Optimum नाम की ब्लॉकचेन कंपनी ने कहा है कि वह अगले 1-2 महीनों में अपना mump2p प्रोटोकॉल Ethereum मेननेट पर लॉन्च करेगी। यह एक नई टेक्नोलॉजी है जिसे डेटा-एक्सेलरेशन लेयर कहा जा रहा है। इसका आसान मतलब है कि यह Ethereum Network पर डेटा जैसे ब्लॉक और ट्रांजेक्शन को ज्यादा तेज और कम समय में फैलाने में मदद करेगी। इसका मुख्य उद्देश्य नेटवर्क की स्पीड बढ़ाना और डेटा को बेहतर तरीके से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाना है।
Optimum की यह टेक्नोलॉजी RLNC पर बेस्ड है। इसमें Ethereum का डेटा ब्लॉक, ट्रांजैक्शन अलग तरीके से “कोड” करके भेजा जाता है, जिससे वह जल्दी और कम इंटरनेट खर्च में पूरे नेटवर्क में फैल जाता है। कंपनी का दावा है कि यह पुरानी Gossip-Based टेक्नोलॉजी से करीब 6 गुना तेज हो सकता है और इसके लिए Ethereum में कोई बड़ा बदलाव भी नहीं करना पड़ता।
Source - Official Getoptimum
Optimum एक ब्लॉकचेन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी है जो डेटा ट्रांसफर और नेटवर्क स्केलेबिलिटी को बेहतर बनाने पर काम कर रही है। इस प्रोजेक्ट में MIT की प्रोफेसर मुरियल मेदार्ड भी जुड़ी हैं, जो RLNC टेक्नोलॉजी की सह-आविष्कारक हैं। कंपनी का लक्ष्य Ethereum वैलिडेटर्स को तेज नेटवर्क परफॉर्मेंस, ज्यादा MEV अवसर और बेहतर स्टेकिंग रिवॉर्ड देना है।
लॉन्च टाइमलाइन और डेवलपमेंट स्टेटस
घोषणा: 24 अप्रैल 2026
मेननेट लॉन्च: जून 2026 के आसपास
पिछले 1 साल में 12+ तकनीकी अपग्रेड पूरे हुए
Q2 2026: मेननेट डिप्लॉयमेंट पर फोकस
Q3 2026: मोनेटाइजेशन शुरू करने की योजना
Optimum ने अपनी टेक्नोलॉजी को Hoodi Testnet पर टेस्ट किया। इस टेस्ट में ब्लॉक को नेटवर्क में फैलने में औसतन सिर्फ 150 मिलीसेकंड लगे, जो बहुत तेज माना जाता है। कंपनी का दावा है कि यह पुराने सिस्टम से करीब 6 गुना तेज है। इस सिस्टम में वैलिडेटर्स को सिर्फ गेटवे नोड्स चलाने होते हैं, जो सीधे उनके बीकन नोड्स से जुड़े रहते हैं। इससे नेटवर्क पर काम का बोझ कम होता है और सिस्टम ज्यादा तेज और आसान तरीके से काम करता है।
Ethereum नेटवर्क में डेटा को पूरे सिस्टम में फैलाने की स्पीड लंबे समय से एक बड़ी समस्या रही है। अगर ट्रांजैक्शन और डेटा धीरे पहुंचते हैं, तो इसका असर वैलिडेटर्स की परफॉर्मेंस, MEV कमाई के मौके और नेटवर्क की स्टेबिलिटी पर पड़ता है।
RLNC टेक्नोलॉजी में डेटा को छोटे-छोटे कोडेड हिस्सों में बांटा जाता है और नेटवर्क में भेजा जाता है। अगर कुछ डेटा खो भी जाए, तो बाकी हिस्सों से उसे फिर से बनाया जा सकता है। इसका मकसद है कि नेटवर्क में गड़बड़ी होने पर भी डेटा तेज और भरोसेमंद तरीके से पहुंचे, बिना Ethereum के मुख्य सिस्टम को बदले।
अगर यह टेक्नोलॉजी सफल रहती है, तो यह Ethereum के आने वाले स्केलिंग प्लान के लिए एक मजबूत सपोर्ट बन सकती है। इससे खासकर Layer-2 नेटवर्क और वैलिडेटर्स को बेहतर परफॉर्मेंस मिल सकती है। Optimum का कहना है कि यह सिर्फ Ethereum तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगे चलकर इसे दूसरे ब्लॉकचेन नेटवर्क्स में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
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कन्क्लूजन
Optimum का यह एक mump2p प्रोटोकॉल Ethereum नेटवर्क की डेटा ट्रांसमिशन स्पीड और दक्षता बढ़ाने पर सेंट्रलाइज्ड है। RLNC टेक्नोलॉजी की मदद से यह सिस्टम डेटा को तेजी से और कम बैंडविड्थ में नेटवर्क में फैलाने का दावा करता है, जिससे वैलिडेटर्स की परफॉर्मेंस और नेटवर्क स्टेबिलिटी बेहतर हो सकती है। यदि यह टेक्नोलॉजी सफल रहती है, तो यह Ethereum की स्केलेबिलिटी को मजबूत करने के साथ-साथ Layer-2 और वैलिडेटर इकोसिस्टम के लिए भी लाभकारी साबित हो सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसे किसी भी प्रकार की निवेश सलाह न माना जाए। क्रिप्टो एसेट्स अत्यधिक जोखिमपूर्ण और अस्थिर हो सकते हैं।
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