Bitcoin ETF में $528M की खरीदारी, फिर भी BTC Price में नहीं दिखा असर
22 अक्टूबर 2026 — बिटकॉइन की कीमत भले ही दिन के ऊपरी स्तर से फिसलकर $82,700 के आसपास आ गई हो, लेकिन अमेरिका के Spot Bitcoin ETF में पैसा आना रुका नहीं है। यही वह संकेत है जो बताता है कि बड़े संस्थागत निवेशक छोटी-मोटी गिरावट पर घबराकर बाहर नहीं निकल रहे। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक 21 अक्टूबर को इन फंड्स में $528.40 मिलियन का नेट इनफ्लो दर्ज हुआ, यानी लगातार तीसरे दिन फंड्स से बाहर जाने के मुकाबले अंदर आने वाला पैसा ज़्यादा रहा।
Spot ETF एक ऐसा फंड होता है जो असली बिटकॉइन खरीदकर अपने पास रखता है, और उसके शेयर शेयर बाज़ार में खरीदे-बेचे जा सकते हैं। नेट इनफ्लो का मतलब है किसी दिन फंड में जितना पैसा आया, उसमें से जितना निकला उसे घटाकर बचा हुआ आंकड़ा। इसीलिए इसे बड़े निवेशकों के मूड का सबसे सीधा पैमाना माना जाता है।
तीन दिन में करीब $1.08 बिलियन का इनफ्लो
अमेरिकी समय के मुताबिक 19, 20 और 21 अक्टूबर, तीनों दिन Spot Bitcoin ETF में नेट इनफ्लो रहा और तीन दिन का कुल आंकड़ा करीब $1.08 बिलियन बैठता है। इसके साथ अब तक का कुल नेट इनफ्लो (जब से ये ETF शुरू हुए हैं) बढ़कर $57.96 बिलियन हो गया है।
यहाँ एक बात ध्यान देने लायक है कि स्ट्रीक भले ही तीन दिन की हो, लेकिन बीच का दिन लगभग सपाट रहा। 20 अक्टूबर को सिर्फ $23.16 मिलियन आए, जबकि बाकी दो दिन आंकड़ा $500 मिलियन के पार रहा। यानी मांग लगातार है, लेकिन हर दिन एक जैसी मज़बूत नहीं है। संदर्भ के लिए, SoSoValue के आंकड़ों के मुताबिक इसी महीने की शुरुआत में 7 और 8 अक्टूबर को इन फंड्स से क्रमशः $484.9 मिलियन और $244.1 मिलियन निकले थे, इसलिए मौजूदा इनफ्लो को उस आउटफ्लो के बाद की वापसी के तौर पर भी देखा जा रहा है।
बिटकॉइन की कीमत: उछाल के बाद वापसी

Source: Coinmarketcap
CoinMarketCap के डेटा के अनुसार Bitcoin (BTC) इस वक्त $82,699.81 पर है, जो 24 घंटे में मामूली 0.04% नीचे है। भारतीय रुपये में यह लगभग ₹79 लाख बैठता है (₹95.5/USD के संदर्भ दर पर)। बिटकॉइन का मार्केट कैप करीब $1.66 ट्रिलियन है।
सिर्फ आख़िरी आंकड़ा देखें तो दिन सपाट लगता है, लेकिन 24 घंटे के चार्ट में तस्वीर अलग है। कीमत शुरुआती घंटों में $82,700 के आसपास से चढ़कर लगभग $84,800 तक गई, फिर वहाँ से तेज़ी से फिसलकर $83,000 के नीचे आ गई और फिलहाल $82,600-$82,700 के दायरे में टिकी है। यानी जो बढ़त बनी थी, वह लगभग पूरी वापस चली गई। इस दौरान 24 घंटे का ट्रेडिंग वॉल्यूम 35.09% बढ़कर करीब $34.7 बिलियन रहा, जिसका मतलब है कि कीमत भले ही वहीं लौट आई हो, बाज़ार में हलचल काफी रही।
लिक्विडेशन: पहले शॉर्ट, फिर लॉन्ग की बारी

