महत्वपूर्ण निवेश चेतावनी (YMYL Disclaimer): यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए। Interlink Network का ITLG टोकन अभी तक किसी भी प्रमुख एक्सचेंज पर लिस्ट नहीं हुआ है और इसका कोई आधिकारिक बाज़ार मूल्य मौजूद नहीं है। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश अत्यधिक जोखिम भरा है, विशेष रूप से ऐसे टोकन जो अभी लॉन्च-पूर्व चरण में हैं। कोई भी निर्णय लेने से पहले अपनी स्वतंत्र रिसर्च (DYOR) करें और वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।
पिछले कुछ महीनों से "Interlink Network launch date" और "ITLG coin price in India" जैसे सर्च टर्म भारतीय क्रिप्टो कम्युनिटी में लगातार ट्रेंड कर रहे हैं। मोबाइल-माइनिंग मॉडल और ह्यूमन वेरिफिकेशन कॉन्सेप्ट के दम पर करोड़ों यूज़र्स जोड़ चुका यह प्रोजेक्ट अब अपने "Interlink Network Private Mainnet" रोलआउट और आने वाले Token Generation Event (TGE) को लेकर सुर्खियों में है।
इस लेख में हम नवीनतम अपडेट, टोकनॉमिक्स और भारतीय निवेशकों के नज़रिए से एक रियलिस्टिक प्राइस आउटलुक पर विस्तार से बात करेंगे।
Interlink Network एक "human-centric" ब्लॉकचेन प्रोजेक्ट है जो Proof of Personhood (PoP) कंसेंसस मॉडल पर आधारित है। इसका मकसद बॉट्स और फेक अकाउंट्स के बजाय सिर्फ वेरिफाइड इंसानों को नेटवर्क में शामिल करना है। यूज़र्स फेस वेरिफिकेशन के ज़रिए अपनी पहचान साबित करते हैं और हर 4 घंटे में ऐप के अंदर "Human Node" के रूप में ITLG टोकन माइन करते हैं — बिना किसी महंगे माइनिंग हार्डवेयर के। यह प्रोजेक्ट मार्च 2025 में लॉन्च हुआ था और अब तक 9 मिलियन से ज़्यादा यूज़र्स जोड़ चुका है।

Source: X Post
Interlink Network की सबसे बड़ी हालिया खबर है इसका Private Mainnet रोलआउट, जिसे प्रोजेक्ट के Chairman "KV" ने पब्लिक स्टेटमेंट के ज़रिए कन्फर्म किया है। कुछ मुख्य बिंदु:
यह Private Mainnet एक प्रोडक्शन-रेडी Layer-1 ब्लॉकचेन है, जिसे कंपनी "decentralized blockchain network built for humans" बता रही है — यानी यह सिर्फ टेस्टनेट नहीं बल्कि असली आइडेंटिटी वेरिफिकेशन, ट्रांजेक्शन और पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बनाया गया है।
शुरुआती लक्ष्य लगभग 10,000 पेमेंट पॉइंट्स तक पेमेंट-फोकस्ड इंफ्रास्ट्रक्चर को स्केल करना है।
ITLG से ITL में डायरेक्ट माइग्रेशन के लिए KYC को अनिवार्य कर दिया गया है। जिन यूज़र्स ने डेडलाइन से पहले वेरिफिकेशन पूरा किया, उन्हें प्राथमिकता मिलेगी; बाकी यूज़र्स V5 लॉन्च के बाद OTC मार्केट्स के ज़रिए ITL तक पहुंच पा सकते हैं।
सभी टोकनों को Private Mainnet इकोसिस्टम में एंट्री से पहले AML और कंप्लायंस चेक से गुज़रना होगा।
Foundation ने साफ कहा है कि पूरे Private Mainnet फेज़ के दौरान वह कोई भी टोकन नहीं बेचेगा, और दावा किया है कि उनके पास टोकन सेल पर निर्भर हुए बिना कम से कम 5 साल तक ऑपरेशन चलाने के लिए पर्याप्त फंडिंग मौजूद है।
