किसी प्लेटफॉर्म पर 'स्कैम' का ठप्पा लगाने से पहले सबूतों की फाइल खोलनी चाहिए। Nova NFT के मामले में यह फाइल अब काफी मोटी हो चुकी है: withdrawal रुकने की शिकायतें, बड़े-बड़े लिस्टिंग दावे जो कभी वेरिफाई नहीं हुए, और रेफरल पर टिका कमाई का ढांचा। इस लेख में हम आरोपों को एक-एक कर रखेंगे, ताकि आप खुद तय कर सकें कि आपकी मेहनत की कमाई ऐसी जगह जानी चाहिए या नहीं।
सबसे गंभीर शिकायतें पैसे निकालने से जुड़ी हैं। सोशल मीडिया पर सैकड़ों यूज़र्स लिख चुके हैं कि जब तक वे नई NFT खरीदते रहे या नए मेंबर जोड़ते रहे, प्लेटफॉर्म चलता रहा, लेकिन withdrawal की बारी आते ही 'system upgrade', 'tax deposit' या 'account verification' जैसे बहाने शुरू हो गए। कई मामलों में withdrawal के लिए पहले और पैसा जमा करने को कह?? गया, जो ponzi स्कीम की क्लासिक निशानी है। ऐसे प्लेटफॉर्म पर पैसा निकालने के लिए पैसा मांगना ही सबसे बड़ा अलार्म है।
Nova NFT से जुड़े प्रमोशन चैनलों ने समय-समय पर Nasdaq लिस्टिंग और बड़ी कंपनियों से साझेदारी जैसे दावे फैलाए। सच यह है कि Nasdaq पर लिस्टिंग की पूरी प्रक्रिया सार्वजनिक होती है और वहां ऐसा कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। इसी परिवार के Treasure NFT से जुड़े TUFT टोकन के दावों की पड़ताल हम TUFT Token की पूरी जानकारी में कर चुके हैं, जहां भी दावों और हकीकत में बड़ा फासला मिला।
प्लेटफॉर्म रोज़ाना फिक्स्ड रिटर्न और NFT 'flip' करने पर तयशुदा मुनाफे का वादा करता रहा। असली NFT मार्केट में कीमतें मांग से तय होती हैं, कोई प्लेटफॉर्म हर यूज़र को रोज़ गारंटीड मुनाफा नहीं दे सकता। जब रिटर्न पुराने निवेशकों को नए निवेशकों के पैसे से दिया जाए, तो वह निवेश नहीं, चेन सिस्टम है। यही सवाल हमने Nova NFT ब्लॉकचेन प्राइस प्रेडिक्शन की पड़ताल में भी उठाए थे।
प्लेटफॉर्म के पीछे कौन है, इसका कोई सत्यापित जवाब नहीं है। वेबसाइट डोमेन बदलते रहे, ऐप स्टोर की जगह APK फाइलें बांटी गईं और ग्राहक सेवा सिर्फ Telegram ग्रुप्स तक सीमित रही। वैध वित्तीय प्लेटफॉर्म ऐसे नहीं चलते। NFT से जुड़े ऐसे सुरक्षा जोखिमों की विस्तृत चेकलिस्ट Magic NFT के सुरक्षा जोखिम वाले लेख में दी गई है।
सबसे पहले, 'withdrawal fee' या 'tax' के नाम पर और पैसा बिल्कुल न डालें, यह डूबे पैसे के पीछे नया पैसा फेंकना है। सारे ट्रांजैक्शन स्क्रीनशॉट, UPI रेफरेंस और चैट रिकॉर्ड सुरक्षित करें और National Cyber Crime Portal या 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करें। जितनी जल्दी शिकायत होगी, बैंक चैनल से रकम फ्रीज़ होने की संभावना उतनी बेहतर रहती है।
तीन सवाल हमेशा पूछिए। पहला, रिटर्न कहां से आ रहा है, अगर जवाब 'नए मेंबर्स से' है तो भाग खड़े हों। दूसरा, क्या प्लेटफॉर्म किसी नियामक के दायरे में है, भारत में वैध क्रिप्टो प्लेटफॉर्म FIU-IND में पंजीकृत होते हैं जिसकी जानकारी FIU India की आधिकारिक वेबसाइट पर मिलती है। तीसरा, क्या NFT किसी सार्वजनिक ब्लॉकचेन पर वेरिफाई हो सकती हैं, बंद सिस्टम की 'NFT' सिर्फ डेटाबेस की तस्वीरें होती हैं।
ऐसे प्लेटफॉर्म जानबूझकर रेफरल कमीशन ऊंचा रखते हैं ताकि पीड़ित ही प्रचारक बन जाएं। दोस्तों-रिश्तेदारों को जोड़ने से पहले याद रखें कि उनका नुकसान आपके रिश्तों की कीमत पर होगा।
Ponzi Scheme: नए निवेशकों के पैसे से पुराने को रिटर्न देने वाली धोखाधड़ी।
Withdrawal Freeze: प्लेटफॉर्म द्वारा पैसे निकालने पर रोक।
NFT: ब्लॉकचेन पर दर्ज यूनिक डिजिटल एसेट।
Referral Commission: नए सदस्य जोड़ने पर मिलने वाला कमीशन।
Exit Scam: ऑपरेटर का फंड लेकर गायब होना।
FIU-IND: भारत की वित्तीय खुफिया इकाई, जहां वैध VDA प्लेटफॉर्म पंजीकृत होते हैं।
यह लेख सार्वजनिक शिकायतों, यूज़र अनुभवों और उपलब्ध रिकॉर्ड पर आधारित जागरूकता रिपोर्ट है, कोई अदालती निष्कर्ष नहीं। निवेश से जुड़ा कोई भी निर्णय अपने शोध और वित्तीय सलाहकार की राय के बाद ही लें। ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 पर शिकायत करें।
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