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Usual USD

Usual USD Price In India

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तक की स्थिति 07:43 PM

24H Range
₹95.82 ₹95.88
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52 Week Range
₹94.68 ₹96.06
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24H Volume
₹1.83 Cr
Usual USD Usual USD Price In India $usd0
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As on 20 Sep 2026 07:43 PM

24H Range
1.00 1.00
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52 Week Range
0.99 1.00
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24H Volume
191,189
मार्केट कैप ₹5,239.55 Cr
फुली डाइल्यूटेड वैल्यूएशन ₹5,239.55 Cr
सप्लाई सर्कुलेटिंग 546,584,683 usd0
सप्लाई टोटल 546,584,683 usd0
सप्लाई मैक्स

Usual USD की जानकारी

एक्सप्लोरर्स
वेबसाइट usual.money app.usual.money
usd0 Historical Price
24h Range ₹-0.01
7d Range ₹0.00
All-Time High ₹127.63
All-Time Low ₹92.40
usd0 ↔ INR कैलकुलेटर
INR
usd0
usd0 ↔ USD कैलकुलेटर
USD
usd0
Usual USD न्यूज़ (usd0 न्यूज़)

USD0 प्राइस आज INR में — इस Stablecoin से मिलने वाला सबसे बड़ा सबक क्या है?

ऊपर USD0 का लाइव INR price दिया गया है, जो आमतौर पर $1 के आसपास रहने की कोशिश करता है। USD0, Usual Protocol का RWA-backed stablecoin है। इसके पीछे tokenized short-term government debt जैसी assets का इस्तेमाल किया जाता है।USD0 की कहानी सिर्फ इसके reserves की नहीं है। इसका सबसे बड़ा lesson redemption यानी पैसा वापस निकालने की शर्तों से जुड़ा है। जनवरी 2025 में USD0 के दूसरे token USD0++ की redemption conditions में बदलाव हुआ था। इसके बाद market में तेज हलचल देखने को मिली।इस घटना ने एक जरूरी बात सिखाई: किसी financial product को सिर्फ उसके नाम या market price देखकर नहीं समझना चाहिए। उसकी असली शर्तें पढ़ना जरूरी है।

USD0, USD0++ और USUAL में क्या अंतर है?

Usual ecosystem को समझने के लिए सबसे पहले इसके तीन अलग-अलग tokens को अलग-अलग समझना जरूरी है।

1. USD0 — Stablecoin

USD0 पहला token है। इसे tokenized Treasury bills जैसी Real-World Assets यानी RWA से support किया जाता है।इसका लक्ष्य लगभग $1 की कीमत बनाए रखना है। USD0 खुद कोई fixed yield देने वाला token नहीं है।इसलिए USD0 को समझते समय मुख्य सवाल हैं:

  • इसके reserves में क्या assets हैं?
  • इन assets की quality कैसी है?
  • USD0 को redeem कैसे किया जा सकता है?
  • redemption की conditions क्या हैं?

2. USD0++ — Bond जैसा Token

USD0++ की structure अलग है। इसमें USD0 को एक चार साल की lock/bond अवधि वाली व्यवस्था में रखा जाता है।इसका मतलब USD0++ को सिर्फ एक stablecoin समझना सही नहीं है। यह ज्यादा bond-like financial product की तरह काम करता है।समस्या तब पैदा हो सकती है जब market में इसका price $1 के आसपास दिखे और लोग इसे stablecoin जैसा मानने लगें, जबकि इसकी redemption conditions अलग हों।यही difference जनवरी 2025 की घटना में बहुत महत्वपूर्ण बना।

3. USUAL — Ecosystem का Token

USUAL, Usual Protocol का अलग token है। USD0++ holders को मिलने वाले rewards का एक बड़ा हिस्सा USUAL tokens के रूप में दिया गया।इसलिए यहां एक और सवाल आता है:जो reward मिल रहा है, उसकी असली value कितनी है?अगर reward किसी protocol token में मिलता है, तो उस token का market price भी बदल सकता है। इसलिए 10 USUAL tokens मिलना और उनकी वास्तविक monetary value एक ही बात नहीं है।

तीनों Tokens को एक ही चीज समझना क्यों गलत है?