इससे पहले ऐप के Version 4.0.5 अपडेट में ITLG क्लेम और मैंडेटरी वेरिफिकेशन प्रोसेस लाइव किया गया था, जिसमें सोशल अकाउंट लिंकिंग, इन-ऐप न्यूज़ सेक्शन और InterLink Visa Card जैसे फीचर्स भी जोड़े गए। यह अपडेट 4.x सीरीज़ का आखिरी वर्ज़न था, जिसके बाद Version 5.0 आना है जो माइग्रेशन और वेरिफिकेशन फ्रेमवर्क को पूरा करेगा।
ITLG की TGE (Token Generation Event) डेट को लेकर कई बार बदलाव हो चुका है:
कंपनी के मुताबिक, यह डिले जानबूझकर मज़बूत मार्केट कंडीशन में लॉन्च करने की रणनीति का हिस्सा है, न कि किसी तकनीकी समस्या का नतीजा। हालांकि, अभी तक कोई फाइनल TGE डेट या एक्सचेंज लिस्टिंग की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। व्हाइटपेपर के मुताबिक, फाइनल लिस्टिंग डेट का फैसला $ITLG होल्डर्स की वोटिंग से इंटरलिंक DAO के ज़रिए किया जाएगा।
भारत के लिए Interlink Network launch date ग्लोबल टाइमलाइन से अलग नहीं होगी — क्रिप्टो TGE इवेंट्स आमतौर पर पूरी दुनिया में एक साथ होते हैं, इसलिए भारतीय यूज़र्स को किसी अलग लॉन्च शेड्यूल की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
Interlink का डुअल-टोकन मॉडल दो अलग-अलग एसेट्स पर आधारित है:
केवल वेरिफाइड इंसानों द्वारा माइनिंग के ज़रिए अर्जित किया जाता है
InterLink DAO में गवर्नेंस वोटिंग पावर देता है
कम्युनिटी ग्रोथ और भविष्य में डीसेंट्रलाइज़्ड पेमेंट लेयर के लिए इस्तेमाल होगा
कंपनी के अनुसार लगभग 80% एलोकेशन कम्युनिटी को मिलता है, जिससे VC डंपिंग का जोखिम कम होता है
100 Halving Events: समय के साथ सप्लाई धीरे-धीरे घटाई जाएगी
Burn Mechanism: निष्क्रिय और अनवेरिफाइड बैलेंस सर्कुलेशन से हटाए जाते हैं
Vesting: बड़े होल्डर्स के लिए लॉक-अप पीरियड 180 महीनों (15 साल) तक जा सकता है — जितने ज़्यादा टोकन, उतना लंबा लॉक-अप
टोटल सप्लाई फिक्स: 10 अरब (10 Billion) टोकन — व्हाइटपेपर के अनुसार यह कभी नहीं बदला
इंस्टीट्यूशनल पार्टनर्स, फंड्स और इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेयर्स के लिए डिज़ाइन किया गया
भविष्य में स्टॉक एक्सचेंज लिस्टिंग/पब्लिक ऑफरिंग से जुड़ने की योजना
Hold-to-Earn मॉडल: 50% ($ITL का 5 अरब टोकन) $ITLG होल्डर्स को बिना ट्रेडिंग के इनाम के तौर पर मिलेगा; बाकी 50% ट्रेज़री एंटिटीज़ द्वारा OTC ट्रांजेक्शन के ज़रिए इंस्टीट्यूशनल एक्सेस के लिए रखा गया है
लिस्टिंग प्लान: दोनों टोकन एक साथ ट्रेडिंग पेयर $ITLG/USDT और $ITL/USDT के रूप में लिस्ट होने की योजना है, जिसमें Tier-1 एक्सचेंज पार्टनरशिप शामिल हो सकती है (अभी अपडेट होना बाकी है)।
ध्यान दें: प्रोजेक्ट के कुछ पब्लिक स्रोतों में ITLG की टोटल सप्लाई को लेकर अलग-अलग आंकड़े (जैसे 100 अरब) सामने आए हैं, जबकि आधिकारिक व्हाइटपेपर सिर्फ $ITL की 10 अरब फिक्स्ड सप्लाई की पुष्टि करता है। ITLG सप्लाई डेटा पार्टनर्स और इन्वेस्टर्स के साथ शेयर की गई बताई जाती है, लेकिन इसका पूरा ब्रेकडाउन अभी सार्वजनिक रूप से पूरी तरह स्पष्ट नहीं है — इसलिए निवेश से पहले आधिकारिक व्हाइटपेपर ज़रूर पढ़ें।
