Blockchain News: क्या है $28 Trillion Crypto Market का असली सच

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Blockchain News: Crypto में Automated Trading का बढ़ता प्रभाव

Crypto currency  और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया तेजी से एक-दूसरे के साथ मिलकर एक नए agent economy का रूप ले रही है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑन-चेन ट्रांजैक्शन वॉल्यूम लगभग $28 ट्रिलियन तक पहुंच गया है, जो देखने में इस सेक्टर की विशाल ग्रोथ को दर्शाता है। लेकिन इस आंकड़े के पीछे एक और सच्चाई है, इसका बड़ा हिस्सा इंसानों द्वारा नहीं, बल्कि bots, AI agents और Automated Trading Systems द्वारा जनरेट किया जा रहा है। 


अनुमान है कि करीब 76% ट्रांजैक्शन मशीन-ड्रिवन एक्टिविटी से जुड़े हुए हैं, जबकि रियल यूज़र हिस्सा काफी सीमित है। इससे यह सवाल उठता है कि, क्या क्रिप्टो वास्तव में एक यूज़र-ड्रिवन फाइनेंशियल सिस्टम बन चुका है, या फिर यह सिर्फ एक हाई-स्पीड मशीन नेटवर्क है, जो लिक्विडिटी और डेटा को लगातार मूव कर रहा है। 


नई डिजिटल फाइनेंशियल मशीन का उदय

Blockchain News के अनुसार, AI Agents और Crypto Automation मिलकर पूरी तरह एक नया फाइनेंशियल इकोसिस्टम बना रहे हैं। 2025 के बाद हजारों नए AI Agents लॉन्च किए गए हैं, जो अब सिर्फ सपोर्ट टूल नहीं बल्कि Autonomous Decision-Making Systems की तरह काम कर रहे हैं।

ये AI Agents मुख्य रूप से निम्न कार्य संभालते हैं:

  • Stablecoin ट्रांसफर को ऑटोमेट करना।
  • Cross-chain ट्रेडिंग और arbitrage को मैनेज करना।
  • Yield farming और staking strategies को ऑप्टिमाइज़ करना।
  • DeFi Liquidity Pools में री-बैलेंसिंग करना।


हालांकि यह Blockchain Technology बहुत ही एडवांस्ड और प्रभावशाली है, लेकिन कई विशेषज्ञों का मानना है कि यह Real Economic Activity नहीं बढ़ा रही, बल्कि पहले से मौजूद पूंजी को तेज़ी से इधर-उधर घुमा रही है। इसे अक्सर Financial Plumbing कहा जाता है, यानी सिस्टम के अंदर पैसा कैसे मूव हो रहा है, इसका इंफ्रास्ट्रक्चर, न कि नई वैल्यू क्रिएशन।


$28 Trillion का डेटा, Real Economy vs Bot-Driven Activity

Blockchain News Analysis के अनुसार, क्रिप्टो मार्केट में कुल ऑन-चेन ट्रांजैक्शन वॉल्यूम लगभग $28 ट्रिलियन तक पहुंच गया है। हालांकि, इस बड़े आंकड़े का बड़ा हिस्सा आर्थिक गतिविधियों से जुड़ा नहीं है।

रिपोर्ट के मुताबिक, टोटल ट्रांजैक्शन्स में से लगभग 76% हिस्सा Bots और Automated Trading Systems द्वारा जनरेट किया जा रहा है। यानी कि मार्केट में होने वाली most activity इंसानों की बजाय एल्गोरिदम और AI बेस्ड सिस्टम्स द्वारा संचालित हो रही है।

इसी बीच, रिटेल यानी आम यूज़र्स की भागीदारी में लगातार गिरावट देखी जा रही है। पहले जहां व्यक्तिगत निवेशक बड़ी भूमिका निभाते थे, वहीं अब उनकी हिस्सेदारी अपेक्षाकृत कम होती जा रही है।

