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Bitcoin Fed Rate Cut गिरावट: $96,000 टूटने की पूरी कहानी

Hindi News Writer
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Bitcoin Fed Rate Cut गिरावट: $96,000 टूटने की पूरी कहानी
Bitcoin Fed Rate Cut गिरावट: $96,000 टूटने की पूरी कहानी

Bitcoin Price हुआ Crash, पर आने वाला बाउंस कर सकता है हैरान

Bitcoin Price में आज फिर गिरावट देखने को मिली है। यह करीब 0.97% गिरकर $107,000 के नीचे पहुंच गया है। हाल ही में बड़े निवेशकों की खरीदारी घटने और मार्केट में माहौल के कारण कीमत पर प्रेशर बना है। नवंबर की शुरुआत Bitcoin के लिए कमजोर रही है। यह पिछले कई सालों में पहली बार है जब अक्टूबर के बाद नवंबर महीने में बिटकॉइन को नुकसान हुआ है, जबकि आमतौर पर यह महीना तेजी वाला माना जाता है।

Source: यह इमेज CoinMarketCap Website से ली गई है। जिसकी लिंक यहां दी गई है।  

आज Bitcoin Price में क्या बदलाव आया

सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन वर्तमान में लगभग $104,230.02 पर ट्रेड कर रही है। इसका इंट्राडे रेंज $104,230.02 से $108,242 के बीच रहा। यह स्थिति हालिया रैली में एक ठहराव को दिखाती है और यह संकेत देती है कि Market अब कंसोलिडेशन के दौर में है। पहले देखी गई तेजी के बाद अब बिटकॉइन प्राइस में मोमेंटम कमजोर होता नजर आ रहा है।

मार्केट स्ट्रक्चर और टेक्निकल स्थिति क्या कहती हैं

पिछले कुछ महीनों में बिटकॉइन प्राइस ने $100,000 से $118,000 के बीच उतार-चढ़ाव दिखाया है। $100,000 का लेवल न केवल साइकोलोजिस्ट रूप से बल्कि टेक्निकल रूप से भी एक मजबूत सपोर्ट ज़ोन माना जाता है। इस लेवल पर पहले भी निवेशकों ने खरीदारी का इंटरेस्ट दिखाया है। वहीं, $110,000 के ऊपर के लेवल पर मार्केट को रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ता है।

वर्तमान में Bitcoin Price $110,000 के नीचे और $100,000 के ऊपर ट्रेड कर रहा है, जिससे मार्केट में एक अस्थायी बैलेंस दिख रहा है। हालांकि यह स्थिति काफी नाजुक है और किसी भी बाहरी फैक्टर या निवेशकों के कांसेप्ट में बदलाव से प्रभावित हो सकती है।

Bitcoin ETFs का कीमत पर क्या असर पड़ रहा है

बिटकॉइन प्राइस पर हाल ही में Spot Bitcoin ETFs का बड़ा असर देखने को मिला है। पिछले कुछ हफ्तों में इन फंड्स से निवेशक पैसा निकाल रहे हैं। 3 नवंबर तक, लगभग $799 मिलियन का विड्रॉल दर्ज किया गया है, जिसमें सबसे बड़े फंड से ही करीब $403 मिलियन बाहर निकले। इससे मार्केट में लिक्विडिटी कम हुई और BTC की कीमत पर प्रेशर बढ़ गया।

यह स्थिति बताती है कि बड़े इंस्टीट्यूशनल निवेशक फिलहाल BTC खरीदने से बच रहे हैं, जिससे मार्केट में लिक्विडिटी यानी कैश फ्लो घट गया है। कुछ सप्ताह पहले इसका उलटा माहौल था, जब Spot Bitcoin ETFs में भारी निवेश देखने को मिला था। सिर्फ एक दिन में करीब $876 मिलियन की पूंजी इन फंड्स में आई थी। यह दिखाता है कि बिटकॉइन प्राइस बहुत तेजी से बदल सकता है और मार्केट में पैसों के आने-जाने पर पूरी तरह निर्भर है। फिलहाल, इस डिजिटल करंसी की सप्लाई सीमित है, खासकर 2024 के Halving इवेंट के बाद, इसलिए जब भी डिमांड थोड़ी बढ़ती है, उसकी वजह से कीमत तेजी से ऊपर जाती है।

आख़िर आज बीटीसी क्यों गिरा

Bitcoin Price आज 2.13% गिरकर $104,288 पर पहुंच गया है। यह लगातार दूसरे दिन की गिरावट है, जिससे कुल नुकसान 5% से ज्यादा हो गया है। इस गिरावट के साथ BTC अपनी 200-दिन की मूविंग एवरेज $109,840 से नीचे चली गई है, जो टेक्निकल रूप से कमजोर सिग्नल है।

पिछले महीने अक्टूबर में बिटकॉइन प्राइस में 3.69% की गिरावट दर्ज हुई थी, जिससे पिछले 7 साल का “Uptober” ट्रेंड टूट गया। इस बार की गिरावट का मुख्य कारण अमेरिकी फेडरल रिज़र्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल का हालिया बयान रहा। पॉवेल ने दिसंबर में इंटरेस्ट रेट में कटौती की उम्मीदों को कम कर दिया, जिससे निवेशकों में डर बढ़ा। रेट कट की संभावना 96% से घटकर 70% से नीचे आ गई है, जिससे जोखिम वाले एसेट्स खासकर क्रिप्टो मार्केट पर प्रेशर आया है।

