Interlink Network ITLG Update

InterLink Network बना रहा भविष्य के लिए Quantum Safe Blockchain सिस्टम

InterLink Labs ने शुरू की Quantum Resistant Blockchain रिसर्च, जानिए

Blockchain और Digital Assets की दुनिया तेजी से आगे बढ़ रही है, लेकिन इसके साथ साथ Cyber Crime भी लगातार बढ़ता जा रहा है। इन खतरों को देखते हुए Interlink Network अब ऐसा Blockchain सिस्टम बनाने की दिशा में काम कर रही है, जो आने वाले Quantum Computing दौर में भी सुरक्षित रह सके।

Interlink Network News

Source-  Official X Post


हाल ही में InterLink Labs ने घोषणा की है कि वह दुनिया के जाने माने Top Cryptographers की एक विशेष रिसर्च टीम बना रही है, जिसका उद्देश्य अपने टोकन इंफ्रास्ट्रक्चर में क्वांटम रेसिस्टेंट सुरक्षा मैकेनिज्म को सीधे लागू करना है।


Quantum Computing क्यों बन रही है डिजिटल एसेट्स के लिए खतरा?

आज जो क्रिप्टोग्राफी सिस्टम सुरक्षित माने जाते हैं, वे भविष्य में Quantum Computer के सामने कमजोर पड़ सकते हैं। जैसे जैसे AI और सुपरकंप्यूटिंग तेज़ी से आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे पुराने सिक्योरिटी मॉडल पर खतरा भी बढ़ता जा रहा है। क्वांटम कंप्यूटर इतने ताकतवर होते हैं कि वे


  • मौजूदा पब्लिक-की क्रिप्टोग्राफी को तोड़ सकते हैं

  • वॉलेट प्राइवेट कीज़ को एक्सेस कर सकते हैं

  • ब्लॉकचेन नेटवर्क की सुरक्षा को कमजोर कर सकते हैं


अगर कोई डिजिटल एसेट क्वांटम अटैक से सुरक्षित नहीं है, तो वह Long Term स्टोर ऑफ वैल्यू कभी नहीं बन सकता।


ITLG और ITL Token को इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रेड एसेट बनाने की तैयारी

InterLink Network टोकन ITLG और ITL को केवल ट्रेडिंग या Short Term यूज केस तक सीमित नहीं रखना चाहता। कंपनी इन्हें इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रेड डिजिटल एसेट्स के रूप में पेश कर रही है, जिनका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर फाइनेंशियल सिस्टम, डिजिटल आइडेंटिटी और On-chain सर्विसेज में हो सके।


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InterLink Network कैसे बना रहा है Quantum-Secure Blockchain सिस्टम

Interlink Network उन चुनिंदा प्रोजेक्ट्स में से है जो क्वांटम खतरे के पूरी तरह सामने आने से पहले ही रिसर्च कर रहे हैं।


  • टॉप क्रिप्टोग्राफर्स की टीम-  Interlink का दावा है कि इसने अनुभवी और प्रोफेशनल क्रिप्टोग्राफी एक्सपर्ट्स को जोड़ना शुरू कर दिया है, जिनका फोकस सिर्फ थ्योरी नहीं बल्कि रियल वर्ल्ड इम्प्लीमेंटेशन है।

  • प्राइवेट मेननेट में इंटीग्रेशन-  क्वांटम सिक्योर डिज़ाइन को सीधे इसके प्राइवेट मेननेट डेवलपमेंट का हिस्सा बनाया जा रहा है।

  • NIST ग्रेड सिक्योरिटी स्टैंडर्ड-  यह अपने सिक्योरिटी मॉडल को NIST (National Institute of Standards and Technology) जैसे इंटरनेशनल लेवल के मानकों के अनुसार डिज़ाइन करने जा रहा है।


डिजिटल एसेट्स के भविष्य में क्यों अहम हो सकता है यह कदम

अगर क्वांटम कंप्यूटिंग का विकास इसी रफ्तार से होता रहा, तो आने वाले समय में कई मौजूदा Blockchain Networks को अपने सिक्योरिटी मॉडल पूरी तरह बदलने पड़ सकते हैं। ऐसे में जिन प्रोजेक्ट्स ने पहले से तैयारी की होगी, वे ज्यादा तेजी से खुद को नए दौर में ढाल पाएंगे।


ITLG टीम की यह पहल न सिर्फ उसके खुद के नेटवर्क को मजबूत बनाएगी, बल्कि इंडस्ट्री में भी एक नया बेंचमार्क बना सकती है। यह दिखाता है कि Blockchain Projects को सिर्फ आज की जरूरतों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि भविष्य के खतरों को भी ध्यान में रखना चाहिए।


Quantum Resistant Blockchain क्या होता है?

