मुख्य सामग्री पर जाएँ
Algorand

Algorand Price In India

algo
₹10.54

₹0.0050 ( 5.18%)

तक की स्थिति 06:46 AM

24H Range
₹9.68 ₹10.98
L
H
52 Week Range
₹7.42 ₹22.02
L
H
24H Volume
₹2,117.27 Cr
Algorand Algorand Price In India $algo
$ 0.109827

$0.01 ( 5.18%)

As on 21 Sep 2026 06:46 AM

24H Range
0.10 0.11
L
H
52 Week Range
0.08 0.23
L
H
24H Volume
220,595,203
मार्केट कैप ₹9,548.16 Cr
फुली डाइल्यूटेड वैल्यूएशन ₹9,548.31 Cr
सप्लाई सर्कुलेटिंग 9,042,435,038 algo
सप्लाई टोटल 9,042,575,000 algo
सप्लाई मैक्स 10,000,000,000 algo

Algorand की जानकारी

एक्सप्लोरर्स
algo Historical Price
24h Range ₹0.50
7d Range ₹156.01
All-Time High ₹341.69
All-Time Low ₹7.27
algo ↔ INR कैलकुलेटर
INR
algo
algo ↔ USD कैलकुलेटर
USD
algo
Algorand न्यूज़ (algo न्यूज़)

 

Algorand (ALGO) प्राइस आज INR में — अच्छी तकनीक के बावजूद भाव क्यों नहीं बढ़ा?

ऊपर ALGO का लाइव INR भाव दिया गया है। इसका सबसे ऊँचा भाव जून 2019 में बना था और आज यह उस स्तर से लगभग 97.5% नीचे है। खास बात यह है कि इसका शिखर 2021 की crypto तेजी से भी पहले का है।ALGO की कहानी इसलिए दिलचस्प है क्योंकि इसमें कई ऐसी खूबियाँ हैं जिन्हें निवेशक अच्छी परियोजना की पहचान मानते हैं। इसे एक प्रसिद्ध कंप्यूटर वैज्ञानिक ने शुरू किया, इसका consensus मजबूत गणितीय आधार पर बना है, इसकी chain कभी बड़े स्तर पर नहीं टूटी और transactions तुरंत final हो जाते हैं। फिर भी token का प्रदर्शन बहुत खराब रहा।इससे एक बड़ा सवाल उठता है: अगर तकनीक इतनी अच्छी थी, तो token की कीमत क्यों नहीं बढ़ी? इसका जवाब केवल तकनीक में नहीं, बल्कि लोगों तक पहुँच, developer ecosystem और token की supply में छिपा है।

ALGO की तकनीकी खूबियाँ वास्तव में मजबूत हैं

किसी परियोजना की केवल कमियाँ गिनाना सही नहीं होगा। ALGO की तकनीक में कुछ वास्तविक खूबियाँ हैं।इसका consensus इस तरह बनाया गया है कि chain दो अलग-अलग हिस्सों में आसानी से नहीं बँटती। कई दूसरी blockchains में कुछ समय के लिए अलग-अलग transaction history बन सकती है और बाद में एक history को चुना जाता है। ALGO में transaction final होने के बाद उसे वापस बदलना बहुत कठिन है।इसकी एक और खासियत है कि transactions बहुत जल्दी final हो जाते हैं। कम transaction fee और कम energy consumption भी इसके पक्ष में हैं।इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि ALGO की तकनीक खराब थी। असली समस्या यह रही कि अच्छी तकनीक अपने-आप token की कीमत नहीं बढ़ाती।

2019 की पहली नीलामी ने शुरुआत में ही बड़ी समस्या पैदा कर दी

ALGO का token जून 2019 में एक सार्वजनिक नीलामी के जरिए बाजार में आया। इस नीलामी में कीमत ऊपर से शुरू होकर नीचे आती थी और जहाँ खरीदारों की मांग मिलती थी, वहीं कीमत तय होती थी।शुरुआती नीलामी में कीमत बहुत ऊँची तय हो गई। इसके बाद token का भाव तेजी से गिर गया। स्थिति इतनी खराब हुई कि परियोजना को शुरुआती खरीदारों को उनकी बड़ी राशि वापस करने का विकल्प देना पड़ा, बशर्ते वे कुछ समय तक token को अपने पास रखें।इस घटना से तीन महत्वपूर्ण बातें समझ आती हैं।

