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Bitcoin नवंबर 2025 गिरावट: $90,000 से नीचे जाने के कारण

Hindi News Writer
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Bitcoin नवंबर 2025 गिरावट: $90,000 से नीचे जाने के कारण
Bitcoin नवंबर 2025 गिरावट: $90,000 से नीचे जाने के कारण

क्या Bitcoin Price फिर करेगा वापसी या ये गिरावट लंबे समय तक चलेगी

क्रिप्टो मार्केट में इन दिनों सबसे ज़्यादा चर्चा Bitcoin Price की हो रही है, जो एक बार फिर गिरावट के दौर में पहुंच गई है। हाल ही में बिटकॉइन ने $70,000 से ऊपर का रिकॉर्ड बनाया था, लेकिन अब पिछले 24 घंटों में इसमें 2.61% की गिरावट दर्ज की गई है और यह $103.077 पर ट्रेड कर रहा है। इसका ट्रेडिंग वॉल्यूम भी 7.29% गिरकर $62.64 बिलियन पर आ गया है। एनालिस्ट का मानना है कि यह गिरावट केवल टेक्निकल नहीं, बल्कि कई ग्लोबल कारणों से जुड़ी हुई है। 

Source: यह इमेज CoinMarketCap की वेबसाइट से ली गयी है। जिसकी लिंक यहां दी गई है। 

बिटकॉइन Price में गिरावट के प्रमुख कारण

1. Geopolitical Tensions: हाल ही में अमेरिका और चीन के बीच बिटकॉइन चोरी के आरोपों ने मार्केट में अनिश्चितता बढ़ा दी है। इससे निवेशकों के बीच डर का माहौल बन गया है और इन्वेस्टर्स अलर्ट हो गए है, जिससे Bitcoin Price पर नेगेटिव असर हुआ है।

2. Technical Breakdown: इस क्रिप्टोकरेंसी का प्राइस कई महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल्स से नीचे चला गया, जिससे सेलिंग कम हो गई। टेक्निकल ट्रेडर्स के लिए यह एक पॉजिटिव संकेत था और इससे शॉर्ट-टर्म में और प्रेशर बढ़ गया।

3. ETF Outflows: स्पॉट Bitcoin ETFs से करीब $223 मिलियन निकाले गए, जिससे पता चलता है कि बड़े निवेशक अभी सावधानी रख रहे हैं। इसका मतलब है कि मार्केट में डर बढ़ा है और फिलहाल लोग इस क्रिप्टोकरेंसी में पैसा लगाने से डर रहे हैं।

फिर भी विश्वास बना हुआ है 

Bitcoin Price में भले ही अभी थोड़ी गिरावट दिख रही हो, लेकिन लंबे समय में इसकी स्थिति मजबूत मानी जा रही है। बड़ी बैंक JPMorgan ने अपने Bitcoin निवेश में 64% की बढ़ोतरी की है, जो बताता है कि इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स अब भी BTC पर भरोसा कर रहे हैं। इसके अलावा, अमेरिका की CFTC ने एक्सचेंजों पर Bitcoin ट्रेडिंग की परमिशन दी है, जिससे मार्केट में पैसा और निवेशक दोनों बढ़े हैं। 

साथ ही, अमेरिका ने $20.56 बिलियन का क्रिप्टो रिजर्व बनाया है, इस क्रिप्टोकरेंसी को और स्टेबिलिटी देता है। इन सभी कदमों से साफ है कि BTC अब सिर्फ एक डिजिटल कॉइन नहीं, बल्कि एक भरोसेमंद निवेश ऑप्शन बनता जा रहा है, जिस पर बड़े आर्गेनाइजेशन भी विश्वास जता रहे हैं।

बिटकॉइन Supply और Halving का असर

बिटकॉइन की कुल सप्लाई सिर्फ 21 मिलियन कॉइन तक सीमित है, यानी इससे ज़्यादा BTC कभी नहीं बनेंगे। अप्रैल 2024 में हुए “Halving” इवेंट में माइनर्स को मिलने वाला प्राइज आधा कर दिया गया, जिससे मार्केट में नए बिटकॉइन की संख्या घट गई। 

जब सप्लाई कम होती है और डिमांड बढ़ती है, तो कीमतें ऊपर जाने लगती हैं। यही कारण है कि कई एनालिस्ट मानते हैं कि आने वाले सालों में Bitcoin Price में ज्यादा बढ़ोतरी हो सकती है। अगर मौजूदा ट्रेंड जारी रहा, तो 2030 तक बिटकॉइन की कीमत $500,000 से $1 मिलियन के बीच पहुंचने की संभावना है।

Market Sentiment और Fear & Greed Index

इस समय Fear & Greed Index 26 पर है, जिसका मतलब है कि मार्केट में डर का माहौल बना हुआ है। जब निवेशक डरते हैं, तो वे जल्दी-जल्दी BTC बेचने लगते हैं, जिससे कीमत और गिर जाती है। लेकिन कई एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यही समय समझदार निवेशकों के लिए मौका होता है। क्योंकि इस क्रिप्टोकरेंसी की असली ताकत – जैसे सीमित सप्लाई, ज्यादा उपयोग और ETF का सपोर्ट अभी भी मजबूत है। इसलिए लंबे समय में बिटकॉइन फिर से उभर सकता है और इसकी कीमत में सुधार देखने को मिल सकता है।

