वर्तमान में क्रिप्टोकरेंसी मार्केट एक बेहतरीन दौर से गुजर रहा है, जहां Bitcoin (BTC) ने इस साल नया ऑल-टाइम हाई $108,268.45 बनाया है। हालांकि, वर्तमान में मार्केट में थोड़ी गिरावट देखने को मिल रही है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि Bitcoin की तेजी से पूरे क्रिप्टो मार्केट में तेजी आएगी। लेकिन इस तेजी के बीच, कई देशों ने क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े नियमों में सख्ती बढ़ा दी है और अपने-अपने देशों में क्रिप्टो रेगुलेशन के नए अपडेट्स जारी किए हैं। हाल ही में, यूरोप से एक ऐसी खबर आई है जिसने Global Crypto Ban की संभावना को जन्म दिया है।
दुनिया का सबसे बड़ा स्टेबलकॉइन, Tether (USDT), यूरोप में अवैध हो सकता है। Tether पर बैन से जुड़ा यह कदम यूरोपीय यूनियन द्वारा लागू किए जाने वाले नए Markets in Crypto-Assets (MiCA) नियमों के तहत उठाया जा सकता है। MiCA का उद्देश्य यूरोपीय क्रिप्टोकरेंसी इकोसिस्टम में स्थिरता और पारदर्शिता प्रदान करना है। यह कदम तीन दिनों के भीतर लागू हो सकता है, जिससे यूरोपीय क्रिप्टो मार्केट में बड़ा बदलाव आ सकता है। MiCA के तहत यूरोपीय यूनियन में डिजिटल एसेट्स को रेगुलेट किया जाएगा, जो क्रिप्टो इंडस्ट्री के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसी प्रकार, रूस ने भी क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग पर बैन लगाने की घोषणा की है, जो 1 जनवरी 2025 से लागू होगा। यह बैन छह साल तक प्रभावी रहेगा और 15 मार्च 2031 को समाप्त होगा। यह प्रतिबंध रूस के 10 क्षेत्रों में लागू होगा, जिनमें दागेस्तान, इंगुशेतिया, काबार्डिनो-बालकारिया, कराचय-चेरकेसिया, नॉर्थ ओसेटिया, चेचन्या, डोनेट्स्क, लुहांस्क, ज़ापोरिज़िया और खेरसोन शामिल हैं। रूस का यह कदम ऊर्जा खपत को नियंत्रित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
वहीं जापान भी क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े अपने नियमों में बदलाव पर विचार कर रहा है, ताकि Bitcoin जैसी क्रिप्टोकरेंसी को बेहतर तरीके से रेगुलेट किया जा सके। जापान का यह कदम भी अन्य देशों की क्रिप्टो सख्ती के अनुरूप दिखता है। हालांकि, यह बदलाव कितना सकारात्मक या नकारात्मक प्रभाव डालेगा, यह भविष्य में ही पता चलेगा।
भारत में भी क्रिप्टोकरेंसी को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। सरकार ने ग्लोबल क्रिप्टो फ्रेमवर्क पर काम करने की बात कही है, जो पिछले एक साल से सरकारी बयान का हिस्सा है। वहीं, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास क्रिप्टोकरेंसी पर लगातार मुखर रहे हैं और इस पर बैन लगाने की बात करते रहे हैं।
इन सभी घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि क्रिप्टोकरेंसी के भविष्य को लेकर दुनिया भर में सख्ती बढ़ रही है। यूरोप, रूस, और जापान जैसे देशों के कदम इस बात का संकेत हैं कि Global Crypto Ban की संभावना बढ़ रही है। हालांकि, यह बदलाव कब और कितनी तेजी से होगा, यह भविष्य ही बताएगा। क्रिप्टो मार्केट के लिए यह समय निर्णायक साबित हो सकता है, क्योंकि देशों के बीच बढ़ती सख्ती से पूरी दुनिया के क्रिप्टो इकोसिस्टम पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है।
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