Virtuals Protocol

Virtuals Protocol Price In India

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Virtuals Protocol Virtuals Protocol Price In India $VIRTUAL
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मार्केट कैप ₹4,201.15 Cr
फुली डाइल्यूटेड वैल्यूएशन ₹6,403.20 Cr
सप्लाई सर्कुलेटिंग ₹5,783.53 Cr
सप्लाई टोटल ₹5,783.53 Cr
सप्लाई मैक्स ₹8,815.00 Cr
मार्केट कैप ₹4,201.15 Cr
फुली डाइल्यूटेड वैल्यूएशन ₹6,403.20 Cr
सप्लाई (सर्कुलेटिंग / टोटल / मैक्स) ₹5,783.53 Cr/ ₹8,815.00 Cr

Virtuals Protocol Information
एक्सप्लोरर्स etherscan etherscan
वेबसाइट virtuals.io/
VIRTUAL Historical Price
24h Range ₹6.66
7d Range ₹241.45
All-Time High ₹446.92
All-Time Low ₹0.00
Crypto to INR Converter
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Exchange Trading- Spot

Exchange Type Pair Price 24h Volume Spread
WazirX Spot BTC/INR ₹ 7,964,444.00 ₹ 1 0.13 %
BitBNS Spot BTC/INR ₹ 4,898,961.19 ₹ 4 3.45 %
ZebPay Spot BTC/INR ₹ 8,052,022.05 ₹ 1 0.00 %
BuyUcoin Spot BTC/INR ₹ 3,450,000.00 ₹ 8 8.73 %
KoinBX Spot BTC/INR ₹ 7,972,783.81 ₹ 65 0.01 %
CoinDCX Spot BTC/INR ₹ 8,938,924.69 ₹ 0 0.72 %
Giottus Spot BTC/INR ₹ 7,900,009.10 ₹ 0 5.39 %
Koinpark Spot BTC/INR ₹ 8,279,833.43 ₹ 21 0.01 %

Virtuals Protocol News (VIRTUAL News)

What is Virtuals Protocol ($VIRTUAL)? | पूरी जानकारी हिंदी में

Virtuals Protocol (जिसे Virtual Protocol भी कहा जाता है) एक नया और तेजी से उभरता हुआ Web3 AI Agent Launchpad है। यह प्लेटफॉर्म डेवलपर्स और क्रिएटर्स को AI Agents को NFT और टोकन के रूप में बनाने, उन्हें मॉनिटाइज़ करने और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लॉन्च करने की सुविधा देता है।

Virtuals Protocol का मुख्य उद्देश्य AI, गेमिंग और मेटावर्स जैसी उभरती टेक्नोलॉजीज़ को एक साथ जोड़ना है। भारत जैसे उभरते टेक मार्केट में, जहाँ AI और Web3 को लेकर रुचि लगातार बढ़ रही है, VIRTUAL टोकन को एक इनोवेटिव और फ्यूचर-फोकस्ड डिजिटल एसेट के रूप में देखा जा रहा है।

Virtual Protocol क्या है और कैसे काम करता है?

Virtual Protocol एक ऐसा Web3 प्लेटफॉर्म है जहाँ क्रिएटर्स और डेवलपर्स AI Agents को बिना कोडिंग के टोकनाइज़ कर सकते हैं। यह प्लेटफॉर्म खासतौर पर उन लोगों के लिए बनाया गया है जो तकनीकी रूप से बहुत advanced नहीं हैं, लेकिन AI और Web3 में अवसर तलाश रहे हैं।

यह प्लेटफॉर्म Base Layer-2 और Solana blockchain पर आधारित है, जिससे:

  • बेहतर scalability
  • तेज़ transactions
  • और मजबूत security

सुनिश्चित होती है। यही वजह है कि Virtuals Protocol को अगली पीढ़ी का AI-centric Web3 प्रोजेक्ट माना जा रहा है।

Virtuals Protocol की मुख्य विशेषताएँ

Virtuals Protocol को अन्य Web3 प्रोजेक्ट्स से अलग बनाती हैं इसकी कुछ खास खूबियाँ:

  • AI Agents को बिना कोडिंग के लॉन्च करना
    यूज़र बिना किसी programming knowledge के अपने AI Agents बना और लॉन्च कर सकते हैं।
     
