PAX Gold Price In India
PAXG / INR #40( 2.15%) 24h
तक की स्थिति 05:19 PM
| मार्केट कैप | ₹1,648,359.23 Cr |
| फुली डाइल्यूटेड वैल्यूएशन | ₹1,648,365.10 Cr |
| 24H वॉल्यूम | ₹14,483.95 Cr |
| सप्लाई सर्कुलेटिंग | 447,714 PAXG |
| सप्लाई टोटल | 447,716 PAXG |
| सप्लाई मैक्स | ∞ |
( 2.15%) 24h
As on 05 Nov 2026 05:19 PM
| Market Cap | $1,846,793,344 |
| Fully Diluted Valuation | $1,846,799,921 |
| 24H Volume | $16,227,564 |
| Circulating Supply | 447,714 PAXG |
| Total Supply | 447,716 PAXG |
| Max Supply | ∞ |
PAXG to INR Chart
PAX Gold (PAXG) की कीमत आज ₹3,90,285.50 है, जो पिछले 24 घंटों में 2.15% की बढ़त है और पिछले 7 दिनों में 2.30% ऊपर है। पिछले 24 घंटों में PAX Gold का कुल ट्रेडिंग वॉल्यूम ₹153.07 Cr रहा। PAX Gold का मार्केट कैप ₹17,420.80 Cr है और मार्केट कैप के हिसाब से यह #40 पर है।
PAX Gold की जानकारी
PAX Gold (PAXG) Price Today INR में — लाइव भाव, इतिहास और भारतीय निवेशकों के लिए पूरी जानकारी
इस पेज पर PAX Gold (PAXG) का लाइव INR price, market cap, trading volume और chart दिया गया है। नीचे PAX Gold से जुड़ी जरूरी बातें आसान भाषा में समझाई गई हैं।
इस पेज पर PAX Gold (PAXG) का लाइव INR भाव, चार्ट और कैलकुलेटर ऊपर दिया गया है। नीचे PAXG से जुड़ी बाकी हर जरूरी जानकारी आसान भाषा में है: यह क्या है, कैसे काम करता है, सोना कहां रखा जाता है, फीस, रिडेम्पशन के नियम, भारत में टैक्स और ठगी से बचाव।
PAX Gold (PAXG) क्या है?
PAXG एक गोल्ड-बैक्ड टोकन है, यानी ऐसा डिजिटल टोकन जिसके पीछे असली सोना रखा होता है। इसकी हर यूनिट एक फाइन ट्रॉय औंस सोने से जुड़ी होती है। इसे सितंबर 2019 में Paxos Trust Company ने लॉन्च किया था, जो न्यूयॉर्क स्टेट डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज (NYDFS) की निगरानी वाली ट्रस्ट कंपनी है। PAXG Ethereum ब्लॉकचेन पर ERC-20 टोकन के रूप में चलता है।
PAXG की सप्लाई की कोई तय ऊपरी सीमा नहीं है। टोकन तभी बनते (मिंट होते) हैं जब नया सोना जमा होता है, और रिडीम होने पर वे नष्ट (बर्न) कर दिए जाते हैं। इसलिए बाजार में चल रहे टोकन हमेशा वॉल्ट में रखे सोने से मेल खाने चाहिए।
PAXG कैसे काम करता है?
- सोना जमा होता है। Paxos लंदन के मान्यता प्राप्त वॉल्ट्स में LBMA गुड डिलीवरी मानक वाली सोने की छड़ें रखता है।
- टोकन बनते हैं। जमा हुए सोने के बराबर PAXG मिंट होते हैं।
- टोकन ट्रेड और ट्रांसफर होते हैं। इन्हें एक्सचेंज या वॉलेट के जरिए खरीदा, बेचा और भेजा जा सकता है।
- रिडीम करने पर टोकन बर्न होते हैं। यानी टोकन वापस करके सोना या डॉलर लिया जा सकता है, और उतने टोकन नष्ट हो जाते हैं।
जारीकर्ता के अनुसार PAXG धारक अपनी होल्डिंग से जुड़ी सोने की छड़ का विवरण, जैसे सीरियल नंबर और वजन, देख सकता है। यानी टोकन का दावा किसी अनजान सोने पर नहीं, बल्कि पहचान वाली छड़ों पर टिका होता है। लेकिन एक PAXG पूरी छड़ नहीं होती। लंदन की गुड डिलीवरी छड़ें कई सौ औंस की होती हैं, इसलिए आपका टोकन उस छड़ के एक छोटे हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है।
कॉन्ट्रैक्ट एड्रेस (Ethereum): 0x45804880de22913dafe09f4980848ece6ecbaf78
खरीदने या भेजने से पहले एड्रेस को Etherscan और Paxos की आधिकारिक वेबसाइट (paxos.com/paxgold) से मिला लें, क्योंकि मिलते-जुलते नाम वाले नकली टोकन भी होते हैं।
PAXG का भाव कैसे तय होता है?
