Anubis Blockchain क्या है? LGNS Coin से इसका सम्बन्ध और सावधानियाँ
किसी भी टोकन में पैसा लगाने से पहले यह जानना ज़रूरी होता है कि वह किस ब्लॉकचेन पर चलता है, क्योंकि चेन बदलने से टोकन का कॉन्ट्रैक्ट, लिक्विडिटी और रिस्क भी बदल जाते हैं। LGNS Coin के साथ अभी यही हो रहा है: मई 2026 में यह Polygon के साथ-साथ एक नई चेन, Anubis Chain, पर भी ट्रेड होने लगा।
ऐसे में बहुत से लोग पूछ रहे हैं कि Anubis Blockchain क्या है और इसका LGNS से असल में क्या सम्बन्ध है। इस गाइड में हम दोनों सवालों के जवाब देते हैं, और साफ बताते हैं कि कौन-सी बात पुष्ट है और कौन-सी सिर्फ प्रोजेक्ट का अपना दावा।
Anubis Blockchain क्या है
इसकी Official Website के अनुसार, Anubis Chain एक Layer-1 ब्लॉकचेन है, यानी ऐसी मुख्य ब्लॉकचेन जो किसी दूसरी चेन के ऊपर नहीं, बल्कि अपने दम पर चलती है। यह EVM-कंपैटिबल है, जिसका मतलब है कि Ethereum जैसे स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट इस पर चल सकते हैं और MetaMask जैसे वॉलेट आसानी से जुड़ सकते हैं। प्रोजेक्ट इसे "सिलेक्टिव प्राइवेसी" वाली चेन के रूप में पेश करता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक इसका मेननेट 7-8 अप्रैल 2026 को लाइव हुआ (तारीख टाइमज़ोन के हिसाब से अलग दिखती है)। इसे ANUBIS Foundation और उसके इन्क्यूबेशन प्लेटफॉर्म Anubis Labs ने आगे बढ़ाया है।
सिलेक्टिव प्राइवेसी का मतलब क्या है
ज़्यादातर पब्लिक ब्लॉकचेन पर हर ट्रांज़ैक्शन सबको दिखता है, जबकि पूरी तरह एनॉनिमस चेन रेगुलेटर्स के लिए मुश्किल बन जाती हैं। Anubis बीच का रास्ता लेने का दावा करती है:
पब्लिक ट्रांज़ैक्शन: सामान्य ट्रांज़ैक्शन जिनमें भेजने वाला, पाने वाला और रकम दिखती है, और जो करीब 1 सेकंड में कन्फर्म होते हैं।
शील्डेड ट्रांज़ैक्शन: प्राइवेट ट्रांज़ैक्शन जो PLONK ज़ीरो-नॉलेज प्रूफ पर चलते हैं। ज़ीरो-नॉलेज प्रूफ वह तकनीक है जिससे बिना असली जानकारी दिखाए यह साबित किया जा सकता है कि कोई बात सही है।
प्रोजेक्ट का कहना है कि ज़रूरत पड़ने पर अधिकृत पक्षों के लिए ऑडिट संभव रहेगा, जिसे वह "ZK-KYC" के ज़रिए पूरा करने की बात करता है। यह प्रोजेक्ट का तकनीकी दावा है, और इसकी स्वतंत्र जाँच के नतीजे हमें नहीं मिले।
LGNS और ORIGIN क्या हैं
LGNS (Longinus) ORIGIN नाम के DeFi 3.0 प्रोटोकॉल का टोकन है, जिसे "अल्गोरिदमिक नॉन-स्टेबलकॉइन" कहा जाता है। प्रोजेक्ट का घोषित लक्ष्य एक प्राइवेसी-फोकस्ड स्टेबलकॉइन पेमेंट इकोसिस्टम बनाना है, और वह इसे पारंपरिक केंद्रीय बैंकों पर निर्भरता घटाने वाले मॉडल के रूप में पेश करता है। यह टोकन पहले Polygon चेन पर चलता था।
एक बात खास ध्यान देने लायक है। ORIGIN की अपनी वेबसाइट पर कंपाउंडिंग रिवॉर्ड का जो मॉडल दिखाया गया है, उसमें हर 8 घंटे में 0.4% की कमाई बताई गई है, जो सालाना करीब 7,909% के रिटर्न के बराबर बैठती है। यह प्रोजेक्ट का अपना दावा है, और हमारी राय में इतने ऊँचे रिटर्न का वादा अक्सर नए पैसे या नई टोकन सप्लाई पर टिका होता है, इसलिए इसे रिस्क का संकेत मानकर ही देखना चाहिए।
Anubis और LGNS का सम्बन्ध: अब तक की टाइमलाइन
