Crypto Regulation: RBI से मिलेगी संसदीय समिति, क्या बदलेंगे नियम?

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RBI से मिलेगी संसदीय वित्त समिति, क्या बदलेंगे भारत के Crypto Rules?

Crypto Regulation को लेकर भारत में एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। संसद की Standing Committee on Finance 2 जुलाई को नई दिल्ली में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अधिकारियों के साथ बैठक करेगी। इस बैठक में Virtual Digital Assets (VDAs) के लिए भविष्य के नियामकीय ढांचे (Regulatory Framework) और आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

सरकार पिछले कुछ समय से क्रिप्टो सेक्टर के लिए स्पष्ट नियमों पर विभिन्न हितधारकों के साथ चर्चा कर रही है। ऐसे में यह बैठक भारत की भविष्य की क्रिप्टो नीति के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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Source: X Post

बैठक का मुख्य एजेंडा क्या होगा?

Money Control की रिपोर्ट के अनुसार, संसदीय समिति द्वारा जारी एजेंडा के अनुसार बैठक का विषय है—

“A Study on Virtual Digital Assets (VDAs) and Way Forward”

इस दौरान समिति RBI के प्रतिनिधियों से Oral Evidence लेगी और यह समझने का प्रयास करेगी कि भारत में Virtual Digital Assets के लिए किस प्रकार का संतुलित Regulatory Framework विकसित किया जा सकता है।

बैठक के बाद समिति The Institute of Chartered Accountants of India (ICAI) के प्रतिनिधियों से भी चर्चा करेगी। माना जा रहा है कि इस चरण में Crypto Tax India, टैक्स अनुपालन (Tax Compliance) और अकाउंटिंग फ्रेमवर्क जैसे विषयों पर भी विचार हो सकता है।

RBI का अब तक क्या रहा है रुख?

भारतीय रिजर्व बैंक लंबे समय से क्रिप्टोकरेंसी को लेकर सतर्क रुख अपनाता रहा है।

RBI ने समय-समय पर Stablecoins और अन्य Crypto Assets से जुड़े संभावित जोखिमों को रेखांकित किया है। केंद्रीय बैंक की प्रमुख चिंताएं निम्नलिखित मुद्दों पर केंद्रित रही हैं—

  • वित्तीय स्थिरता (Financial Stability)

  • बैंकिंग सिस्टम पर संभावित प्रभाव

  • मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध वित्तीय गतिविधियां

  • उपभोक्ता सुरक्षा

  • व्यापक आर्थिक जोखिम

वहीं दूसरी ओर RBI ने UPI, डिजिटल भुगतान और डिजिटल लेंडिंग जैसी तकनीकों का लगातार समर्थन किया है। इससे स्पष्ट होता है कि केंद्रीय बैंक डिजिटल नवाचार का समर्थन करता है, लेकिन अनियमित Crypto Assets को लेकर सतर्क दृष्टिकोण अपनाए हुए है।

पहले भी उद्योग से कई दौर की बातचीत हो चुकी है

यह संसदीय समिति की क्रिप्टो उद्योग से जुड़ी कई बैठकों की श्रृंखला का हिस्सा है।

पिछले महीनों में समिति ने भारतीय और वैश्विक Crypto Exchanges सहित विभिन्न हितधारकों से सुझाव प्राप्त किए हैं।

मई 2026 की बैठक

20 मई 2026 को समिति ने प्रमुख क्रिप्टो एक्सचेंजों के प्रतिनिधियों से चर्चा की। इस दौरान मुख्य विषय रहे—

  • Virtual Digital Assets Regulation

  • Crypto Industry की चुनौतियां

  • Taxation

  • Compliance Framework

दिसंबर 2025 की बैठक

दिसंबर 2025 में समिति ने कई प्रमुख उद्योग प्रतिनिधियों से बातचीत की थी।

उस समय जिन मुद्दों पर चर्चा हुई, उनमें शामिल थे—

  • Peer-to-Peer (P2P) Transactions

  • Cross-Border Crypto Transactions

  • International Remittances

  • भारतीय और विदेशी एक्सचेंजों के लिए समान Regulatory Framework

  • GST से जुड़ी चुनौतियां

इन बैठकों से संकेत मिलता है कि सरकार विभिन्न पक्षों की राय लेकर संतुलित नीति तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

Crypto Tax India पर क्या हो सकती है चर्चा?

RBI के साथ बैठक के बाद ICAI के साथ प्रस्तावित चर्चा के कारण Crypto Tax India एक बार फिर केंद्र में आ सकता है।

वर्तमान में भारत में Virtual Digital Assets पर लागू प्रमुख कर नियम इस प्रकार हैं—

  • Crypto से होने वाले लाभ पर 30% टैक्स।

  • निर्धारित परिस्थितियों में 1% TDS।

  • Crypto Loss को अन्य आय या अन्य Crypto Profit से Set-Off करने की अनुमति नहीं।

  • लागू नियमों के अनुसार रिकॉर्ड और रिपोर्टिंग की जिम्मेदारी।

हालांकि फिलहाल ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है कि आगामी बैठक में टैक्स नियमों में बदलाव की घोषणा की जाएगी। इसलिए किसी संभावित संशोधन को लेकर अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।

क्या जल्द आएगा नया Crypto Regulatory Framework?

यह बैठक महत्वपूर्ण जरूर है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि तुरंत नया कानून लागू होने वाला है।

फिलहाल यह प्रक्रिया विभिन्न हितधारकों की राय लेने, जोखिमों का मूल्यांकन करने और भविष्य की नीति तैयार करने का हिस्सा है।

यदि सरकार भविष्य में किसी नए Regulatory Framework या कानून की दिशा में आगे बढ़ती है, तो उसके लिए अलग विधायी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

भारतीय Crypto Industry के लिए यह बैठक क्यों महत्वपूर्ण है?