मेरे 7 साल के क्रिप्टो मार्केट अनुभव के आधार पर, मौजूदा स्थिति BTC निवेशकों के लिए “स्मार्ट होल्डिंग” का समय है। Panic Selling से बचें, क्योंकि मार्केट शॉर्ट-टर्म वोलैटाइल है। लेकिन लॉन्ग टर्म रूप से BTC की बुनियाद अब भी मजबूत है, खासकर सीमित सप्लाई और ग्लोबल अपनाने के कारण।

कन्क्लूजन 

फिलहाल बिटकॉइन प्राइस प्रेशर में है और पूरा क्रिप्टो मार्केट सतर्क माहौल में चल रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि Spot ETFs में निवेश बढ़ता है या घटता है। Spot ETFs, मैक्रोइकॉनॉमिक डेटा, और फेड की पॉलिसी स्टेटमेंट्स यह तय करेंगी कि BTC की कीमत आगे बढ़ेगी या फिलहाल और नीचे जा सकती है।

लेखक परिचय
Akansha Vyas Hindi News Writer
आकांक्षा व्यास एक स्किल्ड क्रिप्टो राइटर हैं, जिनके पास 7 वर्षों का अनुभव है और वे ब्लॉकचेन और Web3 के कॉम्पलेक्स टॉपिक्स को सरल और समझने योग्य बनाने में एक्सपर्ट हैं। वे डीप रिसर्च के साथ आर्टिकल्स, ब्लॉग और न्यूज़ लिखती हैं, जिनमें SEO पर विशेष ध्यान दिया जाता है ताकि रीडर्स का जुड़ाव बढ़ सके। आकांक्षा की राइटिंग क्रिएटिव एक्सप्रेशन और एनालिटिकल अप्रोच का एक बेहतरीन मिश्रण है, जो रीडर्स को जटिल विषयों को स्पष्टता के साथ समझने में मदद करता है। क्रिप्टो स्पेस के प्रति उनकी गहरी रुचि उन्हें इस उद्योग में एक अच्छे राइटर के रूप में स्थापित कर रही है। अपने कंटेंट के माध्यम से, उनका उद्देश्य रीडर्स को क्रिप्टो की तेजी से बदलती दुनिया में गाइड करना है।
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FAQ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब यहाँ पाएँ और समझें कि सब कुछ कैसे काम करता है।

दरें ऊंची रहने की संभावना बढ़ते ही सुरक्षित विकल्पों का आकर्षण बढ़ता है और liquidity-उम्मीदें घटती हैं — दोनों मिलकर Bitcoin जैसे risk assets से पूंजी खींचते हैं। इसी दौर में BTC $96,000 के नीचे फिसला (Reuters)।

Reuters की reporting के अनुसार Bitcoin $96,000 के स्तर से नीचे फिसला था, जिसके पीछे rate-cut उम्मीदों की कमजोरी और व्यापक risk-off sentiment प्रमुख कारण थे।

Federal Open Market Committee — अमेरिकी Fed की वह समिति जो ब्याज दरों के फैसले लेती है। इसकी बैठकें crypto volatility के सबसे predictable trigger हैं।

बाजार वास्तविक फैसले पर नहीं, उम्मीदों पर चलता है। सिर्फ 'संभावना घटने' से positioning बदलती है — यही expectations का खेल है।

Futures बाजार से निकाली गई rate-फैसलों की संभावनाएं — यानी 'उम्मीदें घटीं/बढ़ीं' का सार्वजनिक मापन। FOMC-दौर में यह crypto traders का जरूरी dashboard है।

Cuts वित्तीय प्रणाली में तरलता की उम्मीद जगाते हैं, और Bitcoin ऐतिहासिक रूप से liquidity-उम्मीदों का संवेदनशील बैरोमीटर रहा है — हालांकि यह संबंध स्थिर नियम नहीं है।

बिना परिभाषित स्तरों (कौन सा support/resistance, किस volume पर) के 'signal' शब्द विश्लेषण नहीं, आकर्षण-वाक्य है। Technical दावे exact स्तरों के साथ ही ईमानदार होते हैं।

चार-चरण framework — calendar जानें, FedWatch पर उम्मीद मापें, derivatives का leverage जांचें, और घटना से पहले योजना तय रखें।

आमतौर पर देर रात — लगभग 12:30 AM IST के आसपास (मौसम अनुसार)। उस रात खुले leveraged positions सोते हुए liquidate हो सकते हैं।

अमेरिकी macro आपके INR portfolio का सबसे बड़ा बाहरी चालक है — FOMC-रात की position-सफाई और panic-selling से परहेज (कर में set-off नहीं मिलता) दो सबसे व्यावहारिक अनुशासन हैं।

नहीं — यह संवेदनशीलता दौर-दर-दौर बदलती रही है। किसी एक घटना के pattern को स्थायी नियम मानना जोखिम की गलत गणना है।

हफ्तों में विपरीत दिशा ले सकती हैं — नए आर्थिक आंकड़ों और Fed वक्तव्यों के साथ। इसीलिए उम्मीद-आधारित positions को dated समझें।

बैठक से पहले derivatives में ऊंचा open interest हो तो किसी भी दिशा का झटका liquidation-cascade से कई गुना बड़ा हो जाता है — यही volatility की जमीन है।

नहीं — यह dated event analysis है। मौजूदा संकेतकों और गिरावट-कारणों की स्थायी गाइड के लिए हमारा living market explainer देखें।

Inflation आंकड़े Fed की दिशा तय करते हैं, इसलिए CPI-दिन भी FOMC जैसी volatility ला सकते हैं — दोनों की तारीखें calendar में रखें।

नहीं। यह macro-mechanism का शैक्षिक विश्लेषण है — कोई price prediction या trading सिफारिश नहीं। निर्णय अपने शोध से लें।