BIP-110 पर जंग: Michael Saylor Vs Fred Krueger Vs Jameson Lopp

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BIP-110 क्या है और विवाद क्यों शुरू हुआ?

Bitcoin Ecosystem में इन दिनों BIP-110 को लेकर तेज बहस चल रही है। यह विवाद केवल एक तकनीकी अपडेट तक सीमित नहीं है, बल्कि Bitcoin Governance, Network Neutrality और Blockchain के भविष्य से जुड़ा बड़ा सवाल बन चुका है।

Bitcoin Core V30 Release में Default OP_RETURN Data Limits को ढीला किए जाने के बाद, October 2025 में मूल रूप से BIP-444 नाम से एक Proposal सामने आया था, जिसे बाद में BIP-110 नाम दिया गया।

यह एक One-Year Temporary Soft Fork Proposal है, जिसका उद्देश्य Transactions में बड़ी मात्रा में डाले जाने वाले Non-Monetary Data (जैसे Ordinal Inscriptions) पर सात तकनीकी प्रतिबंध लागू करना है। इनमें Outputs को 34 Bytes तक सीमित करना और OP_RETURN की पुरानी 83-Byte Limit को फिर से लागू करना शामिल है।

Supporters का कहना है कि इस तरह का Data Bitcoin Blockchain को अनावश्यक रूप से बड़ा बनाता है और Node Operators पर अतिरिक्त Storage तथा Processing का बोझ डालता है। इस Proposal को Bitcoin Knots Node Software का समर्थन प्राप्त है, जिसे Ocean के CTO Luke Dashjr मेंटेन करते हैं।

Mandatory Signaling Window लगभग 7 August 2026 (Block 961,632) से शुरू होने वाली है। इसके बाद Enforcing Nodes उन Blocks को Reject करना शुरू कर देंगे जो Signal नहीं करेंगे, जबकि Rules 1 September 2026 से पूरी तरह लागू होने की योजना है।

हालांकि, फिलहाल केवल 0.86% Blocks ही BIP-110 को Signal कर रहे हैं, जबकि Early Lock-In के लिए लगभग 55% Threshold की आवश्यकता है। यही कमजोर Signaling इस पूरी बहस की सबसे बड़ी वजह बन गई है।

Argument 1: Michael Saylor का विरोध — "इलाज बीमारी से ज्यादा खतरनाक"

Strategy (पूर्व MicroStrategy) के Executive Chairman Michael Saylor ने 11 July को Blockstream CEO Adam Back की एक Post पर Reply करते हुए पहली बार BIP-110 पर अपनी राय सार्वजनिक की।

इसके बाद 18-19 July को उन्होंने "110 Reasons BIP 110 Is A Bad Idea" शीर्षक से एक विस्तृत X Essay  प्रकाशित किया, जिसे लाखों Views मिले।

Saylor के प्रमुख तर्क इस प्रकार हैं—

  • Consensus Rules को किसी भी Valid Fee-Paying Transaction की मंशा या उपयोग का मूल्यांकन नहीं करना चाहिए।

  • यदि किसी Node Operator को विशेष प्रकार का Data पसंद नहीं है, तो वह उसे Relay, Index या Mine करने से इनकार कर सकता है।

  • पूरे Bitcoin Network के Consensus Rules बदलना आवश्यक नहीं है।

  • BIP-110 किसी Critical Bug, Inflation, Double Spending या Signature Validation जैसी Consensus Failure को ठीक नहीं करता।

  • यह केवल एक "Contested Externality" को Target करता है, जिसके लिए Consensus बदलना उचित नहीं माना जा सकता।

अपने Essay के अंतिम भाग में Saylor ने BIP-110 को व्यंग्यात्मक रूप से "Bitcoin Iatrogenic Proposal" कहा, अर्थात ऐसा इलाज जो स्वयं नुकसान पहुंचा सकता है।

यह हस्तक्षेप इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि Strategy दुनिया की सबसे बड़ी Corporate Bitcoin Holder है। July 2026 की SEC Filing के अनुसार कंपनी के पास 843,775 BTC हैं।

Argument 2: Fred Krueger — "Bitcoin को दोबारा Money पर केंद्रित करना जरूरी"

