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Litecoin

Litecoin Price In India

LTC / INR #26
₹6,168.50

( 0.46%) 24h

तक की स्थिति 06:35 PM

24H Range
₹6,105.64 ₹6,185.90
L
H
52 Week Range
₹3,952.45 ₹10,606.49
L
H
मार्केट कैप ₹4,634,958.40 Cr
फुली डाइल्यूटेड वैल्यूएशन ₹4,635,120.92 Cr
24H वॉल्यूम ₹612,633.84 Cr
सप्लाई सर्कुलेटिंग 77,699,454 LTC
सप्लाई टोटल 77,702,360 LTC
सप्लाई मैक्स 84,000,000 LTC
Litecoin Litecoin Price In India LTC / USD #26
$63.68

( 0.46%) 24h

As on 10 Oct 2026 06:35 PM

24H Range
63.14 63.97
L
H
52 Week Range
40.87 109.68
L
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Market Cap $4,948,147,712
Fully Diluted Valuation $4,948,321,212
24H Volume $654,030,194
Circulating Supply 77,699,454 LTC
Total Supply 77,702,360 LTC
Max Supply 84,000,000 LTC
LTC Historical Price
24h बदलाव -0.46%
7d बदलाव -8.03%
1 साल का बदलाव -35.19%
All-Time High ₹39,672.14
All-Time Low ₹111.21

LTC to INR Chart

Litecoin (LTC) की कीमत आज ₹6,168.50 है, जो पिछले 24 घंटों में 0.46% की गिरावट है और पिछले 7 दिनों में 8.03% नीचे है। पिछले 24 घंटों में Litecoin का कुल ट्रेडिंग वॉल्यूम ₹6,324.47 Cr रहा। Litecoin का मार्केट कैप ₹47,848.59 Cr है और मार्केट कैप के हिसाब से यह #26 पर है।

LTC ↔ INR कैलकुलेटर
INR
LTC
LTC ↔ USD कैलकुलेटर
USD
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Litecoin की जानकारी

कम्युनिटी litecointalk.org
वेबसाइट litecoin.org

Litecoin न्यूज़ (ltc न्यूज़)

Litecoin (LTC) Price Today INR में — लाइव भाव, इतिहास और भारतीय निवेशकों के लिए पूरी जानकारी

इस पेज पर Litecoin (LTC) का लाइव INR price, market cap, trading volume और chart दिया गया है। नीचे Litecoin से जुड़ी जरूरी बातें आसान भाषा में समझाई गई हैं।

 

Litecoin (LTC): ‘Digital Silver’ की 14 साल की कहानी

ऊपर LTC का लाइव INR भाव है। Litecoin 2011 में शुरू हुआ था और इसे शुरुआत से ही “Bitcoin का silver” कहा गया—यानी Bitcoin की तरह एक decentralized payment coin, लेकिन तेज़ transactions और अलग mining system के साथ। आज भी इसकी अधिकतम supply 84 million LTC है और यह पुराने, लगातार चल रहे crypto networks में शामिल है।इस पेज में हम देखेंगे कि Litecoin का “digital silver” वाला विचार 14 साल में कितना सफल रहा। साथ ही halving, Dogecoin के साथ merged mining, MWEB privacy feature, 2021 के बड़े price fall और Walmart वाली fake-news घटना को समझेंगे। अंत में payments के उपयोग, जोखिम और भारतीय LTC holders के लिए जरूरी बातों को आसान भाषा में देखेंगे। 

Litecoin का जन्म: Bitcoin का हल्का और तेज़ संस्करण

Charlie Lee ने 2011 में Bitcoin के आधार पर Litecoin बनाया। इसमें block time लगभग 2.5 मिनट, अधिकतम supply 84 million LTC और Bitcoin के SHA-256 की जगह Scrypt mining algorithm रखा गया। शुरुआत में इसका उद्देश्य mining को ज्यादा लोगों के लिए सुलभ बनाना था, हालांकि बाद में Scrypt ASIC machines आने से यह फायदा काफी कम हो गया।Litecoin को पूरी तरह नई खोज के बजाय Bitcoin के design का एक बदला हुआ रूप कहना ज्यादा सही है। फिर भी इसकी खास भूमिका रही—यह कई नई तकनीकों के लिए testing ground बना, जैसे SegWit, Lightning और बाद में MWEB। एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि Charlie Lee ने 2017 में अपनी Litecoin holdings बेच/दान कर दी थीं; इसे लेकर अलग-अलग राय हैं, लेकिन इससे एक सीख मिलती है: किसी पुराने crypto project को समझते समय founder की holdings और उसके फैसलों को भी देखना चाहिए।

