April Crypto Hacks, $606M Loss ने बढ़ाई सुरक्षा की चिंता

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April Crypto Hacks, $606M Loss

April Crypto Hack Report, Investors के लिए बड़ा Alert


अप्रैल 2026 में Crypto Hacks बढ़ने से इन्वेस्टर्स की चिंता बढ़ गई है। सिर्फ 18 दिनों में करीब $606 Million की चोरी हो चुकी है, जो 12 अलग-अलग घटनाओं से जुड़ी है। इस वजह से यह महीना सिक्योरिटी के लिहाज से काफी खराब माना जा रहा है। इन Hacks में सिर्फ Exchange Hack नहीं, बल्कि DeFi Exploits, Wallet Hack, Phishing Scams, Bridge Attacks और Smart Contract Bugs भी शामिल हैं। इसलिए रिस्क और ज्यादा बढ़ गया है और इन्वेस्टर्स सतर्क हो गए हैं।


April Crypto Hack Report



तारीख

प्रोटोकॉल

चेन

नुकसान

हमले का प्रकार

1 अप्रैल

Drift Protocol

Solana

$285M

ऑरेकल में हेरफेर

3 अप्रैल

ZetaBridge

Ethereum / Arbitrum

$8.1M

स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट की कमी

5 अप्रैल

PulseVault

PulseChain

$3.4M

फ्लैश लोन अटैक

6 अप्रैल

AeroSwap

Base

$1.7M

री-एंट्रेंसी हमला

7 अप्रैल

NodeFi

Avalanche

$2.3M

प्राइवेट की लीक

9 अप्रैल

LendHub v3

BSC

$1.2M

प्राइस ऑरेकल में हेरफेर

11 अप्रैल

CrestDAO

Ethereum

$4.8M

गवर्नेंस एक्सप्लॉइट

13 अप्रैल

SolPay Bridge

Solana

$0.9M

सिग्नेचर वेरिफिकेशन में कमी

14 अप्रैल

VaultX

Polygon

$2.1M

एक्सेस कंट्रोल की कमी

16 अप्रैल

BridgeNet

Optimism

$3.5M

वेलिडेटर की लीक

17 अप्रैल

StakePool Pro

Ethereum

$1.0M

विदड्रॉल लॉजिक बग

18 अप्रैल

Kelp (rsETH bridge)

Ethereum

$292M

ब्रिज कॉन्ट्रैक्ट एक्सप्लॉइट



$606M Crypto Hack Loss का क्या मतलब है?


$606M का नुकसान यह दिखाता है कि क्रिप्टो में अभी भी सिक्योरिटी का खतरा काफी बड़ा है। रिपोर्ट्स के अनुसार KelpDAO और Drift Protocol जैसे बड़े Hacks ने इस नुकसान का बढ़ा दिया । इसका मतलब है कि कुछ DeFi प्लेटफार्म, Bridges और Wallets में अभी भी सुरक्षा कमजोर है या टेक्निकल रिस्क ज्यादा है। यानी क्रिप्टो मार्केट में निवेश करते समय सिक्योरिटी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।


DeFi Platforms Hackers के निशाने पर क्यों हैं?


DeFi Platforms स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट कोड पर चलते हैं। अगर इस कोड में कोई गलती रह जाए, तो हेकर्स इसका फायदा उठा सकते हैं। DeFi में अक्सर बहुत ज्यादा फंड एक जगह जमा होते हैं, इसलिए ये हेकर्स के लिए आसान टारगेट बन जाते हैं। Bridge, Oracle या Permission की छोटी गलती भी बड़ा नुकसान करवा सकती है। खासकर क्रॉस -चैन और Restaking Platforms में रिस्क और बढ़ जाता है, क्योंकि एक कमजोरी कई नेटवर्क को प्रभावित करती है।


सबसे आम Crypto Hack तरीके


  • फिशिंग लिंक: नकली वेबसाइट या मैसेज के जरिए पासवर्ड या सीड फ्रेज चुरा लेना

  • फर्जी एयरड्रॉप: मुफ्त टोकन देने के नाम पर वॉलेट कनेक्ट करवाना

  • वॉलेट ड्रेनर साइट: अनुमति मिलते ही वॉलेट से पैसे निकाल लेना

  • प्राइवेट की चोरी: मोबाइल या कंप्यूटर में वायरस के जरिए की चुरा लेना

  • ब्रिज हैक: अलग-अलग नेटवर्क के बीच ट्रांसफर में कमी का फायदा उठाना

  • स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट गलती: कोड की गलती से पैसे निकल जाना

फर्जी सपोर्ट अकाउंट: टेलीग्राम या एक्स पर नकली मदद बनकर लोगों को फंसाना


Investors को कौन सी Red Flags पहचाननी चाहिए?


