आजकल ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट और Cryptocurrency के नाम पर लोगों को तेजी से ठगा जा रहा है। ऐसा ही एक बड़ा मामला Sea Prime Capital से जुड़ा सामने आया है। अप्रैल 2026 में UP STF ने इस कंपनी के मास्टरमाइंड Jatindra Ram को गिरफ्तार किया। रिपोर्ट्स के अनुसार इस कंपनी ने लोगों को USDT और Forex Trading में भारी मुनाफे का लालच देकर करीब ₹700 - 800 करोड़ की ठगी की।
यहीं नहीं इसने MT-5 जैसे Unauthorized Trading App पर Fake Profits दिखाकर हजारों लोगों को इन्वेस्टमेंट करवाया। अगर आपने भी इस कंपनी में पैसे लगाए हैं, तो घबराने की बजाय तुरंत सही कदम उठाना बेहद ज़रूरी है। आइए जानते हैं कि आपको अब क्या करना चाहिए।
अगर आप Sea Prime Capital के शिकार हुए हैं, तो सबसे पहले तुरंत National Cybercrime Reporting Portal पर शिकायत दर्ज करें। इसके लिए cybercrime.gov.in वेबसाइट पर जाएं और Financial Fraud कैटेगरी चुनें।
शिकायत में निवेश की पूरी जानकारी दें जैसे कितना पैसा लगाया, कब ट्रांजैक्शन किया, किस एजेंट ने आपको जोड़ा और किस app या वेबसाइट का इस्तेमाल हुआ। शिकायत दर्ज होने के बाद मिलने वाला acknowledgment number सुरक्षित रखें। जरूरत पड़ने पर आप Cyber Helpline 1930 पर भी कॉल कर सकते हैं।
Source: Official Website
Sea Prime Capital किसी भी तरह से SEBI में Registered नहीं था। यही इस पूरे मामले की सबसे बड़ी चेतावनी थी। इसलिए आपको SEBI की SCORES वेबसाइट पर जाकर कंपनी के खिलाफ शिकायत करनी चाहिए।
अगर आपने Forex Trading या Crypto currency के माध्यम से पैसा भेजा है तो RBI Ombudsman को भी इसकी जानकारी दें। इससे सरकारी एजेंसियों के पास स्कैम का आधिकारिक रिकॉर्ड बनता है और आगे की जांच में मदद मिलती है। साथ ही दूसरे लोग भी ऐसे फ्रॉड से सतर्क हो सकते हैं।
Fraud से जुड़े हर सबूत को सुरक्षित रखना बहुत जरूरी है। इसमें bank transaction statements, investment receipts, MT-5 app के screenshots, fake profit दिखाने वाले फोटो, WhatsApp या Telegram chats और agent के नंबर शामिल होते हैं।
अगर आपने KYC Documents शेयर किए हैं, तो उनकी कॉपी भी संभालकर रखें। ये सभी documents आगे FIR, court case या रिकवरी प्रोसेस में बहुत काम आएंगे। किसी भी message, screenshot या transaction proof को Delete बिल्कुल न करें।
Online Complaint करने के बाद अपने नजदीकी Police Station में जाकर FIR दर्ज कराना भी जरूरी है। पुलिस को साफ बताएं कि आप Sea Prime Capital scam के शिकार हुए हैं और इस मामले में UP STF पहले से जांच कर रही है।
FIR में इन्वेस्टमेंट अमाउंट, transaction details और available evidence जरूर शामिल करें। अगर पुलिस FIR दर्ज करने से मना करे तो Superintendent of Police को written application दें। जरूरत पड़ने पर किसी cyber law advocate की मदद लेना भी आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
Sea Prime Capital जैसा fraud यह दर्शाता है कि, बिना जांच-पड़ताल किए किसी भी investment scheme पर भरोसा करना कितना खतरनाक हो सकता है। अगर आप इस स्कैम के शिकार हुए हैं तो डरने या चुप रहने की बजाय तुरंत कानूनी और डिजिटल कार्रवाई करें। सही समय पर Complaint, FIR और documents तैयार रखने से जांच एजेंसियों को मदद मिलेगी और भविष्य में आपके पैसे वापस मिलने की संभावना भी बढ़ सकती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सार्वजनिक रिपोर्ट्स, पीड़ितों की शिकायतों और media sources पर आधारित है। Jatindra Ram व अन्य नामित व्यक्तियों के खिलाफ मामला जांच के अधीन है। इन्हें तब तक आरोपी ही माना जाए जब तक अदालत में दोष सिद्ध न हो।
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