Litecoin और Dogecoin का अनोखा Mining रिश्ता

2014 से Litecoin और Dogecoin merged mining का इस्तेमाल करते हैं। इसका मतलब है कि miners एक ही mining काम से दोनों networks को सुरक्षित कर सकते हैं और दोनों से rewards कमा सकते हैं। इससे Dogecoin को Litecoin की बड़ी mining शक्ति से सुरक्षा मिलती है, जबकि Litecoin miners को DOGE से मिलने वाले rewards से अतिरिक्त कमाई हो सकती है।इस रिश्ते का एक बड़ा मतलब यह है कि LTC और DOGE की mining अर्थव्यवस्था आपस में जुड़ी हुई है। इसलिए Litecoin को समझते समय सिर्फ LTC की कीमत देखना काफी नहीं—mining की लागत, rewards, halving और DOGE से मिलने वाली कमाई भी देखनी चाहिए। आसान भाषा में: LTC की security और miners की कमाई में DOGE की भी भूमिका है।

MWEB: Litecoin में Privacy का विकल्प

2022 में Litecoin ने MWEB (MimbleWimble Extension Blocks) शुरू किया। यह एक वैकल्पिक privacy सुविधा है, जिसमें users चाहें तो अपनी transaction की कुछ जानकारी छिपाकर लेनदेन कर सकते हैं। चाहें तो वे सामान्य Litecoin network का इस्तेमाल भी जारी रख सकते हैं। यह Litecoin के लगातार नए तकनीकी प्रयोग करने की परंपरा का एक और उदाहरण है।लेकिन privacy सुविधा के साथ regulatory risk भी बढ़ता है। MWEB आने के बाद कुछ देशों के exchanges ने compliance concerns के कारण Litecoin की समीक्षा या delisting की। हालांकि कई बड़े बाजारों में LTC की trading जारी रही। इसलिए Litecoin को देखते समय यह भी देखना जरूरी है कि MWEB का इस्तेमाल कितना हो रहा है और exchanges की policy क्या है।

Litecoin का -89% गिरना और Walmart फर्जी-खबर से सीख

Litecoin का सबसे ऊँचा भाव लगभग $410 (मई 2021) था। उसके बाद बड़ी गिरावट के पीछे तीन मुख्य कारण समझे जा सकते हैं। पहला, तेज़ और सस्ते payments वाली इसकी कहानी को stablecoins जैसी नई payment technologies से चुनौती मिली। दूसरा, नए crypto cycles में लोगों का ध्यान DeFi, meme coins और AI tokens जैसी नई कहानियों की ओर चला गया। तीसरा, Litecoin की कुल 84 million supply का बड़ा हिस्सा पहले ही mine हो चुका है, इसलिए केवल scarcity की कहानी से नई मांग बनाना मुश्किल है।सितंबर 2021 में Walmart से जुड़ी एक नकली खबर ने इसका एक अलग सबक दिया। फर्जी घोषणा में कहा गया कि Walmart Litecoin payments स्वीकार करेगा, जिससे LTC की कीमत थोड़े समय में लगभग 30% बढ़ गई। बाद में Walmart ने इसे गलत बताया और कीमत वापस गिर गई। इससे सीधी सीख है: किसी बड़ी partnership या adoption की खबर देखकर तुरंत खरीदारी न करें। कंपनी के अपने official channel और कम-से-कम दो भरोसेमंद स्वतंत्र स्रोतों से खबर की पुष्टि करें—पहले जाँच, फिर कोई फैसला।

