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Yes World Crypto Scam: ₹200 करोड़ की ठगी में अब तक 5 शिकंजे में

Hindi News Writer
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yes world crypto ponzi scam news
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क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर ऊंचे रिटर्न का लालच देकर लाखों लोगों को ठगने वाला एक पुराना मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। ओडिशा पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (Economic Offences Wing, EOW) ने 20 अगस्त 2026 को 'Yes World' नाम के क्रिप्टो पोंजी नेटवर्क से जुड़े एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। 

यह मामला इसलिए अहम है क्योंकि इसमें आठ राज्यों के करीब ढाई लाख निवेशकों के ₹200 करोड़ से ज्यादा रुपये डूबे बताए जा रहे हैं — और भारत में क्रिप्टो के नाम पर चल रहीं फर्जी स्कीमों को पहचानने के लिए यह मामला एक ज़रूरती केस स्टडी बन चुका है। 

नई गिरफ्तारी: कौन है चित्तरंजन महांति?

EOW ने जगतसिंहपुर जिले के गोपालपुर से चित्तरंजन महांति नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि महांति कटक और भुवनेश्वर जैसे शहरों में प्रचार बैठकें आयोजित कर नए निवेशकों को जोड़ता था। उसके दो निजी बैंक खातों में निवेशकों से सीधे करीब ₹19.32 लाख ट्रांसफर होने के सबूत मिले हैं, और गिरफ्तारी के वक्त उसके दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए।

गौर करने वाली बात यह है कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में महांति को स्कैम का "मास्टरमाइंड" बताया गया, जो सटीक नहीं है। EOW की अपनी जांच के मुताबिक असली मुख्य सरगना कोई और है — नीचे टाइमलाइन में यह साफ हो जाएगा।

Ponzi Scheme क्या होती है, और Yes World ने कैसे ठगा?

Ponzi Scheme एक ऐसा फ्रॉड मॉडल है जिसमें नए निवेशकों के पैसे से पुराने निवेशकों को रिटर्न दिया जाता है, ताकि भरोसा बना रहे — असल में कोई वास्तविक कमाई या बिज़नेस नहीं होता। Yes World ने इसी तरीके को क्रिप्टो टोकन और मोबाइल ऐप की आड़ में इस्तेमाल किया। हाल ही में भारत में Nova NFT/Treasure NFT Ponzi Scheme का मामला भी सुर्ख़ियों में रहा है, डिटेल जानने के लिए लिंक पर क्लिक कीजिए। 

जांच में सामने आया कि आरोपी खुद को पर्यावरण-हितैषी संस्था के रूप में पेश करते थे, सोशल मीडिया पर "ग्लोबल वॉर्मिंग रोकने" और "क्लाइमेट चेंज" से जुड़े दावे कर लोगों का भरोसा जीतते थे। साथ ही मशहूर हस्तियों के साथ खिंचवाई गई तस्वीरों का इस्तेमाल कर विश्वसनीयता बढ़ाई जाती थी। 

आलीशान होटलों में सेमिनार और पार्टियां आयोजित कर निवेशकों को बेहद कम समय में भारी रिटर्न का लालच दिया जाता था। सबसे अहम बात — इस कंपनी के पास आरबीआई (RBI) से किसी भी तरह का पब्लिक डिपॉज़िट लेने की अनुमति नहीं थी।

Yes World Crypto Scam: नवंबर 2023 से अब तक की पूरी टाइमलाइन

यह मामला अचानक सामने नहीं आया — इसकी जड़ें तीन साल पुरानी हैं:

  • 17 नवंबर 2023: पुरी के निवेशक स्वागत कुमार नायक की ₹85,000 की ठगी की शिकायत पर EOW ने जांच शुरू की। उसी दिन तीन गिरफ्तारियां हुईं — मुख्य सरगना संदीप चौधरी (राजस्थान के झुंझुनू निवासी, Yes World Crypto Token का प्रमुख) को जयपुर एयरपोर्ट से उस वक्त पकड़ा गया जब वह दुबई भागने की कोशिश कर रहा था। उसके स्थानीय सहयोगी बसंत कुमार प्रधान और मनोज कुमार पटनायक को भुवनेश्वर से गिरफ्तार किया गया।