USD0, USD0++ और USUAL तीन अलग assets हैं।इनके risks भी अलग हैं:

  • USD0: मुख्य रूप से peg और reserve risk
  • USD0++: redemption और terms का risk
  • USUAL: सामान्य crypto token की तरह price और supply risk

इसलिए सिर्फ यह कहना कि “मैं Usual का stablecoin खरीद रहा हूं” पूरी तस्वीर नहीं बताता।किस token को खरीदा जा रहा है और उसकी conditions क्या हैं, यह देखना जरूरी है।

जनवरी 2025 में USD0++ के साथ क्या हुआ?

USD0++ लंबे समय तक market में लगभग $1 के आसपास trade करता रहा। इसे कुछ DeFi platforms में collateral और liquidity pools में भी इस्तेमाल किया गया।इससे market participants के बीच यह धारणा बन सकती थी कि USD0++ को लगभग $1 पर आसानी से exit किया जा सकता है।लेकिन इसकी वास्तविक structure एक चार साल की bond-like व्यवस्था से जुड़ी थी।जनवरी 2025 में redemption conditions सामने आने के बाद market को यह अंतर साफ दिखाई दिया।

$1 की उम्मीद और $0.87 Floor का टकराव

तत्काल exit के लिए दो रास्ते बताए गए:

  1. कुछ reward छोड़कर exit करना
  2. या लगभग $0.87 के floor पर तत्काल redemption करना

यानी market में $1 के आसपास trade होने वाली asset के लिए वास्तविक immediate redemption option $1 नहीं था।सरल भाषा में:Market price लगभग $1 हो सकती थी, लेकिन तुरंत redemption का नियम अलग था।यही वह अंतर था जिसे कई market participants ने पहले पूरी तरह price नहीं किया था।

USD0++ की कीमत गिरने से USD0 भी क्यों प्रभावित हुआ?

जब USD0++ का price $1 से नीचे जाने लगा, तो उससे जुड़े DeFi positions और liquidity pools पर दबाव बढ़ा।कुछ platforms में USD0++ को collateral के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। इसलिए इसका price गिरने से lending और liquidity systems में भी risk बढ़ गया।सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि इसका असर सिर्फ USD0++ तक सीमित नहीं रहा।USD0 भी अपनी $1 peg से प्रभावित हुआ, भले ही उसके underlying reserves में उसी समय कोई अचानक बड़ी खराबी जरूरी नहीं हुई थी।इससे एक बड़ा lesson मिलता है:एक ही ecosystem में कई tokens जुड़े हों, तो एक token की समस्या दूसरे tokens के भरोसे और price को भी प्रभावित कर सकती है।

जनवरी 2025 की घटना से तीन बड़े Lessons

इस घटना से तीन महत्वपूर्ण बातें समझी जा सकती हैं।

Lesson 1: Asset का नाम नहीं, उसकी Terms उसकी असली पहचान बताती हैंअगर कोई bond जैसा product stablecoin की तरह trade कर रहा है, तो सिर्फ उसका $1 के आसपास price होना उसे stablecoin नहीं बना देता।Product की वास्तविक nature उसकी legal और economic conditions से तय होती है।

Lesson 2: Redemption Rules सबसे महत्वपूर्ण हैं

अगर किसी product को जल्दी exit करना हो, तो यह जानना जरूरी है कि:

  • किस price पर redemption होगा?
  • कितने समय में पैसा मिलेगा?
  • कौन-सी conditions लागू होंगी?
  • क्या rules बदले जा सकते हैं?

