FIU-IND का 15 Crypto Platforms पर शिकंजा, Apps और URLs हटाने के आदेश
नई दिल्ली, 9 सितंबर 2026। भारत की Financial Intelligence Unit (FIU-IND) ने 15 Offshore Crypto Platforms को Prevention of Money Laundering Act (PMLA), 2002 के प्रावधानों के कथित उल्लंघन को लेकर Non-Compliance Notices जारी किए हैं। वित्त मंत्रालय ने बुधवार सुबह 11:12 बजे जारी एक Press Information Bureau (PIB) Release में इसकी पुष्टि की।
FIU-IND की कार्रवाई के तहत इन Crypto Platforms के Apps और URLs की भारत में Public Access को हटाने के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं। यह कदम भारत में बिना आवश्यक Compliance के Virtual Digital Asset (VDA) Services उपलब्ध कराने वाले Offshore Platforms के खिलाफ नियामकीय कार्रवाई को और सख्त किए जाने का संकेत है।
FIU-IND के Director ने PMLA की Section 13 के तहत ये Notices जारी किए हैं। कार्रवाई की सूची में Weex, Blofin, Rezorex, Bitunix, DigiFinex, Toobit, XT.com, Latoken, WOO X, Pionex, ChangeNow, SimpleSwap, Fixedfloat, WhiteBIT और Guardarian शामिल हैं।
FIU-IND ने किन 15 Crypto Platforms को Notice दिया?
FIU-IND की कार्रवाई में शामिल 15 Entities के नाम हैं:
Weex (Weex International Exchange)
Blofin (BLF Global)
Rezorex
Bitunix
DigiFinex
Toobit
XT.com
Latoken
WOO X
Pionex
ChangeNow
SimpleSwap
Fixedfloat
WhiteBIT
Guardarian
इन Platforms को PMLA से जुड़े Compliance Requirements का पालन न करने को लेकर Notice जारी किया गया है।
Apps और URLs हटाने का आदेश किस कानून के तहत?
PMLA कार्रवाई के अलावा FIU-IND के Director ने Information Technology Act, 2000 के तहत Nodal Officer की भूमिका में भी टेकडाउन Notices जारी किए हैं।
इन Notices में Information Technology Act की Section 79(3)(b) और Information Technology (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Amendment Rules, 2025 के Rule 3(1)(d) का उल्लेख किया गया है।
इन प्रावधानों के तहत संबंधित Intermediaries को ऐसे Apps और Web Addresses की Public Access को भारत में रोकने के लिए निर्देश दिए जा सकते हैं।
हालांकि, उपलब्ध PIB Release में अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि:
किन Exact Domains को हटाया जाना है।
किन App Package Names पर कार्रवाई होगी।
Compliance के लिए कितनी समय-सीमा दी गई है।
किसी Platform पर कितना Monetary Penalty लगाया गया है।
इसलिए इन पहलुओं पर आगे की आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना होगा।
Crypto Platforms के लिए PMLA के नियम क्या हैं?
भारत में VDA Service Providers को मार्च 2023 में PMLA के Anti-Money Laundering (AML) और Counter Financing of Terrorism (CFT) Framework के दायरे में लाया गया था।
नियमों के तहत भारत में Users को कुछ प्रकार की VDA Services देने वाली Entities को FIU-IND के साथ Reporting Entity के रूप में Registration कराना आवश्यक है।
इसमें ऐसी गतिविधियां शामिल हो सकती हैं, जैसे:
Virtual Digital Assets और Fiat Currency के बीच Exchange।
VDA का Transfer।
Virtual Digital Assets की Safekeeping या Administration।
VDA से जुड़ी अन्य निर्धारित Financial Activities।
महत्वपूर्ण बात यह है कि यह Requirement केवल इस आधार पर तय नहीं होती कि किसी Company का भारत में Office है या नहीं। इसका आधार उसकी Activity और भारतीय Users को उपलब्ध कराई जा रही Services भी हो सकती हैं।
Registration के बाद संबंधित Reporting Entities को Reporting, Record-Keeping और अन्य PMLA Compliance Obligations का पालन करना होता है।
FIU-IND की कार्रवाई का भारतीय Crypto Users पर क्या असर होगा?
