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Internet Computer

Internet Computer Price In India

icp
₹269.51

₹25.53 ( 10.45%)

तक की स्थिति 07:37 PM

24H Range
₹243.61 ₹271.43
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52 Week Range
₹193.88 ₹861.54
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24H Volume
₹1,499.35 Cr
Internet Computer Internet Computer Price In India $icp
$ 2.81

$0.27 ( 10.45%)

As on 18 Sep 2026 07:37 PM

24H Range
2.54 2.83
L
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52 Week Range
2.02 8.98
L
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24H Volume
156,328,760
मार्केट कैप ₹15,020.07 Cr
फुली डाइल्यूटेड वैल्यूएशन ₹15,020.07 Cr
सप्लाई सर्कुलेटिंग 556,900,340 icp
सप्लाई टोटल 556,900,340 icp
सप्लाई मैक्स

Internet Computer की जानकारी

एक्सप्लोरर्स
वेबसाइट internetcomputer.org
icp Historical Price
24h Range ₹25.53
7d Range ₹646.82
All-Time High ₹67,199.34
All-Time Low ₹191.82
icp ↔ INR कैलकुलेटर
INR
icp
icp ↔ USD कैलकुलेटर
USD
icp
Internet Computer न्यूज़ (icp न्यूज़)

Internet Computer (ICP) प्राइस आज INR में — 99% से ज़्यादा गिरावट की पूरी कहानी

ऊपर ICP का आज का INR भाव दिया गया है। मई 2021 में इसका सबसे ऊँचा भाव करीब $700.65 था। वहाँ से आज यह लगभग 99.7% नीचे है। इतनी बड़ी गिरावट इसलिए खास है क्योंकि ICP किसी छोटी या बिना पहचान वाली परियोजना का token नहीं था। इसके पीछे एक गंभीर शोध संस्था, बड़ी टीम और बहुत बड़ा वित्त-पोषण था।इसलिए ICP की कहानी सिर्फ़ एक cryptocurrency की कहानी नहीं है। इससे एक बड़ा सबक मिलता है: अच्छी टीम, अच्छी तकनीक और बहुत पैसा होने के बावजूद किसी token में निवेश बहुत बड़ा नुकसान दे सकता है। ICP के मामले में इसकी एक बड़ी वजह उस समय की supply structure यानी बाज़ार में उपलब्ध और बंद tokens की मात्रा थी।

ICP ने आखिर बनाया क्या?

ICP का लक्ष्य दूसरे blockchain projects से काफी अलग था। आम तौर पर blockchain केवल लेन-देन का हिसाब रखती है और apps किसी दूसरी कंपनी के servers पर चलते हैं। ICP का विचार था कि पूरा app ही blockchain पर चलाया जाए।इसका मतलब है कि app का code, data और उसका उपयोग करने का हिस्सा भी blockchain पर रह सकता है। इसके लिए किसी एक कंपनी के server पर निर्भरता कम हो सकती है।ICP में कुछ और तकनीकी सुविधाएँ भी बनाई गईं। उदाहरण के लिए, उपयोगकर्ता को हर बार खुद token रखकर transaction fee देने की जरूरत न हो; app अपने उपयोग की लागत खुद संभाल सके। इसके अलावा बड़ी मात्रा में data रखने की क्षमता और दूसरी blockchains से सीधे जुड़ने की दिशा में भी काम किया गया।इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि ICP की तकनीक नकली थी या परियोजना केवल दिखावा थी। तकनीक और उसके पीछे का काम वास्तविक था। समस्या मुख्य रूप से token की कीमत, supply और शुरुआती valuation की थी।

मई 2021 में $700 का भाव इतना बड़ा क्यों था?

ICP की सबसे बड़ी सीख उसकी शुरुआती listing से मिलती है। जब ICP बाजार में आया, तब कुल supply का बहुत छोटा हिस्सा ही वास्तव में लोगों के खरीदने-बेचने के लिए उपलब्ध था। बाकी tokens अलग-अलग अवधि के लिए locked थे।अब इसे आसान उदाहरण से समझिए। अगर किसी चीज़ की मांग बहुत ज्यादा हो लेकिन बाजार में उसकी बिक्री के लिए मात्रा बहुत कम हो, तो उसकी कीमत बहुत तेजी से बढ़ सकती है।इसी तरह ICP का भाव भी बहुत ऊपर चला गया। उस समय market cap देखकर परियोजना का आकार बहुत बड़ा दिखाई दे रहा था। लेकिन अगर उसी कीमत को पूरी supply पर लगाया जाता, तो valuation बेहद विशाल हो जाता।बाद में locked tokens धीरे-धीरे बाजार में आने लगे। लेकिन तब तक शुरुआती उत्साह काफी कम हो चुका था। यानी supply बढ़ती गई, जबकि demand उतनी तेजी से नहीं बढ़ी।इससे सबसे बड़ा नियम निकलता है:

किसी नए token की listing के समय केवल market cap मत देखिए। Price × Total Supply निकालकर FDV यानी पूरी supply के आधार पर valuation जरूर देखिए।

Locked tokens और staking ने दबाव कैसे बढ़ाया?

