ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट में जबरदस्त तेजी के बाद अचानक बड़ा यू-टर्न देखने को मिल रहा है। लगातार बढ़ रहे इनफ्लो के बाद US Spot Bitcoin ETFs से भारी मात्रा में फंड बाहर निकला है, इस अचानक आई गिरावट ने इंडियन इन्वेस्टर्स और रीटेल ट्रेडर्स के बीच टेंशन बढ़ा दी है। Bitcoin Price $79,838.92 के आसपास ट्रेड कर रहा है और पिछले 24 घंटों में इसकी प्राइस में 1.6% से ज्यादा गिरावट आई है।
Today Bitcoin Market Overview
Source- Official Coinmarketcap
US Spot Bitcoin ETFs से पिछले 24 घंटों में लगभग $635 मिलियन का भारी आउटफ्लो देखने को मिला है।
फंड्स पर असर: दिग्गज फंड BlackRock iShares Bitcoin Trust (IBIT) की रफ्तार भी सुस्त हुई है, जबकि फिडेलिटी और ग्रेस्केल जैसे अन्य बड़े ETF से इन्वेस्टर्स ने तेजी से पैसे निकाले हैं।
मार्केट सेंटिमेंट: लगातार 5 दिनों की बंपर खरीदारी के बाद आई इस गिरावट से Fear & Greed Index अचानक 'एक्सट्रीम ग्रीड' से फिसलकर 'न्यूट्रल' जोन की तरफ आ गया है।
महंगाई और फेड का दबाव: अमेरिकी इन्फ्लेशन यानी CPI Data के ताजा आंकड़ों ने मार्केट को डरा दिया है। फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कम होने से इन्वेस्टर्स रिस्की एसेट्स जैसे क्रिप्टो से पैसा निकाल रहे हैं
Profit Booking: Bitcoin द्वारा $82,000 के रेजिस्टेंस लेवल को टेस्ट करने के बाद बड़े प्लेयर्स ने भारी Profit Booking की है, जिससे अचानक से Selling Pressure बढ़ गया।
पॉलिटिकल अनिश्चितता: वाशिंगटन में अमेरिकी रेगुलेटरी अथॉरिटीज और फेडरल रिजर्व के नेतृत्व में होने वाले संभावित बदलावों के कारण संस्थागत निवेशक Wait and Watch की प्लानिंग अपना रहे हैं।
TradingView के टेक्निकल चार्ट्स के अनुसार, यदि Bitcoin में गिरावट जारी रहती है तो इन लेवल्स पर नजर रखना बेहद जरूरी है
पहला मजबूत सपोर्ट ($78,500): यह Bitcoin का तात्कालिक 50-दिन का मूविंग एवरेज सपोर्ट है जब तक Bitcoin इसके ऊपर है, पैनिक की कोई बात नहीं है
दूसरा बड़ा सपोर्ट ($75,000): यदि $78,500 का लेवल टूटता है, तो Bitcoin सीधे $75,000 के साइकोलॉजिकल ज़ोन पर आ गिरेगा
खतरे का लेवल ($72,000): इसके नीचे जाने पर ही मार्केट को ऑफिशियल तौर पर Bearish State में माना जाएगा और बड़ा क्रैश आ सकता है।
क्रिप्टो एनालिस्ट्स के मुताबिक, बुल रन के दौरान इस तरह के 10% से 15% के करेक्शन यानी गिरावट बिल्कुल नॉर्मल हैं।
व्हेल्स की एक्टिविटी: ऑन-चेन डेटा दिखाता है कि जब रीटेल इन्वेस्टर्स डरकर अपने कॉइन्स बेच रहे हैं, तब बड़ी व्हेल कंपनियां और माइक्रोस्ट्रेटजी जैसे कॉर्पोरेट्स इसे Dip Buying मतलब सस्ते में खरीदने का एक बेहतरीन चांस मानते है।
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Conclusion
Bitcoin ETF Outflow में आई यह बड़ी गिरावट शॉर्ट-टर्म में मार्केट पर दबाव जरूर बना सकती है, लेकिन इसे तुरंत बड़े क्रैश का सिग्नल मानना सही नहीं होगा। ETF से पैसा निकलने, प्रॉफिट बुकिंग और मैक्रो इकोनॉमिक दबाव के कारण BTC में वोलैटिलिटी बढ़ी है।
यदि Bitcoin $78,500 के ऊपर टिकता है, तो मार्केट दोबारा रिकवरी दिखा सकता है। वहीं $75,000 और $72,000 के लेवल इन्वेस्टर्स के लिए बेहद अहम रहेंगे। लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स के लिए यह गिरावट Panic Selling की जगह Smart Accumulation या Dip Buying का मौका हो सकती है।
Disclaimer: यह लेख केवल शैक्षिक और सूचना उद्देश्य के लिए है। किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करने से पहले अपनी रिसर्च जरूर करें।
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