रिपोर्ट्स के अनुसार क्रिप्टो का वास्तव में आर्थिक उपयोग जैसे कि Payments, Commerce और Real-World Transactions टोटल वॉल्यूम का केवल एक छोटा हिस्सा है, जो लगभग कुछ सौ अरब डॉलर के लेवल तक सीमित माना जा रहा है।

इसका परिणाम यह है कि Crypto Market का कुल आकार भले ही बहुत बड़ा दिखाई देता हो, लेकिन इसका बड़ा हिस्सा हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग, Arbitrage और Automated Liquidity Systems से बना है। इससे मार्केट अत्यधिक एक्टिव नज़र आ रहा है, लेकिन वास्तविक अर्थव्यवस्था में इसका उपयोग सीमित ही रहता है।

कन्क्लूजन 

Blockchain News के अनुसार, क्रिप्टो और AI का यह मिलन एक नई “machine-driven economy” की शुरुआत है, जहां फाइनेंशियल से जुड़े डिसीजन इंसानों से ज्यादा मशीनें ले रही हैं। यह बदलाव तकनीकी रूप से बेहद क्रांतिकारी है, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह Real Global Trade और payment system का हिस्सा बन पाएगा या नहीं।


डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल जानकारी और शैक्षिक उद्देश्य के लिए लिखा गया है। क्रिप्टोकरेंसी में इन्वेटमेंट करना रिस्क के अधीन है। किसी भी Investment Decisions से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।



लेखक परिचय
Niharika Singh Research Analyst

Niharika Singh एक अनुभवी क्रिप्टो और ब्लॉकचेन जर्नलिस्ट हैं, जो वर्तमान में CryptoHindiNews.in से जुड़ी हुई हैं। उन्हें मीडिया और कम्युनिकेशन के क्षेत्र में 5 से अधिक वर्षों का अनुभव है, जिसमें उन्होंने दूरदर्शन और आकाशवाणी जैसे देश के प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म्स पर एंकर और कंटेंट प्रेजेंटर के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं। इस व्यापक अनुभव ने उन्हें जटिल से जटिल विषयों को भी सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करने की गहरी समझ प्रदान की है।

क्रिप्टो इंडस्ट्री में निहारिका ने खुद को एक विश्वसनीय लेखक के रूप में स्थापित किया है। वे Web3, DeFi, NFTs और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी जैसे तकनीकी विषयों को आम पाठकों की भाषा में सहजता से पहुंचाती हैं। उनकी लेखन शैली में SEO ऑप्टिमाइज़ेशन, रिसर्च-बेस्ड एनालिसिस और क्रिएटिव अप्रोच का बेहतरीन संतुलन देखने को मिलता है, जिसके चलते उनका कंटेंट न केवल सूचनाप्रद और प्रासंगिक होता है, बल्कि Google Discover सहित अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी शानदार प्रदर्शन करता है। निहारिका से LinkedIn के माध्यम से सीधे संपर्क किया जा सकता है।

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इसका मतलब है कि क्रिप्टो नेटवर्क पर कुल ट्रांजैक्शन बहुत बड़ा दिख रहा है, लेकिन इसका बड़ा हिस्सा वास्तविक यूज़ नहीं बल्कि automated systems और bots द्वारा जनरेट किया गया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार लगभग 76% क्रिप्टो ट्रांजैक्शन bots, AI agents और automated trading systems द्वारा किए जा रहे हैं।
हाँ, रिटेल यानी आम यूज़र्स की भागीदारी में लगातार गिरावट देखी जा रही है और मार्केट में मशीन-ड्रिवन एक्टिविटी बढ़ रही है।
AI agents stablecoin transfers, cross-chain trading, yield farming और DeFi liquidity management जैसे काम ऑटोमेट करते हैं।
नहीं, इसका केवल छोटा हिस्सा ही real payments और commerce से जुड़ा है, बाकी हिस्सा automated trading और bots से आता है।