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XRP एक हाई-परफॉर्मेंस डिजिटल करेंसी है जिसे Ripple Labs ने इंटरनेशनल बैंकिंग और पेमेंट सिस्टम में मौजूद कमियों को दूर करने के लिए बनाया था। पारंपरिक SWIFT नेटवर्क जहां इंटरनेशनल लेन-देन को पूरा करने में कई घंटे या कई दिन तक ले लेता है, वहीं XRP Ledger कुछ ही सेकंड में पेमेंट को सेटल कर देता है। इसकी फीस भी बेहद कम है, जिससे यह बैंकिंग सेक्टर के लिए एक आकर्षक और किफायती समाधान बन जाता है। XRP की स्पीड, स्केलेबिलिटी और ऊर्जा-कुशल संरचना इसे अगले दशक की financial innovation का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाती है।
XRP(Ripple) क्या है, जानिए विस्तार से
अक्सर लोग Ripple और XRP को एक ही समझ लेते हैं, जबकि वास्तव में दोनों के उद्देश्य और संरचना अलग हैं। Ripple एक fintech कंपनी है जो वैश्विक बैंकिंग सिस्टम को तेज़, सुरक्षित और low-cost बनाने के लिए तकनीक विकसित करती है। दूसरी ओर, XRP इस कंपनी का native digital asset है जिसे liquidity, cross-border settlement और instant payments के लिए उपयोग किया जाता है। XRP की total supply पहले से निर्धारित है, जिसका मतलब है कि यह Bitcoin की तरह mined नहीं होता। इससे यह अधिक eco-friendly और predictable asset बन जाता है, जो financial institutions को स्थिरता प्रदान करता है।
XRP की असल ताकत इसके real-world उपयोग में है। पूरी दुनिया में बैंक और payment companies XRP को Cross-border payments और liquidity bridging के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। XRP की मदद से दो अलग-अलग देशों की करेंसी के बीच तुरंत exchange हो सकता है, वो भी बिना किसी middle bank या लंबी settlement प्रक्रिया के। इसका मतलब है कि businesses, banks और remittance कंपनियों को तेज़, reliable और affordable global payment capabilities मिलती हैं। यही वजह है कि XRP को सिर्फ crypto traders ही नहीं, बल्कि financial institutions भी तेजी से अपना रहे हैं।
RippleNet एक global financial network है जो दुनिया भर के बैंकों, remittance services और payment providers को जोड़ता है। इस नेटवर्क का उद्देश्य दुनिया की सबसे बड़ी cross-border payment problems - जैसे high cost, slow speed और intermediary dependency - को खत्म करना है। RippleNet की तकनीक traditional SWIFT network की तुलना में कई गुना तेज़, सस्ती और सुरक्षित है। RippleNet के माध्यम से संस्थाएं कुछ ही सेकंड में अंतरराष्ट्रीय भुगतान भेज सकती हैं, जो इसे future-ready financial infrastructure बनाता है।
XRP Ledger एक advanced distributed ledger system है जो speed, security और scalability में दूसरे blockchains से काफी आगे है। XRPL प्रति सेकंड हजारों transactions को process कर सकता है और हर transaction 3–5 सेकंड में final हो जाता है। यह ledger fully decentralized validators द्वारा operate किया जाता है और इसका consensus mechanism energy-efficient भी है - जिसका मतलब है कि यह Bitcoin जैसी energy consumption issues से मुक्त है। XRPL पर tokens, NFTs, DEX और smart contract जैसे कई उपयोग संभव हैं।
XRPL के फीचर्स और टेक जानें - XRP Ledger Explained
XRP Wallets को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि यूज़र्स अपने XRP assets को सुरक्षित तरीके से स्टोर, भेज और प्राप्त कर सकें। सबसे लोकप्रिय वॉलेट Xumm है, जो XRPL ecosystem के लिए खासतौर पर बनाया गया है। यह वॉलेट decentralized है और उपयोगकर्ताओं को बिना किसी third-party intermediary के अपने coins पर पूरी तरह control देता है। India में Binance, WazirX, Coinswitch और Ledger hardware wallet भी XRP स्टोर करने के लिए प्रसिद्ध विकल्प हैं। एक अच्छी security setup (PIN, Backup Seed, 2FA) उपयोगकर्ता के fund safety को और मजबूत करता है।
RippleNet आज दुनिया भर में 300+ financial institutions को जोड़ता है, जिसमें बैंक, remittance providers और fintech कंपनियाँ शामिल हैं। SBI Holdings, Santander और Standard Chartered जैसे बड़े बैंक से लेकर payment networks तक - XRP की तकनीक global adoption की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। ये partnerships Ripple के real-world impact को बढ़ाती हैं और यह साबित करती हैं कि XRP केवल speculative crypto नहीं बल्कि एक utility-driven डिजिटल एसेट है।
XRP हमेशा headlines में रहता है क्योंकि इसकी legal developments, regulatory updates और banking integrations global financial news का बड़ा हिस्सा होते हैं। हाल की एक बड़ी खबर यह है कि Cardano के Founder Charles Hoskinson ने कहा कि Ripple यदि Circle (USDC issuer) को acquire करता है तो यह crypto industry में transparency और decentralization को नया boost देगा। इस अपडेट से XRP token और Ripple दोनों के ecosystem में बड़े बदलाव और adoption बढ़ने की उम्मीद है।