  • जुलाई-अगस्त 2026 (करीब): जांच आगे बढ़ने पर EOW ने शंकर सरकार को भुवनेश्वर से गिरफ्तार किया।

  • 20 अगस्त 2026: EOW ने चित्तरंजन महांति को जगतसिंहपुर के गोपालपुर से गिरफ्तार कर कटक की डेज़िग्नेटेड कोर्ट में पेश किया।

इस तरह अब तक कुल पांच लोग गिरफ्तार हो चुके हैं, और EOW के मुताबिक जांच अभी जारी है — पैसों के लेन-देन के पूरे नेटवर्क को खंगालने का काम अब भी चल रहा है ताकि निवेशकों की रकम रिकवर की जा सके।

इस Crypto Scam का किन राज्यों में फैला था जाल?

स्कीम का नेटवर्क ओडिशा के अलावा पंजाब, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, गुजरात, बिहार और झारखंड तक फैला था। अकेले ओडिशा में 8,000 से ज्यादा निवेशक प्रभावित हुए — जिनमें भुवनेश्वर, खोरधा, भद्रक, केंद्रापाड़ा, जगतसिंहपुर, केंद्रझर और नयागढ़ जिले शामिल हैं।

निवेशकों के लिए इसका मतलब क्या है?

अगर आपने किसी ऐसी स्कीम में निवेश किया है जो क्रिप्टो या ब्लॉकचेन के नाम पर असामान्य रूप से ऊंचे और गारंटीड रिटर्न का वादा करती है, तो सतर्क हो जाइए — खासकर अगर स्कीम में "नए मेंबर जोड़ो, ज्यादा कमाओ" वाला डाउनलाइन मॉडल शामिल हो। 

असली क्रिप्टो निवेश में गारंटीड रिटर्न का कोई वादा नहीं होता, और कोई भी वैध प्लेटफॉर्म जनता से पैसे जुटाने के लिए RBI या SEBI के नियमों से बंधा होता है। अगर आपने Yes World या इससे मिलती-जुलती किसी स्कीम में पैसे लगाए हैं, तो नजदीकी EOW या साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज कराना ही सही रास्ता है — जितनी जल्दी शिकायत होगी, पैसों की रिकवरी की संभावना उतनी बेहतर रहेगी।

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डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है और इसे निवेश सलाह न समझें। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश जोखिम भरा है — निर्णय लेने से पहले अपनी रिसर्च खुद करें।

लेखक परिचय
Ronak Ghatiya Hindi News Writer

Ronak Ghatiya एक उभरते हुए क्रिप्टो कंटेंट राइटर हैं, जिनका एजुकेशन और टेक्नोलॉजी में मजबूत बैकग्राउंड रहा है। उन्होंने पिछले 6 वर्ष में फाइनेंस, ब्लॉकचेन, Web3 और डिजिटल एसेट्स जैसे विषयों पर डेटा-ड्रिवन और SEO-अनुकूल कंटेंट लिखा है, जो नए और प्रोफेशनल रीडर्स दोनों के लिए उपयोगी साबित हुआ है। रोनक की लेखनी का फोकस जटिल तकनीकी टॉपिक्स को आसान भाषा में समझाना है, जिससे क्रिप्टो स्पेस में ट्रस्ट और क्लैरिटी बनी रहे। उन्होंने CoinGabbar.com, Medium और अन्य क्रिप्टो प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए ब्लॉग्स और न्यूज़ स्टोरीज़ लिखी हैं, जिनमें क्रिएटिविटी और रिसर्च का संतुलन होता है। रोनक की स्टाइल डिटेल-ओरिएंटेड और रिस्पॉन्सिव है, और वह तेजी से बदलते क्रिप्टो परिदृश्य में एक विश्वसनीय आवाज़ बनने की ओर अग्रसर हैं। LinkedIn पर प्रोफ़ाइल देखें या उनके आर्टिकल्स यहाँ पढ़ें।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब यहाँ पाएँ और समझें कि सब कुछ कैसे काम करता है।