भारत में Litecoin: उपलब्धता, टैक्स और Holder की जाँच-सूची

भारत में Litecoin लंबे समय से उपलब्ध प्रमुख crypto assets में है, लेकिन MWEB से जुड़ी deposit/withdrawal policies exchange के अनुसार अलग हो सकती हैं। इसलिए बड़ी राशि भेजने से पहले अपने exchange के मौजूदा नियम जरूर देखें। पुराने holders के लिए भी एक जरूरी सवाल है: जिस कीमत पर आपने LTC खरीदा था, उस पर अटकने के बजाय यह देखें कि अगर आज आपके पास पैसा होता, तो क्या आप मौजूदा जानकारी के आधार पर LTC खरीदते? पुराने transaction records संभालकर रखना भी जरूरी है।टैक्स के मामले में LTC पर भारत के VDA नियम लागू होते हैं। VDA transfer से होने वाली आय पर 30% tax और applicable cess लगता है, और transfer पर TDS के नियम भी लागू हो सकते हैं; Income Tax Department transaction-wise VDA reporting का प्रावधान देता है।इसलिए records व्यवस्थित रखें। इसके अलावा समय-समय पर LTC की payment usage, mining/hashrate और अगली halving, MWEB adoption तथा regulatory/exchange developments पर नज़र रखें। “LTC doubler”, नकली mining apps या बड़ी partnership की अपुष्ट खबरों से दूर रहें—बड़ी खबर पर पहले पुष्टि, फिर कोई कदम।

Litecoin की समय-रेखा: 2011 से 2026 तक 9 बड़े पड़ाव

2011: Litecoin की शुरुआत हुई और इसे Bitcoin के “digital silver” के रूप में पेश किया गया। 2013: यह प्रमुख altcoins में शामिल हुआ। 2014: Dogecoin के साथ merged mining शुरू हुई। 2017: Litecoin ने SegWit को जल्दी अपनाया और इसकी कीमत लगभग $370 तक पहुँची; इसी दौर में founder Charlie Lee की holdings बेचने की खबर भी चर्चा में रही। 2019: दूसरी halving हुई।2021: मई में LTC लगभग $410 के ATH तक पहुँचा और सितंबर में Walmart से जुड़ी फर्जी खबर ने कीमत में अचानक उछाल दिखाया। 2022: MWEB privacy feature शुरू हुआ, जिसके बाद कुछ markets में regulatory concerns सामने आए। 2023: तीसरी halving हुई और payment integrations बढ़ीं। 2024–26: Litecoin ETF से जुड़ी चर्चाओं और पुराने PoW coins में रुचि के बीच लगातार मौजूद रहा। पूरी कहानी का मुख्य सबक है: Litecoin की सबसे बड़ी खासियत सिर्फ कीमत नहीं, बल्कि इतने वर्षों तक लगातार चलते रहना है।

Litecoin को कैसे आँकें: मजबूतियाँ, कमियाँ और भविष्य

Litecoin की सबसे बड़ी ताकत उसका लम्बा और स्थिर इतिहास है। यह 14 साल से लगातार चल रहा है, भारत समेत कई जगहों पर इसकी अच्छी पहचान और उपलब्धता है। DOGE के साथ merged-mining से miners को अतिरिक्त कमाई का सहारा मिलता है। MWEB जैसे बदलाव यह भी दिखाते हैं कि Litecoin समय के साथ तकनीकी बदलाव अपनाता रहा है।दूसरी तरफ, इसकी चुनौतियाँ भी साफ हैं। Payments में stablecoins से मुकाबला और नई crypto-कहानियों की बढ़ती लोकप्रियता इसकी growth को सीमित कर सकती है। लगभग 92% LTC पहले ही mine हो चुका है, MWEB से regulatory सवाल जुड़े हैं और इसका ATH से लगभग 89% नीचे होना भी महत्वपूर्ण है। इसलिए LTC को तेज़ी से कीमत बढ़ने वाले दांव के बजाय लंबे समय तक उपयोगी बने रहने वाला दांव समझना बेहतर है। इसके भविष्य को तीन चीज़ों से देखें: वास्तविक payment-use, miners की सेहत और institutional products में इसकी प्रगति।

