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Blockchain News, GENIUS Act से Stablecoin मार्केट में बदलाव

Blockchain News: Crypto platforms ने interest को rewards में बदल दिया

Latest Blockchain News के अनुसार, अमेरिका में क्रिप्टोकरेंसी और Stablecoin को नियंत्रित करने के लिए एक नया कानून GENIUS Act (Guiding and Establishing National Innovation for U.S. Stablecoins) लागू किया जा रहा है। इस कानून का उद्देश्य Stablecoin Market को अधिक सुरक्षित और ट्रांसपेरेंट बनाना है।

इस नए नियम के अनुसार Stablecoins को केवल डिजिटल पेमेंट और पैसे ट्रांसफर के लिए इस्तेमाल किया जाएगा, न कि उन्हें बैंक की तरह इन्वेस्टमेंट या अर्निंग का साधन बनाने के लिए।इस कानून में यह भी स्पष्ट किया गया है कि Stablecoin Token जारी करने वाली कंपनियाँ (issuers) अपने कॉइन पर किसी भी प्रकार का सीधा ब्याज (interest) या लाभ (yield) नहीं दे सकतीं।

Stablecoin Yield Loophole क्या है

अमेरिका के GENIUS Act के तहत Stablecoin को लेकर एक सख्त नियम बनाया गया है। इस नियम का मुख्य उद्देश्य यह है कि stablecoins को सिर्फ डिजिटल पैसे की तरह इस्तेमाल किया जाए, न कि उन्हें बैंक FD या savings account की तरह बनाकर उस पर ब्याज कमाने का जरिया बनाया जाए।


लेकिन कानून में एक छोटी सी जगह खाली रह गई है:

यह रोक सिर्फ Stablecoin जारी करने वाली कंपनी पर है। लेकिन दूसरी कंपनियाँ जो उस Stablecoin को अपने प्लेटफॉर्म पर रखती हैं, उन पर सीधा बैन नहीं लगाया गया है। इसी वजह से Coinbase और PayPal जैसे प्लेटफॉर्म अब इंटरेस्ट शब्द का इस्तेमाल नहीं कर रहे, बल्कि उसे रिवार्ड्स या Incentives कहकर यूजर्स को पैसा दे रहे हैं।


उदाहरण के लिए:

Coinbase अपने यूजर्स को USDC (Circle) रखने पर लगभग 4% तक रिवार्ड्स देता है।

PayPal अपने Stablecoin PYUSD पर भी यूजर्स को Extra Benefits देता है।

कंपनियों का कहना है कि, वे कानून नहीं तोड़ रहे, क्योंकि वे इसे “interest” नहीं बल्कि “reward program” बता रहे हैं।


Crypto Market और Banks पर असर

इस Loophole की वजह से क्रिप्टो मार्केट में एक नई Competition शुरू हो गई है, जिसे लोग Yield War भी कह रहे हैं।

Crypto कंपनियों को फायदा होगा 

लोग अगर अपना पैसा Stablecoin (जैसे USDC, PYUSD) में रखते हैं, तो कुछ प्लेटफॉर्म्स उन्हें एक्स्ट्रा पैसा और रिवार्ड्स देते हैं।

इससे क्या होता है?

  • लोग सोचते हैं: “यहाँ पैसा रखने से कुछ अर्निंग हो रही है।
  • इसलिए वे बैंक की बजाय crypto apps इस्तेमाल करने लगते हैं।
  • stablecoin का इस्तेमाल तेजी से बढ़ जाता है।
Banks की चिंता क्या है

अभी लोग बैंक में पैसा रखते हैं, बैंक उस पैसे से लोन  देता है और चलता है, लेकिन अगर लोग पैसा बैंक से निकालकर Stablecoin में रखने लगें:

  • बैंक के पास पैसा कम हो जाएगा।
  • बैंक कम loan दे पाएंगे।
  • बैंकिंग सिस्टम कमजोर हो सकता है।

सरकार और रेगुलेटर की नजर

अब अमेरिकी रेगुलेटर इस बात पर ध्यान दे रहे हैं कि क्या रिवार्ड्स असल में ब्याज ही हैं, बस नाम बदल दिया गया है। अगर ऐसा पाया गया, तो कानून में और सख्ती की जा सकती है।


कन्क्लूजन 

GENIUS Act ने Stablecoin को रेगुलेट करने की कोशिश की है, लेकिन Coinbase और PayPal जैसे बड़े प्लेयर्स ने एक ऐसा तरीका निकाल लिया है, जिससे वे को Indirect फायदा दे रहे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि, क्या यह सच में innovation है या सिर्फ नियमों की loophole का फायदा। आने वाले समय में इस पर बड़ा regulatory बदलाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल सोच समझकर कोई भी फैसला ले।


डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल जानकारी और शैक्षिक उद्देश्य के लिए लिखा गया है। क्रिप्टोकरेंसी में इन्वेटमेंट करना रिस्क के अधीन है। किसी भी Investment Decisions से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।

Niharika Singh एक अनुभवी क्रिप्टो और ब्लॉकचेन जर्नलिस्ट हैं, जो वर्तमान में CryptoHindiNews.in से जुड़ी हुई हैं। उनके पास 5+ वर्षों का मीडिया और कम्युनिकेशन अनुभव है, जिसमें उन्होंने दूरदर्शन और आकाशवाणी जैसे प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म्स पर एंकर और कंटेंट प्रेजेंटर के रूप में काम किया है। इस अनुभव ने उन्हें जटिल विषयों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करने की गहरी समझ दी है। क्रिप्टो इंडस्ट्री में, निहारिका ने अपनी पहचान एक ऐसे पत्रकार के रूप में पहचान बनाई है, जो Web3, DeFi, NFTs और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी जैसे कठिन टॉपिक्स को आसान भाषा में पाठकों तक पहुँचाती हैं। उनकी लेखन शैली में SEO-ऑप्टिमाइजेशन, रिसर्च-बेस्ड एनालिसिस और क्रिएटिव अप्रोच का संतुलन है, जिससे उनका कंटेंट न केवल सूचनाप्रद और प्रासंगिक होता है, बल्कि Google Discover और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर भी बेहतर परफॉर्म करता है।

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