Pi Network जो एक मोबाइल-बेस्ड क्रिप्टोकरेंसी प्रोजेक्ट है, जिसने हाल ही में अपने प्लेटफॉर्म में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। 29 मार्च 2025 को, Pi Network ने अपनी Mainnet Migration प्रोसेस में नई अपडेट्स जारी कीं थी, जिनका उद्देश्य सिक्योरिटी को बेहतर बनाना और यूज़र्स को बेहतर एक्सपीरियंस प्रदान करना है। इन बदलावों में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव था, SMS बेस्ड वेरिफिकेशन को बदलकर ईमेल बेस्ड टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) सिस्टम को लागू करना है। हालाँकि कुछ दिन पहले ही Pi Network ने वॉलेट सेफ्टी को बढ़ाने के लिए 2FA फीचर ऐड किया था, लेकिन अब यह बदलाव SMS बेस्ड सिस्टम में आने वाली समस्याओं को देखते हुए किया गया है, जो यूज़र्स की सेफ्टी और ग्लोबल कम्युनिटी को बेहतर अनुभव देनें के प्रयासों का हिस्सा हैं।
Pi Network ने पहले अपने यूज़र्स के अकाउंट को वेरीफाई करने के लिए फोन नंबरों का उपयोग किया था, जो SMS के माध्यम से काम करता थे। लेकिन जैसे-जैसे नेटवर्क का एक्सपांशन हुआ, SMS बेस्ड सिस्टम में कई समस्याएं सामने आईं। जैसे - दुनिया भर में टेलीकॉम रेगुलेशंस में इनकंपैटिबिलिटी, अनरिलायबल टेक्स्ट मैसेज की डिलीवरी और कैरियर रिस्ट्रिक्शन के कारण यूज़र्स को इस प्रोसेस में कई प्रॉब्लम का सामना करना पढ़ रहा था और इन प्रॉब्लम के सॉल्यूशन के लिए ही Pi Network ने अपने सिस्टम को ईमेल बेस्ड टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) पर स्विच किया है। यह बदलाव SMS सिस्टम के मुकाबले अधिक रिलायबल और सेफ है। ईमेल बेस्ड 2FA सिस्टम के साथ यूज़र्स अपने अकाउंट तक सेफ तरीके से पहुँच सकते हैं, बिना SMS संबंधित देरी या प्रॉब्लम का सामना किए। यह बदलाव सेफ्टी को बेहतर बनाएगा और फ्यूचर में Passkeys और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन जैसे नए सेफ्टी फीचर्स के लिए रास्ता भी खोलेगा।
Pi Network ने पिछले कुछ दिनों में अपनी मुख्यनेट Mainnet Migration प्रोसेस को टेम्प्ररी रोक दिया था, ताकि नई वेरिफिकेशन प्रोसेस और सेफ्टी सुधारों को पूरी तरह से टेस्ट किया जा सके। अब, सेफ्टी चेक्स के पूरा होने के बाद, Pi Network Mainnet Migration प्रोसेस फिर से शुरू हो गई है। टीम ने यह भी सुनिश्चित किया है कि इस प्रोसेस में कोई प्रॉब्लम न हो और यूज़र्स को एक स्टेबल और सेफ एक्सपीरियंस प्रदान किया जा सके।
यह माइग्रेशन धीरे-धीरे होगा ताकि किसी भी तरह की टेक्निकल प्रॉब्लम न आएं। Pi Network के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण है क्योंकि यह फ्यूचर में यूज़र्स को ज्यादा सेफ्टी और रिलायबलिटी प्रदान करेगा। अब समय आ गया है कि Pi Network के यूज़र्स अपनी ईमेल ID को वेरीफाई करें और कोई भी पेंडिंग ऑथेंटिकेशन प्रोसेस को पूरा करें।
Pi Network के द्वारा किए गए ये बदलाव न केवल यूज़र्स के एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए हैं, बल्कि यह प्रयास नेटवर्क की सेफ्टी को भी स्ट्रांग करेंगे। ईमेल बेस्ड 2FA और नए सेफ्टी सिस्टम के साथ, Pi Network एक स्ट्रांग और सेफ प्लेटफॉर्म बन सकेगा, जो फ्यूचर में अन्य टेक्निकल सुधारों के लिए भी तैयार होगा। इन सुधारों के साथ, Pi Network अपनी ग्लोबल कम्युनिटी को एक सेफ, विश्वसनीय और यूज़र-फ्रेंडली क्रिप्टोकरेंसी एक्सपीरियंस प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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