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Crypto ITR Working Sheet भरने की पूरी प्रक्रिया

Hindi News Writer
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Crypto ITR कैसे File करें?
Crypto ITR कैसे File करें?

Crypto ITR भरते समय सबसे ज्यादा परेशानी तब होती है, जब पूरे साल के लेन-देन के रिकॉर्ड अलग-अलग जगह बिखरे हुए हों। किसी लेन-देन की जानकारी Exchange में हो सकती है, किसी की बैंक खाते में और किसी की Blockchain पर।

इस परेशानी को कम करने का आसान तरीका है Crypto ITR Working Sheet बनाना। इसमें पूरे साल के Crypto लेन-देन का रिकॉर्ड एक जगह रखा जाता है। इससे ITR भरते समय हर लेन-देन को दोबारा खोजने की जरूरत कम हो जाती है।

सबसे अच्छी बात यह है कि यह Sheet केवल हिसाब रखने के लिए नहीं, बल्कि Schedule VDA में दी जाने वाली जानकारी तैयार करने में भी मदद कर सकती है। आयकर विभाग के अनुसार VDA की आय को ITR में Schedule VDA में लेन-देन के आधार पर दिखाया जाता है। (Income Tax Department)




Crypto ITR Working Sheet में कौन-कौन से हिस्से रखें?

हर व्यक्ति की Crypto गतिविधि अलग होती है। इसलिए सभी के लिए एक जैसा ढांचा जरूरी नहीं है। फिर भी एक सामान्य Working Sheet में ये हिस्से रखना उपयोगी है:

हिस्सा

इसमें क्या लिखें

Exchange लेन-देन

तारीख, Crypto, मात्रा, खरीद की लागत, बिक्री या प्राप्त रकम, शुल्क, TDS

P2P लेन-देन

तारीख, Crypto, मात्रा, सामने वाले व्यक्ति या Order ID का संदर्भ, बैंक में हुई एंट्री

Crypto-to-Crypto Swap

कौन-सी Crypto दी, कौन-सी Crypto मिली, तारीख, मात्रा और उस समय का मूल्य

अपने वॉलेट के बीच Transfer

भेजने वाला वॉलेट, पाने वाला वॉलेट, मात्रा, तारीख और Transaction Hash

विदेशी मंच

Crypto, मुद्रा, विनिमय दर, तारीख और संबंधित संपत्ति का रिकॉर्ड

प्राप्त Crypto

Airdrop, Staking, Gift आदि का स्रोत, तारीख, मात्रा और उस समय का मूल्य

TDS

TDS की रकम, संबंधित लेन-देन और उसका स्रोत

संदर्भ

Statement, Bank Entry, Order ID, Transaction Hash या प्रमाण की File का नाम

सारांश

कुल लेन-देन, कर के लिए जरूरी आय, TDS और मिलान में मिला अंतर

ध्यान रखें: अपने दो वॉलेट के बीच Crypto भेजना और किसी दूसरे व्यक्ति को Crypto बेचने या देने का लेन-देन एक जैसी स्थिति नहीं है। इसलिए केवल Blockchain पर Transfer देखकर उसे अपने-आप बिक्री न मानें। पहले यह देखें कि वास्तव में लेन-देन का स्वरूप क्या था।




Working Sheet को Schedule VDA से कैसे जोड़ें?

Working Sheet का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य यह होना चाहिए कि ITR भरते समय जरूरी जानकारी आसानी से मिल जाए।

इसलिए प्रत्येक लागू लेन-देन के लिए कम से कम ये जानकारी सुरक्षित रखना उपयोगी है:

Working Sheet में जानकारी

क्यों जरूरी है?