PAXG का भाव मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमत के साथ चलता है, इसलिए इसे वही चीजें प्रभावित करती हैं जो सोने को करती हैं: ब्याज दरें, डॉलर की मजबूती या कमजोरी, केंद्रीय बैंकों की सोने की खरीद और वैश्विक तनाव। INR में भाव दिखाने के लिए इसमें USD-INR की दर भी जुड़ती है, इसलिए रुपये में हलचल से भी भाव बदलता है। क्रिप्टो बाजार की तेजी या गिरावट का सीधा असर इस पर अपेक्षाकृत कम पड़ता है।
अलग-अलग एक्सचेंजों पर PAXG के भाव में थोड़ा अंतर होना सामान्य है, क्योंकि हर जगह की लिक्विडिटी और मांग-आपूर्ति अलग होती है। लेकिन अगर अंतर अचानक बहुत बढ़ जाए, तो यह बाजार की किसी चिंता का संकेत हो सकता है। ऐसे में Paxos की आधिकारिक जानकारी और रिजर्व रिपोर्ट्स देखें।
फीस: क्या PAXG में खर्च लगता है?
- चालू कस्टडी फीस: फिलहाल Paxos होल्ड करने पर कोई सालाना स्टोरेज फीस नहीं लेता।
- Paxos पर खरीद-बिक्री और रिडेम्पशन फीस: Paxos के अपने प्लेटफॉर्म पर टोकन बनाने या रिडीम करने पर ऑर्डर के साइज़ के हिसाब से फीस लगती है। इसलिए ज्यादातर आम निवेशक PAXG को एक्सचेंज पर ट्रेड करते हैं।
- एक्सचेंज और नेटवर्क खर्च: एक्सचेंज की ट्रेडिंग फीस और Ethereum पर भेजने के समय गैस फीस अलग से लगती है।
- भविष्य में बदलाव: Paxos की शर्तों में नोटिस के साथ भविष्य में स्टोरेज फीस लगाने का अधिकार सुरक्षित है। इसलिए लंबे समय तक रखने वाले निवेशक शर्तें समय-समय पर देखते रहें।
सोना खुद कोई ब्याज या नियमित आय नहीं देता, इसलिए फीस और टैक्स आपके असली रिटर्न को सीधे प्रभावित करते हैं।
क्या PAXG के बदले असली सोना मिल सकता है?
हां, लेकिन आम निवेशक के लिए यह व्यावहारिक नहीं है। Paxos से सोने की छड़ पाने के लिए कम से कम 430 PAXG (साथ में फीस) चाहिए, और छड़ की डिलीवरी यूके के वॉल्ट तक सीमित बताई जाती है। इससे कम मात्रा रखने वाले लोग आमतौर पर PAXG को बाजार में बेचकर या डॉलर में रिडीम करके बाहर निकलते हैं। Paxos
PAXG चुनने से पहले चार कसौटियां
अगर दो गोल्ड टोकन के पीछे सोना लगभग एक जैसा है, तो चुनाव सोने की मात्रा देखकर नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था देखकर करें:
- जारीकर्ता कितना भरोसेमंद और रेगुलेटेड है? जिस संस्था पर मजबूत निगरानी और नियमित रिपोर्टिंग लागू हो, वहां भरोसा अपेक्षाकृत ज्यादा हो सकता है।
- सोना कहां और कैसे रखा है? वॉल्ट किस देश में है, कस्टोडियन कौन है, इंश्योरेंस किसका है और स्वतंत्र जांच कितनी बार होती है।
- फीस कितनी है? लंबे समय के लिए रखने वालों के लिए सालाना फीस ज्यादा मायने रखती है, जबकि बार-बार खरीद-बिक्री करने वालों के लिए ट्रांजैक्शन फीस।
- बेचना या रिडीम करना कितना आसान है? लिक्विडिटी, बड़े सौदे में कीमत पर पड़ने वाला असर और रिडेम्पशन की शर्तें देखें।