चूंकि ITLG अभी तक CoinGecko, CoinMarketCap या किसी बड़े एक्सचेंज पर लिस्ट नहीं हुआ है, इसलिए कोई भी प्राइस अनुमान पूरी तरह से स्पेक्युलेटिव है। अलग-अलग क्रिप्टो एनालिस्ट्स के अनुमान भी काफी अलग-अलग हैं — कुछ DePIN/आइडेंटिटी सेक्टर के तुलनीय प्रोजेक्ट्स के आधार पर बहुत कम शुरुआती दाम बता रहे हैं, तो कुछ ज़्यादा आक्रामक रेंज का अनुमान लगा रहे हैं। नीचे तीन संभावित परिदृश्य (scenario-based) दिए गए हैं, न कि कोई निश्चित प्राइस टारगेट:
(₹1 USD ≈ ₹83-85 के आसपास मान लिया गया है; वास्तविक विनिमय दर अलग हो सकती है। ये आंकड़े केवल इलस्ट्रेशन के लिए हैं, कोई गारंटी नहीं है।)
ध्यान रखने वाली बातें:
अभी तक कोई आधिकारिक एक्सचेंज पार्टनरशिप अनाउंस नहीं हुई है
चूंकि 100 बिलियन तक सप्लाई की चर्चा हुई है (हालांकि अनकन्फर्म्ड), हाई सप्लाई वाले टोकन आमतौर पर कम यूनिट प्राइस पर ट्रेड करते हैं
वेस्टिंग शेड्यूल (180 महीने तक) शुरुआती बिकवाली दबाव को सीमित कर सकता है, जो प्राइस स्टेबिलिटी के लिए सकारात्मक फैक्टर हो सकता है
लॉन्च टाइमिंग (बुल/बेयर मार्केट साइकिल) फाइनल प्राइस डिस्कवरी पर बड़ा असर डालेगी
अगर भविष्य में ITLG टोकन लिस्ट होता है और आप भारत से ट्रेडिंग या माइनिंग रिवॉर्ड्स क्लेम करते हैं, तो ध्यान रखें:
Section 115BBH: क्रिप्टो एसेट्स से होने वाले सभी गेन्स पर फ्लैट 30% टैक्स लगता है, चाहे होल्डिंग पीरियड कुछ भी हो। इसमें किसी भी तरह की छूट (basic exemption) या नुकसान की भरपाई (loss set-off) की अनुमति नहीं है।
Section 194S: क्रिप्टो ट्रांसफर पर 1% TDS लागू होता है, जो हर ट्रांजेक्शन पर एक्सचेंज या पेयर द्वारा काटा जाता है।
माइनिंग/एयरड्रॉप के ज़रिए मिलने वाले ITLG टोकन को भी रिसीट के समय Fair Market Value पर "Income from Other Sources" के रूप में टैक्सेबल माना जा सकता है — इस पर टैक्स एक्सपर्ट से सलाह लेना बेहतर रहेगा।
Interlink Network अभी अपने सबसे महत्वपूर्ण फेज़ में है — Private Mainnet रोलआउट, मैंडेटरी वेरिफिकेशन और आने वाला TGE इस प्रोजेक्ट को "फ्री माइनिंग ऐप" से एक बड़े ब्लॉकचेन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में बदलने की कोशिश दिखाते हैं।
लेकिन जब तक आधिकारिक एक्सचेंज लिस्टिंग और कन्फर्म्ड मार्केट प्राइस नहीं आ जाता, तब तक ITLG को लेकर हर तरह का प्राइस अनुमान पूरी तरह अटकल पर आधारित है। भारतीय निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे केवल आधिकारिक चैनलों से अपडेट लें, अनवेरिफाइड थर्ड-पार्टी लिंक से बचें, और किसी भी फैसले से पहले पूरी रिसर्च करें।
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डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल शैक्षणिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यह वित्तीय, निवेश या कानूनी सलाह नहीं है। क्रिप्टोकरेंसी अत्यधिक अस्थिर (volatile) एसेट क्लास है और आप अपनी पूरी पूंजी खो सकते हैं। CryptoHindiNews किसी भी वित्तीय नुकसान के लिए ज़िम्मेदार नहीं है। निवेश से पहले अपनी रिसर्च (DYOR) करें और SEBI-रजिस्टर्ड वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।
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