Crypto का नाम

किस VDA का लेन-देन हुआ, यह पहचानने के लिए

खरीद की तारीख

खरीद का रिकॉर्ड रखने के लिए

Transfer की तारीख

कर संबंधी विवरण तैयार करने के लिए

मात्रा

लेन-देन की सही पहचान के लिए

खरीद की लागत

कर की गणना में उपयोगी

प्राप्त रकम / Consideration

लेन-देन से मिली रकम का रिकॉर्ड

TDS

कर क्रेडिट का मिलान करने के लिए

Transaction Hash

Blockchain रिकॉर्ड का प्रमाण

Order ID

Exchange/P2P लेन-देन की पहचान

Statement/File का नाम

जानकारी के स्रोत को बाद में खोजने के लिए

आयकर विभाग के ITR मार्गदर्शन में Schedule VDA में VDA की आय को लेन-देन के आधार पर दर्ज करने की व्यवस्था बताई गई है। इसलिए केवल पूरे साल का एक कुल लाभ लिखने के बजाय लेन-देन का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखना अधिक उपयोगी है। (Income Tax Department)




Crypto ITR Working Sheet कैसे भरें?

पहला कदम: सभी Statements निकालें

हर Crypto Exchange या मंच से वित्त वर्ष के Statements निकालें। जहां सुविधा हो, CSV और PDF दोनों सुरक्षित रखें।

सिर्फ Exchange App में दिखाई देने वाले आंकड़ों पर निर्भर न रहें। पुराने लेन-देन बाद में खोजने में परेशानी हो सकती है।

दूसरा कदम: हर लेन-देन की अलग पंक्ति बनाएं

कोशिश करें कि प्रत्येक महत्वपूर्ण लेन-देन के लिए अलग पंक्ति हो।

उदाहरण के लिए:

तारीख → Crypto → मात्रा → खरीद लागत → प्राप्त रकम → TDS → संदर्भ

इससे साल के अंत में गणना और मिलान आसान रहेगा।

तीसरा कदम: लेन-देन का प्रकार पहचानें

हर Entry के सामने यह लिखें कि वह किस प्रकार का लेन-देन था:

  • खरीद

  • बिक्री

  • Crypto-to-Crypto Swap

  • P2P लेन-देन

  • अपने वॉलेट के बीच Transfer

  • Airdrop

  • Staking से प्राप्त Crypto

  • Gift

  • Crypto में प्राप्त भुगतान

इससे अलग-अलग प्रकार के लेन-देन आपस में मिलेंगे नहीं।

चौथा कदम: खरीद लागत और प्राप्त रकम दर्ज करें

जहां लागू हो, खरीद की लागत और Transfer के समय प्राप्त रकम का रिकॉर्ड रखें।

यहां केवल Exchange पर दिख रहे “Net Profit” को देखकर कर योग्य आय तय न करें। व्यापारिक लाभ और कर की गणना एक ही चीज नहीं हैं।

पांचवां कदम: TDS अलग से दर्ज करें

हर संबंधित लेन-देन का TDS अलग Column में लिखें। बाद में इसे AIS और Form 26AS से मिलाएं।

छठा कदम: AIS और Form 26AS से मिलान करें

अपनी Working Sheet के TDS और दूसरे संबंधित आंकड़ों को AIS तथा Form 26AS से मिलाएं।

यदि कोई अंतर मिले, तो उसे केवल नजरअंदाज न करें। यह पता लगाने की कोशिश करें कि अंतर किस लेन-देन, तारीख या रिपोर्टिंग के कारण हुआ।

सातवां कदम: अंत में Summary तैयार करें

साल के अंत में Working Sheet से एक छोटा Summary तैयार करें। इसमें कुल लेन-देन, TDS और ITR के लिए जरूरी आंकड़ों का सार रखें।




Crypto-to-Crypto Swap का रिकॉर्ड अलग रखें

Crypto में केवल INR में की गई खरीद-बिक्री ही नहीं होती। कई लोग एक Crypto को दूसरी Crypto से बदलते हैं, जैसे Bitcoin के बदले USDT लेना।

ऐसे लेन-देन के लिए Working Sheet में अलग Column रखें:

  • दी गई Crypto

  • मिली हुई Crypto

  • दोनों की मात्रा

  • लेन-देन की तारीख

  • उस समय का मूल्य

  • Exchange या Wallet

  • Transaction Hash

  • Order ID

Crypto-to-Crypto Swap को सामान्य खरीद की तरह लिखकर छोड़ देना सही तरीका नहीं है। ऐसे लेन-देन का कर उपचार लागू नियमों के अनुसार देखना चाहिए।