भारत दुनिया के सबसे बड़े Crypto Markets में से एक माना जाता है। इसके बावजूद अभी तक इस क्षेत्र के लिए व्यापक Regulatory Framework पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।

ऐसे में यह बैठक कई कारणों से महत्वपूर्ण मानी जा रही है—

  • उद्योग के लिए स्पष्ट नियम बनने की संभावना।

  • निवेशकों की सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर।

  • Tax और Compliance Framework पर चर्चा।

  • भारतीय और विदेशी Crypto Platforms के लिए समान नीति पर विचार।

  • Virtual Digital Assets के लिए नियामकीय स्पष्टता बढ़ाने की दिशा में प्रगति।

हालांकि अंतिम निर्णय केंद्र सरकार और संबंधित नियामक संस्थाओं द्वारा ही लिया जाएगा।

निवेशकों और उद्योग को क्या उम्मीद रखनी चाहिए?

फिलहाल निवेशकों को किसी बड़े कानूनी बदलाव की जल्दबाजी में उम्मीद नहीं करनी चाहिए।

बेहतर होगा कि—

  • केवल आधिकारिक सरकारी घोषणाओं पर भरोसा करें।

  • अफवाहों और अपुष्ट रिपोर्ट्स के आधार पर निवेश निर्णय न लें।

  • Crypto Tax और Compliance नियमों का पालन करें।

  • Regulatory Updates पर नियमित नजर बनाए रखें।

कन्क्लूज़न

Crypto Regulation को लेकर भारत में चर्चा लगातार आगे बढ़ रही है। 2 जुलाई को संसदीय वित्त समिति और RBI के बीच होने वाली बैठक Virtual Digital Assets के भविष्य, नियामकीय ढांचे और संभावित नीति विकल्पों पर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श का मंच बनेगी।

इसके बाद ICAI के साथ प्रस्तावित चर्चा Crypto Tax India और अकाउंटिंग फ्रेमवर्क से जुड़े मुद्दों को भी नई दिशा दे सकती है।

फिलहाल यह केवल Consultation Process का हिस्सा है और किसी नए कानून, टैक्स बदलाव या Regulatory Framework की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसलिए निवेशकों और उद्योग से जुड़े लोगों को केवल आधिकारिक अपडेट्स पर भरोसा करना चाहिए।

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अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी कानूनी, कर (Tax) या निवेश संबंधी सलाह नहीं है। क्रिप्टोकरेंसी और Virtual Digital Assets से जुड़े नियम समय-समय पर बदल सकते हैं। किसी भी वित्तीय, कानूनी या कर संबंधी निर्णय से पहले आधिकारिक सरकारी दिशानिर्देशों और योग्य विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

लेखक परिचय
Ronak Ghatiya Hindi News Writer

Ronak Ghatiya एक उभरते हुए क्रिप्टो कंटेंट राइटर हैं, जिनका एजुकेशन और टेक्नोलॉजी में मजबूत बैकग्राउंड रहा है। उन्होंने पिछले 6 वर्ष में फाइनेंस, ब्लॉकचेन, Web3 और डिजिटल एसेट्स जैसे विषयों पर डेटा-ड्रिवन और SEO-अनुकूल कंटेंट लिखा है, जो नए और प्रोफेशनल रीडर्स दोनों के लिए उपयोगी साबित हुआ है। रोनक की लेखनी का फोकस जटिल तकनीकी टॉपिक्स को आसान भाषा में समझाना है, जिससे क्रिप्टो स्पेस में ट्रस्ट और क्लैरिटी बनी रहे। उन्होंने CoinGabbar.com, Medium और अन्य क्रिप्टो प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए ब्लॉग्स और न्यूज़ स्टोरीज़ लिखी हैं, जिनमें क्रिएटिविटी और रिसर्च का संतुलन होता है। रोनक की स्टाइल डिटेल-ओरिएंटेड और रिस्पॉन्सिव है, और वह तेजी से बदलते क्रिप्टो परिदृश्य में एक विश्वसनीय आवाज़ बनने की ओर अग्रसर हैं। LinkedIn पर प्रोफ़ाइल देखें या उनके आर्टिकल्स यहाँ पढ़ें।

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2 जुलाई को होने वाली बैठक इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसमें संसदीय वित्त समिति और RBI भारत में Virtual Digital Assets (VDAs) के भविष्य के Regulatory Framework पर चर्चा करेंगे। इस बैठक में निवेशक सुरक्षा, अनुपालन (Compliance), टैक्स और नियामकीय ढांचे से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विचार किया जा सकता है।
नहीं। फिलहाल यह बैठक केवल परामर्श (Consultation) प्रक्रिया का हिस्सा है। किसी नए Crypto कानून को लागू करने के लिए अलग विधायी प्रक्रिया, सरकारी मंजूरी और संसद में आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना होगा।
अभी तक Crypto Tax India में किसी बदलाव की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। बैठक के दौरान टैक्स और Compliance से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है, लेकिन किसी नए टैक्स संशोधन या नियम की पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
RBI लंबे समय से Crypto Assets को लेकर सतर्क रुख अपनाता रहा है। केंद्रीय बैंक ने वित्तीय स्थिरता, उपभोक्ता सुरक्षा, मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय प्रणाली पर संभावित जोखिमों को लेकर कई बार चिंता व्यक्त की है।