Mr Mint Crypto Scam ने भारत में लाखों निवेशकों को प्रभावित किया है, जिसमें कुल घोटाले की राशि ₹100 करोड़ से भी अधिक बताई जा रही है। इस रिपोर्ट में हम इस स्कैम की शुरुआत से लेकर मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी तक की पूरी कहानी विस्तार से बताएंगे।
2022 में बलविंदर सिंह छाबड़ा और राहुल भदौरिया ने मिलकर Mr. Mint नाम का एक क्रिप्टो प्रोजेक्ट लॉन्च किया, जिसका नेटिव टोकन MNT था। कंपनी की वेबसाइट mrmint.io पर दावा किया गया था कि यह "दुनिया का पहला टोकन है, जो क्रिप्टो माइनिंग से बैक्ड है।" प्लेटफॉर्म ने सस्टेनेबल एनर्जी से चलने वाली क्रिप्टो माइनिंग, NFTs और प्ले-टू-अर्न गेम्स को एक साथ जोड़कर "बिना किसी रिस्क के" मुनाफे का वादा किया।
कंपनी ने चार माइनिंग फार्म्स होने का दावा किया, जिनकी कुल क्षमता 2 मेगावाट और क्षेत्रफल 50,500 वर्ग फीट बताया गया, जो कथित तौर पर कम बिजली लागत और ठंडी जलवायु वाले क्षेत्र में स्थित थे। हालांकि जांच में सामने आया कि सिर्फ कागजी दावे दिखाए गए थे, कोई भी फॉर्म्स वास्तव में रियल नहीं थे।
इस पूरे स्कैम की कुल राशि लगभग ₹100 करोड़ से भी अधिक बताई जा रही है, और 1 करोड़ से ज्यादा लोगों के इससे प्रभावित होने का दावा किया जा रहा है। 2025 तक शिकायतों का पहाड़ खड़ा हो गया, जब पीड़ितों ने साइबर क्राइम पोर्टल पर बड़ी संख्या में केस दर्ज कराए।
October 2025 में मुंबई पुलिस ने Mr Mint Crypto Scam के मुख्य आरोपी बलविंदर सिंह छाबड़ा को अंबिकापुर से गिरफ्तार किया।
राहुल भदौरिया की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हो पाई है, वह अभी भी फरार है और उसकी छानबीन जारी है।
Reddit और X (पूर्व Twitter) पर इस स्कैम की कहानी तेजी से वायरल हुई। Facebook पर कई अलर्ट वीडियोज चलने लगे, जिनमें यूजर्स को "Mr Mint ऐप डाउनलोड मत करो" की चेतावनी दी गई। ScamAdviser जैसी वेबसाइट्स ने भी इसे संदिग्ध रेटिंग दी, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। एक X यूजर ने भी अपने ऑफिस में सहकर्मियों को Mr Mint और इसी तरह के "Bitroot" स्कैम में 2X से 4X रिटर्न के वादे पर पैसा लगाते देखने की बात शेयर की थी।
निवेश से पहले हमेशा कंपनी के फाउंडर्स की पहचान गूगल पर स्वतंत्र रूप से चेक करें, व्हाइटपेपर ध्यान से पढ़ें, और थर्ड पार्टी ऑडिट की मौजूदगी जरूर देखें। "बिना किसी रिस्क के" गारंटीड मुनाफे के किसी भी दावे को तुरंत रेड फ्लैग मानें। ऐसे ही अन्य माइनिंग-आधारित स्कैम्स की पहचान के लिए हमारी NovaBit कैसे काम करता है और NovaBit Platform Safety रिपोर्ट भी पढ़ें। स्वतंत्र वेबसाइट जांच के लिए ScamAdviser रिपोर्ट भी देखें।
अगर आपने Mr Mint में निवेश किया है और आप भी प्रभावित हुए हैं, तो सभी ट्रांजैक्शन प्रूफ सुरक्षित रखें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। मुंबई पुलिस की जांच जारी है, इसलिए स्थानीय साइबर सेल से भी संपर्क करना फायदेमंद हो सकता है।
Mr Mint Crypto Scam सिर्फ एक धोखाधड़ी की कहानी नहीं है, बल्कि यह एक आईना है जो दिखाता है कि क्रिप्टो की चमकदार दुनिया में झूठ कितनी आसानी से सुनहरी लग सकता है। ₹100 करोड़ से अधिक की यह ठगी और 1 करोड़ से ज्यादा प्रभावित लोग, यह याद दिलाते हैं कि "बिना जोखिम के मुनाफे" का कोई भी दावा हमेशा एक बड़ा खतरे का संकेत है।
Mining-Backed Token: क्रिप्टो माइनिंग गतिविधि से समर्थित होने का दावा करने वाला टोकन। Play-to-Earn: गेमिंग के जरिए क्रिप्टो कमाने का मॉडल। Cyber Crime Portal: भारत सरकार का आधिकारिक शिकायत दर्ज करने का पोर्टल। Absconding: कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए फरार होना। Whitepaper: किसी क्रिप्टो प्रोजेक्ट का तकनीकी और व्यावसायिक विवरण देने वाला दस्तावेज।
यह रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध पुलिस जांच और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है तथा केवल जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है। यह निवेश सलाह नहीं है। किसी भी हाई रिस्क प्लेटफॉर्म में निवेश से पहले अपनी रिसर्च अवश्य करें।
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