अपने वॉलेट के बीच Transfer को अलग पहचानें

अगर आपने एक ही व्यक्ति के दो अपने वॉलेट के बीच Crypto भेजी है, तो उसे किसी दूसरे व्यक्ति को बिक्री के समान मानकर दर्ज नहीं करना चाहिए।

ऐसी Entry के लिए लिखें:

  • भेजने वाले वॉलेट का विवरण

  • पाने वाले वॉलेट का विवरण

  • Crypto और मात्रा

  • तारीख

  • Transaction Hash

  • Transfer का कारण

इससे बाद में यह साबित करने में मदद मिल सकती है कि यह केवल अपने वॉलेट के बीच स्थानांतरण था।




Crypto Transaction Records को पूरे साल कैसे व्यवस्थित रखें?

हर वित्त वर्ष के लिए एक अलग Folder बनाना आसान तरीका है।

उसके अंदर तीन मुख्य Folder रखें:

1. Statements

  • Exchange Statements

  • P2P Records

  • विदेशी मंचों के Statements

  • Wallet Records

2. प्रमाण

  • बैंक रिकॉर्ड

  • Screenshots

  • Transaction Hash

  • Order ID

  • भुगतान का प्रमाण

  • दूसरे जरूरी दस्तावेज

3. Filed Return

  • जमा की गई ITR

  • ITR की प्रति

  • Acknowledgment

  • संबंधित कर भुगतान का रिकॉर्ड

Files के नाम भी एक जैसे रखें। उदाहरण के लिए:

2026-05-14_Exchange_BTC-Sale.pdf

ऐसी व्यवस्था से पुराने रिकॉर्ड बाद में आसानी से खोजे जा सकते हैं।




CA को कौन-कौन से दस्तावेज दें?

अगर आप ITR किसी CA से भरवा रहे हैं, तो केवल पूरे साल का एक कुल आंकड़ा देने के बजाय व्यवस्थित रिकॉर्ड देना बेहतर है।

एक साथ ये चीजें तैयार रखें:

  • Crypto Working Sheet

  • Exchange Statements

  • P2P रिकॉर्ड

  • TDS का विवरण

  • AIS

  • Form 26AS

  • जरूरी बैंक रिकॉर्ड

  • बड़े या असामान्य लेन-देन के प्रमाण

  • Crypto-to-Crypto Swap का रिकॉर्ड

  • विदेशी मंच या संपत्ति से संबंधित रिकॉर्ड, यदि लागू हो

अगर आपके मामले में Crypto trading को व्यवसाय के रूप में दिखाना है, विदेशी संपत्ति से जुड़ा मामला है या पुराने वर्षों के रिकॉर्ड भी शामिल हैं, तो CA को शुरुआत में ही इसकी जानकारी दें।




महीने में सिर्फ 10 मिनट दें

Working Sheet का सबसे बड़ा फायदा तभी मिलता है, जब उसे साल के अंत में एक साथ भरने के बजाय समय-समय पर अपडेट किया जाए।

हर महीने लगभग 10 मिनट निकालकर:

  1. उस महीने के सभी Crypto लेन-देन जोड़ें।

  2. TDS का विवरण भरें।

  3. Statements को सही Folder में रखें।

  4. बड़े या असामान्य लेन-देन के सामने छोटी टिप्पणी लिखें।

  5. जरूरत होने पर Transaction Hash या Order ID जोड़ें।

यह छोटी आदत साल के अंत की भागदौड़ काफी कम कर सकती है।

अगर आपकी Crypto गतिविधि बहुत कम है, तो हर तिमाही में एक बार रिकॉर्ड अपडेट करना भी व्यावहारिक हो सकता है।




Crypto ITR Working Sheet को भरोसेमंद कैसे बनाएं?