असली सवाल "इनके पीछे कितना सोना है?" नहीं, बल्कि "इस पूरी व्यवस्था में मुझे किस जारीकर्ता, कस्टोडियन और नियमों पर भरोसा करना पड़ रहा है?" है।
PAXG बनाम दूसरे गोल्ड विकल्प
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पहलू |
PAXG |
Tether Gold (XAUT) |
गोल्ड ETF |
फिजिकल गोल्ड |
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जारीकर्ता |
Paxos (NYDFS-रेगुलेटेड) |
Tether |
फंड हाउस |
ज्वेलर/डीलर |
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सोना कहां |
लंदन के वॉल्ट |
स्विट्ज़रलैंड के वॉल्ट |
फंड की व्यवस्था |
आपके पास/लॉकर |
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ट्रेडिंग |
एक्सचेंज के हिसाब से, ट्रांसफर 24x7 |
एक्सचेंज के हिसाब से |
शेयर बाजार के घंटों में |
डीलर के समय में |
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भारत में टैक्स |
VDA नियम (30% + 1% TDS) |
VDA नियम |
अलग नियम |
अलग नियम |
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मुख्य जोखिम |
जारीकर्ता, वॉल्ट, कानूनी व्यवस्था |
जारीकर्ता, वॉल्ट, कानूनी व्यवस्था |
फंड और बाजार का जोखिम |
चोरी और शुद्धता |
इन गोल्ड-बैक्ड टोकन्स की और तुलना के लिए हमारा Gold Backed Token लेख और PAX Gold क्या है गाइड देखें।
भारत में PAXG लेने से पहले: टैक्स और नियम
भारत में PAXG को सोना नहीं, बल्कि वर्चुअल डिजिटल एसेट (VDA) माना जाएगा। इसका मतलब है:
- मुनाफे पर 30% फ्लैट टैक्स (Section 115BBH) लागू होता है, चाहे आप इसे कितने भी समय तक रखें, और उस पर सेस भी लगता है।
- बिक्री पर 1% TDS (Section 194S) लागू हो सकता है।
- नुकसान को दूसरी आय से सेट-ऑफ नहीं किया जा सकता।
- एक टोकन को दूसरे टोकन से बदलना भी टैक्स के लिहाज से लेन-देन माना जा सकता है।
इसलिए दीर्घकालिक बचत के लिए PAXG लेने से पहले इसकी कुल लागत और टैक्स की तुलना दूसरे गोल्ड विकल्पों से कर लें, और जरूरत हो तो टैक्स एडवाइजर से सलाह लें।
भारत में PAXG की उपलब्धता सीमित हो सकती है और कुछ लोगों को इसे विदेशी प्लेटफॉर्म से लेना पड़ सकता है। किसी भी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने से पहले उसका रजिस्ट्रेशन जांचें। भारत में FIU-IND में रजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म्स की सूची हमारी FIU Registered Crypto Exchanges गाइड में है।
PAXG खरीदने से पहले की दो जरूरी जांच
- सही कॉन्ट्रैक्ट एड्रेस। सिर्फ़ नाम या सिंबल पर भरोसा न करें, ऊपर दिया एड्रेस आधिकारिक स्रोत से मिलाएं।
- सही नेटवर्क। भेजने से पहले जांच लें कि भेजने वाले और पाने वाले, दोनों का नेटवर्क एक ही (Ethereum) है। बड़ी रकम भेजने से पहले छोटी रकम भेजकर टेस्ट कर लें।
सोने के नाम पर ठगी से कैसे बचें?
