Pi Network क्या है और यह कैसे काम करता है

Pi Network क्या है और यह कैसे काम करता है, देखिए पूरी डिटेल्स

Pi Network क्या है और यह कैसे काम करता है? देखिए पूरी जानकारी 

Pi Network एक मोबाइल-फर्स्ट क्रिप्टोकरेंसी प्रोजेक्ट है, जिसे 2019 में डॉ. Nicolas Kokkalis और Dr. Chengdiao Fan ने लॉन्च किया था। ये दोनों स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के पीएचडी स्नातक हैं। इसका उद्देश्य ट्रेडिशनल क्रिप्टो माइनिंग को आसान, कम ऊर्जा-खपत वाला और व्यापक रूप से सुलभ बनाना है, ताकि कोई भी व्यक्ति अपने स्मार्टफोन के माध्यम से Pi Coin माइन कर सके।


ट्रेडिशनल क्रिप्टोकरेंसी, जैसे Bitcoin, माइनिंग के लिए भारी-भरकम कंप्यूटर और बहुत अधिक ऊर्जा की जरुरत पड़ती है। इसके विपरीत, यह यूजर्स को हर 24 घंटे में केवल एक बटन दबाकर Pi कॉइन माइन करने की अनुमति देता है, जिससे यह ऊर्जा-स्किल्ड  और User-Friendly साबित होता है। Pi कॉइन को माइन करने के लिए यूजर्स को PiNetwork ऐप डाउनलोड करना होता है, जो iOS और Android दोनों पर उपलब्ध है। यह प्रोजेक्ट लगातार विकसित हो रहा है और इसके पास लाखों एक्टिव यूजर्स हैं, जो नेटवर्क को सपोर्ट करते हैं।

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Pi Network Mainnet

Source: Website

Pi Network कैसे काम करता है?

इसकी माइनिंग प्रोसेस ट्रेडिशनल मॉडल से बिलकुल अलग है। यह एक मोबाइल पर आधारित माइनिंग टेक्नोलॉजी का उपयोग करता है, जहां यूजर्स सिर्फ ऐप खोलकर दिन में एक बार टैप करते हैं और माइनिंग पृष्ठभूमि में चलती रहती है। इससे बैटरी और फोन पर अतिरिक्त भार नहीं पड़ता।


यह नेटवर्क सहमति तंत्र (Consensus Algorithm) का उपयोग करता है, जिसे स्टेलर कंसेंसस प्रोटोकॉल (Stellar Consensus Protocol) की तरह डिज़ाइन किया गया है। यह भारी-भरकम प्रूफ-ऑफ-वर्क (Proof-of-Work) मॉडल की तुलना में कम ऊर्जा-खपत के साथ नेटवर्क के सुरक्षित संचालन में मदद करता है।


Pi Network में यूजर्स की भागीदारी कई तरीकों से माइनिंग कैपेसिटी को प्रभावित करती है:

  • पायनियर्स (Pioneers): रोज़ाना लॉगिन करने वाले उपयोगकर्ता।
  • सिक्योरिटी सर्कल्स: भरोसेमंद सदस्य जुड़ने से माइनिंग दर बढ़ती है।
  • रिफरल नेटवर्क: दोस्तों को आमंत्रित करके नेटवर्क को मजबूत किया जा सकता है।

जब यूजर्स KYC (Know Your Customer) प्रक्रिया पूरी करते हैं, तो वे अपने Pi कॉइन्स को मुख्य नेटवर्क पर माइग्रेट कर सकते हैं।


20 फरवरी 2025 को Pi Network ने अपना Open Mainnet लॉन्च किया, जिससे नेटवर्क अब बाहरी ब्लॉकचेन, वॉलेट और एप्लिकेशन से जुड़ने में सक्षम हो गया। पहले Pi केवल सीमित इकोसिस्टम में उपयोग होता था, लेकिन अब इसे ट्रांसफर और इंटीग्रेट किया जा सकता है। इससे एक्चुअल यूटिलिटी बढ़ी और भविष्य में एक्सचेंज लिस्टिंग की संभावनाएँ मजबूत हुईं।

Pi Network का भविष्य क्या है?