हर लेन-देन के सामने यह लिखें कि जानकारी कहां से मिली।

इसके लिए एक अलग संदर्भ Column रखें। इसमें आप लिख सकते हैं:

  • Exchange Statement का नाम

  • Bank Entry की तारीख

  • Order ID

  • Transaction Hash

  • PDF का नाम

  • Screenshot का नाम

उदाहरण:

BTC बिक्री → Exchange Statement May 2026 → Order ID 45821

इससे बाद में Sheet में लिखे किसी भी आंकड़े का स्रोत जल्दी खोजा जा सकता है।

साल के अंत में Working Sheet की अंतिम प्रति PDF में भी सुरक्षित रख सकते हैं। साथ ही मूल Sheet की एक प्रति अलग जगह पर सुरक्षित रखना अच्छा रहेगा।




TDS का रिकॉर्ड अलग रखें

Crypto से जुड़े TDS को केवल Exchange Statement में देखकर छोड़ देना सही नहीं है।

Working Sheet में TDS के लिए अलग Column रखें और समय-समय पर इसे AIS तथा Form 26AS से मिलाएं।

यह भी ध्यान रखें कि TDS और अंतिम कर देनदारी एक ही चीज नहीं हैं। TDS पहले से काटी गई कर राशि का रिकॉर्ड है, जबकि अंतिम कर की गणना आपकी पूरी आय और लागू नियमों के आधार पर होती है।

आयकर विभाग के वर्तमान मार्गदर्शन में VDA से जुड़े TDS के लिए अलग प्रक्रिया दी गई है। 1 अप्रैल 2026 से लागू नए आयकर कानून के तहत संबंधित चालान-सह-TDS विवरण के लिए Form 141 की व्यवस्था की गई है। पुराने कानून के तहत 31 मार्च 2026 तक की संबंधित घटनाओं के लिए पुराने प्रावधान लागू रहते हैं। (Income Tax Department)

इसलिए अलग-अलग वित्त वर्षों के रिकॉर्ड को आपस में न मिलाएं।




Trading का लाभ और Taxable Income एक जैसी नहीं होती

Crypto trading में आपका वास्तविक आर्थिक लाभ निकालते समय Fees जैसी लागत महत्वपूर्ण हो सकती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर प्रकार की लागत को VDA की कर गणना में अपने-आप घटाया जा सकता है।

इसलिए Working Sheet में दो चीजें अलग रखें:

Trading का वास्तविक लाभ
और
कर की गणना के लिए इस्तेमाल होने वाला आंकड़ा

उदाहरण के लिए, यदि किसी लेन-देन में Exchange Fee लगी है, तो उसे अपनी Sheet में जरूर दर्ज करें। लेकिन उस Fee को कर योग्य आय से घटाया जा सकता है या नहीं, यह लागू कर नियम और आपकी स्थिति के अनुसार तय होगा।

इसलिए Exchange App पर दिख रहे Net Profit को सीधे Taxable Income न मानें।




विदेश में Crypto रखने वालों के लिए अलग रिकॉर्ड रखें

अगर आपने विदेशी Crypto मंच का इस्तेमाल किया है या विदेशी संपत्ति से जुड़ा कोई लेन-देन किया है, तो उसका रिकॉर्ड अधिक सावधानी से रखें।

केवल Crypto की संख्या लिखना पर्याप्त नहीं हो सकता। जरूरत के अनुसार ये जानकारी भी सुरक्षित रखें:

  • Crypto का नाम

  • मात्रा

  • तारीख

  • मुद्रा

  • विनिमय दर

  • खरीद या बिक्री का विवरण

  • संबंधित मंच

  • आपके पास रखी संपत्ति का विवरण

  • संबंधित प्रमाण

यह भी समझना जरूरी है कि विदेशी मंच का इस्तेमाल करना और विदेशी संपत्ति रखना हमेशा एक ही बात नहीं होती। ITR में क्या विवरण देना है, यह आपकी व्यक्तिगत स्थिति और लागू नियमों पर निर्भर कर सकता है।

ऐसे मामलों में CA या योग्य कर विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।




Airdrop, Staking और Gift को अलग पहचानें

हर Crypto जो आपके Wallet में आया है, उसका स्रोत एक जैसा नहीं होता।

इसलिए Airdrop, Staking से मिली Crypto, Gift और दूसरे स्रोतों से मिली Crypto को अलग-अलग दर्ज करें।

हर Entry के सामने रखें:

  • प्राप्त होने की तारीख

  • Crypto का नाम

  • मात्रा

  • उस समय का मूल्य

  • स्रोत

  • Transaction Hash

  • संबंधित दस्तावेज

ध्यान रखें कि सिर्फ अलग-अलग दर्ज करने से किसी लेन-देन का कर उपचार तय नहीं हो जाता। Airdrop, Staking और Gift की कर स्थिति उनके वास्तविक स्वरूप, लागू कानून और आपकी व्यक्तिगत परिस्थितियों पर निर्भर कर सकती है।

इसलिए Working Sheet में इनका स्रोत साफ लिखना आगे की कर गणना के लिए महत्वपूर्ण है।




Crypto ITR की तैयारी कब करें?

ITR भरने से कुछ दिन पहले पहली बार रिकॉर्ड तैयार करना सबसे अच्छा तरीका नहीं है।

बेहतर तरीका है:

पूरे साल रिकॉर्ड रखें → साल के अंत में मिलान करें → Schedule VDA के लिए आंकड़े तैयार करें → फिर ITR भरें।

ITR दाखिल करने से पहले खास तौर पर देखें:

  • क्या सभी प्रमुख Crypto लेन-देन दर्ज हैं?

  • क्या खरीद की लागत सही है?

  • क्या Transfer की तारीखें सही हैं?

  • क्या Crypto-to-Crypto Swap दर्ज हैं?

  • क्या अपने वॉलेट के बीच Transfer को अलग पहचाना गया है?

  • क्या TDS का पूरा विवरण मौजूद है?

  • क्या AIS और Form 26AS से मिलान किया गया है?

  • क्या बड़े लेन-देन के प्रमाण सुरक्षित हैं?

  • क्या Working Sheet और ITR में दी गई जानकारी एक-दूसरे से मेल खाती है?




एक आसान रिकॉर्ड रखने का नमूना

आप अपनी Working Sheet को इस तरह बना सकते हैं:

तारीख

Crypto

लेन-देन का प्रकार

मात्रा

खरीद लागत

प्राप्त रकम

TDS

Order ID / Hash

प्रमाण

10-05-2026

BTC

बिक्री

0.01

₹50,000

₹58,000

₹580

ABC123

May Statement

15-05-2026

ETH

Swap

0.20

XYZ456

Exchange Record

20-05-2026

USDT

अपने वॉलेट में Transfer

500

HASH789

Wallet Record

यह केवल रिकॉर्ड रखने का उदाहरण है। कर की अंतिम गणना करते समय लागू नियमों के अनुसार आंकड़ों की जांच करनी चाहिए।




Working Sheet से ITR तक पूरी प्रक्रिया

एक आसान तरीका यह है:

Exchange / Wallet Records

Working Sheet

लेन-देन की पहचान और वर्गीकरण

TDS का मिलान

AIS और Form 26AS से जांच

Schedule VDA के लिए आंकड़े तैयार करना

ITR में विवरण भरना

इस तरह ITR भरना केवल अनुमान के आधार पर आंकड़े डालने का काम नहीं रह जाता, बल्कि आपके पास हर महत्वपूर्ण आंकड़े के पीछे उसका रिकॉर्ड भी मौजूद रहता है।




ITR-2 या ITR-3 का सवाल

Crypto की आय वाले हर व्यक्ति के लिए एक ही ITR Form जरूरी नहीं होता। आयकर विभाग के अनुसार ITR-2 और ITR-3 में Schedule VDA उपलब्ध है। कौन-सा Form आपके लिए सही है, यह आपकी कुल आय, व्यवसाय या पेशे से जुड़ी स्थिति और दूसरे लागू विवरणों पर निर्भर कर सकता है। (Income Tax Department)

अगर आप Crypto trading को व्यवसाय के रूप में करते हैं या आपके पास अन्य जटिल आय है, तो केवल Crypto के आधार पर Form चुनने के बजाय अपनी पूरी कर स्थिति देखकर निर्णय लें।




शब्दावली आसान भाषा में

Working Sheet: Crypto लेन-देन और उनसे जुड़े रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने वाली Sheet।

Schedule VDA: ITR में Virtual Digital Assets से जुड़े लेन-देन की जानकारी देने वाला हिस्सा।