सोने के नाम पर ठगी अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी होती है। ठग नकली वेबसाइट बनाकर "आपका सोना सुरक्षित वॉल्ट में है" जैसे झूठे दावे करते हैं, नकली सर्टिफिकेट और छड़ों के नंबर दिखाते हैं, हर महीने या साल पक्के मुनाफे का लालच देते हैं और असली गोल्ड टोकन से मिलते-जुलते नकली टोकन चलाते हैं।
इसलिए सर्टिफिकेट या नाम देखकर नहीं, बल्कि आधिकारिक रिकॉर्ड और सही कॉन्ट्रैक्ट एड्रेस से जांच करें। अगर ठगी हो जाए तो देर न करें: साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें, राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज करें और अपने बैंक या पेमेंट प्रोवाइडर को भी तुरंत बताएं। स्क्रीनशॉट, ट्रांजैक्शन डिटेल और मैसेज सुरक्षित रखें। फीस लेकर पैसा वापस दिलाने का दावा करने वालों से सावधान रहें, वे अक्सर दोबारा ठगने की कोशिश करते हैं।
PAXG के फायदे और नुकसान
फायदे
- जारीकर्ता रेगुलेटेड ट्रस्ट कंपनी है।
- हर टोकन के पीछे असली सोना और छड़ों का विवरण देखने की सुविधा बताई जाती है।
- छोटी मात्रा में रखना और ट्रांसफर करना आसान है।
- चालू कस्टडी फीस फिलहाल नहीं है।
नुकसान और जोखिम
- जारीकर्ता, वॉल्ट और कानूनी व्यवस्था पर निर्भरता रहती है।
- असली सोना पाने की सीमा (430 PAXG) आम निवेशक के लिए बहुत बड़ी है।
- बड़े टोकन्स के मुकाबले लिक्विडिटी कम हो सकती है।
- भारत में टैक्स का बोझ पारंपरिक सोने के विकल्पों से ज्यादा पड़ सकता है।
- सोना खुद कोई ब्याज या नियमित आय नहीं देता।
इसलिए PAXG को सोने में कोई नया निवेश नहीं, बल्कि सोना रखने का एक नया तरीका समझें। इसके बदले आपको आसान खरीद-बिक्री, छोटी मात्रा में रखने की सुविधा और चौबीसों घंटे ट्रांसफर मिलते हैं, पर आपको जारीकर्ता, कस्टोडियन और कानूनी व्यवस्था की एक पूरी श्रृंखला पर भरोसा भी करना पड़ता है।
PAXG: छह बातें जो याद रखें
- एक PAXG लगभग एक फाइन ट्रॉय औंस सोने से जुड़ा है, जिसे लंदन के वॉल्ट में रखा जाता है।
- दो गोल्ड टोकन के बीच असली फर्क सोने में नहीं, जारीकर्ता और उसकी व्यवस्था में होता है।
- तुलना के लिए नियमन, वॉल्ट की जगह, फीस और बेचने की सुविधा, ये चार बातें देखें।
- फीस आपकी जरूरत पर निर्भर करती है: लंबे समय के लिए रखने वाले के लिए चालू फीस मायने रखती है, जबकि बार-बार खरीद-बिक्री करने वाले के लिए ट्रांजैक्शन फीस।
- भाव सोने की कीमत और USD-INR दर के साथ चलता है, इसलिए खरीद से पहले लाइव भाव ऊपर विजेट में देखें।
- भारत में PAXG VDA है, इसलिए 30% टैक्स, 1% TDS और सेट-ऑफ पर रोक लागू हैं।
आसान शब्दों में शब्दावली
- फाइन ट्रॉय औंस: शुद्ध सोने को मापने की अंतरराष्ट्रीय इकाई। PAXG की एक यूनिट इसी मात्रा के सोने से जुड़ी है।
- LBMA गुड डिलीवरी बार: ऐसी सोने की छड़ जो लंदन बुलियन मार्केट के गुणवत्ता और पहचान के मानकों को पूरा करती है।
- मिंट और बर्न: सोना जमा होने पर टोकन बनाना और रिडीम होने पर उन्हें नष्ट करना।
- कस्टोडियन: वह संस्था जो आपका सोना या एसेट सुरक्षित रखती है।
- रिडेम्पशन: टोकन वापस करके उसके बदले सोना या डॉलर लेना।
- VDA: वर्चुअल डिजिटल एसेट, यानी क्रिप्टो जैसी डिजिटल संपत्ति, जिस पर भारत में अलग टैक्स नियम हैं।
- कॉन्ट्रैक्ट एड्रेस: ब्लॉकचेन पर किसी टोकन का असली पता, जिससे नकली टोकन पहचाने जा सकते हैं।
उपयोगी संदर्भ
डिस्क्लेमर
यह जानकारी सिर्फ़ शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है, खरीद-बिक्री, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं। PAXG की कीमत सोने के बाजार के साथ घट-बढ़ सकती है, और डिजिटल रूप में सोना रखने पर जारीकर्ता, कस्टोडियन और कानूनी व्यवस्था का अतिरिक्त जोखिम जुड़ जाता है। किसी संस्था का रेगुलेटेड होना यह गारंटी नहीं देता कि उत्पाद हमेशा चलता रहेगा। निवेश से पहले फीस, वॉल्ट की व्यवस्था, रिजर्व रिपोर्ट और रिडेम्पशन की शर्तें मूल दस्तावेज़ों में पढ़ें, कॉन्ट्रैक्ट एड्रेस खुद जांचें और जरूरत हो तो योग्य टैक्स या फाइनेंशियल प्रोफेशनल से सलाह लें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
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