Investor Fred Krueger ने Saylor के Essay का जवाब उसी शैली में देते हुए "110 Reasons In Favor" प्रकाशित किया।

Krueger और अन्य समर्थकों का कहना है कि Arbitrary Data को Bitcoin पर Supported Use Case मानना गलत Incentives पैदा करता है।

उनके अनुसार—

  • Blockchain पर अनावश्यक Data Store होने से Nodes का बोझ बढ़ता है।

  • Non-Financial Traffic असली Monetary Transactions के साथ प्रतिस्पर्धा करता है।

  • Bitcoin का प्राथमिक उद्देश्य Money Network बने रहना है।

  • BIP-110 कोई स्थायी बदलाव नहीं बल्कि केवल एक वर्ष के लिए लागू होने वाला अस्थायी उपाय है।

Supporters का मानना है कि इससे Bitcoin का मूल उद्देश्य सुरक्षित रहेगा।

Argument 3: Jameson Lopp की चिंता — असली सवाल Signaling की वैधता

Casa के Chief Security Officer Jameson Lopp इस बहस में तीसरा दृष्टिकोण लेकर सामने आए हैं।

Lopp की आपत्ति मुख्य रूप से तकनीकी और Architectural है।

उनका कहना है कि केवल Reachable Node Signaling को वास्तविक Economic Support नहीं माना जा सकता क्योंकि—

  • हजारों Nodes कम लागत में बनाए जा सकते हैं।

  • Tor Addresses लगभग मुफ्त में तैयार किए जा सकते हैं।

  • Node Count हमेशा वास्तविक Community Consensus नहीं दिखाता।

इसी संदर्भ में उन्होंने BIP-110 Supporters की Priorities पर भी सवाल उठाए।

हालांकि Lopp यह भी मानते हैं कि Bitcoin में Selective Filtering की शुरुआत भविष्य में Regulatory Pressure के लिए खतरनाक उदाहरण बन सकती है।

यदि कुछ संस्थाओं पर दबाव डालकर Bitcoin Rules बदले जा सकते हैं, तो इससे Network Neutrality कमजोर पड़ सकती है।

यानी Lopp पूरी तरह किसी एक पक्ष में नहीं दिखते। उनका विरोध मुख्य रूप से Signaling Methodology और Regulatory Risk पर आधारित है।

Miner Support अब भी बेहद कमजोर

सारी बहस के बावजूद सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि Miner Support अभी भी बहुत कम है।

Ocean के VP Of Development Jason Hughes के अनुसार—

  • अनुमानित Node Support लगभग 7% से 15% के बीच है।

  • Miner Signaling लगभग 1% के आसपास बनी हुई है।

  • वर्तमान स्थिति में BIP-110 के सफलतापूर्वक Activate होने की संभावना काफी कमजोर दिखाई देती है।

यदि Mandatory Window के दौरान भी यही स्थिति बनी रहती है, तो Enforcing Nodes अधिकांश Non-Signaling Miners के Blocks Reject कर सकते हैं।

इससे Minority Chain Split का जोखिम पैदा हो सकता है, जिसकी आशंका Michael Saylor और Jameson Lopp दोनों अलग-अलग कारणों से जता चुके हैं।

भारतीय Bitcoin निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है?

फिलहाल BIP-110 को Short-Term Price Trigger नहीं माना जा रहा है।

फिर भी यदि Bitcoin Network में Chain Split जैसी स्थिति बनती है, तो उसका असर निम्न क्षेत्रों पर पड़ सकता है—

  • Bitcoin Exchanges

  • Custody Providers

  • Node Infrastructure

  • Deposit और Withdrawal Services

  • Institutional Sentiment

भारतीय Crypto Exchanges को भी यह तय करना पड़ सकता है कि वे किस Chain को Support करेंगे।

हालांकि वर्तमान Miner Signaling को देखते हुए निकट भविष्य में BIP-110 के Activate होने की संभावना सीमित दिखाई देती है।

निष्कर्ष

BIP-110 की बहस केवल एक तकनीकी Proposal नहीं है।

यह Bitcoin के सबसे मूल प्रश्नों में से एक को सामने लाती है—

क्या Bitcoin हमेशा एक Neutral Money Network बना रहना चाहिए, या Community और Node Operators को यह तय करने का अधिकार होना चाहिए कि Blockchain पर किस प्रकार का Data स्वीकार्य है?