Reconciliation: अपनी Sheet की जानकारी को AIS, Form 26AS, Statements और दूसरे रिकॉर्ड से मिलाना।

Archive: पुराने वर्षों के रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने की व्यवस्था।

Acknowledgment: ITR जमा होने के बाद मिलने वाला प्रमाण।

Transaction Hash: Blockchain पर किसी लेन-देन की पहचान करने वाला विशिष्ट संकेत।

Consideration: किसी लेन-देन के बदले प्राप्त होने वाला मूल्य या रकम।




आम गलतियों से बचें

Crypto ITR तैयार करते समय इन गलतियों से बचना उपयोगी है:

  • केवल Exchange App के Net Profit पर भरोसा करना

  • पूरे साल का एक ही कुल आंकड़ा बनाना

  • Crypto-to-Crypto Swap भूल जाना

  • अपने वॉलेट के बीच Transfer को बिक्री मान लेना

  • TDS का मिलान न करना

  • Transaction Hash और Order ID सुरक्षित न रखना

  • अलग-अलग वित्त वर्षों के रिकॉर्ड मिला देना

  • Airdrop और Staking को बिना पहचान के एक ही श्रेणी में रखना

  • विदेशी मंच के रिकॉर्ड को अधूरा छोड़ देना

  • Working Sheet और ITR में अलग-अलग आंकड़े देना




इस Guide की अंतिम समीक्षा

इस Guide की अंतिम समीक्षा अगस्त 2026 में की गई है।

कर कानून, ITR Form, TDS की प्रक्रिया और दाखिल करने के नियम समय के साथ बदल सकते हैं। खास तौर पर 1 अप्रैल 2026 से लागू नए आयकर कानून के कारण पुराने और नए वित्त वर्षों के रिकॉर्ड को अलग-अलग समझना जरूरी है। आयकर विभाग ने नए कानून के तहत VDA और TDS से संबंधित प्रक्रियाओं के लिए नई व्यवस्थाएं भी जारी की हैं। (Income Tax Department)

इसलिए ITR दाखिल करने से पहले उस वित्त वर्ष के लिए आयकर विभाग के मौजूदा आधिकारिक नियम और निर्देश जरूर जांचें।




Disclaimer

यह लेख केवल सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। इसे Tax, Legal या Investment Advice न माना जाए।

Crypto और VDA से जुड़े कर नियम, TDS की प्रक्रिया और ITR दाखिल करने की आवश्यकताएं समय के साथ बदल सकती हैं। आपकी कर स्थिति आपके लेन-देन, आय के स्रोत, व्यवसाय, विदेशी संपत्ति और अन्य परिस्थितियों पर निर्भर कर सकती है।

ITR दाखिल करने से पहले नवीनतम आधिकारिक जानकारी जांचें और जरूरत होने पर योग्य CA या कर विशेषज्ञ से सलाह लें।

किसी भी Tax Saving Scheme या “Notice Settle” कराने के नाम पर किए जाने वाले संदिग्ध प्रस्तावों से सावधान रहें। यदि आप Cyber Fraud के शिकार हुए हैं, तो उचित आधिकारिक माध्यम से शिकायत करें।

लेखक परिचय
Bharat Batwal Hindi News Writer

Bharat Batwal एक उभरते हुए क्रिप्टो कंटेंट राइटर हैं, जिनका एजुकेशन और टेक्नोलॉजी में मजबूत बैकग्राउंड रहा है। उन्होंने पिछले 6 वर्ष में फाइनेंस, ब्लॉकचेन, Web3 और डिजिटल एसेट्स जैसे विषयों पर डेटा-ड्रिवन और SEO-अनुकूल कंटेंट लिखा है, जो नए और प्रोफेशनल रीडर्स दोनों के लिए उपयोगी साबित हुआ है। रोनक की लेखनी का फोकस जटिल तकनीकी टॉपिक्स को आसान भाषा में समझाना है, जिससे क्रिप्टो स्पेस में ट्रस्ट और क्लैरिटी बनी रहे। उन्होंने CoinGabbar.com, Medium और अन्य क्रिप्टो प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए ब्लॉग्स और न्यूज़ स्टोरीज़ लिखी हैं, जिनमें क्रिएटिविटी और रिसर्च का संतुलन होता है। रोनक की स्टाइल डिटेल-ओरिएंटेड और रिस्पॉन्सिव है, और वह तेजी से बदलते क्रिप्टो परिदृश्य में एक विश्वसनीय आवाज़ बनने की ओर अग्रसर हैं। LinkedIn पर प्रोफ़ाइल देखें या उनके आर्टिकल्स यहाँ पढ़ें।

