Coinbase Phishing Scam: Chirag Tomar समेत कई आरोपियों पर ED का शिकंजा
Coinbase Phishing Scam: Chirag Tomar समेत कई आरोपियों पर शिकंजा
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े एक बड़े फिशिंग घोटाले में, सख्त कार्रवाई करते हुए Chirag Tomar और अन्य आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत Prosecution Complaint दायर की है। यह मामला अमेरिका स्थित क्रिप्टो एक्सचेंज Coinbase से जुड़ी फर्जी वेबसाइटों के माध्यम से किए गए Cyber Fraud से संबंधित है, जिसमें सैकड़ों इन्वेस्टर्स को निशाना बनाकर करोड़ों डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी ठगी की गई।
जांच एजेंसियों के अनुसार,Coinbase phishing scam एक संगठित और तकनीकी रूप से Sophisticated Phishing Scam था। जिसमें फर्जी डोमेन और Social engineering techniques के माध्यम से यूजर्स के लॉगिन डाटा और 2-फैक्टर ऑथेंटिकेशन कोड हासिल किए गए। इसके बाद चोरी की गई डिजिटल संपत्तियों को अलग-अलग वॉलेट्स में ट्रांसफर कर, उन्हें ट्रेस करना मुश्किल बना दिया गया।
Source: X Account
Coinbase phishing scam की कार्यप्रणाली और फर्जीवाड़ा
जांच में सामने आया है कि, इस Coinbase Phishing Scam में आरोपियों ने जून 2021 से एक सुनियोजित तरीके से Coinbase Pro जैसी असली वेबसाइट की नकली कॉपी तैयार की। असली डोमेन pro.coinbase.com की जगह coinbasepro.com जैसे मिलते-जुलते URL बनाकर यूजर्स को फंसाया। जैसे ही लोग Login Credentials दर्ज करते, आरोपी उनके अकाउंट्स पर पूरी तरह नियंत्रण कर लेते थे।
कुछ मामलों में आरोपियों ने फर्जी कस्टमर सपोर्ट बनकर लोगों को कॉल किया और रिमोट डेस्कटॉप एक्सेस के माध्यम से उनके सिस्टम तक पहुंच बना ली। इसी दौरान 2-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) कोड भी हासिल कर लिए गए, जिससे खातों पर पूरा नियंत्रण मिल गया।
सके बाद चोरी की गई क्रिप्टोकरेंसी को तुरंत कई अलग-अलग Digital Wallets में भेज दिया जाता था, ताकि उसका पता लगाना मुश्किल हो जाए। US court के दस्तावेजों के मुताबिक, इस Coinbase phishing scam में कम से कम 542 लोगों को शिकार बनाया गया है। इस पूरे घोटाले में करीब $20 M यानी लगभग 170 करोड़ रुपये से ज्यादा की क्रिप्टो की चोरी हुई है।
Coinbase Phishing Scam: ED की जांच और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन
ED की जांच में सामने आया कि, यह पूरा नेटवर्क International Baccalaureate पर फैला हुआ था। इस मामले में मुख्य आरोपी Chirag Tomar को दिसंबर 2023 में अमेरिका में गिरफ्तार किया गया और बाद में उसे 60 महीने की सजा भी सुनाई गई।
ED ने अमेरिकी जांच एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर अपनी जांच को आगे बढ़ाया। जिसमें पाया गया कि, चोरी किए गए क्रिप्टो फंड्स को अलग-अलग Digital Wallets के माध्यम से भारत में भेजा गया। इस पूरे नेटवर्क में कई सहयोगियों और कंपनियों की भूमिका भी पाई गई, जिनकी जांच अभी जारी है।
Coinbase Phishing Scam, संपत्ति अटैचमेंट और कानूनी कार्रवाई
ED की जांच के अनुसार, इस घोटाले से कमाए गए पैसे को आरोपियों ने अपने परिवार के सदस्यों और करीबी सहयोगियों के नाम पर संपत्तियों में निवेश किया। इनमें दिल्ली और अन्य जगहों पर खरीदी गई कई Real Estate Property शामिल हैं। जांच एजेंसी ने अब तक करीब 64.55 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को जब्त (attach) किया है। इसके अलावा नवंबर 2025 में ही 21.71 करोड़ रुपये की अतिरिक्त संपत्तियां भी अटैच की गई थीं, जिससे कुल जब्ती और बढ़ गई है।
ED ने Coinbase Phishing Scam मामले में, Chirag Tomar, Pankaj Tomar, Kushagra Shakya, Akash Vaish, Rahul Anand और अन्य आरोपियों के खिलाफ PMLA के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
Expert’s Advice: Cyber security experts के अनुसार, यूजर्स को हमेशा किसी भी URL को ध्यान से चेक करना चाहिए, क्योंकि एक गलत क्लिक बड़ा नुकसान कर सकता है। किसी भी legitimate प्लेटफॉर्म द्वारा कभी भी कॉल करके 2FA कोड या रिमोट एक्सेस नहीं मांगा जाता। Private keys और login credentials किसी के साथ साझा नहीं करने चाहिए।
Coinbase Phishing Scam मामलें में, ED की कार्रवाई यह भी दिखाती है कि दुनिया भर में क्रिप्टो रेगुलेशन को मजबूत किया जा रहा है, जैसे यूरोपीय संघ का MiCA Framework और कुछ अन्य देशों की नई crypto policies। इसका उद्देश्य डिजिटल फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग पर नियंत्रण बढ़ाना है।
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कन्क्लूजन
Coinbase Phishing Scam का मामला यह साबित करता है कि, क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े Cyber crimes किस तरह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित किए जा रहे हैं। ED की कार्रवाई से साफ है कि जांच एजेंसियां अब डिजिटल फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों पर कड़ी नजर रख रही हैं। यह कार्रवाई साइबर अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश मानी जा रही है।
Disclaimer: यह आर्टिकल केवल सूचना और जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी भी प्रकार की कानूनी, Financial investment advice नहीं है। Crypto investment में हाई रिस्क होता है, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले किसी योग्य financial advisor से परामर्श अवश्य लें। लेखक या प्रकाशक किसी भी नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।