Lesson 3: एक Token की समस्या पूरे Ecosystem तक पहुंच सकती है

USD0 और USD0++ अलग products थे, लेकिन market में दोनों के बीच संबंध था।इसलिए एक token पर stress आने से दूसरे token पर भी भरोसे का असर पड़ सकता है।

Stablecoin खरीदने से पहले 5 सवाल जरूर पूछें

USD0++ की घटना को एक general checklist में बदला जा सकता है। किसी भी stablecoin, yield product या tokenized financial product को समझते समय ये पांच सवाल पूछें।

1. मैं वास्तव में क्या खरीद रहा हूं?

क्या यह:

  • Stablecoin है?
  • Bond है?
  • Fund का हिस्सा है?
  • Receipt token है?
  • या कोई reward/governance token?

सिर्फ नाम देखकर फैसला न करें।

2. मैं अपना पैसा तुरंत कैसे निकाल सकता हूं?

Redemption की पूरी प्रक्रिया देखें।यह पता करें:

  • कौन-सा price मिलेगा?
  • कितनी waiting period है?
  • कोई lock-in है?
  • कोई floor है?
  • कोई penalty है?

“जरूरत पड़ेगी तो market में बेच दूंगा” redemption का जवाब नहीं है।

3. Rules कौन बदल सकता है?

यह देखें कि redemption और product rules में बदलाव का अधिकार किसके पास है।

क्या बदलाव:

  • Governance vote से होगा?
  • Protocol team कर सकती है?
  • Emergency authority के पास है?
  • या किसी दूसरे entity का control है?

यह information बहुत महत्वपूर्ण है।

4. Reward कहां से आ रहा है?

अगर कोई product yield देता है, तो यह पता करें कि yield का source क्या है।

क्या पैसा आ रहा है:

  • Treasury bills से?
  • Lending से?
  • Trading से?
  • Staking से?
  • या नए tokens जारी करके?

अगर reward protocol token में मिलता है, तो उस token के price risk को भी जोड़ना होगा।

5. Ecosystem में और कौन-कौन से Tokens जुड़े हैं?

अगर stablecoin के साथ bond token, governance token, lending protocol या liquidity pool भी जुड़ा है, तो उनके बीच risk connections समझें।कई बार एक product की समस्या पूरे ecosystem को प्रभावित कर सकती है।

USD0 की आज की स्थिति और भारत के लिए इसका मतलब

USD0 RWA-backed और DeFi-focused stablecoin category का हिस्सा है। इसकी competition बड़े stablecoin issuers और दूसरे RWA-based products से है।Usual का एक प्रमुख idea यह रहा है कि protocol से बनने वाली value को users के साथ share किया जाए। इसमें USUAL token की भूमिका महत्वपूर्ण है।लेकिन भारतीय user के लिए सबसे पहले तीन चीजें देखना जरूरी है:Access, Tax और Security।

भारत में USD0 की उपलब्धता कैसी है?

USD0 मुख्य रूप से DeFi ecosystem में इस्तेमाल होने वाला product है। भारतीय users के लिए इसकी availability regulated/FIU-registered platforms पर सीमित हो सकती है।इसलिए किसी भी platform पर USD0 उपलब्ध दिखने मात्र से यह मान लेना सही नहीं है कि platform सुरक्षित या regulated है।Platform की current registration और compliance status खुद verify करें।

भारत में USD0 पर Tax कैसे समझें?

भारत में stablecoins भी सामान्यतः Virtual Digital Assets (VDA) के tax framework के अंतर्गत आ सकते हैं।आम तौर पर:

  • VDA gains पर 30% tax + applicable cess/surcharge
  • Transfer पर 1% TDS, जहां applicable हो
  • VDA losses को दूसरे income के साथ set-off नहीं किया जा सकता
  • ऐसे losses को सामान्य रूप से आगे carry forward भी नहीं किया जा सकता

USD0 ecosystem में एक अतिरिक्त complication है।अगर कोई व्यक्ति:USD0 → USD0++ → USUALजैसी transactions करता है, तो हर transaction का tax treatment अलग से देखना पड़ सकता है।Reward के रूप में मिले USUAL tokens की value और बाद में उनकी sale का tax calculation भी अलग हो सकता है।इसलिए detailed transactions के लिए tax professional से सलाह लेना बेहतर है।

USD0 और DeFi Scams से कैसे बचें?