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FAQ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब यहाँ पाएँ और समझें कि सब कुछ कैसे काम करता है।

Crypto ITR Working Sheet एक ऐसी रिकॉर्ड-शीट है जिसमें पूरे वित्त वर्ष के Crypto लेन-देन, खरीद लागत, प्राप्त रकम, TDS और संबंधित प्रमाण एक जगह व्यवस्थित किए जाते हैं। इससे ITR भरते समय अलग-अलग Exchange, Bank और Blockchain रिकॉर्ड बार-बार खोजने की जरूरत कम होती है।

Working Sheet में तारीख, Crypto का नाम, मात्रा, लेन-देन का प्रकार, खरीद लागत, प्राप्त रकम, TDS और Exchange या Wallet की जानकारी रखना उपयोगी है। साथ ही Order ID, Transaction Hash, Statement का नाम और अन्य प्रमाणों का संदर्भ भी दर्ज करना चाहिए।

Working Sheet को इस तरह तैयार किया जा सकता है कि उससे Schedule VDA के लिए जरूरी लेन-देन संबंधी जानकारी आसानी से मिल सके। प्रत्येक लागू लेन-देन के लिए Crypto, तारीख, मात्रा, खरीद लागत, प्राप्त रकम और संबंधित रिकॉर्ड व्यवस्थित रखना उपयोगी है।

हर Crypto Exchange या संबंधित मंच से वित्त वर्ष के Statements निकालकर, जहां संभव हो, CSV और PDF दोनों सुरक्षित रखें। Wallet Records, Bank Entries और Blockchain Transaction Hash को भी अलग Folder में व्यवस्थित रखना चाहिए ताकि बाद में किसी आंकड़े का स्रोत आसानी से खोजा जा सके।

Bitcoin के बदले USDT जैसी Crypto-to-Crypto Swap को अलग प्रकार के लेन-देन के रूप में रिकॉर्ड करना चाहिए। Working Sheet में दी गई Crypto, मिली Crypto, दोनों की मात्रा, तारीख, उस समय का मूल्य, Exchange या Wallet, Order ID और Transaction Hash जैसी जानकारी रखना उपयोगी है।

सिर्फ अपने एक Wallet से दूसरे अपने Wallet में Crypto भेजने को अपने-आप बिक्री नहीं मानना चाहिए। Working Sheet में भेजने वाले और पाने वाले Wallet, Crypto की मात्रा, तारीख और Transaction Hash दर्ज करें ताकि लेन-देन का वास्तविक स्वरूप स्पष्ट रहे।

Crypto से संबंधित TDS को Working Sheet में अलग Column में दर्ज करना चाहिए और संबंधित लेन-देन तथा स्रोत का रिकॉर्ड रखना चाहिए। इसे समय-समय पर AIS और Form 26AS से मिलाने पर रिपोर्टिंग में संभावित अंतर पहचानने में मदद मिल सकती है। TDS और अंतिम Tax Liability को एक ही चीज नहीं मानना चाहिए।

नहीं, Exchange App पर दिखाई देने वाला Net Profit और Taxable Income जरूरी नहीं कि एक ही हों। Trading में लगी Fees जैसी लागत को Working Sheet में दर्ज करना चाहिए, लेकिन उसे कर योग्य आय से घटाया जा सकता है या नहीं, यह लागू कर नियमों और आपकी व्यक्तिगत स्थिति पर निर्भर करता है।