पहली, बहुत कम मात्रा में हुई शुरुआती बिक्री की कीमत पूरे बाजार की सही कीमत नहीं होती।

दूसरी, अगर किसी परियोजना को अपने शुरुआती खरीदारों को पैसा वापस करने की जरूरत पड़ जाए, तो यह संकेत है कि शुरुआती valuation बहुत ऊँचा था।

तीसरी, शुरुआती कीमत की समस्या को बाद में आसानी से ठीक नहीं किया जा सकता। बाजार को उस ऊँची कीमत को समय के साथ स्वीकार करना पड़ता है।

पुरस्कार से बनी मांग हमेशा असली मांग नहीं होती

ALGO की कहानी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा इसके incentive programs हैं।एक समय ऐसा कार्यक्रम था जिसमें लोग अपने ALGO को कुछ समय के लिए रोककर रखते थे और बदले में उन्हें नए ALGO reward के रूप में मिलते थे। इसका उद्देश्य लोगों को लंबे समय तक token रखने और network में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना था।समस्या यह है कि reward भी उसी token में दिया जा रहा था। इसका मतलब यह हुआ कि यह पैसा किसी बाहरी कारोबार से नहीं आ रहा था, बल्कि नई token supply के रूप में बन रहा था।इससे दो चीजें हुईं। पहली, network participation के आंकड़े अच्छे दिखाई दिए। दूसरी, बाजार में token की supply भी बढ़ती रही।जब reward program कम हुआ या बंद हुआ, तो उस program से मिलने वाली मांग भी कम हो गई।इसलिए एक महत्वपूर्ण नियम याद रखें:जिस activity के लिए लोगों को reward दिया जा रहा है, वह जरूरी नहीं कि वास्तविक मांग हो।असल सवाल यह है कि reward बंद होने के बाद भी क्या लोग उस product का इस्तेमाल करते हैं?

ALGO की असली कमजोरी तकनीक नहीं, उसका distribution था

ALGO की समस्या को तीन हिस्सों में समझना आसान है।

पहली समस्या — developers तक पहुँच। ALGO की अपनी programming व्यवस्था थी। तकनीकी रूप से यह अच्छी हो सकती थी, लेकिन developers पहले से दूसरी blockchain technologies के साथ काम कर रहे थे। इसलिए उन्हें ALGO पर आने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती थी।Crypto में developers अक्सर वहीं जाते हैं जहाँ पहले से users, tools और पैसा मौजूद हो। सिर्फ बेहतर technology इस network effect को आसानी से नहीं बदलती।

दूसरी समस्या — token supply। ALGO की अधिकतम supply 10 अरब tokens तय की गई थी। लेकिन ये tokens एक साथ बाजार में नहीं आए। समय के साथ rewards, grants और ecosystem programs के जरिए supply बढ़ती रही।अगर supply लगातार बढ़ रही हो और नई मांग पर्याप्त तेज़ी से न आए, तो token की कीमत पर दबाव बना रहता है।

तीसरी समस्या — आसान कहानी की कमी। Crypto बाजार में ऐसी परियोजनाओं को समझाना आसान होता है जिनकी कहानी एक-दो वाक्यों में बताई जा सके। ALGO की असली ताकत उसका technical design और consensus था, जिसे आम निवेशक के लिए समझना उतना आसान नहीं था।इसलिए समस्या केवल technology की नहीं थी। Technology अच्छी थी, लेकिन उसे बड़े पैमाने पर users और developers तक पहुँचाना कठिन रहा।

ALGO को समझने के लिए ये चार आंकड़े देखें

ALGO का analysis करते समय केवल price chart देखना पर्याप्त नहीं है। चार चीजें खास तौर पर देखें।

पहली — active addresses और transactions। यह देखें कि कितने लोग वास्तव में network इस्तेमाल कर रहे हैं और कितनी activity incentives की वजह से हो रही है।

दूसरी — वास्तविक network fees। सिर्फ कुल transactions बढ़ने की खबर न देखें। यह भी देखें कि network से वास्तव में कितनी fee income पैदा हो रही है।

तीसरी — token supply। कितने ALGO बाजार में आ चुके हैं और आने वाले समय में कितने और tokens जारी होंगे, यह समझना जरूरी है।

चौथी — बिना reward वाला उपयोग। सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि अगर incentives और rewards पूरी तरह बंद हो जाएँ, तो क्या users फिर भी network का इस्तेमाल करेंगे?यही असली और टिकाऊ मांग की परीक्षा है।

भारत में ALGO कहाँ मिलेगा और क्या सावधानी रखें?