ICP में staking भी सामान्य staking से थोड़ी अलग है। इसमें token को एक निश्चित अवधि के लिए lock किया जाता है। यह अवधि कुछ महीनों से लेकर कई वर्षों तक हो सकती है।लंबे समय तक token lock करने पर ज्यादा voting power और rewards मिल सकते हैं। विचार यह था कि लंबे समय तक project के साथ रहने वाले लोगों को ज्यादा फायदा मिले।लेकिन इसका दूसरा पक्ष भी है। Staking rewards के रूप में नई ICP units बनती हैं। इससे supply बढ़ती रहती है।दूसरी समस्या यह है कि लंबे समय के लिए locked token को तुरंत बेचकर बाहर नहीं निकला जा सकता। अगर बाजार गिर रहा हो, तब भी holder को अपनी lock अवधि या exit process पूरा करना पड़ सकता है।इसलिए staking में केवल यह देखना पर्याप्त नहीं है कि reward कितना मिल रहा है। यह भी देखना जरूरी है कि आपका पैसा कितने समय के लिए lock रहेगा और जरूरत पड़ने पर कितनी जल्दी बाहर निकल सकते हैं।

ICP में 99% से ज्यादा गिरावट के चार मुख्य कारण

ICP की इतनी बड़ी गिरावट को केवल एक कारण से समझना गलत होगा। इसके पीछे चार बड़ी बातें थीं।

पहली — शुरुआती कमी के कारण बना बहुत ऊँचा भाव। Listing के समय बाजार में उपलब्ध tokens कम थे, इसलिए कीमत असामान्य रूप से ऊपर चली गई।

दूसरी — लंबे समय तक चलने वाले token unlocks। Locked tokens धीरे-धीरे बाजार में आते रहे और supply बढ़ती रही।

तीसरी — staking rewards से नई supply। Rewards के रूप में नए tokens बनते रहे, जिससे supply पर लगातार दबाव रहा।

चौथी — वास्तविक उपयोग और शुरुआती valuation में बड़ा अंतर। Project पर काम होता रहा, लेकिन जितनी बड़ी उम्मीदें 2021 के भाव में शामिल थीं, वास्तविक उपयोग उस स्तर तक नहीं पहुँचा।

इससे एक महत्वपूर्ण बात समझ आती है: किसी project की technology अच्छी हो सकती है, लेकिन उसका token फिर भी खराब investment साबित हो सकता है। Token की कीमत केवल technology से नहीं, supply और demand से भी तय होती है।

ICP को समझने के लिए चार जरूरी आँकड़े

ICP को समझने के लिए केवल उसका price chart देखना बहुत उपयोगी नहीं है। चार चीजों पर लगातार नजर रखनी चाहिए।

पहली — वास्तविक उपयोग। Blockchain पर कितने active apps हैं और उनमें वास्तव में कितने लोग काम कर रहे हैं, यह देखना ज्यादा महत्वपूर्ण है। केवल कुल apps की संख्या पर्याप्त नहीं है।

दूसरी — network पर होने वाला वास्तविक खर्च। Users और applications blockchain की computing और storage के लिए कितना भुगतान कर रहे हैं, यह देखना चाहिए।

तीसरी — नई supply और burn का अंतर। हर साल कितने नए ICP बन रहे हैं और कितने tokens network में खर्च होकर नष्ट हो रहे हैं, दोनों को साथ देखकर वास्तविक supply pressure समझ आता है।

चौथी — बिना reward के भी users टिकते हैं या नहीं। अगर किसी app में incentives या rewards बंद हो जाएँ, तो क्या लोग फिर भी उसका इस्तेमाल करते हैं? यही वास्तविक उपयोग की मजबूत परीक्षा है।

भारत में ICP खरीदने से पहले क्या देखें?

