Crypto Market Today: BTC में गिरावट के बावजूद Fear & Greed Index 81 पर
आज 26 अगस्त 2026 को बिटकॉइन समेत प्रमुख क्रिप्टोकरेंसीज़ में आज गिरावट देखने को मिली, लेकिन हैरानी की बात यह है कि Crypto Fear & Greed Index अभी भी 81 पर यानी "Extreme Greed" ज़ोन में बना हुआ है। आमतौर पर इतनी ऊंची रीडिंग निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाती है, लेकिन जब इसी दौरान कीमतों में गिरावट आने लगे तो यह संकेत देता है कि बाजार में मुनाफावसूली (Profit Booking) और लीवरेज्ड ट्रेड्स की सफाई शुरू हो सकती है।

Source: Coinmarketcap Website
आइये जानते हैं आज की सभी बड़ी Crypto News Hindi में
टॉप क्रिप्टोकरेंसीज़ में आज गिरावट
आज की ट्रेडिंग में लगभग सभी बड़ी क्रिप्टोकरेंसीज़ रेड जोन में ट्रेड कर रही हैं।
बिटकॉइन (Bitcoin): $79,054.62 (-1.54%)
एथेरियम (Ethereum): $2,468.08 (-0.99%)
बीएनबी (BNB): $696.14 (-2.70%)
सोलाना (Solana): $97.08 (-4.15%)
एक्सआरपी (XRP): $1.4410 (-4.58%)
कुल क्रिप्टो मार्केट कैप घटकर $2.66 ट्रिलियन रह गई है, जबकि पिछले 24 घंटों का ट्रेडिंग वॉल्यूम $94.11 बिलियन दर्ज किया गया।
Fear & Greed Index 81 पर, फिर भी बिकवाली क्यों?
Fear & Greed Index निवेशकों के मौजूदा बाजार भाव (Market Sentiment) को 0 (Extreme Fear) से लेकर 100 (Extreme Greed) तक मापता है।
आमतौर पर जब यह इंडेक्स बहुत ऊंचे स्तर पर पहुंचता है, तो माना जाता है कि बाजार में निवेशकों का आत्मविश्वास काफी बढ़ चुका है और कीमतें ओवरबॉट (Overbought) स्थिति में हो सकती हैं। ऐसे समय में मुनाफावसूली बढ़ने की संभावना भी रहती है।
हालांकि, यह समझना जरूरी है कि Fear & Greed Index कीमतों की दिशा बताने वाला संकेतक नहीं है। यह केवल निवेशकों के मूड को दर्शाता है। कई बार मजबूत तेजी के बाद हल्की गिरावट आने पर भी यह इंडेक्स कुछ समय तक ऊंचे स्तर पर बना रहता है क्योंकि बाजार की धारणा तुरंत नहीं बदलती।
आज भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। कीमतों में गिरावट आई, लेकिन निवेशकों का समग्र भरोसा अभी भी मजबूत दिखाई दे रहा है।
डेरिवेटिव्स मार्केट में लॉन्ग पोज़िशन्स की भारी लिक्विडेशन
Coinglass से प्राप्त डेरिवेटिव्स डेटा क्रिप्टो मार्केट में आज हुई गिरावट की एक अहम वजह की ओर इशारा करता है।
पिछले 24 घंटों में कुल $359.43 मिलियन की पोज़िशन्स लिक्विडेट हुईं।
Long Liquidation: $298.10 मिलियन
Short Liquidation: $61.33 मिलियन
लिक्विडेशन क्या होता है?