Litecoin के Payments Use-Case की असली तस्वीर

Litecoin की एक बड़ी खासियत यह है कि इससे तेज़ और कम शुल्क में लेन-देन किया जा सकता है। कई crypto-payment सेवाएँ इसे स्वीकार करती हैं और इसकी transaction activity भी अच्छी है। इसलिए “सस्ता और काम करने वाला payment network” वाला दावा पूरी तरह गलत नहीं है।लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि लोग रोज़मर्रा की खरीदारी में बड़े पैमाने पर LTC इस्तेमाल कर रहे हैं। Transaction की संख्या में exchanges की गतिविधि भी शामिल हो सकती है, और merchant-list में होना रोज़ की बिक्री के बराबर नहीं है। ऊपर से stablecoins payments में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इसलिए आज LTC को मुख्य रूप से trading/holding और सस्ते crypto transfers के लिए उपयोगी asset मानना ज्यादा वास्तविक है। भारत में UPI के कारण रोज़मर्रा के भुगतान के लिए LTC का उपयोग और भी सीमित है।

Litecoin: छह जरूरी बातें याद रखें

  1. LTC की पहचान सिर्फ “digital silver” नहीं है; इसकी बड़ी भूमिका Bitcoin-परिवार के testing ground की रही है—SegWit से MWEB तक।
  2. DOGE के साथ merged-mining होने से दोनों की mining और सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़ी हैं।
  3. MWEB privacy की सुविधा देता है, लेकिन इससे regulatory concerns भी बढ़ सकते हैं।
  4. Walmart वाली घटना का सबक साफ है: बड़ी खबर देखकर तुरंत खरीदारी न करें; पहले उसकी पुष्टि करें।
  5. ATH से लगभग -89% की दूरी को सिर्फ halving से नहीं समझा जा सकता। Stablecoins की बढ़त, निवेशकों का नए projects की ओर जाना और LTC की mature supply भी इसके कारण हैं।
  6. LTC को “निरन्तरता का दांव” समझना बेहतर है—इसका भविष्य इसके वास्तविक उपयोग, mining की स्थिति और institutional adoption से आँकें। पुराने holders को भावनात्मक रूप से पुराने खरीद-भाव से चिपके रहने के बजाय आज की स्थिति देखकर फैसला करना चाहिए।

Litecoin पर चार आसान सवालों के जवाब

क्या LTC को BTC का test-net कहना सही है? — पूरी तरह नहीं। Litecoin पर कुछ तकनीकी बदलाव Bitcoin से पहले आज़माए गए हैं, लेकिन LTC खुद एक अलग और वास्तविक नेटवर्क है। इसलिए इसे “प्रयोगशाला-पड़ोसी” कहना ज्यादा सही है।Merged-mining से holder को क्या फायदा है? — इसका सीधा फायदा holder को नहीं, miners को मिलता है। लेकिन ज्यादा mining support से Litecoin की network security मजबूत रह सकती है। MWEB इस्तेमाल करें? — अगर privacy चाहिए और जिस exchange/platform का उपयोग करते हैं उसकी deposit policy समझते हैं, तो यह विकल्प हो सकता है। वरना सामान्य users के लिए main chain ज्यादा आसान है। क्या LTC-ETF आएगा? — इसकी पुष्टि केवल आधिकारिक filings और regulatory decisions से होगी। सिर्फ खबर या अफवाह देखकर निवेश करना Walmart वाली घटना से मिले सबक को भूलना होगा।

Litecoin का असली मतलब: “Digital Silver” से आगे

14 साल बाद “digital silver” की कहानी को थोड़ा अलग तरीके से समझना बेहतर है। Litecoin, Bitcoin का दूसरा सोना नहीं बन पाया, लेकिन यह Bitcoin-परिवार का एक तरह का तकनीकी साथी और testing ground जरूर बना। SegWit से MWEB तक कई बदलावों में इसकी भूमिका रही, और DOGE के साथ merged-mining ने इसके mining ecosystem को भी अलग पहचान दी।निवेशक के लिए सीधी बात यह है कि LTC से बहुत बड़ी या अचानक वापसी की कहानी की उम्मीद करना सही नहीं होगा। इसकी सबसे बड़ी ताकत इसकी लंबे समय से चली आ रही निरन्तरता है। Portfolio में इसे रखना है या नहीं, यह पुराने खरीद-भाव या “digital silver” नाम देखकर नहीं, बल्कि आज के वास्तविक उपयोग, mining की स्थिति और आपके अपने portfolio की जरूरत देखकर तय करना बेहतर है।

