Updated Date: November 26, 2025
Donald Trump ने छेड़ी क्रिप्टो की दुनिया में नई जंग
US President Donald Trump ने इस हफ्ते बड़ा बयान देते हुए कहा कि Crypto में अमेरिका नंबर 1 होना चाहिए न कि चीन। Trump का यह बयान उनके कैंपेन का हिस्सा है जिसमें वे America को डिजिटल इनोवेशन का Global Leader बनाना चाहते हैं। उनका मानना है कि Bitcoin, Blockchain और DeFi आने वाले समय की ताकत हैं और इसमे चीन को आगे नहीं बढ़ने देना चाहिए।
Source- यह इमेज Peter Schiff की X Post से ली गई है।
क्रिप्टो क्रिटिक Peter Schiff का कहना है कि चीन जीत रहा है क्योंकि वो रियल उद्योगों में निवेश कर रहा है जबकि अमेरिका वर्चुअल सपनों के पीछे भाग रहा है।
Crypto सपोर्टर्स का मानना है कि यह अमेरिका की नई इंडस्ट्रियल रिवॉल्यूशन है, फर्क सिर्फ इतना है कि अब ताकत कोड और डिसेंट्रलाइज्ड नेटवर्क्स में है, फैक्ट्रियों में नहीं। रिपोर्ट्स के अनुसार, 15.3% अमेरिकन नागरिक क्रिप्टोकरेंसी रखते हैं और करीब 40% लोग इसे इंफ्लेशन से बचाव के रूप में देखते हैं। यही वजह है कि आज Bitcoin एक मेनस्ट्रीम एसेट बन चुका है बिल्कुल गोल्ड की तरह।
दुनियाभर में कुल 517,296 BTC सरकारी रिज़र्व में हैं। वहीं Spot Bitcoin ETFs, जो जनवरी 2024 में लॉन्च हुए थे, ने पहले ही दिन $4.6 बिलियन की ट्रेडिंग दर्ज की जो 2004 के Gold ETFs से लगभग 10 गुना तेज ग्रोथ थी।
इन डेटा से साफ है कि Bitcoin सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि गोल्ड जितना भरोसेमंद ग्लोबल स्टोर ऑफ वैल्यू बन चुका है।
अब अमेरिका और चीन का मुकाबला सिर्फ ट्रेडिशनल मार्केट तक सीमित नहीं रहा यह अब क्रिप्टो और कमोडिटीज दोनों दुनियाओं में फैल चुकी है। अमेरिका भले ही डिसेंट्रलाइज्ड वेब लीडर बन गया हो लेकिन उसकी इंडस्ट्रियल ज़रूरतें अब भी चीन की सेंट्रलाइज्ड प्रोडक्शन पर निर्भर हैं।
वहीं दूसरी ओर, चीन भले ही क्रिप्टो से दूरी बनाए हुए है लेकिन क्रिप्टो इंडस्ट्री को चलाने वाले हार्डवेयर और मटेरियल से प्रॉफिट अर्न कर रहा है।
Disclaimer- यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। क्रिप्टो मार्केट काफ़ी वोलेटाइल है, इसलिए निवेश करने से पहले अपनी रिसर्च ज़रूर करें।
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