Yes World एक कथित क्रिप्टो पोंजी नेटवर्क था, जिसमें निवेशकों को क्रिप्टो टोकन और मोबाइल ऐप के जरिए ऊंचे रिटर्न का लालच दिया गया। जांच के अनुसार, नेटवर्क का इस्तेमाल नए निवेशकों से पैसा जुटाने और पुराने निवेशकों को भुगतान दिखाकर भरोसा कायम करने के लिए किया गया।

जांच के मुताबिक Yes World नेटवर्क का प्रभाव करीब आठ राज्यों तक फैला था और लगभग ढाई लाख निवेशकों के ₹200 करोड़ से अधिक फंसने की बात सामने आई है। अकेले ओडिशा में 8,000 से ज्यादा निवेशक प्रभावित बताए गए हैं।

चित्तरंजन महांति को ओडिशा EOW ने 20 अगस्त 2026 को जगतसिंहपुर जिले के गोपालपुर से गिरफ्तार किया। जांच के अनुसार वह कटक और भुवनेश्वर में प्रचार बैठकें आयोजित कर नए निवेशकों को जोड़ता था और उसके बैंक खातों में निवेशकों से करीब ₹19.32 लाख ट्रांसफर होने के सबूत मिले हैं।

ओडिशा EOW की जांच के अनुसार Yes World Crypto Token से जुड़े मुख्य सरगना के रूप में राजस्थान के झुंझुनू निवासी संदीप चौधरी का नाम सामने आया है। उसे 17 नवंबर 2023 को जयपुर एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था, जब वह कथित तौर पर दुबई जाने की कोशिश कर रहा था।

उपलब्ध जांच विवरण के अनुसार अब तक पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें संदीप चौधरी, बसंत कुमार प्रधान, मनोज कुमार पटनायक, शंकर सरकार और 20 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किए गए चित्तरंजन महांति शामिल हैं।

जांच के मुताबिक Yes World का नेटवर्क ओडिशा के अलावा पंजाब, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, गुजरात, बिहार और झारखंड तक फैला था। ओडिशा में भुवनेश्वर, खोरधा, भद्रक, केंद्रापाड़ा, जगतसिंहपुर, केंद्रझर और नयागढ़ जैसे जिलों के निवेशक प्रभावित बताए गए हैं।

Ponzi Scheme में आमतौर पर नए निवेशकों से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल पुराने निवेशकों को रिटर्न देने के लिए किया जाता है, जिससे योजना लाभदायक दिखती रहती है। क्रिप्टो स्कैम में यही मॉडल टोकन, ऐप, ब्लॉकचेन या डिजिटल एसेट के नाम पर पेश किया जा सकता है, जबकि वास्तविक कमाई का भरोसेमंद स्रोत मौजूद नहीं होता।

जांच के अनुसार आरोपियों ने पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन से जुड़े दावों के जरिए भरोसा बनाने की कोशिश की। आलीशान होटलों में सेमिनार और पार्टियां आयोजित करने, मशहूर हस्तियों के साथ तस्वीरों का इस्तेमाल करने और कम समय में भारी रिटर्न का लालच देने जैसे तरीकों से निवेशकों को जोड़ा गया।

गारंटीड या असामान्य रूप से ऊंचे रिटर्न, नए सदस्य जोड़ने पर कमीशन और जल्दी पैसा दोगुना करने जैसे दावे बड़े red flags हो सकते हैं। निवेश से पहले कंपनी, नियामकीय स्थिति, पैसे निकालने की प्रक्रिया और वास्तविक बिजनेस मॉडल की स्वतंत्र रूप से जांच करना जरूरी है।

पीड़ित को लेन-देन के रिकॉर्ड, बैंक स्टेटमेंट, वॉलेट ट्रांजैक्शन, चैट और निवेश से जुड़े दस्तावेज सुरक्षित रखने चाहिए। इसके बाद संबंधित आर्थिक अपराध शाखा (EOW) या साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज करना उचित है, ताकि जांच और संभावित फंड रिकवरी में मदद मिल सके।