LTC और DOGE की Mining Economy: दोनों का साझा सहारा

Litecoin और Dogecoin की mining आपस में जुड़ी हुई है। दोनों scrypt-based हैं, इसलिए एक ही तरह के ASIC hardware से miners दोनों networks से कमाई कर सकते हैं। इस वजह से miners यह फैसला सिर्फ LTC की कमाई देखकर नहीं लेते कि mining जारी रखनी है या नहीं; वे LTC और DOGE से मिलने वाली कुल कमाई को देखते हैं।इसका मतलब है कि LTC halving का असर समझते समय DOGE की स्थिति को भी देखना जरूरी है। अगर DOGE से mining की कमाई अच्छी रहती है, तो LTC miners को भी सहारा मिल सकता है। इसलिए LTC की network security को समझने के लिए सिर्फ LTC का hashrate नहीं, बल्कि LTC-DOGE की पूरी mining economy देखना ज्यादा सही है।

LTC-holder के लिए तिमाही निगरानी: 4 जरूरी चीज़ें

हर तीन महीने में Litecoin को समझने के लिए चार चीज़ें देखना काफी है। पहली, network का hashrate और miners की कमाई देखें, साथ में DOGE की स्थिति भी देखें—क्योंकि दोनों की mining जुड़ी हुई है। दूसरी, LTC के वास्तविक उपयोग पर ध्यान दें: active addresses, transactions और payment integrations बढ़ रहे हैं या नहीं। सिर्फ transaction संख्या देखकर यह न मानें कि लोग रोज़मर्रा में LTC इस्तेमाल कर रहे हैं।तीसरी, MWEB के उपयोग और उससे जुड़ी exchange या regulatory policies पर नजर रखें। चौथी, ETF या दूसरे institutional products से जुड़ी वास्तविक filings और regulatory progress देखें, केवल सोशल मीडिया की खबरों पर भरोसा न करें। इन चार चीज़ों की तिमाही जाँच LTC की स्थिति समझने के लिए पर्याप्त आधार देती है—हर छोटी-बड़ी market हलचल पर प्रतिक्रिया देना जरूरी नहीं।

भारत में LTC इस्तेमाल करने के 3 आसान तरीके

भारत में LTC आमतौर पर तीन तरह से इस्तेमाल होता है। पहला, transfer के लिए—कुछ लोग इसे exchanges या wallets के बीच जल्दी और कम शुल्क में crypto भेजने के लिए इस्तेमाल करते हैं। लेकिन हर लेन-देन का सही record रखना जरूरी है, क्योंकि transfer, sale या swap की tax treatment अलग हो सकती है। दूसरा, पुरानी holdings—2017 या 2021 में खरीदे गए LTC के लिए पुराने purchase records और cost proof संभालकर रखें, खासकर अगर पुराना exchange अब बंद हो चुका हो।तीसरा, active trading है। LTC की price movement BTC से कुछ ज्यादा और कई नए crypto assets से कम हो सकती है, इसलिए कुछ traders इसे बार-बार खरीदते-बेचते हैं। लेकिन भारत में हर taxable sale पर 1% TDS जैसी लागत trading के मुनाफे को प्रभावित कर सकती है। इसलिए LTC को transfer, holding या trading—किसी भी रूप में इस्तेमाल करें, अच्छे records रखना उतना ही जरूरी है जितना सही trading decision लेना।

BCH, XLM और LTC से मिलने वाला साझा सबक

BCH, XLM और LTC तीनों पुराने crypto projects हैं, जिनका एक बड़ा उद्देश्य सस्ते और तेज़ डिजिटल भुगतान को आसान बनाना था। लेकिन समय के साथ stablecoins इस काम में ज्यादा मजबूत विकल्प बन गए। इसलिए आज इन coins की अहमियत उनकी पुरानी कहानी से कम और उनकी अपनी खासियतों से ज्यादा तय होती है—BCH का अलग Bitcoin-दर्शन, XLM का payment/corridor network और LTC की लंबी निरन्तरता व DOGE के साथ mining संबंध।इन पुराने coins को समझने के लिए सिर्फ यह देखना काफी नहीं है कि वे पहले कितने महंगे थे। Price history, वास्तविक उपयोग, network की स्थिति और project की वर्तमान ताकत को साथ देखकर फैसला करना चाहिए। सबसे जरूरी सबक यही है: “पुराना coin फिर अपने पुराने ATH पर जाएगा” एक कहानी है; उसके पीछे के आँकड़े ही असली सबूत हैं।

