Pi Chain Global ने PCM Wallet में शुरू किया Passkey Feature

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Pi Chain Global की नई पहल, PCM में जोड़ी Passkey सुविधा

डिजिटल दुनिया में एक तरफ क्रिप्टोकरेंसी और वॉलेट का यूज तेजी से बढ़ रहा है, तो वही दूसरी तरफ कई तरह के सिक्योरिटी चैलेंजेज भी सामने आ रहे है। इन चैलेंजेज को देखते हुए Pi Network के Pi Chain Global ने, अपने इकोसिस्टम को स्ट्रोंग करने के लिए एक बेहतर पहल की शुरुआत की है। Pi Chain Global ने इसी साल मार्च में एक नए फीचर PCM Wallet की शुरुआत की थी, जिसमें नेटवर्क ने सिक्योरिटी और एक्सेस को बेहतर बनाने के लिए Passkey Feature को जोड़ दिया है। इस सुविधा के आने के बाद यूजर्स आसानी से बिना पासवर्ड के सुरक्षित और आसान तरीके से अपने वॉलेट्स तक पहुंच सकते हैं।     

यह सुविधा एक बायोमेट्रिक बेस्ड लॉगिन सिस्टम है, जिसमें फेस आईडी, फिंगरप्रिंट या डिवाइस पिन का यूज किया जा सकता है। यह सुविधा एंड्रॉइड और IOS दोनों यूजर्स के लिए लाइव कर दी गई है और आने वाले टाइम में यह वेब वर्जन में भी अवेलेबल होगी।

Source –Pi Chain Global X Post 

जानिए क्या है Passkey, यह PCM Wallet में कैसे करती है काम  

Passkey एक क्रिप्टोग्राफिक टेक्नोलॉजी है, जो ट्रेडिशनल पासवर्ड की आवश्यकता को खत्म कर देती है। यह एक पब्लिक और प्राइवेट की पेयर पर बेस्ड होती है। पब्लिक की सर्वर पर सेव रहती है, जब भी लॉगिन की जरुरत होती है, यूजर अपने बायोमेट्रिक डाटा या डिवाइस पिन से वेरिफिकेशन करता है।

PCM वॉलेट में इस फीचर के जोड़ने का मेजर ऑब्जेक्टिव यूजर्स को “पासवर्ड फ्री” लॉगिन एक्सपीरियंस देना है। इससे न केवल सिक्यूरिटी बढ़ती है बल्कि फ़िशिंग और की-लॉगिंग जैसे साइबर अटैक्स से भी सुरक्षा मिलती है। 

Pi Chain Global का यह कदम एक इम्पोर्टेन्ट डिजिटल चेंज का शाइन है। आज के समय में जब पासवर्ड लीक, हैकिंग और धोखाधड़ी तेजी से बढती जा रही है, लेकिन पासकी सुविधा जुड़ जाने से यूजर्स को न केवल मेंटल पीस मिलेगी बल्कि उनके डिजिटल प्रॉपर्टी को भी स्ट्रोंग सिक्योरिटी मिलेगी।

इस स्टेप से यह भी क्लियर होता है कि, Pi Chain Global केवल एक वॉलेट प्लेटफ़ॉर्म नहीं है, बल्कि यूजर-फोकस्ड इनोवेशन में लीडिंग रोल निभा रहा है। विशेषकर उन यूजर्स के लिए जो टेक्निकल में नए हैं और पासवर्ड्स को याद रखने में डिकॉम्फरटेबल महसूस करते हैं, उनके लिए पासकी एक वरदान साबित हो सकता है।

दुनियाभर में पासकी टेक्नोलॉजी का बढ़ता ट्रेंड 

गूगल, एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी कंपनियाँ पहले ही पासकी टेक्नोलॉजी को अपनाने की डायरेक्शन में काम कर चुकी हैं। अब Pi Chain Global का इसे अपने PCM वॉलेट में जोड़ना यह शो करता है कि, यह प्लेटफॉर्म ग्लोबल ट्रेंड्स को न केवल फॉलो कर रहा है, बल्कि उन्हें लागू भी कर रहा है।

 Passkey Technology को अपनाने से न केवल यूजर एक्सपीरियंस बेहतर होगा, बल्कि यह ट्रांजेक्शन की स्पीड और सिक्योरिटी दोनों को स्ट्रोंग बनाएगा। यह पहल खासकर Pi Network के उन करोड़ों यूजर्स के लिए एक पॉजिटिव सिग्नल है जो अपने डेली ट्रांजेक्शन्स के लिए PCM वॉलेट का यूज  करते हैं।

Pi Network के लगातार बढ़ते कदम 

मेरा मानना है कि, क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में Pi Network लगातार मजबूत कदम उठा रहा है। Pi Network क्रिप्टोकरेंसी प्रोजेक्ट और डिसेंट्रलाइज्ड मॉडल से आगे बढ़ते हुए डिजिटल इनोवेशन की दुनिया में भी काम कर रहा है। हाल ही में, Pi App Studio App लॉन्च के बाद Pi Network ने एतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, जहाँ उसने 10,000 Apps के आकड़े को छू लिया है।  

कन्क्लूजन  

यह कह सकते है कि, PCM वॉलेट में पासकी सुविधा का जोड़ा जाना Pi Chain Global की एक अच्छा पहल है। यह न केवल टेक्निकल अप्रोच से रेलेवेंट है बल्कि यूजर्स के लिए एक भरोसेमंद और सुरक्षित डिजिटल एक्सपीरियंस  सुनिश्चित करता है।

भविष्य में जब क्रिप्टो अपनाने का ग्राफ बढ़ेगा, तो इसी तरह की सुरक्षित और आसान टेक्निकल की आवश्यकता और भी बढ़ेगी। Pi Chain Global ने टाइम रहते यह स्टेप उठाकर यह साबित कर दिया है कि, वह अपने यूजर्स की जरूरतों को समझता है और उन्हें बेस्ट सॉल्यूशन देने के लिए कमिटेड है।

लेखक परिचय
Niharika Singh Research Analyst

Niharika Singh एक अनुभवी क्रिप्टो और ब्लॉकचेन जर्नलिस्ट हैं, जो वर्तमान में CryptoHindiNews.in से जुड़ी हुई हैं। उन्हें मीडिया और कम्युनिकेशन के क्षेत्र में 5 से अधिक वर्षों का अनुभव है, जिसमें उन्होंने दूरदर्शन और आकाशवाणी जैसे देश के प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म्स पर एंकर और कंटेंट प्रेजेंटर के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं। इस व्यापक अनुभव ने उन्हें जटिल से जटिल विषयों को भी सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करने की गहरी समझ प्रदान की है।

क्रिप्टो इंडस्ट्री में निहारिका ने खुद को एक विश्वसनीय लेखक के रूप में स्थापित किया है। वे Web3, DeFi, NFTs और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी जैसे तकनीकी विषयों को आम पाठकों की भाषा में सहजता से पहुंचाती हैं। उनकी लेखन शैली में SEO ऑप्टिमाइज़ेशन, रिसर्च-बेस्ड एनालिसिस और क्रिएटिव अप्रोच का बेहतरीन संतुलन देखने को मिलता है, जिसके चलते उनका कंटेंट न केवल सूचनाप्रद और प्रासंगिक होता है, बल्कि Google Discover सहित अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी शानदार प्रदर्शन करता है। निहारिका से LinkedIn के माध्यम से सीधे संपर्क किया जा सकता है।

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