भारत में ALGO आम तौर पर crypto trading platforms पर उपलब्ध हो सकता है। किसी भी platform का इस्तेमाल करने से पहले यह देख लें कि वह भारत में लागू नियमों के अनुसार काम कर रहा है या नहीं।ALGO को किसी दूसरे wallet या platform पर भेजते समय दोनों तरफ की network compatibility जरूर जाँचें। बड़ी रकम भेजने से पहले छोटी रकम भेजकर test transaction करना बेहतर है।

पुराने ALGO निवेशकों के लिए सबसे जरूरी सवाल

अगर आपने 2019–21 के दौरान ALGO खरीदा था, तो सिर्फ अपनी पुरानी खरीद कीमत देखकर फैसला न करें।पहला सवाल यह नहीं होना चाहिए कि "मैंने कितने में खरीदा था?"बेहतर सवाल है:"अगर आज मेरे पास यही पैसा होता, तो क्या मैं ALGO में दोबारा निवेश करता?"इस सवाल का जवाब आज के active users, transactions, वास्तविक fees, supply और बिना incentive वाले उपयोग को देखकर दें।साथ ही अपनी पुरानी खरीद का record अभी सुरक्षित रख लें। पुराने transaction records बाद में ढूँढना मुश्किल हो सकता है।

भारत में ALGO पर कर कैसे समझें?

भारत में digital assets पर लागू कर नियमों के अनुसार VDA से होने वाले लाभ पर 30% tax लगता है। इसके अलावा applicable cess भी जुड़ सकता है। बिक्री के समय 1% TDS का नियम भी लागू हो सकता है और VDA losses को दूसरी आय से adjust या आगे carry forward नहीं किया जा सकता।अगर आपको ALGO किसी reward या participation program से मिला है, तो उस प्राप्ति की tax treatment अलग हो सकती है। बाद में उन tokens को बेचने पर एक अलग calculation भी बन सकती है।इसलिए reward, खरीद और बिक्री के सभी records संभालकर रखें और जटिल मामलों में योग्य tax professional से सलाह लें।

ALGO के नाम पर होने वाली आम ठगी से बचें

ALGO से जुड़ी ठगी कई तरीकों से हो सकती है।पहला, ऐसे fake staking या governance websites जो बहुत ज्यादा या निश्चित return का दावा करें। "Guaranteed" या "Fixed" return का दावा अपने-आप में warning sign है।दूसरा, ऐसी website जो आपकी wallet की seed phrase या private key मांगे। कोई भरोसेमंद service आपकी seed phrase नहीं मांगती।तीसरा, ALGO जैसे नाम वाला नकली token। किसी भी token को खरीदने से पहले उसका official contract address खुद verify करें।अगर ठगी हो जाए तो तुरंत 1930 पर संपर्क करें, cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें और अपने bank या संबंधित financial institution को भी जानकारी दें। सभी screenshots, transaction IDs और दूसरे सबूत सुरक्षित रखें।

ALGO की यात्रा: 2019 से 2026 तक

जून 2019: ALGO की सार्वजनिक नीलामी हुई और लगभग $3.56 का शुरुआती सर्वकालिक उच्च स्तर दर्ज हुआ। इसके बाद कीमत तेजी से गिर गई और शुरुआती खरीदारों को राशि वापस करने का विकल्प दिया गया।

2020–21: technology और ecosystem का विस्तार हुआ। 2021 की crypto तेजी में कीमत में सुधार आया, लेकिन 2019 के स्तर तक नहीं पहुँची।

2022–23: incentive-based participation बढ़ी। Network activity के आंकड़े मजबूत दिखे, लेकिन token supply भी बढ़ती रही।

2024: reward structure में बदलाव किए गए और developer experience को बेहतर बनाने की कोशिश हुई।

2025–26: blockchain लगातार चलती रही, fees बहुत कम रहीं और network में कोई बड़ा breakdown नहीं हुआ। फिर भी token की कीमत 2019 के शिखर से लगभग 97.5% नीचे रही।

इसलिए मुख्य सवाल अभी भी यही है: क्या ALGO पर बिना incentives के पर्याप्त वास्तविक उपयोग पैदा हो रहा है?

