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India में Web3 को बढ़ावा, CoinDCX को मिला बड़ा सुरक्षा पेटेंट

Hindi News Writer
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CoinDCX को AI पेटेंट मिला
CoinDCX को AI पेटेंट मिला

Crypto यूजर्स के लिए बड़ी खबर, Digital Asset सुरक्षा में नया कदम

India की प्रमुख क्रिप्टो एक्सचेंज CoinDCX को एक महत्वपूर्ण टेक्निकल उपलब्धि मिली हुई है। CoinDCX को भारत सरकार के पेटेंट ऑफिस द्वारा एक एडवांस्ड सुरक्षा समाधान के लिए पेटेंट दिया गया है, जो डिजिटल एसेट्स की सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।


इस पेटेंट को “Secure Management of Crypto Wallet Private Key Using Cognitive Intelligence” के नाम से दिया गया है, जो AI बेस्ड टेक्नोलॉजी के द्वारा क्रिप्टो वॉलेट की Private Key को सुरक्षित रखने पर सेंट्रलाइज्ड है।


CoinDCX Official Update


CoinDCX को मिला सरकारी पेटेंट, सुमित गुप्ता ने जताई खुशी


यह पेटेंट CoinDCX को भारत सरकार के पेटेंट ऑफिस द्वारा प्रदान किया गया। CoinDCX के Co-founder Sumit Gupta ने इसे एक बड़ी Achievement बताया।


AI बेस्ड टेक्नोलॉजी से क्रिप्टो वॉलेट की Private Key होगी प्रोटेक्टेड 


यह पेटेंट एक ऐसी टेक्नोलॉजी से जुड़ा है जो कॉग्निटिव इंटेलिजेंस यानि AI बेस्ड सिस्टम का उपयोग करके क्रिप्टो वॉलेट की Private Key को सुरक्षित बनाती है। यह टेक्नोलॉजी ट्रेडिशनल प्रोटेक्टेड मॉडल से आगे जाकर उभरते साइबर खतरों के खिलाफ मुख्य रूप से काम करती है।


3 साल बाद मिला पेटेंट, 14 अप्रैल 2026 को हुई घोषणा


इस पेटेंट की प्रोसेस में पहले CoinDCX ने अप्रैल 2023 में आवेदन किया, जिसके बाद भारत सरकार के पेटेंट ऑफिस ने इसकी टेक्नोलॉजी की जांच और मूल्यांकन किया। सभी मानकों पर सही पाए जाने के बाद लगभग 3 साल बाद, इसे मंजूरी दे दी गई। यह पेटेंट हाल ही में दिया गया, जबकि इसके लिए आवेदन अप्रैल 2023 में किया गया था।


बढ़ते साइबर खतरों के बीच यूजर्स की सुरक्षा पर फोकस

भारत में डिजिटल एसेट्स में भागीदारी तेजी से बढ़ रही है, जिससे साइबर सुरक्षा की जरूरत भी बढ़ गई है। इस टेक्नोलॉजी का उद्देश्य यूजर्स के फंड्स को प्रोटेक्टेड रखना और उनके भरोसे को मजबूत करना है। यह सिस्टम AI बेस्ड कॉग्निटिव इंटेलिजेंस का उपयोग करता है, जो संभावित खतरों को पहचानकर सुरक्षा को स्ट्रांग बनता है, उसी अनुसार एडजस्ट करता है। इससे बिना अनुमति के एक्सेस और नए साइबर हमलों से बेहतर सुरक्षा मिलेगी।


सुमित गुप्ता का बयान


Sumit Gupta ने कहा कि तेजी से बदलते डिजिटल इकोसिस्टम में सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। CoinDCX की इंजीनियरिंग टीम लगातार आने वाली कठिन चुनौतियों को हल करने पर काम कर रही है, और यह पेटेंट उस दिशा में एक Achievement है।


इस पेटेंट से Web3 में भारत की स्थिति होगी मजबूत


यह Achievement CoinDCX को ग्लोबल Web3 इकोसिस्टम में मजबूती प्रदान कर सकती है। साथ ही, इससे यूजर्स का भरोसा बढ़ने और भारत में क्रिप्टो सुरक्षा मानकों को बेहतर करने की उम्मीद जताई जा रही है।


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कन्क्लूजन 


CoinDCX को मिला यह पेटेंट केवल एक Achievement नहीं, बल्कि डिजिटल एसेट सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। AI बेस्ड यह समाधान भविष्य में क्रिप्टो वॉलेट प्रोटेक्टेड के नए मानक स्थापित कर सकता है।


डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। डिजिटल एसेट्स में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है, निवेश से पहले स्वयं रिसर्च अवश्य करें।

लेखक परिचय
Bhumi Malviya Hindi News Writer

Bhumi Malviya एक अनुभवी Crypto और Blockchain Journalist हैं, जो Present में CryptoHindiNews.in से जुड़ी हुई हैं। मीडिया और कम्युनिकेशन इंडस्ट्री में 5+ वर्षों के अनुभव के साथ, उन्होंने Anchor और Content Presenter के रूप में विभिन्न डिजिटल और मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर काम किया है। Web3, DeFi, NFTs और Blockchain Technology जैसे जटिल विषयों को सरल, स्पष्ट और विश्वसनीय भाषा में प्रस्तुत करना उनकी विशेषज्ञता है। Bhumi की लेखन शैली SEO-optimized, data-driven और reader-focused है। वह ऐसा कंटेंट तैयार करती हैं जो न केवल सूचनात्मक और भरोसेमंद हो, बल्कि Google Discover और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी बेहतर प्रदर्शन कर सके।

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FAQ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब यहाँ पाएँ और समझें कि सब कुछ कैसे काम करता है।

CoinDCX को AI आधारित क्रिप्टो वॉलेट प्राइवेट की सुरक्षा तकनीक के लिए पेटेंट मिला है, जिसका नाम 'Secure Management of Crypto Wallet Private Key Using Cognitive Intelligence' है।

यह तकनीक AI आधारित कॉग्निटिव इंटेलिजेंस का उपयोग करके संभावित साइबर खतरों को पहचानती है और उसी के अनुसार सुरक्षा सिस्टम को अपडेट करती है, जिससे प्राइवेट की सुरक्षित रहती है।

इससे यूजर्स के डिजिटल एसेट्स की सुरक्षा मजबूत होगी और उनके फंड्स को अनधिकृत एक्सेस से बेहतर सुरक्षा मिलेगी, जिससे भरोसा बढ़ेगा।

CoinDCX ने इस पेटेंट के लिए अप्रैल 2023 में आवेदन किया था और लगभग 3 साल बाद 14 अप्रैल 2026 को इसे मंजूरी मिली।

हाँ, यह तकनीक भारत के Web3 और क्रिप्टो इकोसिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करेगी और डिजिटल एसेट सुरक्षा के नए मानक स्थापित कर सकती है।