हाल ही के दिनों में ALPACA Finance अचानक क्रिप्टो वर्ल्ड में सुर्खियों में आ गया है और इसकी वजह है Binance द्वारा इसकी डिलिस्टिंग की घोषणा करना। जहां आमतौर पर ऐसी खबरें किसी टोकन का प्राइस गिरा देती हैं, वहीं ALPACA ने उल्टी दिशा पकड़ी और महज कुछ दिनों में करीब बड़ी वृद्धि हासिल की। वहीं अब लोग यह जानना चाहते है कि, ALPACA Finance Price में डिलिस्टिंग की ख़बरों के बाद भी तेजी कैसे बनी हुई है। हालाँकि कुछ एक्सपर्ट्स इसे क्रिप्टो मार्केट का GameStop पल कह रहे हैं। लेकिन अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि Binance से हटने के बाद भी क्या ALPACA अपनी चमक बनाए रख पाएगा? तो आइये जानते है, इसके सुर्ख़ियों में आने की वजह को विस्तार से।
क्रिप्टो मार्केट में हलचल तब मच गई जब दुनिया के सबसे बड़े Crypto Exchange Binance ने 24 अप्रैल को घोषणा की कि वह ALPACA समेत चार टोकनों को 2 मई को अपने प्लेटफॉर्म से डिलिस्ट करने जा रहा है। आमतौर पर जब किसी टोकन को प्रमुख एक्सचेंज से हटाया जाता है, तो उसका प्राइस तेजी से गिरता है, लेकिन ALPACA Finance में इससे बिलकुल उल्टा हुआ और यह सुर्खियों में आ गया।
हालाँकि Binance ने डिलिस्टिंग के पीछे कई कारण बताए जैसे टोकन में ट्रेडिंग वॉल्यूम की कमी, डेवलपर एक्टिविटी का अभाव और नेटवर्क की ओवरआल क्वालिटी में गिरावट। वहीं ALPACA के डिपॉजिट और विड्रॉल भी डिलिस्टिंग की घोषणा के कुछ ही दिनों बाद बंद कर दिए और 2 मई को सभी स्पॉट ट्रेडिंग पेयर भी हटा दिए जाएंगे।
इस खबर से शुरू में टोकन का प्राइस थोड़ी गिरा, लेकिन इसके बाद ALPACA ने ऐसा रुख अपनाया जिसने मार्केट के सभी एक्सपर्ट्स को चौंका गया। कुछ ही दिनों में इसमें बड़ी तेजी देखी गई और यह एक खास उदाहरण बन गया कि कैसे डिलिस्टिंग के बाद भी किसी टोकन का प्राइस आसमान छू सकता है।
ALPACA Finance में हुए इस अनएक्सपेक्टेड सर्ज का प्रमुख कारण एक पॉवरफुल शॉर्ट स्क्वीज़ बना है। डिलिस्टिंग की खबर के बाद कई ट्रेडर्स ने Alpaca Finance Price Prediction किया कि टोकन का प्राइस गिरेगा और उन्होंने बड़ी मात्रा में शॉर्ट पोजिशन खोली। लेकिन जब ALPACA Price उल्टा बढ़ने lलगा, तो इन शॉर्ट सेलर्स को अपने नुकसान से बचने के लिए टोकन खरीदना पड़ा। इस खरीदारी ने प्राइस को और ऊपर धकेला।
इसके साथ ही Binance ने अपने फंडिंग रेट्स में बदलाव कर दिए और मैक्सिमम फंडिंग कैप को ±2% से बढ़ाकर ±4% कर दिया गया और सेटलमेंट इंटरवल को चार घंटे से घटाकर एक घंटे कर दिया गया। इससे शॉर्ट सेलर्स पर फाइनेंशियल प्रेशर और बढ़ गया।
इसी बीच ALPACA की सप्लाई को भी सख्त कर दिया गया। टोकन की नई मिंटिंग रोक दी गई और करीब 3.5 करोड़ टोकन (जो कि मैक्सिमम सप्लाई का 18.6% हैं) बर्न किए गए। इससे मार्केट में टोकन की अवेलेबलिटी कम हो गई और डिमांड बढ़ने के साथ प्राइस में तेजी आई, जिससे यह टोकन तेजी से सुर्ख़ियों में आ गया।
वहीं कुछ ऑन-चेन एनालिस्ट्स और क्रिप्टो एक्सपर्ट्स ने इस उछाल को व्हेल द्वारा किया गया मार्केट मैनिपुलेशन बताया है। करीब $50 मिलियन की पोजिशन जिनमें $43 मिलियन शॉर्ट सेलर्स की थीं लिक्विडेट हो गईं। इस घटना की तुलना GameStop के 2021 शॉर्ट स्क्वीज़ से की जा रही है, जहां बड़े इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स को रिटेल इन्वेस्टर्स के आगे हार माननी पड़ी थी।
हालांकि, एक्सपर्ट्स अब इस चर्चा में लगे हैं कि ALPACA में यह तेजी कब तक टिकेगी और Binance से डिलिस्ट होने के बाद इसकी मार्केट में स्थिति क्या होगी।
ALPACA Finance की हालिया स्थति यह साबित करती है कि क्रिप्टो मार्केट सिर्फ टेक्निकल इंडिकेटर्स और खबरों पर नहीं, बल्कि इन्वेस्टर्स की भावनाओं, स्ट्रेटेजी और अनएक्सपेक्टेड कंडीशंस पर भी निर्भर करता है। Binance जैसे बसे एक्सचेंज से डिलिस्ट होना किसी भी टोकन के लिए आमतौर पर नेगेटिव संकेत होता है, लेकिन ALPACA ने उस सेंटिमेंट को तोड़ते हुए एक नया ट्रेंड सेट किया। वहीं शॉर्ट स्क्वीज़, फंडिंग रेट्स में बदलाव और सप्लाई शॉक जैसे फैक्टर्स ने मिलकर इसे एक केस स्टडी बना दिया है। हालांकि, यह तेजी कब तक बनी रहेगी इसे लेकर किसी भी तरह से Alpaca Finance Price Prediction करना जल्दबाज़ी होगा।
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