August 2026 का Signaling Window नजदीक आने के साथ यह बहस और तेज होने की संभावना है। हालांकि मौजूदा Signaling Numbers यह संकेत देते हैं कि फिलहाल BIP-110 के सफलतापूर्वक लागू होने की राह आसान नहीं दिख रही।

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Disclaimer

यह लेख केवल शैक्षणिक एवं जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी प्रकार की निवेश या वित्तीय सलाह न समझें। ऊपर बताए गए सभी तर्क संबंधित व्यक्तियों की सार्वजनिक Posts, Essays और Statements के सारांश पर आधारित हैं। Cryptocurrency में निवेश जोखिमों के अधीन होता है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले स्वयं रिसर्च करें और आवश्यकता पड़ने पर किसी योग्य वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।

लेखक परिचय
Ronak Ghatiya Hindi News Writer

Ronak Ghatiya एक उभरते हुए क्रिप्टो कंटेंट राइटर हैं, जिनका एजुकेशन और टेक्नोलॉजी में मजबूत बैकग्राउंड रहा है। उन्होंने पिछले 6 वर्ष में फाइनेंस, ब्लॉकचेन, Web3 और डिजिटल एसेट्स जैसे विषयों पर डेटा-ड्रिवन और SEO-अनुकूल कंटेंट लिखा है, जो नए और प्रोफेशनल रीडर्स दोनों के लिए उपयोगी साबित हुआ है। रोनक की लेखनी का फोकस जटिल तकनीकी टॉपिक्स को आसान भाषा में समझाना है, जिससे क्रिप्टो स्पेस में ट्रस्ट और क्लैरिटी बनी रहे। उन्होंने CoinGabbar.com, Medium और अन्य क्रिप्टो प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए ब्लॉग्स और न्यूज़ स्टोरीज़ लिखी हैं, जिनमें क्रिएटिविटी और रिसर्च का संतुलन होता है। रोनक की स्टाइल डिटेल-ओरिएंटेड और रिस्पॉन्सिव है, और वह तेजी से बदलते क्रिप्टो परिदृश्य में एक विश्वसनीय आवाज़ बनने की ओर अग्रसर हैं। LinkedIn पर प्रोफ़ाइल देखें या उनके आर्टिकल्स यहाँ पढ़ें।

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BIP-110 एक प्रस्तावित One-Year Temporary Soft Fork है, जिसका उद्देश्य Bitcoin Transactions में Non-Monetary या Arbitrary Data पर अतिरिक्त तकनीकी सीमाएं लागू करना है। इसका लक्ष्य Bitcoin Network को उसके मूल Monetary Use Case पर अधिक केंद्रित रखना है।
Michael Saylor का मानना है कि Bitcoin के Consensus Rules को किसी Transaction की मंशा का मूल्यांकन नहीं करना चाहिए। उनके अनुसार Spam या Data Storage जैसी समस्याओं को रोकने के लिए पूरे Network के नियम बदलना Bitcoin के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है।
Fred Krueger का मानना है कि Arbitrary Data का बढ़ता उपयोग Bitcoin के मूल उद्देश्य को कमजोर करता है। उनके अनुसार BIP-110 Network को दोबारा Peer-to-Peer Monetary System के रूप में मजबूत बनाने और Blockchain Space के बेहतर उपयोग में मदद कर सकता है।
Jameson Lopp का कहना है कि Node Signaling वास्तविक Economic Consensus को पूरी तरह नहीं दर्शाता। उनका यह भी मानना है कि Selective Transaction Filtering भविष्य में Regulatory Pressure और Bitcoin Network की Neutrality के लिए चुनौती बन सकती है।
वर्तमान में BIP-110 के लिए Miner Signaling लगभग 1% के आसपास है, जो Activation के लिए आवश्यक समर्थन से काफी कम है। इसलिए मौजूदा स्थिति में इसके सफलतापूर्वक लागू होने की संभावना सीमित दिखाई देती है, हालांकि भविष्य में Community और Miner Support बढ़ने पर स्थिति बदल सकती है।