XRP Ripple Price Prediction in INR: एक दिन में 20% उछाल, आगे क्या
पिछले 24 घंटों में XRP (Ripple) की कीमत में करीब 19.6% और पिछले 7 दिनों में 29.3% की भारी उछाल आई है, और अब हर निवेशक एक ही चीज़ खोज रहा है — एक भरोसेमंद XRP Ripple Price Prediction in INR।
जो निवेशक हफ्तों से XRP के ₹95-₹100 के दायरे में अटके रहने से परेशान थे, उनके लिए यह अचानक आई तेज़ी किसी राहत से कम नहीं। लेकिन असली सवाल यह है — क्या यह तेज़ी टिकेगी, या यह सिर्फ एक "शॉर्ट स्क्वीज़" (Short Squeeze, यानी जब गिरावट पर दांव लगाने वाले ट्रेडर्स को नुकसान से बचने के लिए जल्दी-जल्दी अपनी पोजीशन खरीदनी पड़ती है और इससे कीमत और तेज़ी से ऊपर चली जाती है) है जो जल्द ही ठंडी पड़ जाएगी? इस लेख में हम डेटा और ताज़ा रिपोर्ट्स के आधार पर पूरी तस्वीर समझेंगे।
Ripple XRP Price in INR: क्या है आज की स्थिति
Coingecko Website से प्राप्त डाटा के अनुसार, 21 अगस्त 2026 को XRP ₹124-₹125 के आसपास ट्रेड कर रहा है, जो पिछले 24 घंटों में लगभग 19.6% ऊपर है। इसका 24 घंटे का दायरा ₹105.29 से ₹128.39 के बीच रहा, यानी दिन के दौरान भी काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
XRP के मौजूदा आंकड़े इस प्रकार हैं:
इस उछाल के साथ-साथ लीवरेज्ड ट्रेडर्स को भी बड़ा झटका लगा है। सिर्फ XRP में ही पिछले 24 घंटों में करीब ₹398 करोड़ का लिक्विडेशन (Liquidation, यानी जब कोई ट्रेडर उधार लेकर लगाया गया दांव इतना गलत साबित होता है कि एक्सचेंज खुद ही उसकी पोजीशन ज़बरदस्ती बंद कर देता है) हुआ है, जिसमें ₹247 करोड़ शॉर्ट पोजीशन (गिरावट पर दांव) और ₹151 करोड़ लॉन्ग पोजीशन (तेज़ी पर दांव) की रही। Coinglass से प्राप्त डाटा के अनुसार, इसी दौरान दुनियाभर में 7,724 ट्रेडर्स की पोजीशन लिक्विडेट हुई और कीमत में उतार-चढ़ाव (volatility) 22.7% तक पहुंच गया।
XRP Price 2 दिन में 30% बढ़ा: इस रैली के पीछे असली वजह क्या है?
इतनी तेज़ उछाल अचानक नहीं आती — इसके पीछे तीन बड़ी वजहें एक साथ काम कर रही हैं।
पहली वजह है वॉशिंगटन से आया राजनीतिक संकेत: 19 अगस्त को व्हाइट हाउस में हुए एक कार्यक्रम में, जिसमें रिपल के CEO ब्रैड गार्लिंगहाउस समेत क्रिप्टो इंडस्ट्री के कई बड़े नाम मौजूद थे, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कांग्रेस से CLARITY Act (एक प्रस्तावित कानून जो अमेरिका में क्रिप्टोकरेंसी को रेगुलेट करने के नियम साफ करेगा) को पास करने की अपील की।
इसी के साथ यह खबर भी आई कि अमेरिकी ट्रेजरी अपनी लॉन्ग-टर्म बॉन्ड बायबैक को दोगुना कर सकता है, जिससे बॉन्ड यील्ड नीचे आई और जोखिम भरे एसेट्स (जैसे क्रिप्टो) में पैसा लगाना ज़्यादा आकर्षक लगने लगा।
इन दोनों खबरों ने मिलकर पूरे क्रिप्टो मार्केट में एक बड़ा शॉर्ट स्क्वीज़ शुरू कर दिया — सिर्फ 24 घंटों में पूरे क्रिप्टो मार्केट में करीब ₹14,915 करोड़ (लगभग $1.57 अरब) की पोजीशन लिक्विडेट हुईं। इस दौरान XRP का मार्केट कैप 19 अगस्त की सुबह के करीब ₹5.99 लाख करोड़ से बढ़कर 20 अगस्त तक ₹6.87 लाख करोड़ हो गया — यानी सिर्फ 24 घंटों में करीब ₹85,500 करोड़ का इज़ाफा।
दूसरी वजह है टेक्निकल ब्रेकआउट और व्हेल एक्युमुलेशन: XRP ने ₹107-₹109 (करीब 1.13-1.15) के अहम रेजिस्टेंस ज़ोन को पार कर लिया है, जो जुलाई के बाद पहली बार हुआ है। यह ब्रेकआउट वॉल्यूम में भारी उछाल के साथ हुआ। ऑन-चेन डेटा के मुताबिक, बड़े निवेशकों (व्हेल्स) ने इस रैली से पहले के 96 घंटों में करीब 30 करोड़ XRP टोकन खरीदे, जबकि एक्सचेंजों पर मौजूद XRP का भंडार भी घटा है — इसका मतलब है कि बिकवाली का दबाव कम हुआ है।
तीसरी वजह है डेरिवेटिव्स मार्केट में तेज़ी की भारी पोजीशनिंग: मौजूदा डेटा के अनुसार करीब 73% ट्रेडर्स तेज़ी (लॉन्ग) पर दांव लगाए बैठे हैं, जबकि सिर्फ करीब 27% गिरावट (शॉर्ट) पर। यह भरोसा तो दिखाता है, लेकिन साथ ही एक जोखिम भी है — अगर रैली की रफ्तार धीमी पड़ी, तो इतनी एकतरफा पोजीशनिंग एक "लॉन्ग स्क्वीज़" (यानी अब तेज़ी पर दांव लगाने वालों की मजबूरन बिकवाली) को भी जन्म दे सकती है।