इसका दीर्घकालिक भविष्य मुख्य रूप से तीन कारकों पर निर्भर करेगा:

  • उपयोगकर्ता आधार का वास्तविक विस्तार।
  • नेटवर्क पर विकसित होने वाले DApps और सेवाएँ।
  • वास्तविक दुनिया में PiCoin की भुगतान के रूप में स्वीकृति।

हालांकि Open Mainnet एक महत्वपूर्ण चरण है, लेकिन PiCoin का मार्केट वैल्यू और लिक्विडिटी (Liquidity) पूरी तरह स्टेबल नहीं मानी जा सकती। किसी भी क्रिप्टोकरेंसी की तरह, इसका वैल्यू मार्के टडिमां, Regulatory Environment और Technological Development पर निर्भर करेगा।

Pi Network से जुड़े रिस्क 
  • अभी पूर्ण बाजार मूल्य स्थापित नहीं है।
  • एक्सचेंज लिस्टिंग पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
  • नियामक अनिश्चितता मौजूद है।

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फाइनल वर्डिक्ट 

Pi Network का अप्रोच क्रिप्टो माइनिंग को आसान, ऊर्जा-स्किल्ड और स्मार्टफोन बेस्ड बनाना है। यह प्रोजेक्ट बड़े यूजर्स और कम्युनिटी के साथ विकसित हो रहा है और Open Mainnet के साथ नई संभवनाओं के रास्ते खोल रहा है। हालांकि यह अभी अर्ली फेज में है और इसके टोकन का मूल्य पूरी तरह स्थापित नहीं हुआ है, यह एक महत्वपूर्ण और यूनिक प्रयास है, जो क्रिप्टो कम्युनिटी और रोज़मर्रा के यूजर्स के लिए नेटवर्क की सामूहिक सहभागिता को बढ़ावा देता है।


Disclaimer: यह लेख आर्टिकल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए लिखा गया है। यह Investment Advice नहीं है। किसी भी क्रिप्टोकरेंसी में  इन्वेस्टमेंट करने से पहले अपनी स्वयं की रिसर्च करें और वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।




Niharika Singh एक अनुभवी क्रिप्टो और ब्लॉकचेन जर्नलिस्ट हैं, जो वर्तमान में CryptoHindiNews.in से जुड़ी हुई हैं। उनके पास 5+ वर्षों का मीडिया और कम्युनिकेशन अनुभव है, जिसमें उन्होंने दूरदर्शन और आकाशवाणी जैसे प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म्स पर एंकर और कंटेंट प्रेजेंटर के रूप में काम किया है। इस अनुभव ने उन्हें जटिल विषयों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करने की गहरी समझ दी है। क्रिप्टो इंडस्ट्री में, निहारिका ने अपनी पहचान एक ऐसे पत्रकार के रूप में पहचान बनाई है, जो Web3, DeFi, NFTs और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी जैसे कठिन टॉपिक्स को आसान भाषा में पाठकों तक पहुँचाती हैं। उनकी लेखन शैली में SEO-ऑप्टिमाइजेशन, रिसर्च-बेस्ड एनालिसिस और क्रिएटिव अप्रोच का संतुलन है, जिससे उनका कंटेंट न केवल सूचनाप्रद और प्रासंगिक होता है, बल्कि Google Discover और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर भी बेहतर परफॉर्म करता है।

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Pi Network एक मोबाइल-फर्स्ट क्रिप्टोकरेंसी प्रोजेक्ट है, जिसे 2019 में लॉन्च किया गया था। इसका उद्देश्य स्मार्टफोन के जरिए आसान और कम ऊर्जा-खपत वाली क्रिप्टो माइनिंग को संभव बनाना है।
यूजर्स Pi Network ऐप डाउनलोड करके हर 24 घंटे में एक बार ऐप में लॉगिन कर माइनिंग सेशन सक्रिय करते हैं। यह प्रक्रिया बैटरी पर भारी असर नहीं डालती।
नहीं, यह पारंपरिक Proof-of-Work माइनिंग जैसा नहीं है। Pi Network कम ऊर्जा-खपत वाले सहमति तंत्र पर आधारित मॉडल का उपयोग करता है।
Pi Network की स्थापना डॉ. Nicolas Kokkalis और Dr. Chengdiao Fan ने की थी, जो स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से जुड़े रहे हैं।
Open Mainnet वह चरण है जिसमें Pi Network बाहरी ब्लॉकचेन, वॉलेट और एप्लिकेशन से जुड़ने में सक्षम हो जाता है, जिससे इसकी उपयोगिता बढ़ सकती है।