पिछले 7 वर्षों के क्रिप्टो मार्केट अनुभव से मेरा मानना है कि ये गिरावट अस्थायी है। मार्केट में डर भले बढ़ा हो, लेकिन इसकी बुनियादी ताकत, लिमिटेड सप्लाई इसे आने वाले समय में फिर से मजबूत बना देंगे।

कन्क्लूजन 

इसकी कीमत में आई हाल की गिरावट तीन वजहों से हुई है – बढ़ती अनिश्चितता, टेक्निकल लेवल पर गिरावट और बड़े निवेशकों की सावधानी। लेकिन इसके बावजूद बिटकॉइन की बुनियादी स्थिति अब भी मजबूत है। अगर आने वाले समय में मार्केट स्थिर हुआ और ETF में फिर से पैसा आने लगा, तो कीमत में सुधार देखने को मिल सकता है। अभी भले ही प्रेशर हो, लेकिन लंबे समय में बिटकॉइन डिजिटल फाइनेंस की दिशा बदल सकता है।

लेखक परिचय
Akansha Vyas Hindi News Writer
आकांक्षा व्यास एक स्किल्ड क्रिप्टो राइटर हैं, जिनके पास 7 वर्षों का अनुभव है और वे ब्लॉकचेन और Web3 के कॉम्पलेक्स टॉपिक्स को सरल और समझने योग्य बनाने में एक्सपर्ट हैं। वे डीप रिसर्च के साथ आर्टिकल्स, ब्लॉग और न्यूज़ लिखती हैं, जिनमें SEO पर विशेष ध्यान दिया जाता है ताकि रीडर्स का जुड़ाव बढ़ सके। आकांक्षा की राइटिंग क्रिएटिव एक्सप्रेशन और एनालिटिकल अप्रोच का एक बेहतरीन मिश्रण है, जो रीडर्स को जटिल विषयों को स्पष्टता के साथ समझने में मदद करता है। क्रिप्टो स्पेस के प्रति उनकी गहरी रुचि उन्हें इस उद्योग में एक अच्छे राइटर के रूप में स्थापित कर रही है। अपने कंटेंट के माध्यम से, उनका उद्देश्य रीडर्स को क्रिप्टो की तेजी से बदलती दुनिया में गाइड करना है।
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FAQ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब यहाँ पाएँ और समझें कि सब कुछ कैसे काम करता है।

Bitcoin $90,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया था — कुछ महीने पहले के उच्च स्तरों से एक तीखी, हफ्तों लंबी गिरावट का परिणाम।

चार verified कारण — वैश्विक risk-off माहौल (Fed rate-cut उम्मीदें घटना), spot ETF से लगातार outflows, leverage liquidations की श्रृंखला और पतली liquidity।

दिसंबर rate cut की उम्मीदें कमजोर पड़ने से yields और dollar मजबूत हुए, जिससे निवेशक risky assets से निकले — Bitcoin इस दबाव के केंद्र में था।

लगातार बड़ी redemptions दर्ज हुईं, जिनमें 19 नवंबर 2025 को BlackRock IBIT से लगभग $523 million का record single-day outflow (Reuters) शामिल था।

बड़ा round number होने से यह मनोवैज्ञानिक स्तर था, कई निवेशकों की खरीद-लागत के नीचे था, और टूटने पर stop-loss orders सक्रिय होकर गिरावट तेज हुई।

Leveraged long positions के forced बंद होने की श्रृंखला ने intraday गिरावटों को तेज किया — हर liquidation की selling अगली को trigger करती गई।

हां, altcoins में गिरावट और गहरी रही — तेज risk-off दौर में altcoins का Bitcoin से अधिक गिरना सामान्य pattern है।

Order books में गहराई कम होने से selling का असर असामान्य रूप से बड़ा हो गया — कम buyers की मौजूदगी में कीमत तेजी से फिसली।

INR में असर USD गिरावट और rupee-dollar दर दोनों से बना। घबराकर नुकसान में बेचने वालों को tax का झटका भी लगा — crypto loss का set-off नहीं मिलता।

नहीं। भारत के मौजूदा नियमों में crypto के नुकसान को किसी अन्य लाभ से set-off करने की अनुमति नहीं है। सटीक स्थिति के लिए tax सलाहकार से परामर्श लें।

Bitcoin अब macro asset है — Fed policy, ETF flows और leverage का स्तर मिलकर बड़ी गिरावटों की स्थितियां बनाते हैं। इन संकेतकों की निगरानी ही बचाव है।

सटीक भविष्यवाणी कोई नहीं कर सकता, लेकिन warning signs — लगातार ETF outflows, ऊंचा leverage, कमजोर macro — पहले से दिख रहे थे। संकेत पढ़ना और तारीख बताना अलग बातें हैं।

यह लेख नवंबर 2025 की घटना का dated record है। बाद की recovery या मौजूदा स्थिति के लिए हमारा नियमित रूप से update होने वाला living market गाइड देखें।

हां — बाजार के तंत्र (macro दबाव, flows, leverage, liquidity) संरचनात्मक हैं। यही कारण है कि dated घटनाओं का विश्लेषण भविष्य के लिए उपयोगी रहता है।

प्रमुख exchanges का historical data, dated समाचार reports (जैसे Reuters) और सार्वजनिक market data platforms — इनसे date-wise स्तर verify किए जा सकते हैं।

नहीं। यह एक historical घटना का दस्तावेजी विश्लेषण है। निवेश निर्णय अपने शोध और योग्य सलाहकार की राय से लें।