token को खरीदने से पहले यह समझना जरूरी है कि वह आपको कौन-से अधिकार देता है और कौन-से नहीं। दिसंबर 2025 का बदलाव महत्वपूर्ण है क्योंकि पहली बार UNI को Uniswap की कमाई से आर्थिक रूप से जोड़ा गया। अब इसकी असली अहमियत इस बात से तय होगी कि इस व्यवस्था से UNI को वास्तव में कितना फायदा मिलता है।
आसान भाषा में जरूरी शब्द
Fee Switch: ऐसा विकल्प जिससे Uniswap की trading fees का कुछ हिस्सा protocol के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
तरलता प्रदाता (Liquidity Provider): वे लोग जो Uniswap पर अपनी crypto assets जमा करते हैं, ताकि दूसरे लोग आसानी से trading कर सकें। बदले में उन्हें fees मिलती हैं।
मूल्य-वसूली (Value Capture): यह देखना कि project की कमाई में से कितना फायदा उसके token holders तक पहुँचता है।
Buyback-and-Burn: project की कमाई से अपने token खरीदना और फिर उन्हें हमेशा के लिए नष्ट कर देना। इससे token की कुल supply कम हो सकती है।
शासन-token (Governance Token): ऐसा token जो holders को project के फैसलों पर vote करने का अधिकार देता है। इसका मतलब यह जरूरी नहीं कि उन्हें project की कमाई भी मिले।
Airdrop: पुराने या eligible users को tokens मुफ्त में बाँटना। इसका उद्देश्य users के बीच token फैलाना और governance में ज्यादा लोगों को शामिल करना हो सकता है।
अपरिवर्तनीय संहिता (Immutable Code): ऐसा blockchain code जिसे एक बार लागू होने के बाद सामान्य तरीके से बदला नहीं जा सकता।
अनिवार्य सूचना: जोखिम, टैक्स और सुरक्षा
यह पन्ना सिर्फ शैक्षिक जानकारी के लिए है। इसका किसी protocol, संस्था या trading platform से कोई संबंध या आर्थिक हित नहीं है। यहाँ दी गई जानकारी को खरीद-बिक्री की सलाह, tax advice या कानूनी सलाह न समझें।UNI एक बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव वाली crypto asset है। मई 2021 के शिखर से इसकी कीमत करीब 91% नीचे आ चुकी है और पूरी रकम डूबने की संभावना भी रहती है। Governance vote, fee switch, token burn और supply से जुड़े आँकड़ों को official sources और blockchain explorers से खुद verify करें।Uniswap जैसे decentralized platforms पर एक जैसे नाम वाले नकली tokens कोई भी बना सकता है। इसलिए किसी भी transaction से पहले official contract address जरूर मिलाएँ। यह भी ध्यान रखें कि UNI burn की मात्रा trading volume पर निर्भर करती है, इसलिए इसे हर साल एक जैसी मात्रा मानना सही नहीं है।भारत में crypto/VDA पर सामान्यतः 30% tax, लागू cess और transfer पर 1% TDS जैसे नियम लागू होते हैं। Losses को दूसरी आय से adjust या आगे carry forward करने पर भी सीमाएँ हैं। Airdrop से मिले tokens और DEX पर किए गए token swaps के tax treatment को अलग से समझना जरूरी हो सकता है। ऐसे मामलों में योग्य tax professional से सलाह लेना बेहतर है।जहाँ भी crypto का लेन-देन करें, platform की registration और compliance स्थिति पहले जाँचें। अगर ठगी हो जाए तो तुरंत 1930 पर शिकायत करें और cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज करें। Transaction details, wallet addresses, screenshots और messages सुरक्षित रखें। फीस लेकर खोई हुई crypto वापस दिलाने का दावा करने वालों से भी सावधान रहें—यह दूसरी ठगी हो सकती है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब यहाँ पाएँ और समझें कि सब कुछ कैसे काम करता है।