Airdrop, Staking से प्राप्त Crypto, Gift और अन्य प्राप्तियों को अलग-अलग पहचानकर रिकॉर्ड करना उपयोगी है। प्रत्येक Entry में प्राप्ति की तारीख, Crypto, मात्रा, उस समय का मूल्य, स्रोत, Transaction Hash और संबंधित दस्तावेज का संदर्भ रखें; इनका अंतिम Tax Treatment लेन-देन के वास्तविक स्वरूप और लागू नियमों पर निर्भर करता है।

विदेशी Crypto मंच से जुड़े लेन-देन के लिए Crypto का नाम, मात्रा, तारीख, मुद्रा, विनिमय दर, खरीद या बिक्री का विवरण, मंच और संबंधित प्रमाण सुरक्षित रखें। विदेशी मंच का इस्तेमाल करना और विदेशी संपत्ति रखना हमेशा एक ही बात नहीं है, इसलिए ITR में लागू विवरण आपकी व्यक्तिगत स्थिति और संबंधित नियमों के आधार पर तय होने चाहिए।

पहले Working Sheet में दर्ज TDS और अन्य संबंधित आंकड़ों को AIS तथा Form 26AS के विवरण से मिलाएं। यदि कोई अंतर मिले, तो संबंधित लेन-देन, तारीख या रिपोर्टिंग स्रोत की जांच करें और अंतर को बिना जांचे नजरअंदाज न करें।

CA को Crypto Working Sheet के साथ Exchange Statements, P2P Records, TDS विवरण, AIS, Form 26AS, जरूरी Bank Records और बड़े या असामान्य लेन-देन के प्रमाण देना उपयोगी है। यदि Crypto trading व्यवसाय के रूप में की जाती है, विदेशी मंच या संपत्ति से जुड़ा मामला है, या पुराने वर्षों के रिकॉर्ड शामिल हैं, तो इसकी जानकारी CA को शुरुआत में ही दें।

साल के अंत में एक साथ रिकॉर्ड तैयार करने के बजाय हर महीने लगभग 10 मिनट देकर उस महीने के Crypto लेन-देन, TDS और Statements अपडेट करना बेहतर है। बड़े या असामान्य लेन-देन के सामने छोटी टिप्पणी और Order ID या Transaction Hash जोड़ने से साल के अंत में Reconciliation आसान हो सकता है।

ITR दाखिल करने से पहले देखें कि सभी प्रमुख लेन-देन, खरीद लागत, Transfer की तारीखें, Crypto-to-Crypto Swaps और TDS दर्ज हैं। इसके अलावा AIS और Form 26AS से मिलान, बड़े लेन-देन के प्रमाण और Working Sheet तथा ITR में आंकड़ों की consistency भी जांचनी चाहिए।

Crypto या VDA आय वाले हर व्यक्ति के लिए एक ही ITR Form जरूरी नहीं होता। ITR-2 और ITR-3 में Schedule VDA उपलब्ध हो सकता है, लेकिन सही Form आपकी कुल आय, व्यवसाय या पेशे की स्थिति और अन्य लागू विवरणों पर निर्भर करता है।

Transaction Hash Blockchain लेन-देन की पहचान करने में मदद करता है, जबकि Order ID Exchange या P2P लेन-देन को खोजने में उपयोगी हो सकता है। इन्हें Statement, Bank Entry या Screenshot के संदर्भ के साथ रखने से किसी भी आंकड़े के स्रोत को बाद में जल्दी verify किया जा सकता है।

हर वित्त वर्ष के लिए अलग मुख्य Folder बनाकर उसमें Statements, प्रमाण और Filed Return जैसे अलग हिस्से रखे जा सकते हैं। Exchange Statements, P2P Records, Wallet Records, Bank Proofs, Transaction Hashes, जमा की गई ITR और Acknowledgment को स्पष्ट और consistent file names के साथ सुरक्षित रखना उपयोगी है।

सिर्फ Exchange के Net Profit पर भरोसा करना, Crypto-to-Crypto Swap भूल जाना, अपने Wallet Transfer को बिक्री मान लेना और TDS का मिलान न करना आम गलतियां हैं। इसके अलावा Transaction Hash या Order ID सुरक्षित न रखना, अलग वित्त वर्षों के रिकॉर्ड मिलाना और Working Sheet तथा ITR में अलग आंकड़े देना भी समस्याएं पैदा कर सकता है।