इसके अलावा ORIGIN की वेबसाइट पर "Anubis Bridge" और "LGNS Bridge" जैसे विकल्प दिखते हैं, जिनसे LGNS को चेन के बीच भेजा जा सकता है। यानी व्यावहारिक सम्बन्ध साफ है: LGNS अब Anubis Chain का एक प्रमुख एसेट बन चुका है।
क्या पुष्ट है और क्या नहीं
पुष्ट (प्रोजेक्ट के आधिकारिक चैनल्स या कई सोर्स से): Anubis का मेननेट लाइव है, LGNS की ट्रेडिंग Anubis पर 13 मई 2026 से शुरू होने की घोषणा हुई, और इंसेंटिव सिस्टम का माइग्रेशन घोषित हुआ।
अपुष्ट या अधूरा:
मालिकाना सम्बन्ध: ORIGIN और Anubis के बीच मालिकाना हक, फंडिंग या टीम का सम्बन्ध हमें स्वतंत्र रूप से वेरिफाई होता नहीं मिला। ORIGIN के रोडमैप में "प्राइवेसी पब्लिक चेन" भी एक मॉड्यूल है और Anubis उससे मेल खाती है, लेकिन इसे हम अपना अनुमान मानते हैं, पुष्ट जानकारी नहीं।
टीम की पहचान: Bitget के LGNS पेज पर लिखा है कि टीम सार्वजनिक नहीं है।
कीमतों में फर्क: दोनों चेन पर LGNS की कीमतें अलग दिखती हैं (Bitget पर Anubis वाला LGNS हाल में करीब $1.33, जबकि GeckoTerminal के Polygon पूल से करीब $2.16 निकलता है, हालाँकि दोनों स्नैपशॉट का समय अलग है)। अगर $1.33 का आँकड़ा सही मान लें तो यह $5 के लॉन्च प्राइस से लगभग 73% नीचे है।
सिक्योरिटी ऑडिट: हमें Anubis Chain के स्वतंत्र सिक्योरिटी ऑडिट की स्पष्ट रिपोर्ट नहीं मिली।
Anubis पर LGNS के साथ किन बातों का ध्यान रखें
सही चेन और कॉन्ट्रैक्ट: एक ही टोकन अब दो चेन पर है, इसलिए खरीदने या ब्रिज करने से पहले चेन और कॉन्ट्रैक्ट एड्रेस आधिकारिक वेबसाइट से मिलाएँ।
नई चेन का रिस्क: Anubis अप्रैल 2026 में लाइव हुई एक नई Layer-1 है, और ऐसी चेन में ब्रिज, वॉलेट सपोर्ट और लिक्विडिटी से जुड़े रिस्क ज़्यादा रहते हैं।
ब्रिजिंग: ब्रिज के ज़रिए टोकन भेजते समय पहले छोटी रकम से टेस्ट करें।
ज़रूरत से ज़्यादा रिटर्न के वादे: हज़ारों प्रतिशत की कमाई के दावों को बिना सबूत भरोसेमंद न मानें।
भारत में टैक्स का नियम
भारत में क्रिप्टो जैसे वर्चुअल डिजिटल एसेट (VDA) की कमाई पर Section 115BBH के तहत 30% फ्लैट टैक्स लगता है, और Section 194S के तहत ट्रांसफर पर 1% TDS काटा जाता है। यह नियम इस पर निर्भर नहीं करता कि टोकन किस चेन पर है। टैक्स से जुड़ी अपनी स्थिति के लिए किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट से सलाह लें।
आपके लिए इसका मतलब क्या है?
सरल शब्दों में, Anubis Chain एक नई और अभी साबित होने की प्रक्रिया में चल रही प्राइवेसी-फोकस्ड ब्लॉकचेन है, और LGNS उसका सबसे चर्चित टोकन बनकर उभरा है, जिसका ट्रेडिंग बेस अब Polygon से Anubis की ओर बढ़ रहा है। लेकिन चेन का नया होना, टीम का सार्वजनिक न होना, दोनों चेन पर अलग कीमतें और बहुत ऊँचे रिटर्न के दावे, ये सब मिलकर बताते हैं कि यहाँ भरोसे से ज़्यादा सावधानी की ज़रूरत है। अगर आप LGNS पर नज़र रख रहे हैं, तो पहले यह जाँचें कि आप किस चेन और किस कॉन्ट्रैक्ट के साथ काम कर रहे हैं, और जो रकम गँवाने की स्थिति में आप न हों, उसे ऐसे प्रोजेक्ट में न लगाएँ।
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YMYL डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना और शिक्षा के उद्देश्य से है और इसे निवेश, वित्तीय या कर संबंधी सलाह न माना जाए। कीमतों और घटनाओं की जानकारी बदल सकती है। क्रिप्टोकरेंसी में पूरी पूँजी डूबने का रिस्क रहता है।