भारत में ICP कई crypto platforms पर मिल सकता है। किसी भी platform का नाम महत्वपूर्ण नहीं है; सबसे पहले यह देखना चाहिए कि वह भारत में लागू नियमों के अनुसार काम कर रहा है या नहीं।इसके अलावा ICP भेजते समय network जरूर check करें। अगर भेजने वाले और प्राप्त करने वाले wallet का network अलग हुआ तो funds खो सकते हैं। बड़ी राशि भेजने से पहले छोटी test transaction करना बेहतर है।

ICP Staking में सबसे बड़ी सावधानी

ICP staking में reward देखकर तुरंत लंबे समय के लिए token lock कर देना ठीक नहीं है।

आगे बढ़ने से पहले तीन बातें आधिकारिक जानकारी से जरूर समझें:

  1. Token कितने समय के लिए lock होगा?
  2. बाहर निकलने में कितना वास्तविक समय लगेगा?
  3. Staking reward किस तरीके से मिलेगा?

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आज दिख रहा staking reward भविष्य में मिलने वाला पक्का return नहीं है।

भारत में ICP पर Tax कैसे समझें?

भारत में ICP जैसे crypto assets पर लागू Virtual Digital Asset (VDA) tax rules को ध्यान में रखना पड़ता है।Staking से मिलने वाले rewards के मामले में प्राप्त token की value को प्राप्ति के समय के मूल्य के आधार पर अलग से track करना जरूरी हो सकता है। इसके बाद token बेचने या दूसरे token में बदलने पर अलग tax calculation बन सकती है।भारत में VDA के लिए सामान्यतः 30% tax, लागू surcharge/cess और निर्धारित परिस्थितियों में 1% TDS का ढाँचा लागू होता है। VDA losses को दूसरे income sources से सामान्य तरीके से set-off या आगे carry-forward नहीं किया जा सकता।एक और जरूरी बात: ICP को किसी दूसरे crypto token में बदलना भी taxable transfer हो सकता है, भले आपने उसे सीधे रुपये में न बेचा हो।इसलिए staking rewards और पुराने transactions का पूरा रिकॉर्ड रखना बहुत जरूरी है। जटिल मामलों में योग्य tax professional से सलाह लेना बेहतर है।

2021 में ICP खरीदने वालों के लिए जरूरी सोच

अगर किसी ने 2021 में बहुत ऊँचे भाव पर ICP खरीदा था, तो केवल पुराने खरीद भाव को देखकर आज का निर्णय लेना सही तरीका नहीं है।अपने आप से एक सीधा सवाल पूछिए:“अगर आज मेरे पास यह पैसा नकद होता, तो क्या मैं मौजूदा ICP price पर फिर से ICP खरीदता?”अगर जवाब नहीं है, तो केवल इसलिए token पकड़े रहना कि कभी यह $700 पर था, अपने आप में मजबूत कारण नहीं है।साथ ही पुराने purchase records सुरक्षित रखें और अगर आपके tokens किसी लंबी staking अवधि में locked हैं, तो exit की वास्तविक तारीख और प्रक्रिया अभी से देख लें।

ICP से जुड़ी ठगी से कैसे बचें?

बड़े नुकसान वाले crypto projects के आसपास अक्सर ठगी बढ़ जाती है, क्योंकि लोग अपना पुराना नुकसान वापस पाने की कोशिश करते हैं।कुछ आम तरीके हैं:

  • “आपका पुराना ICP recover कर देंगे” जैसे संदेश।
  • नकली staking websites जो wallet की seed phrase मांगती हैं।
  • नकली ICP tokens या मिलते-जुलते नाम वाले tokens।
  • ऐसे लोग जो guaranteed staking return का दावा करते हैं।

सबसे जरूरी नियम: अपनी seed phrase या private key किसी को कभी न दें। कोई genuine service इसे मांगकर wallet verify नहीं करती।अगर ठगी हो जाए तो तुरंत 1930 पर सूचना दें, सरकारी cybercrime portal पर शिकायत करें, बैंक को जानकारी दें और screenshots तथा transaction details सुरक्षित रखें। “Fee देकर आपका पैसा वापस दिला देंगे” कहने वालों से भी सावधान रहें।

ICP की यात्रा: 2016 से 2026 तक

2016–2020: लंबे समय तक research और development का दौर रहा। परियोजना ने बड़ी मात्रा में private funding जुटाई और अपनी तकनीकी दिशा विकसित की।

मई 2021: ICP की public listing हुई। बाजार में उपलब्ध supply बहुत कम थी और इसी दौरान करीब $700.65 का ATH बना।

2021–2022: Locked tokens के unlock होने और crypto market में गिरावट का दबाव आया।

2023: बाजार की चर्चा कम रही, लेकिन network पर development जारी रहा।

2024–2025: दूसरी blockchains से सीधे जुड़ने और नए उपयोगों की दिशा में काम बढ़ा।

2026: ICP अपने 2021 के शिखर से लगभग 99.7% नीचे है। Network अभी भी चल रहा है और development जारी है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल वही है — क्या वास्तविक और टिकाऊ उपयोग पर्याप्त तेजी से बढ़ रहा है?