Source: Coinglass
इस उतार-चढ़ाव का असर डेरिवेटिव्स मार्केट में साफ दिखा। लिक्विडेशन का मतलब है कि जब कोई ट्रेडर उधार लेकर (लेवरेज पर) पोज़िशन लेता है और कीमत उसके खिलाफ चली जाती है, तो एक्सचेंज उसकी पोज़िशन अपने आप बंद कर देता है। लॉन्ग पोज़िशन वाले कीमत बढ़ने पर दांव लगाते हैं और शॉर्ट वाले कीमत गिरने पर।
पिछले 24 घंटे में कुल $129.13 मिलियन की लिक्विडेशन हुई, जिसमें $77.65 मिलियन (60.13%) शॉर्ट और $51.49 मिलियन (39.87%) लॉन्ग पोज़िशन की थी। लेकिन छोटे टाइमफ्रेम देखने पर कहानी पलटती दिखती है:
इन आंकड़ों से जो तस्वीर बनती है, वह यह है कि 24 घंटे की ज़्यादातर शॉर्ट लिक्विडेशन (करीब $71 मिलियन) 12 घंटे पहले की अवधि में हुई, यानी तब जब कीमत ऊपर की तरफ जा रही थी और शॉर्ट वाले फँस रहे थे। इसके बाद कीमत पलटी और पिछले 12 घंटे में लगभग सारी लिक्विडेशन लॉन्ग पोज़िशन की रही, जिसमें से $43.58 मिलियन पिछले 4 घंटे में ही हुई, जब बिटकॉइन $84,000 से नीचे फिसला। पिछले 1 घंटे में कुल लिक्विडेशन सिर्फ $163.42K रही, यानी फिलहाल यह झटका थमता दिख रहा है।
आगे क्या देखें
अब सवाल यह है कि क्या ETF में आ रहा पैसा कीमत को दोबारा ऊपर ले जा पाएगा। ट्रेडर्स के लिए फिलहाल दो चीज़ें अहम हैं: पहली, अगले कुछ दिनों में ETF इनफ्लो 500मिलियनजैसेमज़बूतस्तरपरलौटताहैया20अक्टूबरकीतरहकमज़ोररहताहै;औरदूसरी,बिटकॉइन24घंटेकीरेंजकेनिचलेहिस्से(82,600 के आसपास) को पकड़कर रख पाता है या नहीं। ऊपर की तरफ $84,800 के आसपास का वह स्तर है जहाँ से कीमत पलटी थी।
आपके लिए इसका मतलब क्या है?
भारतीय निवेशकों के लिए Spot ETF का इनफ्लो सीधे तौर पर कोई ट्रेडिंग सिग्नल नहीं है, क्योंकि ये फंड अमेरिका में चलते हैं। लेकिन यह दुनिया के बड़े पैसे का रुख समझने का अच्छा तरीका है, और आम तौर पर लगातार इनफ्लो को बिटकॉइन के लिए सहारा माना जाता है। साथ ही, एक ही दिन में कीमत का ऊपर जाकर वापस लौट आना और 24 घंटे में $129 मिलियन की लिक्विडेशन यह याद दिलाती है कि लेवरेज वाले ट्रेड में दोनों तरफ से नुकसान हो सकता है। अगर आप भारत में ट्रेड करते हैं, तो याद रखें कि क्रिप्टो गेन पर 30% फ्लैट टैक्स और हर ट्रांज़ैक्शन पर 1% TDS लागू होता है, इसलिए बार-बार की एंट्री-एग्ज़िट की लागत भी सोचकर चलें।
इसी तरह की Latest Bitcoin News पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक कीजिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है और इसे निवेश की सलाह न माना जाए। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश जोखिम भरा है और कीमतें तेज़ी से बदल सकती हैं। कोई भी फैसला लेने से पहले अपना रिसर्च करें या किसी वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।