Stablecoin के नाम पर Telegram, WhatsApp या social media पर 15–20% guaranteed return जैसी offers दिखाई दें तो सावधान रहें।कोई भी व्यक्ति अगर:

  • seed phrase मांगता है
  • private key मांगता है
  • guaranteed profit का दावा करता है
  • fake staking website भेजता है
  • “आपका पैसा recover करवा देंगे” कहकर पहले fee मांगता है

तो यह बड़ा red flag है।किसी contract पर पैसा भेजने से पहले blockchain, contract address और official source verify करें।Cyber fraud होने पर 1930 या सरकारी cybercrime reporting system का इस्तेमाल करें। Recovery service के नाम पर आने वाले लोगों से भी सावधान रहें।

USD0 की Quarterly Monitoring Checklist

USD0 ecosystem को समय-समय पर समझने के लिए इन पांच चीजों पर नजर रखें।

1. USD0 और USD0++ का Price Behavior

USD0 का $1 से deviation और USD0++ का market price अलग-अलग देखें।दोनों को एक जैसा stablecoin न मानें।

2. Reserve Quality

देखें कि reserves में कौन-सी assets हैं और उनके बारे में disclosure कितना नियमित है।

3. Redemption Rules में बदलाव

किसी भी नए governance proposal या redemption rule change को ध्यान से पढ़ें।USD0 family में यह सबसे महत्वपूर्ण monitoring point है।

4. USUAL Rewards और उसका Price

कितने USUAL tokens distribute हो रहे हैं और उनका market price क्या है, दोनों देखें।सिर्फ reward percentage देखकर फैसला न करें।

5. Competition और Deposit Growth

दूसरे RWA stablecoins और yield products की तुलना में USD0 का adoption और deposits कैसे बदल रहे हैं, यह देखें।

Yield-Bearing Stablecoins की Competition में USD0 कहां खड़ा है?

Stablecoin market में अब कई अलग-अलग models मौजूद हैं।कुछ बड़े issuers reserves से मिलने वाली income अपने पास रखते हैं।कुछ products Treasury assets को tokenized करके investors को exposure देते हैं।कुछ decentralized stablecoins collateral लेकर token बनाते हैं।और कुछ products users को protocol token के रूप में rewards देते हैं।Usual का अलग approach यह रहा है कि protocol की economic value को users के साथ share करने की कोशिश की जाए।

Usual का सबसे बड़ा दांव: Token Distribution Model

Usual की एक प्रमुख कहानी यह रही है कि protocol से बनने वाली value का हिस्सा users को दिया जाए।USD0++ holders को USUAL rewards मिलने से शुरुआती growth को incentive मिल सकता है।लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण सवाल है:क्या लोग product का इस्तेमाल इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वह वास्तव में उपयोगी है, या इसलिए क्योंकि rewards मिल रहे हैं?अगर incentives कम हो जाएं और deposits फिर भी बने रहें, तो यह ज्यादा मजबूत adoption का संकेत होगा।

USUAL Rewards का असली Value Risk क्या है?

मान लीजिए किसी user को USUAL tokens के रूप में reward मिलता है।अगर USUAL का market price गिर जाता है, तो reward की वास्तविक value भी गिर सकती है।इसलिए:“10% token reward” और “10% guaranteed return” एक ही चीज नहीं हैं।Reward token का अपना supply, demand और price cycle होता है।

USD0++ को DeFi में Collateral के रूप में इस्तेमाल करने का Risk

USD0++ की सबसे महत्वपूर्ण समस्याओं में से एक यह थी कि market में इसे लगभग $1 के आसपास value किया जा सकता था और इसे DeFi में collateral के रूप में भी इस्तेमाल किया जा रहा था।जब इसकी price और redemption conditions में अंतर सामने आया, तो lending platforms को भी सवालों का सामना करना पड़ा।उदाहरण के लिए:

  • Oracle किस price को सही माने?
  • Market price या redemption floor?
  • Liquidation किस price पर हो?
  • Collateral का haircut कितना होना चाहिए?
  • Liquidity pool में अचानक imbalance आने पर क्या होगा?