Quantum Resistant Blockchain वह होता है जो क्वांटम कंप्यूटर के हमलों से सुरक्षित रहे और पोस्ट क्वांटम क्रिप्टोग्राफी का उपयोग करे साथ ही जिसे भविष्य की कंप्यूटिंग ताकत को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया हो


इंटरलिंक लेब्स अपने नेटवर्क में Post Quantum Cryptography (PQC) को शामिल करने पर काम कर रहा है, ताकि इसके टोकन और ट्रांजैक्शन लंबे समय तक सुरक्षित रह सकें।


इन्वेस्टर्स के लिए यह कदम क्यों अहम है?

इसका यह कदम उन निवेशकों के लिए जरुरी हो सकता है जो डिजिटल एसेट्स को सिर्फ Short Term प्रॉफिट नहीं, बल्कि Long Term, सुरक्षित और मजबूत टेक्नोलॉजी आधारित निवेश के रूप में देखते हैं। खासतौर पर वे लोग जो


  • मजबूत टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को प्राथमिकता देते हैं

  • केवल कीमत नहीं, बल्कि नेटवर्क की सिक्योरिटी और भविष्य की उपयोगिता को समझते हैं

  • अपने निवेश में ट्रस्ट, स्थिरता और Risk Management को महत्व देते हैं


ऐसे निवेशकों के लिए इसका यह कदम एक विश्वसनीय, दूरदर्शी और भविष्य-सुरक्षित पहल माना जा सकता है।


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कन्क्लूजन

InterLink Labs का क्वांटम रेसिस्टेंट ब्लॉकचेन बनाने का कदम यह दिखाता है कि कंपनी केवल मौजूदा ट्रेंड्स के पीछे नहीं भाग रही, बल्कि डिजिटल एसेट्स के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में ठोस काम कर रही है।


जहां अधिकतर प्रोजेक्ट्स आज की जरूरतों पर फोकस करते हैं, वहीं यह आने वाले समय की चुनौतियों के लिए अभी से तैयारी कर रहा है। यह रणनीति न सिर्फ नेटवर्क की सुरक्षा को मजबूत करेगी, बल्कि ITLG और ITL जैसे टोकन को लंबे समय तक भरोसेमंद डिजिटल एसेट्स के रूप में स्थापित करने में भी मदद करेगी।


डिस्क्लेमर- यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। क्रिप्टो मार्केट काफ़ी वोलेटाइल है, इसलिए निवेश करने से पहले अपनी रिसर्च जरूर करें।

Shubham Sharma पिछले 4 वर्षों से Web3, ब्लॉकचेन, NFT और क्रिप्टोकरेंसी पर गहराई से लेखन कर रहे हैं। वे मार्केट ट्रेंड्स को जल्दी पहचानने, तकनीकी अपडेट्स को सरल भाषा में समझाने और भारतीय क्रिप्टो निवेशकों को विश्वसनीय जानकारी प्रदान करने के लिए जाने जाते हैं। Shubham ने कई प्रमुख क्रिप्टो मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए योगदान दिया है और उनका उद्देश्य पाठकों को तेजी से बदलती Web3 दुनिया में सटीक, निष्पक्ष और इनसाइटफुल कंटेंट देना है।

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कंपनी भविष्य में Quantum Computing से होने वाले साइबर खतरों से डिजिटल एसेट्स और नेटवर्क सिक्योरिटी को सुरक्षित रखने के लिए यह रिसर्च कर रही है।
क्योंकि क्वांटम कंप्यूटर मौजूदा क्रिप्टोग्राफी सिस्टम तोड़ सकते हैं, जिससे वॉलेट प्राइवेट की और नेटवर्क सिक्योरिटी कमजोर हो सकती है।
यह ऐसा ब्लॉकचेन होता है जो Post-Quantum Cryptography का इस्तेमाल करता है और क्वांटम अटैक्स के खिलाफ सुरक्षित रहता है।
कंपनी टॉप क्रिप्टोग्राफर्स की टीम बना रही है और Quantum-Secure सिस्टम को सीधे अपने प्राइवेट मेननेट में इंटीग्रेट कर रही है।
इसका मतलब है कि नेटवर्क इंटरनेशनल साइबर सिक्योरिटी गाइडलाइंस के अनुसार डिजाइन किया जा रहा है।