  • AI को NFT के रूप में टोकनाइज करना
    AI Agents को NFT में बदलकर उन्हें ट्रेड और ownership-based asset बनाया जा सकता है।
     
  • Co-Ownership और Monetization मॉडल
    क्रिएटर्स और यूज़र्स AI Agents से होने वाली कमाई में भागीदारी कर सकते हैं।
     
  • Gaming और Social Platforms Integration
    Roblox, Telegram और TikTok जैसे प्लेटफॉर्म्स पर AI Agents को deploy और interact किया जा सकता है।

ये सभी फीचर्स Virtual Protocol को सिर्फ एक crypto project नहीं, बल्कि AI Economy का infrastructure बनाते हैं।

VIRTUAL टोकन क्या है और इसका उपयोग

VIRTUAL, Virtuals Protocol का native utility token है। इसका उपयोग प्लेटफॉर्म के भीतर कई महत्वपूर्ण कार्यों के लिए किया जाता है।

VIRTUAL Token के प्रमुख उपयोग:

  • AI Agents को लॉन्च और मैनेज करने के लिए
  • NFT-based AI Agents की ट्रेडिंग के लिए
  • प्लेटफॉर्म पर नए AI Experiences और प्रोडक्ट्स लॉन्च करने के लिए
  • Staking के ज़रिए loyalty rewards पाने के लिए
  • Governance voting में भाग लेने के लिए

इन उपयोगों के कारण VIRTUAL टोकन को सिर्फ speculative asset नहीं, बल्कि utility-driven Web3 token माना जाता है।

भारत में Virtuals Protocol क्यों चर्चा में है?

भारत में AI, Web3 और Creator Economy तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में Virtuals Protocol जैसे प्लेटफॉर्म:

  • AI को non-technical लोगों तक पहुँचाते हैं
  • Web3 monetization के नए रास्ते खोलते हैं
  • Gaming और Metaverse economy को सपोर्ट करते हैं

भारतीय यूज़र्स और क्रिएटर्स के लिए VIRTUAL इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह global platforms (जैसे Telegram और Metaverse ecosystems) से जुड़ने का अवसर देता है।

भारत में VIRTUAL टोकन कैसे खरीदें? 

भारत में VIRTUAL टोकन खरीदने की प्रक्रिया सामान्य Web3 tokens जैसी ही है। आमतौर पर यह प्रक्रिया इस प्रकार होती है:

  1. किसी भरोसेमंद क्रिप्टो एक्सचेंज पर अकाउंट बनाएं
  2. KYC प्रक्रिया पूरी करें
  3. स्टेबलकॉइन (जैसे USDT) डिपॉजिट करें
  4. VIRTUAL टोकन सर्च करके खरीदें
  5. बेहतर सुरक्षा के लिए टोकन को Trust Wallet या MetaMask जैसे निजी वॉलेट में ट्रांसफर करें

 यह जानकारी केवल शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है।

लेटेस्ट अपडेट्स और इकोसिस्टम ग्रोथ

Virtuals Protocol लगातार अपने ecosystem को expand कर रहा है। प्लेटफॉर्म पर:

  • बढ़ती creator community
  • AI + Metaverse integrations
  • Social platforms के साथ नए use cases

देखे जा रहे हैं। यह संकेत देता है कि Virtual Protocol सिर्फ short-term trend नहीं, बल्कि long-term Web3 AI vision पर काम कर रहा है।

VIRTUAL Price Prediction

VIRTUAL से जुड़ा future outlook आमतौर पर इन बातों पर निर्भर करता है:

  • AI Agents की adoption rate
  • Gaming और Metaverse growth
  • Creator economy की demand
  • Overall Web3 market sentiment

 यह विश्लेषण केवल शैक्षणिक जानकारी के लिए है, न कि निवेश सलाह।

जोखिम और जरूरी डिस्क्लेमर

हालाँकि Virtuals Protocol एक innovative project है, लेकिन:

  • Web3 और AI सेक्टर में volatility रहती है
  • Regulatory changes प्रभाव डाल सकते हैं
  • किसी भी crypto investment में जोखिम होता है

इसलिए निवेश से पहले स्वयं रिसर्च करना और विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहद जरूरी है।

निष्कर्ष (Conclusion)