इससे एक बड़ा lesson मिलता है:Collateral के रूप में इस्तेमाल होने वाली asset की वास्तविक redemption conditions समझना जरूरी है।

DeFi Lending में Collateral की कमजोरी User तक पहुंच सकती है

अगर किसी lending protocol में risky या condition-based token को collateral के रूप में स्वीकार किया जाता है, तो उस token की समस्या lending protocol के users को भी प्रभावित कर सकती है।इसलिए DeFi में पैसा जमा करने से पहले सिर्फ APY न देखें।यह भी देखें:

  • कौन-कौन से tokens collateral के रूप में स्वीकार किए जाते हैं?
  • उनके लिए कितना haircut है?
  • Oracle कौन-सा price इस्तेमाल करता है?
  • Liquidation rules क्या हैं?
  • Liquidity कितनी है?

आपकी deposit की safety कई बार उस protocol की सबसे कमजोर collateral asset पर निर्भर हो सकती है।

USDtb, OUSG, GHO और USD0 में क्या अंतर है?

इन चार models को आसान भाषा में इस तरह समझा जा सकता है:

Product

मुख्य तरीका

मुख्य सवाल

USDtb

Institutional-style reserve/yield structure

Reserve और yield कैसे काम करते हैं?

OUSG

Tokenized fund/NAV structure

Asset value और eligibility कैसे तय होती है?

GHO

Collateral लेकर stablecoin बनाना

Collateral और borrowing rate कैसे control होते हैं?

USD0 Family

Stablecoin + bond-like token + reward token

Redemption conditions और reward structure क्या है?

इनमें कोई एक model हर user के लिए automatically बेहतर नहीं है।

हर model की अपनी conditions, risks और trade-offs हैं।

Stablecoin में फैसला एक बार नहीं, बार-बार जांचना चाहिए

Stablecoin और RWA products की conditions समय के साथ बदल सकती हैं।Regulation बदल सकता है, interest rates बदल सकती हैं, governance proposals आ सकते हैं और product structure भी बदल सकता है।इसलिए किसी product को खरीदने के बाद सिर्फ पुराने analysis पर निर्भर न रहें।हर कुछ समय में उसके reserves, redemption rules, governance और reward structure को दोबारा check करें।

USD0 Family से मिलने वाला सबसे बड़ा Lesson

USD0 की कहानी का सबसे महत्वपूर्ण lesson यह नहीं है कि उसका reserve मजबूत है या उसका price $1 के आसपास है।सबसे महत्वपूर्ण lesson है:“आपका exit किस condition पर होगा?”किसी भी stablecoin या yield product में यह सवाल सबसे पहले पूछा जाना चाहिए।

छह वाक्यों में USD0 की पूरी कहानी

  1. USD0 family में तीन अलग assets हैं: USD0 stablecoin, USD0++ bond-like token और USUAL reward/governance token।
  2. जनवरी 2025 की घटना ने दिखाया कि market price और वास्तविक redemption conditions अलग हो सकती हैं।
  3. USD0++ के लगभग $0.87 redemption floor ने इस difference को साफ कर दिया।
  4. DeFi में इस्तेमाल होने वाली condition-based assets की समस्या lending और liquidity protocols तक पहुंच सकती है।
  5. किसी product को समझने के लिए पांच सवाल पूछें: मैं क्या hold कर रहा हूं, exit कैसे होगा, rules कौन बदल सकता है, reward कहां से आता है और ecosystem में कौन-कौन से दूसरे tokens जुड़े हैं।
  6. भारत में USD0 जैसे assets से जुड़े transactions में VDA tax, TDS और crypto-to-crypto transactions की tax complexity को ध्यान में रखना जरूरी है।