ALGO के फायदे और कमजोरियाँ

फायदे: ALGO की technology मजबूत है। इसका consensus गंभीर academic research पर आधारित है। Transactions जल्दी final होते हैं, fees बहुत कम हैं और network लंबे समय से लगातार चल रहा है। इसकी maximum supply भी सीमित है।

कमजोरियाँ: developers और users का ecosystem उतनी तेजी से नहीं बढ़ा जितनी जरूरत थी। Incentive programs ने participation बढ़ाई, लेकिन जरूरी नहीं कि उन्होंने टिकाऊ demand बनाई हो। लंबे समय तक token supply भी बढ़ती रही।

इसलिए ALGO को "खराब blockchain" कहना सही नहीं है। बेहतर वर्गीकरण यह है:ALGO एक अच्छी तकनीकी infrastructure है, लेकिन उसका distribution और adoption कमजोर रहा है।

ALGO की पूरी कहानी सात बातों में

  1. ALGO का सबसे बड़ा शिखर जून 2019 में बना था।
  2. शुरुआती नीलामी में कीमत बहुत ऊँची तय हुई और बाद में भारी गिरावट आई।
  3. शुरुआती खरीदारों को राशि वापस करने की पेशकश करनी पड़ी।
  4. इसकी technology वास्तव में मजबूत है और network लंबे समय से चलता रहा है।
  5. कई incentives से बनी activity वास्तविक demand के बराबर नहीं थी।
  6. Reward बंद होने के बाद टिकाऊ उपयोग ही असली परीक्षा है।
  7. ALGO की सबसे बड़ी समस्या technology नहीं, बल्कि developers, users और token supply का संतुलन रहा है।

ALGO को लेकर पाँच आसान सवाल

अगर technology अच्छी है तो कीमत इतनी नीचे क्यों है?
क्योंकि अच्छी technology और token की मांग दो अलग चीजें हैं। ALGO को developer adoption, user growth और supply pressure जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।

2019 की नीलामी में क्या हुआ था?
शुरुआती कीमत बहुत ऊँची तय हुई और उसके बाद token का भाव तेजी से गिर गया। शुरुआती खरीदारों को राशि वापस करने का विकल्प भी दिया गया।

Rewards से समस्या क्या थी?
Rewards खराब नहीं थे। लेकिन वे उसी ALGO token में मिलते थे, इसलिए उनसे बनी activity को पूरी तरह वास्तविक market demand नहीं माना जा सकता।

क्या ALGO blockchain अभी भी चल रही है?
हाँ। इसकी technology और network लंबे समय से operational रहे हैं। इसकी समस्या network के चलने से ज्यादा token adoption और demand की रही है।

क्या भारत में ALGO रखना गैरकानूनी है?
सिर्फ ALGO रखने पर सामान्य रूप से ऐसा नहीं है कि वह अपने-आप गैरकानूनी हो जाए। लेकिन crypto assets को भारत में मुद्रा का दर्जा नहीं है और लागू tax तथा compliance नियमों का पालन करना जरूरी है।

अंतिम सीख: अच्छी technology अकेले बाजार नहीं जीतती

ALGO की कहानी हमें एक बहुत पुरानी business सीख देती है:सबसे अच्छी technology हमेशा बाजार की विजेता नहीं बनती।लोग अक्सर वही product चुनते हैं जहाँ पहले से users, developers, tools और पैसा मौजूद हो। इसलिए किसी technology का बेहतर होना जरूरी है, लेकिन वह पर्याप्त नहीं है।Crypto में किसी परियोजना को देखते समय दो सवाल हमेशा अलग रखें:"क्या technology अच्छी है?"और"क्या लोग वास्तव में इसका इस्तेमाल कर रहे हैं?"पहले सवाल का जवाब technical papers और network design से मिल सकता है। दूसरे का जवाब active users, fees, transactions और वास्तविक उपयोग के आंकड़ों से मिलेगा।ALGO की पूरी कहानी यही दिखाती है कि technology अच्छी हो सकती है, लेकिन अगर users और developers नहीं आते, तो token की कीमत पर उसका असर सीमित रह सकता है।

