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Donald Trump ने कहा, क्रिप्टो में अमेरिका नंबर 1 होना चाहिए, न कि चीन

Hindi News Writer
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Trump Make America Number 1 in Crypto
Trump Make America Number 1 in Crypto
Donald Trump ने छेड़ी  क्रिप्टो की दुनिया में नई जंग

US President Donald Trump ने इस हफ्ते बड़ा बयान देते हुए कहा कि Crypto में अमेरिका नंबर 1 होना चाहिए न कि चीन। Trump का यह बयान उनके कैंपेन का हिस्सा है जिसमें वे America को डिजिटल इनोवेशन का Global Leader बनाना चाहते हैं। उनका मानना है कि Bitcoin, Blockchain और DeFi आने वाले समय की ताकत हैं और इसमे चीन को आगे नहीं बढ़ने देना चाहिए।

Source-  यह इमेज Peter Schiff की X Post से ली गई है।

क्रिप्टो क्रिटिक Peter Schiff का कहना है कि चीन जीत रहा है क्योंकि वो रियल उद्योगों में निवेश कर रहा है जबकि अमेरिका वर्चुअल सपनों के पीछे भाग रहा है।

क्रिप्टो बना अमेरिका की नई इंडस्ट्रियल रिवॉल्यूशन का चेहरा

Crypto सपोर्टर्स का मानना है कि यह अमेरिका की नई इंडस्ट्रियल रिवॉल्यूशन है, फर्क सिर्फ इतना है कि अब ताकत कोड और डिसेंट्रलाइज्ड नेटवर्क्स में है, फैक्ट्रियों में नहीं। रिपोर्ट्स के अनुसार, 15.3% अमेरिकन नागरिक क्रिप्टोकरेंसी रखते हैं और करीब 40% लोग इसे इंफ्लेशन से बचाव के रूप में देखते हैं। यही वजह है कि आज Bitcoin एक मेनस्ट्रीम एसेट बन चुका है बिल्कुल गोल्ड की तरह।

दुनियाभर में कुल 517,296 BTC सरकारी रिज़र्व में हैं। वहीं Spot Bitcoin ETFs, जो जनवरी 2024 में लॉन्च हुए थे, ने पहले ही दिन $4.6 बिलियन की ट्रेडिंग दर्ज की जो 2004 के Gold ETFs से लगभग 10 गुना तेज ग्रोथ थी।

इन डेटा से साफ है कि Bitcoin सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि गोल्ड जितना भरोसेमंद ग्लोबल स्टोर ऑफ वैल्यू बन चुका है।

कन्क्लूजन

अब अमेरिका और चीन का मुकाबला सिर्फ ट्रेडिशनल मार्केट तक सीमित नहीं रहा यह अब क्रिप्टो और कमोडिटीज दोनों दुनियाओं में फैल चुकी है। अमेरिका भले ही डिसेंट्रलाइज्ड वेब लीडर बन गया हो लेकिन उसकी इंडस्ट्रियल ज़रूरतें अब भी चीन की सेंट्रलाइज्ड प्रोडक्शन पर निर्भर हैं।

वहीं दूसरी ओर, चीन भले ही क्रिप्टो से दूरी बनाए हुए है लेकिन क्रिप्टो इंडस्ट्री को चलाने वाले हार्डवेयर और मटेरियल से प्रॉफिट अर्न कर रहा है।
Disclaimer- यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। क्रिप्टो मार्केट काफ़ी वोलेटाइल है, इसलिए निवेश करने से पहले अपनी रिसर्च ज़रूर करें।

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शब्दावली

  • DeFi – Decentralized Finance – बैंक के बिना ब्लॉकचेन पर लेंडिंग, ट्रेडिंग और सेविंग जैसी सेवाएं।
  • ETF – Exchange Traded Fund – स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेड होने वाला फंड, जैसे Bitcoin ETF।
  • Blockchain – एक डिजिटल बहीखाता जिसमें लेन-देन ब्लॉक्स में दर्ज होते हैं और बाद में बदले नहीं जा सकते।
  • Cryptocurrency – ब्लॉकचेन पर चलने वाली डिजिटल करेंसी, जिसे कोई केंद्रीय बैंक जारी नहीं करता।
  • Support Level – वह भाव जहां खरीदारी बढ़ने से कीमत के नीचे जाने की संभावना कम होती है।
  • Spot Trading – मौजूदा बाजार भाव पर तुरंत एसेट खरीदना-बेचना।
लेखक परिचय
Shubham Sharma Hindi News Writer
Shubham Sharma पिछले 4 वर्षों से Web3, ब्लॉकचेन, NFT और क्रिप्टोकरेंसी पर गहराई से लेखन कर रहे हैं। वे मार्केट ट्रेंड्स को जल्दी पहचानने, तकनीकी अपडेट्स को सरल भाषा में समझाने और भारतीय क्रिप्टो निवेशकों को विश्वसनीय जानकारी प्रदान करने के लिए जाने जाते हैं। Shubham ने कई प्रमुख क्रिप्टो मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए योगदान दिया है और उनका उद्देश्य पाठकों को तेजी से बदलती Web3 दुनिया में सटीक, निष्पक्ष और इनसाइटफुल कंटेंट देना है।
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FAQ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब यहाँ पाएँ और समझें कि सब कुछ कैसे काम करता है।

US President Donald Trump ने इस हफ्ते बड़ा बयान देते हुए कहा कि Crypto में अमेरिका नंबर 1 होना चाहिए न कि चीन। Trump का यह बयान उनके कैंपेन का हिस्सा है जिसमें वे America को डिजिटल इनोवेशन का Global Leader बनाना चाहते हैं।

Crypto सपोर्टर्स का मानना है कि यह अमेरिका की नई इंडस्ट्रियल रिवॉल्यूशन है, फर्क सिर्फ इतना है कि अब ताकत कोड और डिसेंट्रलाइज्ड नेटवर्क्स में है, फैक्ट्रियों में नहीं। रिपोर्ट्स के अनुसार, 15.3% अमेरिकन नागरिक क्रिप्टोकरेंसी रखते हैं और करीब 40% लोग इसे इंफ्लेशन से बचाव के रूप में देखते हैं।

अब अमेरिका और चीन का मुकाबला सिर्फ ट्रेडिशनल मार्केट तक सीमित नहीं रहा यह अब क्रिप्टो और कमोडिटीज दोनों दुनियाओं में फैल चुकी है। अमेरिका भले ही डिसेंट्रलाइज्ड वेब लीडर बन गया हो लेकिन उसकी इंडस्ट्रियल ज़रूरतें अब भी चीन की सेंट्रलाइज्ड प्रोडक्शन पर निर्भर हैं।