Litecoin के जरूरी शब्द आसान भाषा में

  • Scrypt: Litecoin में mining के लिए इस्तेमाल होने वाला algorithm। यह Bitcoin के SHA-256 से अलग है।
  • Merged-mining (AuxPoW): एक ही mining काम से Litecoin और Dogecoin, दोनों networks को सुरक्षित करना और दोनों से rewards कमाना।
  • परीक्षण-मैदान: Litecoin पर Bitcoin-परिवार की कुछ तकनीकों को पहले आज़माया गया, जैसे SegWit और MWEB।
  • MWEB: Litecoin की वैकल्पिक privacy सुविधा, जिससे कुछ transactions को ज्यादा निजी बनाया जा सकता है। इसके साथ regulatory concerns भी जुड़े हैं।
  • Walmart-काण्ड: 2021 में Walmart से जुड़ी नकली खबर के कारण LTC की कीमत अचानक बढ़ी और फिर गिर गई। इसका सबक है—बड़ी खबर पर पहले पुष्टि करें, फिर फैसला लें।
  • Halving: लगभग हर चार साल में mining reward कम होने की प्रक्रिया। अगला halving लगभग 2027 में अपेक्षित है।
  • Anchoring: पुराने खरीद-भाव से चिपके रहना और उसी के आधार पर आज का फैसला करना। बेहतर है कि आज की स्थिति देखकर निर्णय लिया जाए।

पड़ोसी-पृष्ठ

जरूरी सूचना

यह पृष्ठ केवल शैक्षिक जानकारी के लिए है, निवेश, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं। LTC की कीमत काफी तेजी से ऊपर-नीचे हो सकती है और इसका इतिहास बड़े नुकसान दिखाता है। पुराना और लोकप्रिय coin होना भविष्य में अच्छा प्रदर्शन होने की गारंटी नहीं है।यहाँ दी गई जानकारी समय के साथ बदल सकती है, इसलिए निवेश या trading से पहले ताज़ा जानकारी खुद जाँचें और जरूरत पड़ने पर योग्य सलाहकार या CA से बात करें। भारत में LTC पर लागू VDA और tax नियमों को भी ध्यान में रखें। अगर crypto fraud हो जाए, तो तुरंत 1930 पर संपर्क करें और cybercrime की आधिकारिक वेबसाइट पर शिकायत दर्ज करें। “Recovery service” के नाम पर पैसे माँगने वालों से सावधान रहें—वे भी ठगी कर सकते हैं।


 

faq अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब यहाँ पाएँ और समझें कि सब कुछ कैसे काम करता है।

Litecoin, Bitcoin के code पर आधारित एक 2011 का cryptocurrency है, जिसका लक्ष्य तेज़ और सस्ते भुगतान देना है।
मौजूदा रेट ऊपर लाइव चार्ट में दिखाया गया है।
global demand-supply और USD exchange rate के आधार पर।
CoinDCX और WazirX जैसे रजिस्टर्ड एक्सचेंज पर LTC उपलब्ध है।
हाँ, KYC पूरा करके रजिस्टर्ड एक्सचेंज पर LTC खरीदना कानूनी है।
LTC की अधिकतम supply 84 million तय है।
Litecoin का block time तेज़ है और यह Scrypt algorithm इस्तेमाल करता है।
Peer-to-peer payments और Bitcoin upgrades के testing ground के रूप में।
Charles Lee ने, जो पूर्व Google इंजीनियर हैं।
ऊपर stats table में ताज़ा आंकड़ा दिखाया गया है।
exchange wallet या Ledger जैसे hardware wallet में।
हाँ, हर 840,000 blocks पर mining reward आधा हो जाता है।
Scrypt algorithm पर, जो Bitcoin के SHA-256 से अलग है।
एक्सचेंज trading fee और लागू टैक्स नियम लागू होते हैं।