शब्दावली

तत्काल अन्तिमता: transaction दर्ज होने के बाद उसका जल्दी final हो जाना और उसे आसानी से बदला न जा सकना।

Chain विभाजन: blockchain का कुछ समय के लिए दो अलग transaction histories में बँट जाना।

डच नीलामी: ऐसी नीलामी जिसमें कीमत ऊपर से शुरू होकर नीचे आती है और जहाँ खरीदारों की मांग मिलती है, वहाँ कीमत तय होती है।

प्रोत्साहित भागीदारी: reward मिलने के कारण किसी network या product का इस्तेमाल करना।

अन्तर्जात reward: उसी token में मिलने वाला reward जिसे user पहले से रखता है। इससे नई token supply बढ़ सकती है।

Developer गुरुत्व: developers का उन networks की ओर जाना जहाँ पहले से users, tools और capital मौजूद हों।

Distribution: किसी technology या product को developers और users तक पहुँचाने की क्षमता।

अनिवार्य सूचना

यह लेख केवल जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसे निवेश, trading, tax या कानूनी सलाह न समझें। लेख तैयार करने वालों का ALGO, किसी exchange या किसी अन्य संबंधित संस्था से कोई आर्थिक संबंध या हित नहीं है।ALGO एक अत्यधिक volatile crypto asset है। इसका जून 2019 के शिखर से लगभग 97.5% नीचे होना बताता है कि इसमें बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है और इसकी कीमत पूरी तरह शून्य भी हो सकती है।ALGO की नीलामी, reward programs, token supply और network activity से जुड़े आंकड़ों को आधिकारिक स्रोतों और blockchain explorers से स्वयं verify करें। किसी token को खरीदने या transfer करने से पहले उसका सही contract address और network जरूर जाँचें।भारत में लागू VDA tax rules के अनुसार लाभ पर 30% tax, applicable cess, बिक्री पर 1% TDS और losses को दूसरी आय से adjust या आगे carry forward न करने जैसे नियम लागू हो सकते हैं। Reward या participation program से मिले tokens की tax treatment अलग हो सकती है। अपने transaction records सुरक्षित रखें और जरूरत पड़ने पर योग्य tax professional से सलाह लें।किसी भी platform का इस्तेमाल करने से पहले उसकी registration, उपलब्धता और लागू compliance requirements जाँचें। बड़ी रकम transfer करने से पहले छोटी test transaction करना बेहतर है।अगर cyber fraud हो जाए तो तुरंत 1930 पर संपर्क करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। सभी transaction IDs, screenshots, wallet addresses और अन्य प्रमाण सुरक्षित रखें।

 

Also read: ABBC Price INR, India

faq अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब यहाँ पाएँ और समझें कि सब कुछ कैसे काम करता है।

Algorand एक Pure Proof of Stake blockchain है, जिसे 2019 में Turing Award विजेता Silvio Micali ने बनाया।
मौजूदा रेट ऊपर लाइव चार्ट में दिखाया गया है।
global demand-supply और USD exchange rate के आधार पर।
CoinDCX और WazirX जैसे रजिस्टर्ड एक्सचेंज पर ALGO उपलब्ध है।
हाँ, KYC पूरा करके रजिस्टर्ड एक्सचेंज पर ALGO खरीदना कानूनी है।
10 billion तय है, genesis पर ही mint हुई थी।
Algorand का consensus मॉडल, जो randomly चुने गए validators से सुरक्षित और तेज़ transactions देता है।
Payments, asset tokenization, CBDC पायलट प्रोजेक्ट्स और DeFi में।
MIT प्रोफेसर और Turing Award विजेता Silvio Micali ने।
ऊपर stats table में ताज़ा आंकड़ा दिखाया गया है।
Pera Wallet जैसे native wallet या Ledger में।
हाँ, governance participation के जरिए ALGO holders rewards कमा सकते हैं।
कई देशों ने Algorand को अपने CBDC पायलट के लिए चुना है।
एक्सचेंज trading fee और लागू टैक्स नियम लागू होते हैं।