XRP की ताज़ा खबरें पढ़ें - Latest XRP News Hindi
भारत में XRP को लेकर काफी interest देखा जाता है क्योंकि इसकी फीस कम है, ट्रांजेक्शन तेज़ हैं और RBI regulations के चलते users stable, utility-driven assets prefer करते हैं। XRP की demand 2024–2025 में बढ़ी है, खासकर तब से जब exchanges ने global liquidity pools को enable किया है। Indian investors XRP को long-term और cross-border remittance दोनों के लिए आकर्षक विकल्प मानते हैं।
XRP की growth की कहानी इसकी partnerships और real-world utility के इर्द-गिर्द घूमती है। अगर Ripple ETF approve हो जाता है और RLUSD stablecoin XRP Ledger पर launch होता है, तो इससे XRPL ecosystem में liquidity और adoption दोनों dramatically बढ़ेंगे। आने वाले सालों में Ripple यदि और ज़्यादा देशों के साथ financial integration करता है तो XRP की कीमत ₹300–₹500 से भी ऊपर जा सकती है। Long-term में (2027–2030) XRP institutional banking automation और CBDC infrastructure में बड़ी भूमिका निभा सकता है।
Detailed Future Forecast पढ़ें - XRP Price Prediction Hindi
XRP केवल एक cryptocurrency नहीं, बल्कि एक global financial network की backbone बनने की क्षमता वाला asset है। इसकी fast settlement, low-cost payments, और real banking adoption इसे unique बनाता है। Ripple की आगे की strategies - जैसे Stablecoin RLUSD, CBDCs, RippleNet expansion, और XRP ETF - आने वाले वर्षों में इसकी growth को और मजबूत कर सकते हैं। Long-term portfolios में XRP एक stable, utility-driven और trusted digital asset के रूप में अपनी जगह बना सकता है।
Disclaimer: इस लेख का उद्देश्य केवल शैक्षिक जानकारी प्रदान करना है। निवेश करने से पहले कृपया पूरी तरह से शोध करें और किसी वित्तीय विशेषज्ञ से सलाह लें।
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XRP एक क्रिप्टोकरेंसी है जो Ripple नेटवर्क पर तेज, सस्ते और सुरक्षित अंतर्राष्ट्रीय लेन-देन के लिए प्रयोग होती है। इसे 'ब्रिज करेंसी' के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है।
Ripple (XRP) लेजर को 2012 में Chris Larsen और Jed McCaleb द्वारा बनाया गया था। यह एक ओपन-सोर्स डिस्ट्रीब्यूटेड लेज़र है जो फास्ट ट्रांजैक्शंस के लिए डिजाइन किया गया है।
XRP का कोई पूर्ण रूप नहीं है। 'X' का मतलब आमतौर पर किसी भी करंसी को दर्शाता है, और 'RP' Ripple के लिए है। यह नाम XRP के रूप में एक प्लेसहोल्डर के रूप में लिया गया है।
भारत में XRP खरीदने के लिए आप WazirX, CoinDCX, या ZebPay जैसे क्रिप्टो एक्सचेंज का उपयोग कर सकते हैं। आपको KYC प्रक्रिया पूरी करनी होगी और INR से XRP खरीद सकते हैं।
XRP भारत में WazirX, CoinDCX, ZebPay और Binance जैसे प्लेटफार्मों पर खरीदी जा सकती है। इन प्लेटफार्मों पर सरल रजिस्ट्रेशन और KYC से आप आसानी से XRP खरीद सकते हैं।
XRP लेजर एक ओपन-सोर्स ब्लॉकचेन प्लेटफ़ॉर्म है, जो तेज़, सस्ते और सुरक्षित लेन-देन को सक्षम बनाता है। इसे विशेष रूप से क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट के लिए डिज़ाइन किया गया है।
XRP क्रिप्टो टोकन को 2012 में Ripple नेटवर्क के साथ लॉन्च किया गया था। इसे तेज और सस्ते लेन-देन के लिए विकसित किया गया था, विशेष रूप से बैंकिंग संस्थानों के लिए।
XRP का उपयोग मुख्य रूप से क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट्स के लिए किया जाता है। यह एक 'ब्रिज करेंसी' के रूप में कार्य करता है, जिससे विभिन्न मुद्राओं के बीच आदान-प्रदान को सरल और तेज़ बनाया जाता है।
XRP को Ripple Labs द्वारा विकसित किया गया था। हालांकि, XRP के टोकन Ripple के अलावा विभिन्न संस्थानों, निवेशकों और निजी व्यक्तियों के पास भी हैं।
XRP का संचालन XRP लेजर पर होता है, जो एक खास ब्लॉकचेन है। यह ब्लॉकचेन XRP टोकन के आदान-प्रदान के लिए तेज़ और किफायती लेन-देन की सुविधा प्रदान करता है।
XRP को Ripple Labs द्वारा 2012 में बनाया गया था। Ripple Labs के संस्थापक Chris Larsen और Jed McCaleb ने इसका विकास किया था।
Ripple XRP के वर्तमान CEO Brad Garlinghouse हैं। वह Ripple Labs के नेतृत्व में क्रिप्टो और ब्लॉकचेन क्षेत्र में नवीनीकरण का काम कर रहे हैं।
Ripple एक कंपनी है, जो पेमेंट प्रोटोकॉल और नेटवर्क प्रदान करती है, जबकि XRP इसका डिजिटल टोकन है। Ripple कंपनी का उद्देश्य वित्तीय ट्रांजैक्शन्स को बेहतर बनाना है।
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