जब से Quantum Computing की चर्चा तेज़ हुई है, एक सवाल बार-बार सामने आ रहा है, की क्या Quantum Computer, Bitcoin को मात दे सकता है? हाल ही में Google के नए Willow Quantum Chip की खबर के बाद यह डर और बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर कहा जाने लगा कि अगर क्वांटम इतना ताकतवर है, तो Bitcoin जैसी डिजिटल करेंसी कितने समय तक सुरक्षित रहेगी? आइए जानते हैं।
Source: यह इमेज Bitinning की X पोस्ट से ली गई है, जिसकी लिंक यहां दी गई है।
आज जो कंप्यूटर हम इस्तेमाल करते हैं, वे एक समय में एक ही हिसाब करते हैं। लेकिन Quantum Computer एक साथ कई संभावनाओं पर काम कर सकता है। Google के Willow Chip ने यह दिखाया कि कुछ खास तरह की कैलक्युलेशन वह मिनटों में कर सकता है, जो दुनिया के सबसे बड़े सुपरकंप्यूटर Frontier Supercomputer के लिए भी लगभग नामुमकिन हैं। यही वजह है कि लोग सोचने लगे, अगर यह इतना तेज़ है, तो क्या यह बिटकॉइन की सुरक्षा भी तोड़ देगा?
Bitcoin की सुरक्षा एक मैथेमेटिकल सिस्टम पर टिकी है, जिसे आसान भाषा में “डिजिटल लॉक” कहा जा सकता है। हर बिटकॉइन एड्रेस के साथ एक Public Key और एक Private Key होती है।
Public key = पता (सबको दिखता है)
Private key = चाबी (सिर्फ मालिक के पास)
आज के सामान्य कंप्यूटर इस चाबी को तोड़ नहीं सकते, क्योंकि इसमें अरबों-खरबों साल लग सकते हैं।
थ्योरी में, बहुत ही एडवांस्ड Quantum Computer एक खास गणितीय तरीका (Shor’s Algorithm) इस्तेमाल करके Public Key से Private Key निकाल सकता है। अगर ऐसा हुआ, तो:
पुराने बिटकॉइन एड्रेस जिनकी Public Key पहले से Blockchain पर दिख चुकी है, वे खतरे में आ सकते हैं, कुछ फंड चोरी होने की संभावना बन सकती है।
नहीं। अभी नहीं। आज जितने भी क्वांटम कंप्यूटर मौजूद हैं, वे इतने शक्तिशाली नहीं हैं कि Bitcoin को तोड़ सकें।
Google का Willow चिप बड़ी उपलब्धि है, लेकिन वह खास प्रयोगों के लिए बना है, न कि क्रिप्टो हैक करने के लिए। एक्सपर्ट मानते हैं कि Bitcoin को सच में खतरा बनने लायक क्वांटम कंप्यूटर आने में कई साल, शायद दशकों लग सकते हैं।
अगर मान लो भविष्य में ऐसा खतरा सच में करीब आता है, तो यह अचानक नहीं होगा। पूरी दुनिया को पहले से संकेत मिल जाएंगे। ऐसे में:
Bitcoin का कोड बदला जा सकता है।
नई सिक्योरिटी टेक्नोलॉजी जोड़ी जा सकती है।
Quantum-Safe Cryptography अपनाई जा सकती है।
यूज़र्स को अपने Coin नए सुरक्षित एड्रेस में शिफ्ट करने का समय मिलेगा।
Bitcoin डेवलपर्स और रिसर्चर इस विषय पर पहले से काम कर रहे हैं। Quantum-Resistant टेक्नोलॉजी पर रिसर्च चल रही है, ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर नेटवर्क को अपग्रेड किया जा सके। यह इंटरनेट जैसा ही है, जैसे समय के साथ सुरक्षा बदली, वैसे ही यहाँ भी बदलेगी।
डर की बड़ी वजह है अधूरी जानकारी और बढ़ा-चढ़ाकर बताई गई हेडलाइंस। “150 साल की समस्या 2 घंटे में हल” जैसी लाइनें पढ़कर लगता है कि अब सब खत्म हो गया। असल में यह उपलब्धि बहुत खास कैलक्युलेशन तक सीमित है, न कि हर तरह की सुरक्षा तोड़ने के लिए।
पिछले 7 सालों से मैं Bitcoin और Blockchain को करीब से देख रही हूँ। हर नई टेक्नोलॉजी के साथ डर जरूर आता है, लेकिन Bitcoin हर बार और मजबूत हुआ है। Quantum भी एक चुनौती है, अंत नहीं।
Quantum Computer सिद्धांत रूप में Bitcoin को तोड़ सकता है, हकीकत में आज ऐसा कोई खतरा नहीं है। अगर भविष्य में खतरा बढ़ा, तो Bitcoin को बदला जा सकता है। यह बदलाव अचानक नहीं, बल्कि धीरे-धीरे होगा। यानी Quantum Computing डरने की चीज़ नहीं, बल्कि आने वाले समय की तैयारी का संकेत है। Bitcoin अभी सुरक्षित है और भविष्य के लिए भी रास्ते खुले हुए हैं।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी निवेश सलाह नहीं है। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश जोखिम भरा हो सकता है। किसी भी फाइनेंशियल डिसीजन से पहले अपनी रिसर्च करें या एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें।
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