इस कार्रवाई से भारत में इन Platforms की Website और Apps तक Access प्रभावित हो सकता है। खासकर वे Users जो इन Platforms पर Trading या अन्य VDA Services का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें आगे की आधिकारिक स्थिति पर नजर रखनी चाहिए।
सूची में शामिल कुछ Platforms भारतीय Crypto Users के बीच पहले से जाने-पहचाने हैं। उदाहरण के लिए, Toobit का इस्तेमाल विभिन्न Altcoin Listings और Crypto Trading के लिए किया जाता रहा है।
हालांकि, अभी यह निश्चित रूप से कहना जल्दबाजी होगी कि सभी प्रभावित Platforms की Services भारत में किस तारीख से पूरी तरह बंद होंगी। उपलब्ध PIB Release में टेकडाउन की कोई स्पष्ट Deadline नहीं बताई गई है।
अगर आपका Account इन Platforms में से किसी पर है, तो:
Platform की Regulatory और Compliance स्थिति जांचें।
अपने Account और Funds से जुड़े आधिकारिक Updates पढ़ें।
किसी अनजान Link या Fake Withdrawal Message पर भरोसा न करें।
किसी भी Fund Transfer से पहले संबंधित Platform की आधिकारिक सूचना Verify करें।
भारत में उपलब्ध Regulatory Requirements को ध्यान में रखकर ही कोई निर्णय लें।
सरकार ने Crypto और NFTs पर क्या कहा?
वित्त मंत्रालय ने एक Public Safety Advisory भी जारी की है। इसमें Crypto Products और Non-Fungible Tokens (NFTs) से जुड़े जोखिमों को लेकर Users को सावधान किया गया है।
सरकार ने कहा है कि Crypto Products और NFTs Regulated नहीं हैं और इनमें भारी जोखिम हो सकता है। ऐसे Transactions से होने वाले नुकसान की स्थिति में Regulatory Recourse उपलब्ध नहीं होने की बात भी Advisory में कही गई है।
इसका मतलब है कि Users को किसी भी Crypto Platform पर Funds रखने या Trading करने से पहले उसकी Regulatory Status और Compliance स्थिति को स्वयं Verify करना चाहिए।
Offshore Crypto Platforms पर क्यों बढ़ रही है कार्रवाई?
भारत में VDA Sector को PMLA Framework के तहत लाने के बाद Offshore Crypto Platforms के लिए भी Compliance महत्वपूर्ण हो गया है, खासकर तब जब वे भारतीय Users को Services उपलब्ध कराते हैं।
FIU-IND की मौजूदा कार्रवाई इसी व्यापक Compliance Framework के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। 15 Platforms को Notices और उनके Apps तथा URLs की Public Access पर कार्रवाई के निर्देश यह दिखाते हैं कि बिना आवश्यक Registration या Compliance के भारत में Services देने वाले Offshore VDA Platforms पर Regulatory Scrutiny बढ़ रही है।
भारतीय Crypto Investors के लिए जरूरी बात
FIU-IND की इस कार्रवाई के बाद भारतीय Users को किसी भी Offshore Crypto Platform पर Funds रखने से पहले उसकी मौजूदा Regulatory स्थिति की जांच करनी चाहिए।
साथ ही, केवल किसी Platform की Website या App उपलब्ध होने को उसकी Regulatory Approval का प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए।
Bottom Line: FIU-IND ने 15 Offshore Crypto Platforms को PMLA Compliance से जुड़े Notices जारी किए हैं और संबंधित Apps तथा URLs की भारत में Public Access हटाने के लिए भी कार्रवाई शुरू की है। हालांकि, टेकडाउन की Exact Deadline और अन्य Enforcement Details पर अभी आधिकारिक स्पष्टता का इंतजार है।
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Disclaimer: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है और निवेश सलाह नहीं है। Crypto एक Unregulated और High-Risk Asset Class है। किसी भी Crypto Platform पर Funds रखने या Transaction करने से पहले उसकी मौजूदा Regulatory और Compliance स्थिति स्वयं Verify करें।