जब कोई ट्रेडर लीवरेज (उधार लिए गए फंड) का इस्तेमाल करके ट्रेड करता है और बाजार उसके विपरीत चला जाता है, तो नुकसान तय सीमा से अधिक होने पर एक्सचेंज उसकी पोज़िशन अपने-आप बंद कर देता है। इसी प्रक्रिया को Liquidation कहा जाता है।
आज लॉन्ग पोज़िशन्स की लिक्विडेशन शॉर्ट के मुकाबले लगभग 5 गुना रही। इसका मतलब है कि तेजी की उम्मीद में बड़े लीवरेज के साथ बैठे ट्रेडर्स को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ।
इसके अलावा—
Open Interest: $419.22 बिलियन (5.21% की गिरावट)
Derivatives Volume: $875.85 बिलियन (24.34% की गिरावट)
Open Interest में गिरावट यह संकेत देती है कि बाजार से कई लीवरेज्ड पोज़िशन्स बाहर हो चुकी हैं, जबकि ट्रेडिंग वॉल्यूम कम होने से ट्रेडर्स की आक्रामकता भी घटती दिखाई दे रही है।
Crypto News India Today: आज की प्रमुख खबरें
भारतीय एक्सचेंजों पर ट्रेडिंग वॉल्यूम में 20% से अधिक उछाल
Moneycontrol की रिपोर्ट के अनुसार, हाल में बिटकॉइन के $80,000 के करीब पहुंचने के बाद भारतीय क्रिप्टो एक्सचेंजों पर स्पॉट ट्रेडिंग वॉल्यूम में 20% से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि भारतीय निवेशकों की बाजार में भागीदारी अभी भी मजबूत बनी हुई है।
REC सितंबर में लॉन्च करेगा भारत का पहला टोकनाइज्ड कॉरपोरेट बॉन्ड३
Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी कंपनी REC (Rural Electrification Corporation) सितंबर में भारत का पहला टोकनाइज्ड कॉरपोरेट बॉन्ड जारी करने की तैयारी कर रही है। इसकी अनुमानित राशि $57 मिलियन से कम होगी और सेटलमेंट डिजिटल रुपया (CBDC) के जरिए किया जाएगा। यदि यह योजना तय समय पर लागू होती है, तो भारत ब्लॉकचेन आधारित बॉन्ड सेटलमेंट अपनाने वाले चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा।
क्रिप्टो रेगुलेशन पर सं३सदीय सुनवाई टली
कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 27 अगस्त को प्रस्तावित संसदीय समिति की Virtual Digital Assets (VDA) से जुड़ी बैठक फिलहाल रद्द कर दी गई है। हालांकि इस पर विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण अभी सामने नहीं आया है। यदि बैठक आगे बढ़ती है, तो भारत में क्रिप्टो रेगुलेशन और टैक्स ढांचे पर स्पष्टता मिलने में और समय लग सकता है।
आज भारत में ट्रेंडिंग क्रिप्टोकरेंसीज़
CoinMarketCap के भारत-विशिष्ट ट्रेंडिंग डेटा के अनुसार आज सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले टोकन—
ध्यान दें: यह सूची मुख्य रूप से Search Interest और लोकप्रियता को दर्शाती है। इसका अर्थ यह नहीं है कि ये टोकन सबसे बेहतर निवेश विकल्प या सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाले कॉइन हैं।
भारतीय क्रिप्टो निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है?
आज का डेटा यह संकेत देता है कि हालिया तेजी के बाद बाजार में Profit Booking और Leverage Reset देखने को मिल रहा है।
Fear & Greed Index का अभी भी Extreme Greed में बने रहना बताता है कि व्यापक बाजार धारणा पूरी तरह नकारात्मक नहीं हुई है। हालांकि, डेरिवेटिव्स डेटा यह भी दिखा रहा है कि अत्यधिक लीवरेज लेने वाले ट्रेडर्स पर दबाव बढ़ा है।
भारत के नजरिए से तस्वीर मिश्रित दिखाई देती है। एक ओर भारतीय एक्सचेंजों पर ट्रेडिंग गतिविधि मजबूत बनी हुई है और टोकनाइज्ड बॉन्ड जैसी पहलें ब्लॉकचेन तकनीक को संस्थागत स्तर पर आगे बढ़ा रही हैं, वहीं दूसरी ओर क्रिप्टो रेगुलेशन से जुड़ी संसदीय प्रक्रिया में देरी निवेशकों के लिए अनिश्चितता बनाए रख सकती है।
आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करने के लिए निवेशकों की नजर विशेष रूप से इन संकेतकों पर रहेगी—
Bitcoin का $80,000 स्तर
ETF और संस्थागत निवेश का रुख
Open Interest में बदलाव
Fear & Greed Index की दिशा
Derivatives Liquidation
यदि इन संकेतकों में कमजोरी जारी रहती है तो शॉर्ट-टर्म करेक्शन और गहरा हो सकता है। वहीं, यदि संस्थागत खरीद और सकारात्मक सेंटिमेंट कायम रहता है तो बाजार दोबारा रिकवरी की कोशिश कर सकता है।
कन्क्लूजन
आज की गिरावट को केवल नकारात्मक संकेत मानना जल्दबाजी होगी। मौजूदा आंकड़े बताते हैं कि बाजार हालिया तेजी के बाद संतुलन बनाने की प्रक्रिया से गुजर रहा है। ऐसे समय में केवल कीमतों पर नहीं, बल्कि बाजार की धारणा, डेरिवेटिव्स डेटा, संस्थागत गतिविधि और नियामकीय घटनाक्रम पर भी नजर रखना जरूरी है।
अगर आप Latest Crypto Price Prediction पढ़ना चाहते हैं तो इस लिंक पर क्लिक कीजिए
Disclaimer: क्रिप्टोकरेंसी बाजार अत्यधिक अस्थिर है। यह लेख केवल शैक्षणिक और सूचना उद्देश्य के लिए है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले स्वयं शोध करें और आवश्यक होने पर वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।