क्रिप्टो में धोखाधड़ी से बचने के लिए इन्वेस्टर्स को कुछ अहम सिग्नल्स पर ध्यान देना चाहिए, जैसे पक्का प्रॉफिट देने के दावे, जल्दी निर्णय लेने का दबाव, अनजान वॉलेट परमिशन, फर्जी सपोर्ट अकाउंट, कॉपी वेबसाइट और संदिग्ध प्रीसेल पेज। यदि कोई प्रोजेक्ट “100% प्रॉफिट”, “पैसा डबल” या “अभी वॉलेट वेरिफाई करें” जैसे मैसेज देता है, तो यह खतरे का सिग्नल हो सकता है। साथ ही, यह हमेशा याद रखें कि कोई भी असली क्रिप्टो प्रोजेक्ट कभी भी Seed Phrase या Private Key नहीं मांगता।


Crypto Wallet Safety के लिए जरूरी Steps


Crypto Wallet को सुरक्षित रखने के लिए यूजर्स को कुछ आसान लेकिन जरूरी कदम अपनाने चाहिए। लंबे समय के निवेश के लिए Hardware Wallet का उपयोग करना बेहतर होता है। Seed Phrase को कभी भी Online, Email, Screenshot या Cloud में सेव नहीं करना चाहिए। समय-समय पर अनजान परमिशन हटाते रहें और किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले URL जरूर जांच लें। Exchange अकाउंट में मजबूत पासवर्ड और 2FA का इस्तेमाल करें। साथ ही, बड़े फंड को एक ही वॉलेट में रखने की बजाय अलग-अलग वॉलेट में बांटना ज्यादा सुरक्षित रहता है।


CEX और DeFi में रिस्क 


CEX में आपका पैसा प्लेटफॉर्म के पास रहता है। वे सुरक्षा देते हैं, लेकिन आपको अपना पासवर्ड, ईमेल और 2FA सुरक्षित रखना जरूरी है। DeFi में पैसा पूरी तरह आपके नियंत्रण में होता है, लेकिन छोटी गलती से भी पैसा खो सकता है, जैसे गलत कॉन्ट्रैक्ट या नकली लिंक। इसलिए दोनों में अपने-अपने खतरे होते हैं।


भारतीय क्रिप्टो यूज़र्स के लिए जरूरी सावधानियां


भारत में क्रिप्टो यूज़र्स को WhatsApp, Telegram जैसे ग्रुप्स से सावधान रहना चाहिए, जहां नकली निवेश योजनाएं और बड़े प्रॉफिट के झूठे वादे किए जाते हैं। Fake ऐप, सेलिब्रिटी के नकली वीडियो और Presale Scams तेजी से बढ़ रहे हैं। हाल ही में Hyderabad से जुड़े एक केस में वॉलेट से टोकन बिना अनुमति के ट्रांसफर हो गए, जिसका कारण Private Key लीक या Phishing माना गया।


इससे बचने के लिए:


  • अपनी Private Key किसी के साथ शेयर न करें।

  • सुरक्षित वॉलेट जैसे Hardware Wallet का उपयोग करें।

  • किसी भी अनजान लिंक या ऐप पर भरोसा न करें।

  • बेवजह दिए गए परमिशन को हटा दें।

  • सही सावधानी ही आपके फंड को सुरक्षित रख सकती है।



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कन्क्लूजन


April Crypto Hacks का $606M पार जाना इन्वेस्टर्स के लिए एक बड़ी चेतावनी है। Crypto में प्रॉफिट के मौके जरूर हैं, लेकिन बिना सुरक्षा के रिस्क बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। इसलिए निवेश करते समय जल्दबाजी या Hype में फैसला न लें। किसी भी प्लेटफार्म, प्रीसेल या वॉलेट लिंक पर भरोसा करने से पहले उसकी पूरी जांच करें। सही जानकारी और सावधानी ही आपके फंड को सुरक्षित रख सकती है।


डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। यह किसी भी प्रकार की निवेश सलाह नहीं है।

लेखक परिचय
Bhumi Malviya Hindi News Writer

Bhumi Malviya एक अनुभवी Crypto और Blockchain Journalist हैं, जो Present में CryptoHindiNews.in से जुड़ी हुई हैं। मीडिया और कम्युनिकेशन इंडस्ट्री में 5+ वर्षों के अनुभव के साथ, उन्होंने Anchor और Content Presenter के रूप में विभिन्न डिजिटल और मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर काम किया है। Web3, DeFi, NFTs और Blockchain Technology जैसे जटिल विषयों को सरल, स्पष्ट और विश्वसनीय भाषा में प्रस्तुत करना उनकी विशेषज्ञता है। Bhumi की लेखन शैली SEO-optimized, data-driven और reader-focused है। वह ऐसा कंटेंट तैयार करती हैं जो न केवल सूचनात्मक और भरोसेमंद हो, बल्कि Google Discover और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी बेहतर प्रदर्शन कर सके।

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April 2026 में DeFi exploits, bridge attacks, phishing scams और smart contract bugs की वजह से hacks तेजी से बढ़े। कई platforms में security कमजोरियां सामने आईं।
यह दिखाता है कि crypto market में अभी भी security risk बहुत बड़ा है और investors को बिना जांच के निवेश नहीं करना चाहिए।
DeFi platforms smart contract code पर चलते हैं। अगर code में कोई गलती हो तो hackers उसका फायदा उठा सकते हैं और बड़े funds एक जगह होने से ये आसान target बन जाते हैं।
Unknown links से दूर रहें, seed phrase या private key कभी शेयर न करें, fake apps और phishing messages से सावधान रहें और किसी भी platform को verify करके ही use करें।
Hardware wallet का उपयोग करें, strong password और 2FA लगाएं, seed phrase को offline सुरक्षित रखें और unnecessary permissions को समय-समय पर हटाएं।