ICP के पक्ष में क्या है?

ICP के पीछे वास्तविक research और engineering है। यह केवल marketing project नहीं है।इसकी technology कुछ कठिन समस्याओं को हल करने की कोशिश करती है — जैसे पूरा application blockchain पर चलाना, बड़ी मात्रा में data संभालना और दूसरी blockchains से बेहतर तरीके से जुड़ना।Project के पास लंबे समय तक काम करने के लिए पर्याप्त funding भी रही है और network आज भी चल रहा है।इसलिए ICP को केवल “नाकाम project” कह देना पूरी तस्वीर नहीं बताता।

ICP के खिलाफ सबसे बड़ी बातें क्या हैं?

सबसे बड़ी समस्या इसकी शुरुआती token structure रही।2021 में बाजार में उपलब्ध supply बहुत कम थी, जबकि valuation बहुत ऊँची हो गई। इसके बाद लंबे समय तक tokens unlock होते रहे।इसके अलावा staking rewards से नई supply आती रही। दूसरी तरफ network का वास्तविक, लगातार भुगतान करने वाला उपयोग उस स्तर तक नहीं पहुँचा जो शुरुआती valuation को justify कर सके।इसलिए ICP की technology को समझना और ICP token को investment के रूप में समझना दो अलग काम हैं।

ICP को समझने के सात आसान नियम

  1. $700.65 का शुरुआती भाव सामान्य valuation नहीं था।
  2. नए token में हमेशा Price × Total Supply देखकर FDV निकालें।
  3. Locked tokens के unlock होने का पूरा calendar देखें।
  4. Staking rewards से कितने नए tokens बन रहे हैं, यह देखें।
  5. Supply बढ़ने और tokens burn होने का अंतर समझें।
  6. Staking में reward से पहले lock period और exit time देखें।
  7. भारत में staking rewards और token बेचने/बदलने का tax record अलग-अलग रखें।

ICP से जुड़े पाँच आम सवाल

क्या ICP एक scam था?

ऐसा निष्कर्ष केवल price गिरने के आधार पर नहीं निकाला जा सकता। ICP की technology वास्तविक है और network अभी भी चल रहा है। इसकी सबसे बड़ी समस्याओं में शुरुआती valuation, supply structure और token economics शामिल रहे।

क्या ICP फिर $700 पर जा सकता है?

भविष्य का price तय नहीं किया जा सकता। लेकिन एक बात समझना जरूरी है: 2021 का $700 वाला भाव बहुत कम circulating supply के समय बना था। आज supply काफी ज्यादा है। इसलिए आज $700 का अर्थ उस समय से कहीं बड़ा कुल valuation होगा।

क्या ICP staking करना चाहिए?

यह व्यक्तिगत निवेश सलाह का विषय है। लेकिन staking से पहले lock period, exit time और reward mechanism को अच्छी तरह समझना जरूरी है।

क्या ICP की technology काम करती है?

हाँ, इसका network वास्तविक रूप से चलता है और development जारी है। लेकिन technology का काम करना और token का अच्छा investment होना एक ही बात नहीं है।

क्या भारत में ICP रखना कानूनी है?

ICP को रखने या trade करने पर केवल इस आधार पर कोई सामान्य प्रतिबंध मान लेना सही नहीं है। लेकिन crypto पर भारत के tax और compliance rules लागू होते हैं। इसलिए पंजीकृत/अनुपालन करने वाले माध्यम का उपयोग और सही transaction records रखना जरूरी है।