Riplle XRP Technical Analysis: तेज़ी है, लेकिन ओवरबॉट भी
TradingView से प्राप्त टेक्निकल इंडिकेटर्स की बात करें तो तस्वीर मिली-जुली है। ज़्यादातर मूविंग एवरेज (जो कीमत के औसत रुझान को दिखाते हैं) अभी भी "Buy" सिग्नल दे रहे हैं — 10, 20, 30, 50 और 100 दिन के मूविंग एवरेज सभी तेज़ी की तरफ इशारा कर रहे हैं, सिवाय 200-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज के, जो अभी भी "Sell" ज़ोन में है। इसका सीधा मतलब है कि शॉर्ट और मीडियम टर्म का रुझान तेज़ी से पलटा है, लेकिन बहुत लंबे समय का ट्रेंड अभी पूरी तरह तेज़ी में नहीं बदला है।
दूसरी तरफ, RSI (Relative Strength Index, यानी यह बताने वाला इंडिकेटर कि कोई एसेट कितना "ज़्यादा खरीदा" या "ज़्यादा बेचा" जा चुका है) करीब 80 के स्तर पर है, जो ओवरबॉट ज़ोन (70 से ऊपर) के काफी करीब है। साथ ही, एक हफ्ते के RSI के करीब 90 तक पहुंचने की भी रिपोर्ट है। इसका मतलब है कि जितनी तेज़ी से यह रैली आई है, उतनी ही तेज़ी से एक शॉर्ट-टर्म ठंडक (कूलडाउन) या मुनाफावसूली भी आ सकती है — भले ही बड़ा रुझान तेज़ी का बना रहे।
अगस्त 2026 के अंत तक XRP Ripple Price Prediction in INR: संभावित रेंज
फिलहाल XRP के लिए ₹114 (करीब $1.20) का स्तर एक अहम सपोर्ट माना जा रहा है। अगर XRP इस स्तर के ऊपर टिका रहता है, तो अगला लक्ष्य ₹135-₹136 (करीब $1.43) के आसपास हो सकता है।
वहीं, दूसरी तरफ अगर बिकवाली का दबाव बढ़ा और XRP ₹106 (करीब $1.12) से नीचे फिसला, तो यह मोमेंटम कमज़ोर पड़ने का संकेत होगा और कीमत ₹100-₹101 (करीब $1.06) के सपोर्ट की तरफ वापस जा सकती है।
यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि यह कोई निश्चित भविष्यवाणी नहीं, बल्कि मौजूदा टेक्निकल स्तरों और मार्केट सेंटीमेंट के आधार पर बना एक संभावित परिदृश्य है। किसी भी XRP Ripple Price Prediction in INR को अंतिम सच मानने के बजाय एक दिशा-निर्देश की तरह देखें — CLARITY Act पर आगे की प्रगति और डेरिवेटिव्स मार्केट में लॉन्ग-शॉर्ट पोजीशनिंग में बदलाव इस दिशा को तेज़ी से बदल सकते हैं।
निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है?
अगर आप पहले से XRP होल्ड कर रहे हैं, तो यह रैली आपके पोर्टफोलियो के लिए राहत की खबर है, लेकिन ओवरबॉट RSI और भारी लॉन्ग पोजीशनिंग को देखते हुए एक झटके में मुनाफावसूली आना कोई असामान्य बात नहीं होगी — इसलिए जल्दबाज़ी में बड़े फैसले लेने से बचें।
अगर आप नई एंट्री सोच रहे हैं, तो ₹124-₹125 के मौजूदा स्तर पर एकमुश्त बड़ी पोजीशन लेने के बजाय, ₹114 के सपोर्ट के आसपास कीमत ठहरने का इंतज़ार करना ज़्यादा समझदारी भरा कदम हो सकता है। किसी भी हाल में, सिर्फ उतनी ही रकम लगाएं जितनी रिस्क आप उठा सकते हैं।
भारत में XRP पर टैक्स के नियम
भारत में क्रिप्टोकरेंसी से होने वाले किसी भी मुनाफे पर सेक्शन 115BBH के तहत 30% फ्लैट टैक्स लगता है, चाहे आपकी होल्डिंग अवधि कितनी भी हो। इसके अलावा, ₹10,000 (कुछ मामलों में ₹50,000) से ज़्यादा के हर ट्रांजेक्शन पर सेक्शन 194S के तहत 1% TDS भी काटा जाता है। क्रिप्टो में हुए नुकसान को दूसरी आय से सेट-ऑफ करने की अनुमति नहीं है। इसलिए हर ट्रेड का रिकॉर्ड रखना और टैक्स फाइलिंग के समय इसे सही तरीके से रिपोर्ट करना ज़रूरी है।
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डिस्क्लेमर: क्रिप्टोकरेंसी बाज़ार अत्यधिक अस्थिर और जोखिम भरा है। इस लेख में दी गई जानकारी केवल शिक्षा के उद्देश्य से है और इसे वित्तीय सलाह न समझें। निवेश से पहले अपनी खुद की रिसर्च करें (DYOR) और ज़रूरत पड़ने पर किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से संपर्क करें।