Telegram के संस्थापक और CEO Pavel Durov ने, 16 जून 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि, Reliance Industries से जुड़ी नेटवर्क गतिविधि के कारण BGP hijacking के माध्यम से Telegram की ग्लोबल पहुंच प्रभावित हुई है। जिससे टेलीग्राम की सेवाओं पर असर पड़ा है। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि, इसका प्रभाव सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि UAE समेत कई देशों के यूजर्स भी प्रभावित हुए।
Telegram Ban in India को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं, जहां रिपोर्ट्स के अनुसार परीक्षा सुरक्षा और साइबर निगरानी के तहत NEET UG 2026 री-एग्जाम से पहले सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। जिससे क्रिप्टो कम्युनिटी पर भी प्रभाव देखा जा रहा है, क्योंकि कई यूज़र्स Telegram ग्रुप्स के माध्यम से P2P Trading, signals और अपडेट्स पर निर्भर रहते हैं।
इस दौरन Telegram BGP Hijacking और Telegram Ban in India जैसे विवाद की चर्चाएं और NEET परीक्षा सुरक्षा से जुड़े कदम मिलकर, एक बड़े डिजिटल और रेगुलेटरी बदलाव की तस्वीर पेश करते हैं। जिसका असर शिक्षा, क्रिप्टो और ऑनलाइन कम्युनिटी तीनों पर पड़ सकता है।
Source: X Account
Border Gateway Protocol (BGP) इंटरनेट की रीढ़ माना जाता है, जो यह तय करता है कि, डेटा एक नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क तक कैसे पहुंचेगा। जब कोई नेटवर्क गलत या Unauthorized routing जैसे जानकारी प्रसारित करता है, तो उसे BGP Hijacking कहा जाता है। इससे ट्रैफिक गलत दिशा में जा सकता है या सर्विस बाधित हो सकती है।
Durov के अनुसार, कुछ संदिग्ध रूट अनाउंसमेंट्स के कारण टेलीग्राम के IP प्रीफिक्स प्रभावित हुए है, जिससे ग्लोबल एक्सेस पर असर देखने को मिला। उन्होंने नेटवर्क ऑपरेटर्स से ऐसे Unauthorized routes को ब्लॉक करने की अपील भी की है।
Pavel Durov और Telegram से जुड़े “Telegram BGP Hijacking दावों में कुछ रिपोर्ट्स में Reliance Industries का उल्लेख किया गया है। इस पूरे विवाद का सबसे बड़ा असर फिलहाल Toncoin पर देखने को मिल सकता है। क्योंकि यह सीधे Telegram इकोसिस्टम से जुड़ा है, इसलिए short-term में price volatility या dip की संभावना है। भारत में Telegram-based P2P trading और signals कम्युनिटी भी प्रभावित हो सकती है, जिससे ट्रेडिंग गतिविधियां धीमी पड़ सकती हैं।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब भारत में NEET-UG परीक्षा से जुड़े विवादों के चलते टेलीग्राम पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगाया है। सरकार ने कहा कि कुछ ग्रुप्स प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल पेपर लीक और धोखाधड़ी के लिए कर रहे थे, जिसके चलते यह सख्त कार्रवाई की गई है। Durov ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि, इससे करोड़ों आम यूजर्स प्रभावित हुए है, जबकि असली समस्या करने वाले अन्य प्लेटफॉर्म्स पर शिफ्ट हो गए।
Telegram BGP Hijacking जैसे इस पूरे विवाद ने इंटरनेट गवर्नेंस, नेट न्यूट्रैलिटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा पर नई बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि, BGP सुरक्षा को मजबूत करने के लिए RPKI जैसे सिस्टम को और व्यापक करना जरूरी है।
फिलहाल इस मामले की जांच और पुष्टि की जा रही है, लेकिन इसने एक बार फिर दिखा दिया है कि वैश्विक इंटरनेट सिस्टम कितना संवेदनशील और इंटरकनेक्टेड है, और इसके प्रभावित होने से आज के समय में टेक्नोलॉजी का एक बड़ा हिस्सा प्रभावित हो सकता है।
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फिलहाल Pavel Durov और Telegram से जुड़े, Telegram BGP Hijacking दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन इस मामले ने इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर की संवेदनशीलता को उजागर किया है। इसका संभावित असर Toncoin और क्रिप्टो मार्केट के साथ-साथ Telegram-based P2P ट्रेडिंग पर भी देखा जा सकता है। साथ ही “Telegram Ban in India” और NEET सुरक्षा से जुड़े कदम डिजिटल रेगुलेशन पर नई बहस को जन्म दे रहे हैं।
Disclaimer: यह आर्टिकल केवल सूचना और जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी भी प्रकार की कानूनी, Financial investment advice नहीं है। Crypto investment में हाई रिस्क होता है, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले किसी योग्य financial advisor से परामर्श अवश्य लें। लेखक या प्रकाशक किसी भी नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।
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