जरूरी शब्द आसान भाषा में

Bond-like Token: ऐसा token जिसकी structure bond जैसी हो और जिसमें lock-in या redemption conditions हों।

Redemption Floor: वह न्यूनतम price जिस पर protocol किसी asset को तत्काल redeem करने की अनुमति देता है।

Terms Risk: Product की conditions बदलने या उनकी interpretation से पैदा होने वाला risk।

Emission Reward: नए protocol tokens जारी करके दिया जाने वाला reward।

Contagion Risk: एक token या product की समस्या का दूसरे जुड़े products पर फैलना।

Liquidity: किसी asset को जल्दी और कम price impact के साथ बेचने की क्षमता।

Collateral: ऐसा asset जिसे loan लेने के लिए security के रूप में रखा जाता है।

RWA: Real-World Assets, यानी real-world financial assets जैसे Treasury bills या अन्य securities को blockchain पर token के रूप में represent करना।

जरूरी Disclaimer

यह लेख केवल education और information के लिए है। यह investment, legal या tax advice नहीं है और किसी protocol, company या token की recommendation नहीं करता।USD0, USD0++ और USUAL की conditions समय के साथ बदल सकती हैं। इसलिए किसी भी transaction से पहले official documentation, current redemption rules और platform की स्थिति खुद verify करें।Stablecoins और bond-like crypto products risk-free नहीं हैं। इनमें peg risk, redemption risk, governance risk, smart-contract risk, liquidity risk और token-price risk हो सकता है। मूलधन का नुकसान संभव है।भारत में VDA taxation लागू हो सकता है। सामान्य VDA framework में gains पर 30% tax और applicable cess/surcharge तथा applicable transfers पर 1% TDS जैसे नियम शामिल हैं। VDA losses के set-off और carry-forward पर भी restrictions हैं। वास्तविक transaction के अनुसार tax treatment अलग हो सकता है, इसलिए tax professional से सलाह लें।किसी भी crypto platform का इस्तेमाल करने से पहले उसकी current regulatory/compliance स्थिति verify करें। Scam की स्थिति में 1930 या सरकारी cybercrime reporting system का उपयोग करें। किसी भी “recovery service” को advance payment देने से पहले विशेष सावधानी बरतें।


 

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faq अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब यहाँ पाएँ और समझें कि सब कुछ कैसे काम करता है।

USD0, Usual Labs का RWA-backed stablecoin है, जो revenue-sharing मॉडल के लिए जाना जाता है।
मौजूदा रेट ऊपर लाइव चार्ट में दिखाया गया है।
USD-INR exchange rate और demand के आधार पर।
tokenized US Treasury Bills, जिनमें BlackRock, Ondo जैसी संस्थाओं के products शामिल हैं।
हाँ, KYC पूरा करके उपलब्ध platform पर USD0 खरीदना कानूनी है।
USD0 का 4-साल locked, yield-generating रूप, जिस पर USUAL token rewards मिलते हैं।
Trading, DeFi lending और payments में।
Usual Labs ने, Pierre Person और Adli Takkal Bataille के नेतृत्व में, 2024 में।
Usual Protocol का governance token, जो protocol revenue से जुड़ा है।
ऊपर stats table में ताज़ा आंकड़ा दिखाया गया है।
MetaMask जैसे Ethereum-compatible wallet में।
USD0 अपना revenue holders में बांटता है, जबकि USDT/USDC में यह जारीकर्ता के पास रहता है।
smart contract risk, collateral concentration और protocol-specific mechanisms (jैसे PAR) की जटिलता।
एक्सचेंज/DEX trading fee और लागू टैक्स नियम लागू होते हैं।