World Liberty Financial ($WLFI), अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और उनके परिवार से जुड़ा क्रिप्टो प्रोजेक्ट है, इसने 23 फरवरी 2026 को अपने ऊपर एक Coordinated Attack होने का दावा किया। प्रोजेक्ट के अनुसार यह Coordinated Attack सीधे प्रोटोकॉल पर नहीं बल्कि सोशल मीडिया और मार्केट सेंटिमेंट को प्रभावित करने के उद्देश्य से किया गया था। बता दे की इस खबर के सामने आते ही क्रिप्टो कम्युनिटी में चर्चा तेज हो गई।
Source: X (Twitter)
WLFI के आधिकारिक X अकाउंट (@worldlibertyfi) के अनुसार, USD1 को निशाना बनाकर एक संगठित Coordinated attack किया गया। WLFI के अनुसार, कुछ को-फाउंडर्स के सोशल मीडिया अकाउंट हैक होने का दावा किया गया। इन अकाउंट्स से ऐसी पोस्ट की गईं, जिससे इन्वेस्टर्स के बीच डर और भ्रम फैल सके।
प्रोजेक्ट का आरोप है कि इस दौरान कुछ पेड इन्फ्लुएंसर्स ने भी नकारात्मक नैरेटिव को बढ़ाया। साथ ही, कथित तौर पर $WLFI गवर्नेंस टोकन पर बड़े स्तर पर शॉर्ट पोजिशन खोली गई, ताकि पोटेंशियल गिरावट से लाभ कमाया जा सके। इस वजह से इसे WLFI पर Coordinated Attack के रूप में देखा जा रहा है।
CoinDesk, Reuters और अन्य रिपोर्ट्स के अनुसार, यह Coordinated attack मुख्य रूप से सोशल मीडिया और मार्केट सेंटिमेंट को टारगेट करती दिखी, न कि प्लेटफॉर्म के कोर इंफ्रास्ट्रक्चर को। उपलब्ध जानकारी के अनुसार ब्लॉकचेन या स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट स्तर पर किसी बड़ी टेक्निकल कमजोरी का संकेत नहीं मिला। इससे यह समझ आता है कि असर अधिकतर इन्वेस्टर्स की धारणा और ट्रेडिंग व्यवहार पर पड़ सकता है, जबकि तकनीकी रूप से प्लेटफॉर्म सुरक्षित बताया जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम का प्रमुख लक्ष्य $WLFI का फ्लैगशिप स्टेबलकॉइन $USD1 बताया गया, जो डॉलर से पेग्ड है। Stablecoins में भरोसा सबसे अहम होता है, इसलिए सोशल मीडिया पर फैली नकारात्मक खबरें तेजी से सेंटिमेंट को प्रभावित कर सकती हैं। जब इन्वेस्टर्स को पेग से जुड़ी आशंका होती है, तो वे तेजी से प्रतिक्रिया देते हैं। इसी मनोवैज्ञानिक प्रभाव का फायदा उठाने के लिए शॉर्ट पोजिशन की रणनीति अपनाए जाने का दावा किया गया।
क्रिप्टो मार्केट में सोशल मीडिया का प्रभाव काफी मजबूत माना जाता है। यह घटना दर्शाती है कि अकाउंट हैक, इन्फ्लुएंसर नैरेटिव और ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी मिलकर कीमतों पर असर डाल सकते हैं। यदि बड़े लेवल पर FUD फैलता है, तो अस्थायी गिरावट देखी जा सकती है, भले ही प्रोजेक्ट की टेक्नोलॉजी सुरक्षित रहे। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाएँ को लेकर इन्वेस्टर्स को जानकारी की पुष्टि करने और केवल आधिकारिक सोर्स पर भरोसा करना चाहिए।
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World Liberty Financial द्वारा Coordinated attack के दावे ने क्रिप्टो इंडस्ट्री में सोशल मीडिया सुरक्षा और मार्केट मैनिपुलेशन को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार घटना का फोकस सेंटिमेंट को प्रभावित करने पर था, जबकि कोर इंफ्रास्ट्रक्चर सुरक्षित बताया गया। अब आगे यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि WLFI इस स्थिति को कैसे संभालता है और USD1 पर निवेशकों का भरोसा कितना स्थिर रहता है।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है, इसे investment advice नहीं मानें। क्रिप्टोकरेंसी मार्केट Extremely Risky और अस्थिर होता है, इसलिए किसी भी Investment Decisions से पहले स्वयं रिसर्च करें या वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।
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