सबसे बड़ी सीख: अच्छी technology हमेशा अच्छा token नहीं बनाती

ICP की कहानी का सबसे बड़ा सबक यही है।इसके पीछे अच्छी टीम थी, research थी, बड़ी funding थी और महत्वाकांक्षी technology थी। फिर भी 2021 में ऊँचे भाव पर खरीदने वाले निवेशकों को लगभग पूरा मूल्य खोना पड़ा।इसके पीछे कोई रहस्यमय कारण ढूँढने की जरूरत नहीं है। सबसे महत्वपूर्ण बात थी:उस दिन बाजार में कितने tokens उपलब्ध थे और कितने tokens बाद में बाजार में आने वाले थे।यह जानकारी छिपी हुई नहीं थी। लेकिन बाजार के उत्साह में बहुत कम लोगों ने उस गणित पर ध्यान दिया।इसलिए किसी भी नए token की listing के समय केवल उसका price या market cap देखकर प्रभावित न हों। सबसे पहले देखें:कुल supply कितनी है? अभी कितनी supply market में है? बाकी tokens कब unlock होंगे? और उस valuation को justify करने के लिए वास्तविक उपयोग कितना है?यही पाँच मिनट की गणना भविष्य में बहुत बड़े नुकसान से बचा सकती है।

आसान शब्दावली

Circulating Supply: अभी बाजार में मौजूद और खरीदे-बेचे जा सकने वाले tokens।

Locked Supply: वे tokens जिन्हें कुछ समय के लिए बेचने या transfer करने पर रोक होती है।

FDV (Fully Diluted Valuation): token का price × उसकी पूरी संभावित supply।

Token Unlock: पहले से locked tokens का धीरे-धीरे बाजार में आना।

Staking: tokens को network में lock करके network से reward पाने की व्यवस्था।

Staking Reward: staking करने पर मिलने वाले नए tokens या अन्य rewards।

Supply Inflation: जब समय के साथ नए tokens बनते हैं और कुल supply बढ़ती है।

Burn: ऐसे tokens जिन्हें network activity के दौरान स्थायी रूप से circulation से हटा दिया जाता है।

Structural Reason: ऐसा कारण जो किसी project की technology अच्छी या खराब होने से अलग हो, जैसे supply, unlock और token economics।

जरूरी सूचना

यह लेख केवल शिक्षा और जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसका किसी project, संस्था या crypto exchange से कोई आर्थिक संबंध नहीं है। इसमें दी गई जानकारी को खरीद-बिक्री की सलाह, tax advice या कानूनी राय न माना जाए।ICP एक बहुत अधिक जोखिम वाला crypto asset है और मई 2021 के अपने लगभग $700.65 के शिखर से लगभग 99.7% नीचे आ चुका है। इसका पूरा मूल्य भी समाप्त हो सकता है।ICP की staking व्यवस्था में lock period और exit process को अच्छी तरह समझना जरूरी है। Staking reward की आज की दर को भविष्य का guaranteed return न मानें।भारत में ICP से जुड़े transactions पर VDA tax rules लागू हो सकते हैं। Staking rewards, बिक्री और token-to-token exchange का उचित रिकॉर्ड रखें। लागू tax, TDS और अन्य नियमों की वर्तमान स्थिति किसी योग्य tax professional से verify करें।किसी भी transaction से पहले token का सही contract address और network स्वयं verify करें। बड़ी राशि भेजने से पहले छोटी test transaction करना बेहतर है।अगर online fraud हो जाए तो तुरंत 1930 पर संपर्क करें और सरकारी cybercrime portal पर शिकायत दर्ज करें। पैसे वापस दिलाने के नाम पर अतिरिक्त शुल्क मांगने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतें।

 

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faq अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब यहाँ पाएँ और समझें कि सब कुछ कैसे काम करता है।

ICP, DFINITY Foundation का एक blockchain है, जिसका लक्ष्य पूरे web applications को सीधे chain पर होस्ट करना है।
मौजूदा रेट ऊपर लाइव चार्ट में दिखाया गया है।
global demand-supply और USD exchange rate के आधार पर।
CoinDCX और WazirX जैसे रजिस्टर्ड एक्सचेंज पर ICP उपलब्ध है।
हाँ, KYC पूरा करके रजिस्टर्ड एक्सचेंज पर ICP खरीदना कानूनी है।
ICP की smart contracts, जो पूरे web applications को host कर सकती हैं।
Staking (Neurons), governance (NNS) और app hosting के लिए cycles में।
DFINITY Foundation ने, मई 2021 में launch किया।
ऊपर stats table में ताज़ा आंकड़ा दिखाया गया है।
NNS dapp जैसे official wallet या Ledger में।
हाँ, Neurons बनाकर coins को lock करके rewards और voting power पाया जा सकता है।
launch price से भारी गिरावट, जिसने कई शुरुआती निवेशकों को नुकसान पहुंचाया।
ICP की एक तकनीक जो cross-subnet communication और verification को कुशल बनाती है।
एक्सचेंज trading fee और लागू टैक्स नियम लागू होते हैं।