क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में हाल ही में XRP Open Interest एक बार फिर चर्चा में है, क्योंकि डेरिवेटिव्स डेटा में तेज़ वृद्धि दर्ज की गई है। Coinglass जैसे मार्केट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म्स के अनुसार XRP Open Interest लगभग $1.89 बिलियन तक पहुंच गया है, जो पिछले कुछ हफ्तों की तुलना में एक मजबूत रिकवरी को दर्शाता है। कुछ Value-Based अनुमान इसे लगभग 2.4 से 2.7 बिलियन डॉलर के आसपास भी बताते हैं।
वर्तमान में XRP लगभग $1.43–$1.44 के आसपास ट्रेड कर रहा है और प्राइस में हल्की सकारात्मक हलचल देखने को मिल रही है। ऐसे समय में XRP Open Interest का बढ़ना इस बात का संकेत है कि मार्केट में नए ट्रेडर्स एंट्री ले रहे हैं और डेरिवेटिव्स पोजीशंस फिर से तेजी से बन रही हैं। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि यह केवल Bullish Trend का संकेत हो, क्योंकि OI का बढ़ना लॉन्ग और शॉर्ट दोनों पोजीशंस की बढ़ोतरी को दर्शा सकता है।
XRP Open Interest में यह वृद्धि मार्केट सेंटिमेंट में बदलाव की ओर इशारा करती है। आमतौर पर जब OI बढ़ता है, तो इसका मतलब होता है कि ट्रेडर्स अधिक लीवरेज का इस्तेमाल कर रहे हैं और मार्केट में एक्टिव पोजीशन बन रही हैं। इस बार भी XRP Open Interest के साथ-साथ फंडिंग रेट्स का पॉजिटिव रहना एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। पॉजिटिव फंडिंग का अर्थ है कि लॉन्ग पोजीशन वाले ट्रेडर्स शॉर्ट पोजीशन वालों को पेमेंट कर रहे हैं, जो आमतौर पर बुलिश सेंटिमेंट को दर्शाता है।
इसके अलावा Cumulative Volume Delta (CVD) जैसे इंडिकेटर्स भी खरीदारी दबाव को सपोर्ट करते दिख रहे हैं, जिससे यह समझ आता है कि मार्केट में बायर्स की एक्टिविटी बढ़ रही है। XRP Open Interest का यह लेवल पिछली बार मार्च के अंत में देखा गया था, जब मार्केट में High Volatility और हाई ट्रेडिंग वॉल्यूम देखने को मिला था।
ध्यान देने वाली बात यह है कि 2025 के हाई पीरियड की तुलना में XRP Open Interest अभी भी काफी नीचे है, जब यह कई बिलियन डॉलर के स्तर तक पहुंच गया था। उस समय के बाद मार्केट में एक बड़ा Deleveraging Phase आया था, जिसमें ओवर-लेवरेज पोजीशंस काफी हद तक खत्म हो गई थीं।
XRP Open Interest में वृद्धि होने का मतलब यह है कि, रिवेटिव्स मार्केट हमेशा रिस्की होता है। अगर OI तेजी से बढ़ता है, लेकिन प्राइस उसी गति से ऊपर नहीं जाता, तो यह मार्केट में ओवर-लीवरेज स्थिति बना सकता है। ऐसी स्थिति में छोटे प्राइस मूवमेंट पर भी बड़े स्तर पर liquidation देखने को मिल सकते हैं।
वहीं अगर फंडिंग रेट्स अचानक नेगेटिव हो जाते हैं या स्पॉट मार्केट में डिमांड कमजोर पड़ती है, तो XRP Open Interest में बनी यह तेजी दबाव में आ सकती है। इसलिए केवल OI के आधार पर किसी मजबूत अपट्रेंड की पुष्टि करना सही नहीं होगा।
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XRP Open Interest में हुई वृद्धि यह संकेत देती है कि, डेरिवेटिव्स मार्केट में ट्रेडर्स की एक्टिविटी और भागीदारी बढ़ रही है। फंडिंग रेट्स और वॉल्यूम डेटा अभी बुलिश झुकाव दिखा रहे हैं, लेकिन यह ट्रेंड तभी मजबूत रहेगा जब स्पॉट डिमांड और ओवरऑल मार्केट सपोर्ट करेगा। केवल OI पर भरोसा करना रिस्की हो सकता है।
Disclaimer: यह आर्टिकल एजुकेशनल पर्पस से लिखा गया है, क्रिप्टो मार्केट वोलेटाइल है, किसी भी इन्वेस्टमेंट से पहले अपनी रिसर्च जरुर करें।
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