Virtuals Protocol ($VIRTUAL) एक ऐसा Web3 प्रोजेक्ट है जो AI, गेमिंग और मेटावर्स को एक साझा ecosystem में जोड़ता है। बिना कोडिंग के AI Agents को टोकनाइज करने की सुविधा इसे creators और developers दोनों के लिए आकर्षक बनाती है।

भारत जैसे डिजिटल रूप से तेजी से आगे बढ़ते देश में, जहाँ AI और Web3 को लेकर रुचि बढ़ रही है, VIRTUAL टोकन एक future-oriented और innovation-driven digital asset के रूप में उभरता दिख रहा है। हालांकि, किसी भी निवेश से पहले सही जानकारी और समझ बेहद जरूरी है।

Disclaimer: यह जानकारी केवल शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। किसी भी प्रकार का निवेश करने से पहले स्वयं रिसर्च करें और वित्तीय विशेषज्ञ की राय लें।

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Virtual Protocol एक Web3 AI Agent लॉन्चपैड है, जो डेवलपर्स और क्रिएटर्स को AI Agents को NFT के रूप में टोकनाइज करने और उन्हें विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लॉन्च करने की सुविधा देता है। यह AI, गेमिंग और मेटावर्स इंडस्ट्री को एक साथ जोड़ने का काम करता है।
VIRTUAL टोकन का उपयोग AI Agents को लॉन्च करने, उनकी ट्रेडिंग करने और नए AI आधारित प्रोडक्ट्स या एक्सपीरियंस को प्लेटफॉर्म पर लॉन्च करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा, टोकन को स्टेक करने पर यूजर्स को लॉयल्टी रिवॉर्ड्स भी मिल सकते हैं।
भारत में VIRTUAL टोकन खरीदने के लिए आमतौर पर ग्लोबल क्रिप्टो एक्सचेंजों का उपयोग किया जाता है। इसके लिए यूजर्स को पहले एक्सचेंज पर अकाउंट बनाना होता है, KYC प्रक्रिया पूरी करनी होती है और फिर टोकन खरीदा जा सकता है।
VIRTUAL टोकन की कीमत समय-समय पर बदलती रहती है और यह बाजार की मांग, ट्रेडिंग वॉल्यूम और Web3 AI इकोसिस्टम के विकास जैसे कारकों पर निर्भर करती है। लेटेस्ट जानकारी के लिए भरोसेमंद स्रोत देखना जरूरी है।
VIRTUAL टोकन का भविष्य प्रदर्शन कई बातों पर निर्भर करता है, जैसे AI और मेटावर्स इकोसिस्टम की ग्रोथ, प्लेटफॉर्म की उपयोगिता और मार्केट सेंटिमेंट। प्राइस प्रेडिक्शन केवल अनुमान होता है और निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए।
VIRTUAL टोकन और Virtual Protocol से जुड़े अपडेट्स, फीचर्स और इकोसिस्टम की जानकारी आप संबंधित क्रिप्टो न्यूज प्लेटफॉर्म्स और आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त कर सकते हैं।
VIRTUAL टोकन को Virtual Protocol प्लेटफॉर्म पर स्टेक किया जा सकता है। स्टेकिंग के माध्यम से यूजर्स प्लेटफॉर्म की गतिविधियों में भाग लेते हैं और बदले में लॉयल्टी रिवॉर्ड्स प्राप्त कर सकते हैं।
VIRTUAL टोकन आमतौर पर कुछ प्रमुख ग्लोबल क्रिप्टो एक्सचेंजों पर उपलब्ध होता है। एक्सचेंज का चयन करते समय सुरक्षा, लिक्विडिटी और नियमों का ध्यान रखना चाहिए।
Virtual Protocol पर ऐसे AI Agents लॉन्च किए जा सकते हैं जिन्हें बिना कोडिंग के टोकनाइज किया गया हो। इन AI Agents का उपयोग गेमिंग, सोशल और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स जैसे Telegram, Roblox और TikTok में किया जा सकता है।
Virtual Protocol प्लेटफॉर्म पर AI Agents को टोकनाइज करने के लिए VIRTUAL टोकन का उपयोग किया जाता है। इससे यूजर्स अपने डिजिटल AI कैरेक्टर्स को NFT या टोकन के रूप में खरीद-बिक्री कर सकते हैं।